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हल्दी का यह उपाय करेगा पीलिया का इलाज – Ayurvedic Upchar

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पढ़िए पीलिया रोग को हल्दी के जरिये घर पर ही कैसे खत्म किया जाए. इस Facebook पर SHARE जरूर करे. Jaundice treatment with turmeric in hindi best natural remedy.

Jaundice Instant Treatment With Turmeric

कामला रोग यानी पीलिया रोग इसकी उत्पत्ति पित्त वाहिनी के मार्ग में अवरोध होने से होती है यकृत और पित्ताशय से निकलने वाली पित्त को वहानियों के मिलने की जगह पर भी यह अवरोध हो सकता है इस विकृति में रक्त पित्त से मिलने लगता है और शरीर के त्वचा का रंग पीला होने लगता है.

उत्पत्ति : महर्षि चरक के अनुसार पांडु रोग (रक्ताल्पता) में जब कोई मनुष्य अधिक मात्रा में पित्तकारक, अम्लीय, चटपटे उष्ण मसालों से निर्मित खाद्य पदार्थ का सेवन करता है तो उसके शरीर में पित्त कुपित होकर रक्त मांस को दूषित कर के पीलिया रोग की उत्पत्ति करता है.

आधुनिक चिकित्सकों के अनुसार किसी रोग के विकार के कारण जब रक्त के लाल कण (Red Blood Cells) तीव्र गति से नष्ट होते हैं और रक्ताल्पता एनीमिया की उत्पत्ति होती है तो उसके साथ कामला रोग भी हो जाता है.

क्योंकि रक्त कणों के अधिक नष्ट होने से पित्त का अधिक निर्माण होता है. अधिक मात्रा में पित्त रक्त में मिलकर कामला रोग की उत्पत्ति करता है. रक्त कणों में जन्मजात विकृति होने से रक्त कणों की तेजी से नष्ट होने पर किसी भी व्यक्ति को पीलिया रोग हो जाता है.

Jaundice Symptoms पीलिये के सामान्य लक्षण

  1. पीलिया रोग होने पर रोगी के चेहरे पर पीले रंग के लक्षण दिखाई देते हैं.
  2. कुछ दिनों में सारे शरीर की त्वचा का रंग पीला हो जाता है.
  3. रोगी के नेत्रों की श्लेष्मिक कला, नाख़ून, पसीना और मूत्र आदि भी पिले हो जाते हैं.
  4. स्त्री के स्तनों से भी पीले रंग का दूध निकलता है.
  5. चिकित्सा में विलंब होने से शरीर में खुजली होती है और रोगी को कब्ज हो जाती है.

पीलिया रोग में परहेज

कामला रोग की चिकित्सा के लिए रोगी को मिर्च-मसालों और घी मक्खन से बने पदार्थों का सेवन बंद कर देना चाहिए.

jaundice treatment with turmeric

Best Ayurvedic Remedies of Turmeric for jaundice

Uses Of Turmeric For Jaundice in Hindi

  • 3 ग्राम हल्दी का चूर्ण मटठे तक्र के साथ सुबह खाली पेट सेवन करने से पीलिया के रोगी को बहुत लाभ होता है.
  • 200 ग्राम तक्र मटठे में 3 ग्राम हल्दी और पांच काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से पीलिया रोग नष्ट होता है.
  • हल्दी, गेरू और आंवले का सुरमा बनाकर नेत्रों में लगाने से पीलिया रोग नष्ट होता है और साफ़ स्वच्छ नमक मिर्च रहित पत्थर पर केवल हल्दी को घिस कर आंखों में साफ़ व सफाई से लगाए तुरंत लाभदायक होता.
  • दारू हल्दी का रस और गिलोय का रस 3-3 ग्राम लेकर, उसमें 3 ग्राम त्रिफला चूर्ण मिलाकर मधु के साथ सेवन करने से पीलिया रोग नष्ट होता है.
  • श्वेत प्याज के 10 ग्राम रस में हल्दी का 2 ग्राम चूर्ण और गुड़ मिलाकर सेवन करने से पीलिया रोग नष्ट होता है.
  • लगातार 3 माह तक सुबह के समय खाली पेट (निराहार) 2 ग्राम पिसी हुई हल्दी 5 ग्राम गाय के ताजा मक्खन के साथ सेवन करने से पीलिया रोग जड़ मूल से दूर होता है.
  • आधा चम्मच हल्दी चूर्ण पाउडर रोजाना सुबह के समय गाय के आधा आधा किलो छाछ के अनुपात के साथ सेवन करने से पीलिया में रोग में शीघ्र लाभ होता है. पीलिया रोग को जल्दी ठीक करने का उपाय.

Note : पीलिया रोग और हल्दी का आश्चर्यजनक प्रयोग

छाछ न हो तो इसके जगह एक गिलास साफ़ स्वच्छ गरम जल या दूध के साथ रोजाना दो तीन बार सेवन करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं. या उपरोक्त प्रयोग आधा लीटर मटठा या दो चम्मच दही के साथ भी किया जा सकता है.

हल्दी, कालीमिर्च, आंवला, पीपल, सोंठ तथा लोह भस्म में सभी को समान मात्रा में लेकर कपड़छान चूर्ण तैयार करके किसी एयरटाइट साफ स्वच्छ शीशी में सुरक्षित रख लें. इस चूर्ण को एक 2 ग्राम की मात्रा में शहद में भली प्रकार मिलाकर रोजाना तीन बार सेवन करने से पीलिया रोग से मात्र 5-7 दिनों में पूर्ण लाभ होता है.

अगर आपको यह हल्दी का पीलिया के लिए आयुर्वेदिक उपाय नुस्खे अच्छे लगे हो तो इन्हें Facebook Google Plus और Twitter पर SHARE जरूर करे. ताकि यह सभी लोगों तक पहुंच जाए और जिसे भी इसकी जरुरत हो वह इसका लाभ उठा सके.

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One Response

  1. dharmendra

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