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100% पेट दर्द का तुरंत इलाज – घरेलु उपचार 81 उपाय नुस्खे

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यहां हम आपको पेट दर्द का इलाज उपचार इन हिंदी में करने के लिए सबसे सरल व उपयोग में आसान और असरकारी आयुर्वेदिक नुस्खे व घरेलु उपाय के बारे में बताएंगे. इसके साथ ही पेट में होने वाले इस दर्द को हमेशा के लिए दूर करने के लिए इसके कारणों के बारे में पूरी तरह समझने की कोशिश करेंगे ताकि आपके पेट दर्द का हमेशा के लिए उपचार हो सके. तो अब आपको पेट दर्द का घरेलू उपचार कैसे करे इन हिन्दी मे इस बारे में सोचने की कोई जरूरत नहीं हैं. क्योंकि यहां हम इस दर्द के रामबाण इलाज के लिए ऐसे ही आयुर्वेदिक नुस्खे बताएंगे जो की बाबा रामदेव, राजीव दीक्षित व अन्य विशेषज्ञों द्वारा बताये गए हो.

पेट के ऊपरी हिस्से मे दर्द, प्रकार,  निचले भाग में दर्द, नाभि के पास, पेट के दाहिने हिस्से, बाईं ओर, पेट के निचले हिस्से में दर्द,

इसके लिए हमारी आपसे गुजारिश हैं की आप इस लेख को पूरे ध्यान से व पूरा पड़ें, ताकि पेट दर्द को हमेशा के लिए मिटाया जा सके. क्योंकि हमसे पेट दर्द के विषय में बहुत से लोगों ने “Request” की हैं की आप इस का घरेलु इलाज करने के बारे में भी लिखे ताकि हम घर पर ही पेट में दर्द का घरेलु उपचार कर सके.

इसीलिए हमने यहां बहुत ही असरकारी व सभी तरह के नुस्खे बताये हैं उम्मीद करते हैं आप इन्हें नजरअंदाज नहीं करेंगे. best ways to treat colic permanent ilaj cure natural home remedies..

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घर पर पेट दर्द का घरेलु इलाज उपचार कैसे करे 100% आयुर्वेदिक नुस्खे & उपाय

  • सामान्य कारण – अमाशय में ज्यादा अम्ल बनना, पेट में बैक्टीरिया का फैलाव होना, कीड़े होना, जिगर का बढ़ जाना आदि इन कारणों से सामान्यतः: पेट में दर्द होता हैं.

नाभि में दर्द होने का कारण – आंतों में कीड़ें लगने की वजह से
नाभि के ऊपर का दर्द – गैस बनने की वजह से
ऊपरी हिस्से व दाई तरफ – यह दर्द जिगर में तकलीफ होने के वजह से होता है
नाभि में दाई तरफ – यह किडनी में दर्द होने के वजह से होता है

  • पेट दर्द के प्रकार – यह दर्द करीबन आठ प्रकार का होता हैं जो की निम्न हैं –

वातोदर – पेट में गैस के वजह से होता हैं
जलोदर – पेट में अत्यधिक पानी भरने की वजह से
पित्तोदर– पित्त के वजह होता है
कफ़ोदर – कफ के वजह से होता है
सन्निपतोदर – यह भी सन्निपात के वजह से होता है
प्लीहोदर – प्लीहा से होता है
कब्ज – यह कब्ज, अपचन, मलावरोध से होता है
घाव – पेट में घाव से होने वाला दर्द

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यह पेट दर्द के प्रकार होते हैं – इनका यह पेट में दाई बाई तरफ ऊपर निचे तरफ पेट में किसी भी विभिन्न अंगों में होता हैं. यह सभी दर्द हमारे कर्मो के कारण ही होते हैं, सच कहे तो पेट दर्द का सबसे बड़ा कारण हम ही हैं. इसके घरेलु इलाज के लिए आपको उन बातों पर भी ध्यान देना होगा जिनको आप अब तक नजरअंदाज करते आये हैं (इन हिंदी).

पेट में दर्द होना इतना आम क्यों हो गया – पेट के रोग इस सदी में बहुत बढ़ गए हैं, जिसे देखो वह किसी न किसी पेट के रोग से ग्रस्त हैं. इसमें ज्यादातर कब्ज, ऐठन, पेट दर्द, पेट का भारीपन, एसिडिटी, शरीर के विभिन्न अंगों में जलन आदि देखने को मिलते हैं.

