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100% अग्निमांध का इलाज व उपाय – Loss of Appetite in Hindi

अग्निमांध loss of appetite tips in Hindi अग्निमांध का अर्थ होता है – शरीर के अंदर भोजन पचाने वाली अग्नि (शक्ति) का मंद (धीमा) होना. इसी कारण इसे “मंदाग्नि” भी कहते हैं. इस रोग से पीड़ित रोगी को भूख नहीं लगती है और खाने में अरुचि हो जात्ती है और यदि रोगी भोजन करने के लिए बैठता भी है तो थोड़ा सा खाते ही उसको अपना पेट भरा हुआ मालूम होने लगता हैं meaning of loss of appetite.

Loss of Appetite Treatment and Remedies in Hindi

  • यह रोग अमाशय की विकृति के कारण होता हैं. ज्वर के समय कब्ज होने पर भी हो जाया करता हैं. जिन महिलाओं को मासिक धर्म नियमित व प्राकृतिक रूप से साफ़ स्वच्छ नहीं होता हैं अथवा कष्ट के साथ होता हैं उनको भी यह रोग हो जाता हैं. इसके अतिरिक्त जिन लोगों को अवसाद के कारण बेचैनी रहती है तथा जिन महिलाओं को हिस्टीरिया रोग होता है, जिन महिलाओं को कब्ज रहती है तथा भूख नहीं लगती है, वह भी अधिकतर इस रोग से ग्रस्त रहती हैं. अग्निमांध रोग के सामान्य कारण निचे दिए गए हैं – अग्निमांध के कारण – loss of appetite symptoms and causes.

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भोजन संबंधी कारण

  • अहितकारी आहार का सेवन, मात्रा से अधिक भोजन, भोजन पर भोजन करना यानी पेट भरे रहने पर भी खाने लग जाना, बिना भूख के भोजन करना, भोजन पचाने से पहले ही फिर से भोजन कर लेना, बिना भूख के भोजन करना, दूषित व बासी भोजन करना आदि निम्न करने से अग्निमांध रोग उत्पन्न होता हैं.

मानसिक विकार

  • शोक, चिंता, काम, क्रोध, भय, ईष्या आदि , मानसिक विकार भी शरीर पर प्रभाव डालते हैं तथा अग्निमांध का कारण बनते हैं.

शारीरिक श्रम का अभाव

जो लोग शारीरिक श्रम नहीं करते हैं, उनकों अग्निमांध रोग हो जाता हैं. मंदाग्नि या अग्निमांध के लक्षण निचे लिखे हैं –

  • भूख नहीं लगना
  • मुंह का स्वाद बिगड़ जाना
  • जिबान मलिन हो जाना
  • कब्ज होना
  • पेट भारी महसूस होना
  • थोड़ा भोजन करने पर पेट भरी होना

Ayurvedic Home Remedies For Loss of Appetite

  • जठराग्नि बढ़ाने के उपाय – अगर किसी रोगी को किसी भी रोग में अग्निमांध हुआ हो तो पहले मुख्य रोग का चिकित्सा इलाज करे उसके बाद अग्निमांद्य का इलाज करे. उदहारण के लिए – किसी रोगी को बुखार हो गया हो और बुखार में उसे बदहजमी, अपचन, अजीर्ण हो गया हो तो ऐसी स्थिति में पहले बुखार का इलाज करे उसके बाद अजीर्ण, अपचन का इलाज व उपचार करे इन हिंदी में.

#1. Remedy For Poor Appetite

  • 1 ग्लास पानी लें, और उसमे एक या दौ ताज़ा निम्बू लेकर निचोड़ दें. अब इसमें चुटकी भर नमक और करीबन एक चम्मच भर अदरक (ginger) का रस मिला दें. अब पानी+निम्बू+नमक+अदरक-रस के इस मिश्रण को अच्छे से मिला लें. इसके रोजाना सुबह खाना खाने से करीबन 30 मिनट पहले इसका सेवन करे. यह remedy loss of appetite का treatment करती हैं, इसके प्रयोग से कुछ ही दिनों में आपको सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगेंगे. “भूख नहीं लगना रोग का” यह आयुर्वेदिक घरेलु उपाय बहुत ही असरकारी हैं घरेलु इलाज के लिए.

#2. Clove Ayurvedic Remedy

  • लौंग में ऐसे कई गुण होते हैं जो की पाचन शक्ति के लिए रामबाण की तरह काम करते हैं. इसका भूख नहीं लगने में इस तरह प्रयोग करे – 2/3 बून्द लौंग के तेल की लें, एक चौथाई कप पानी लें. लौंग के तेल की 2-3 बून्द इस चौथाई कप पानी में मिला दें. अच्छे से मिक्स कर लें. लौंग के तेल के इस आयुर्वेदिक नुस्खे का प्रयोग रोजाना दिन में एक बार करना चाहिए.

#3. Remedy – Gharelu Churna

  • अजवाइन पाउडर (Carom seeds powder), काला नमक (black salt), राय का पाउडर (Mustard powder), पीसी हुई शक्कर (Powdered Sugar) इन सभी को बराबर की मात्रा में लेकर एक साथ मिला लीजिये, अब इन सब को बारीक पीसकर पाउडर बना लीजिये व रोजाना दोनों टाइम भोजन करने के बाद एक चम्मच इस मिश्रण का लेकर खाना चाहिए. आप चाहे तो इसे पानी के साथ भी ले सकते हैं. यह भूख नहीं लगने के रोग में बहुत असरकारी होता हैं.

अग्निमांद्य से बचने के घरेलु उपाय

  • पेट से सम्बंधित सभी रोगों से बचने के लिए इन बातों पर विशेष ध्यान दें
  • (Tips )भोजन करते वक्त बार-बार पानी न पिए
  • भोजन करने के बाद 2-3 घूंट से ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए
  • भोजन करने के बाद 35-40 मिनट तक पेट भरकर पानी पीना चाहिए, इससे पहले पेट भरकर पानी न पिए
  • हर एक कौर को खूब चबा-चबाकर खाये, जितना चबाएंगे भोजन उतना अच्छा पचेगा
  • हो सके तो भोजन करने के बाद एक दौ किलोमीटर पैदल यात्रा करे
  • रोजाना भोजन करने से पहले यह नुस्खा करे – थोड़े से अदरक के टुकड़ें में चुटकी भर नमक मिलाकर इस चूसने से अग्निमांद्य भूख नहीं लगने के रोग का इलाज होता हैं.
  • भोजन करने के बाद सौंफ, अजवाइन और गूढ़, सौंफ+मिश्री को खाने से मंदाग्नि रोग में लाभ होता हैं.
  • भोजन करते वक्त, भोजन करने के बाद या दिन में कभी भी छाछ का सेवन करे यह अग्निमांद्य के इलाज के लिए सर्वोत्तम हैं.
  • क्या आपको समय पर शौच नहीं आता, समय पर भूख नहीं लगती कहीं आपको कब्ज रोग तो नहीं हो गया. अगर हां! तो कब्ज रोग से छुटकारा पाने के लिए यह जानकारी जरूर पड़ें – कब्ज कैसे दूर करे

उम्मीद हैं दोस्त भूख न लगना, भूख कम लगना यानी अग्निमांध का इलाज treatment of loss of appetite in Hindi को पढ़कर व अग्निमांध का घरेलु उपाय नुस्खे जानकर बहुत अच्छा लगा होगा. मंदाग्नि – इस रोग से छुटकारा पाने के लिए यहां बताई गई बातों पर भी विशेष ध्यान दें.

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