इन सब के पीछे सिर्फ एक ही कारण और वह हैं “अनियमित जीवन शैली” देखिये अगर समय समय पर मशीनों की भी देखभाल न की जाए तो वह भी ख़राब हो जाती हैं तो फिर हम तो इंसान हैं हमे तो और भी नियमित ढंग से जीना चाहिए. लेकिन इस आधुनिक सदी में प्रत्येक मानव ने अपना जीवन बिगाड़ रखा हैं जिसके चलते यह रोग होने लगे हैं.

(पेट के रोगों से बचने के लिए ज्यादा पानी क्यों पीना चाहिए – जब हम भोजन करते हैं तो हमारे शरीर अच्छे बुरे दोनों तरह के पदार्थ पहुंचते हैं, ऐसे में अगर व्यक्ति भरपूर पानी न पिए तो यह पदार्थ पेट में ही रह जाते हैं. और धीरे-धीरे पेट में तकलीफ पैदा शुरू कर देते हैं. अगर भरपूर पानी पिया जाये, शरीर को तरल बना कर रखा जाए तो समय-समय पर पानी से पेट की सफाई होती रहती हैं जिससे पेट में से ऐसे ख़राब पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. यानी पानी पेट को साफ़ रखता हैं इसलिए हमे पानी ज्यादा पीना चाहिए) पानी ही पेट दर्द की समस्या का सही समाधान हैं.

  • लक्षण 

वैसे पेट दर्द का एक ही लक्षण हैं और वह हैं पेट के किसी भी हिस्से में दर्द का एहसास होना. बस यह दर्द ही पेट दर्द का लक्षण हैं. यहां निचे हम इसके लक्षण व उनसे होने वाले नुकसान व शारीरिक परिवर्तन के बारे में बता रहे हैं.

  • पेट का फूलना जिसे हिंदी भाषा में अफारा रोग भी कहते हैं. इसमें रोगी का पेट फुला-फुला सा रहता हैं, पेट में भारीपन का एहसास भी होता हैं.
  • भूख की कमी – पेट दर्द के वजह से भूख को काफी क्षति पहुंचती हैं, जिससे रोगी की भूख कम हो जाती हैं
  • पेट ऐसा दर्द हैं जो हमारे रोए-रोए खड़े कर देता हैं, लम्बे समय से हो रहे पेट दर्द से शरीर बहुत कमजोर और पतला हो जाता हैं जिससे रोगी को चक्कर भी आने लगते हैं.
  • खट्टी डकार – हर एक खट्टी डकार यह सुचना देती हैं की आपके पेट में कुछ गड़बड़ हैं. और पेट दर्द में तो यह और भी बढ़कर आने लगती हैं.
  • गैस की शिकायत – पेट दर्द के वजह से गैस बनना शुरू होती हैं, और अगर रोगी को खराब भोजन के वजह से पेट में दर्द हो रहा है तो उसकी गैस से बधबू भी बहुत बुरी आती हैं. इसमें रोगी को गैस की शिकायत और बढ़ जाती हैं.
  • पेट में रुक-रुक कर दर्द व पेट में हलचल व हल्का सा दर्द होना भी पेट दर्द का लक्षण हैं. यह दर्द पेट के ऊपरी हिस्से, पेट के निचले हिस्से, पेट के दाई तरफ, पेट के बाई तरफ व पेट के बिच में कई भी हो सकता हैं. और हर तरह के दर्द के इलाज के लिए विभिन्न तरीके होते हैं.
  • पेट दर्द के कारण रोगी भोजन को ठीक से पचा नहीं पाता हैं इसी वजह से कई बार रोगी उलटी भी करने लगता हैं. और शरीर क भोजन न मिलने से रोगी का शरीर बहुत दुबला होने लगता हैं.

तो अब आपने पेट दर्द के प्रकार और लक्षण कारण के बारे में तो जान ही लिया चलिए अब इसके कुछ सबसे आम कारण के बारे में जानने की कोशिश करते हैं, आखिर क्यों और कैसे, किन-किन आदतों के वजह से पेट में दर्द होने लगता हैं.

  • कारण – पेट दर्द क्या और क्यों होता हैं

पेट दर्द होने के पीछे ज्यादातर 2 बातें होती हैं 1. बिना साफ़ सफाई का भोजन खाना जैसे – गन्दा भोजन, कई बार हम बाजार की चीजों का सेवन कर लेते हैं, उन पर धूल उड़ रही होती हैं और वही धूल उस आहार पर आकर जम जाती हैं और उसी का हम सेवन कर लेते हैं. मधुमक्खियों का भोजन पर बैठना आदि.

तो धुल और मधुमक्खी आदि यह जब आहार पर आती हैं तो यहां आकर बैक्टीरिया को जन्म देती हैं. और जब हम ऐसे भोजन का सेवन करते हैं तो यह पेट दर्द की वजह बन जाता हैं. इस वजह से पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेट के बिच में दर्द व दाई-बाई तरफ दर्द भी हो सकता हैं.

इसके साथ ही बिना हाथ धोये किसी भी चीज का सेवन करना भी पेट दर्द को जन्म देता हैं. कई लोगों की आदत होती हैं की वह कुछ खाने के पहले आलस्य के वजह से हाथ भी नहीं धोते. हम आपको बता दें की ऐसी आदत सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाती हैं. जितनी गंदगी से भरा जीवन आप जियेंगे आपकी चेतना उतनी ही कमजोर होती जाएगी. आप का दिमाग तेज नहीं हो पायेगा.

  • संक्षिप्त में – यह भी होते हैं कारण
  1. गन्दा पानी पीना, कई दिनों की रखी बोतल का पानी
  2. ज्यादा कोल्ड ड्रिंक्स पिने से भी पेट के ऊपरी हिस्से आदि कई भी दर्द बन जाता हैं
  3. भोजन को ठीक से न पचाने से भी यह शिकायत होती हैं
  4. भोजन करने के तुरंत बाद ज्यादा पानी पिने से भी दर्द होता है
  5. कच्ची रोटी व सब्जी खाने से भी पेट में गंभीर रोग हो जाता है
  6. किसी भी तरह के कच्चे भोजन का सेवन करना
  7. पूरी तरह से पेट साफ़ नहीं होने की वजह से
  8. भोजन करते समय बार-बार पानी पिने से भी पेट के बीच मे दर्द बनता है
  9. कब्ज, अजीर्ण, अपचन, बदहजमी आदि रोग के वजह से भी पेट दर्द होता है
  10. पेट की अंतड़ियो (आंतो) के कमजोर होने से भी पेट में दर्द होता हैं
  11. पेट में गैस बनने के वजह से भी ज्यादातर लोगों को दर्द होता है
  12. शरीर में पानी की कमी के कारण भी कई लोगों को दर्द बनता है
  13. ठंडा दूध पिने से भी पेट में दर्द जैसी शिकायत होने लगती हैं
  14. ठीक तरह से मल निष्कासन नहीं करना (समय पर लेटरिंग नहीं जाना)
  15. पाचन तंत्र की कमजोरी व गड़बड़ी
  16. पेट में सूजन, छोटी बड़ी आंतों की सूजन
  17. पेट में पथरी की शिकायत होने से भी दर्द होता है

जितने हमने पेट दर्द के रोगियों को देखा हैं उनमे से 80% रोगियों को पेट दर्द सिर्फ इसलिए होता था क्योंकि वह पानी कम पीते थे, भोजन करते वक्त हर कौर के बाद पानी पीते थे, भोजन को ठीक से चबाकर नहीं खाते थे, समय पर शौच नहीं करते थे और कुछ की पाचन शक्ति कमजोर थी इसलिए उन्हें पेट दर्द होता था और बाकी कुछ ऐसे भी थे जिन्हें पेट में सूजन आदि के वजह से दर्द होता था.

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पेट के दर्द से बचने व दूर करने के उपाय (Tips क्या करे और क्या न करे)

तो अब हम आपको यह शार्ट में थोड़ी सी सलाह देते हैं इनको आप जरूर follow करे :-

  • भोजन खूब चबा-चबा कर करना
  • खाना खाते वक्त बीच मे बार-बार पानी मत पीना
  • भोजन के आखिर में प्यास के अनुसार पानी पीना फिर इसके बाद 45 मिनट बाद पेट भर पानी पीना
  • कच्ची रोटी व किसी भी कच्चे भोजन का सेवन बिलकुल मत करना
  • अगर आपका पाचन तंत्र कमजोर है या फिर आपका पेट ठीक से साफ़ नहीं होता है तो पेट पर तेल की मालिश करवाए
  • इसके साथ ही निचे बताये जा रहे पेट दर्द के घरेलु नुस्खे से भी उपचार करे. यह घरेलु उपाय में सबसे बेहतरीन तरीका हैं जिसकी मदद
  • से पेट दर्द के निचले हिस्से, दाई तरफ, बाई तरफ व पेट के ऊपरी हिस्से का दर्द का भी इलाज किया जा सकता हैं.
  • भोजन करने के बाद थोड़ा टहलना शुरू करे
  • अगर आपको पेट दर्द कब्ज, अजीर्ण, अपचन के वजह से हो रहा हैं तो पहले इनका इलाज उपचार करवाए
  • भोजन बनाते वक्त सफाई का पूरा ध्यान रखे
  • भोजन बनाने के बर्तन की अच्छे से सफाई करे, व भोजन पकाते वक्त उसे ढंक कर पकाये
  • बासी भोजन करने से बचे. क्योंकि पेट दर्द 97% गलत चीजे खाने से होता है, इसमें ठीक नहीं पकाया गया भोजन, ज्यादा समय की
  • काटी हुई सब्जी की रसोई बनाना आदि कारण होते हैं
  • बाजार से आटा देख कर ख़रीदे, सड़े व कमजोर हुए गेहूं के आटे का सेवन बिलकुल न करे
  • टिप्स फॉर पेट दर्द – अगर आपके पेट में सूजन हैं तो इसके लिए नजदीकी डॉक्टर को जरूर दिखाए.

समाधान – पेट दर्द के दौरान कुछ खाना पीना नहीं चाहिए, बल्कि इस दौरान रोगी को सोडा वाटर पीना चाहिए अगर यह उपलब्ध न हो तो रोगी को ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि पेट की सफाई होती रहे.

अब हम बात करेंगे पेट दर्द के घरेलु उपाय (इन हिंदी) के बारे में इसे पूरा पढियेगा क्योंकि यहां पर सभी तरह के ढेरों उपाय बताये है जिनसे पेट दर्द का सरल उपचार किया जा सकता हैं.

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2-5 मिनट में पेट दर्द का तुरंत इलाज करने के लिए घरेलु नुस्खे व उपाय

  • घरेलु त्रि चूर्ण

आधा चम्मच अजवाइन, जरा सा नमक, जरा सी चीनी इन तीनो को अच्छे से मिलाकर एक गिलास पानी में मिलाये. व ऊपर से इस पानी में एक ताजा नीबू निचोड़ दें. अच्छे से घोलकर इस नुस्खे का सेवन करने पेट दर्द तुरंत दूर हो जाता हैं.

  • कालीमिर्च, अजवाइन और हींग

1 चुटकी हींग, 2 चुटकी कालीमिर्च और जरा सी अजवाइन. इन तीनो का चूर्ण को अदरक के रस में मिलाकर शहद के साथ चाटने से पेट दर्द का तुरंत इलाज होता हैं. जल्दी आराम पाने के लिए इस उपचार का प्रयोग जरूर करें.

  • अमृतधारा

अमृतधारा 4 बून्द बताशे में डालकर खाने से पेट दर्द से तुरंत राहत मिलती हैं.  इसे आप घर पर भी बना सकते हैं – (अजवाइन सात, कपूर और पिपरमेन्ट सभी को 25-25 ग्राम, छोटी इलाइची का तेल, दालचीनी का तेल, लौंग का तेल इन सभी को 10-10 ग्राम लें, या सभी दवाई साफ़ स्वच्छ शीशी में डालकर 10-15 मिनट तक अच्छे से हिलाये. यह सभी वस्तुए मिलकर ‘अमृतधारा’ बन जाएंगी. यह पेट दर्द के चूर्ण का रूप ले लेंगी. खांसी, जुकाम, बदहजमी, पेट दर्द, दर्द, हैजा, दांत दर्द, बिच्छू दंश आदि इन सभी रोगों में रामबाण इलाज के भांति काम करेगी)

  • मदार से करे पेट दर्द का समाधान 

(1). पेट में जहां भी तेज दर्द होता हैं, उस जगह पर आक (मदार) के पत्ते पर पुराना घी चुपड़कर और उसे गर्म करके रख दें. फिर ऊपर से गर्म किया हुआ रुई का नामा या फलालेन के टुकड़े द्वारा पत्ते का ऊपरी भाग कसकर दबाकर कुछ समय तक सेंक कर सेवन करने से पेट दर्द का तुरंत उपचार होता हैं.

(2) आक (मदार) की जड़ की छाल को चाय में शुष्क कर उसमें सामान मात्रा में सौंफ मिलाकर महीन चूर्ण तैयार कर लें. इसे 1-2 ग्राम की मात्रा में दिन में 2-3 बार सेवन करने से (उदर शूल) उदर में हो रहे पेट दर्द में में आराम मिलता हैं.

(3). आक के फूल 100 ग्राम और आक की जड़ की छाल 50 ग्राम इन दोनों को खूब महीन पीसकर और आक पत्र के स्वरस के साथ घोंटकर आधा-आधा रत्ती वजन की गोलियां बनाकर सुरक्षित रख लें. यह 1 से 4 गोली तक गर्म पानी व सौंफ के अर्क के साथ सेवन करने से पेट दर्द में लाभ होता हैं.

  • पाषाणभेद

पाषाणभेद पत्र स्वरस की 5-6 बूंदो में शक्कर या मिश्री मिलाकर सेवन करने से पेट दर्द में तुरंत जल्द ही आराम मिलता हैं. यह उपाय बच्चों के पेट दर्द के तुरंत उपचार के लिए बहुत उपयोगी होता हैं. (विशेष उपयोगी)

  • अजवाइन

अजवाइन पेट के रोगों के लिए बहुत असरकारी होता हैं. इसका पेट के रोगों के लिए कई तरह से उपयोग किया जाता हैं, जिसमे सबसे सरल यह हैं – अजवाइन का चूर्ण खाकर ऊपर से गर्म पानी पिने से पेट दर्द दूर होता हैं.

  • पुष्कर मूल चूर्ण

पुष्कर मूल के चूर्ण में आधा भाग सेंधा नमक और 1/4 भाग भुनी हींग मिलाकर 3 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द का तुरंत रामबाण इलाज होता हैं. यह रसोई में बनाये जाने वाले सबसे सरल नुस्खे में से एक हैं.

  • इमली

इमली के ऊपर की सुखी छाल जला लें. यह भस्म 3 ग्राम की मात्रा में गर्म पानी के साथ खाने से पेट दर्द में तुरंत राहत मिलती हैं, दर्द दूर होता हैं.

  • नीम की छाल

नीम की छाल 20 ग्राम को 250 ग्राम पानी में ओटाए. जब 60 ग्राम पानी बाकि रह जाए तब उसमें आधी रत्ती हींग और 10 ग्राम शुद्ध देसी शराब डालकर रोगी को पीला दें. इससे चाहे कैसा भी पेट दर्द हो इसके सेवन से तुरंत पेट दर्द में राहत मिलेगी, 100% तुरंत घरेलु उपचार इन हिंदी में.

(2) नीम के पैड की छाल उतारकर इसकी सफ़ेद रंग की अन्तरछाल लगभग 50 ग्राम लेकर 500 ग्राम पानी में डालकर उसमें खाने वाला नमक 10 ग्राम डाल दें और जब उबाल आ-आकर आधा बाकी रह जाए तो उसे छानकर चाय की भांति रोगी को गर्म-गर्म पिलाये. यह काढ़ा रोगी के पेट में पहुंचते ही पेट दर्द रफूचक्कर हो जाता हैं. इसीलिए इस घरेलु नुस्खे को पेट दर्द का रामबाण इलाज कहा जाता हैं आप भी इससे उपचार जरूर करे.

  • गोदूध और साफ़ पानी

गोदूध और साफ़ पानी दोनों 200-200 मि.ली तथा साबुत सुखी लाल मिर्च को बीज सहित लें. और इन सभी को एक बर्तन में डालकर धीमी आंच में पकाये. जब पानी जलकर दूध मात्रा शेष बचे तब खूब निचोड़कर व छानकर काफी मात्रा में चीनी मिलाकर गर्म-गर्म वायु से उत्पन्न उदर शूल के रोगी को पिलाने से भयानक पेट दर्द भी मिट जाता हैं. यह पुराने से पुराने पेट दर्द के इलाज के लिए बहुत लाभकारी घरेलु उपाय हैं.

  • कंबल का टुकड़ा

कंबल का एक टुकड़ा लेकर आग लगा दें. जब कम्बल बिलकुल जल जाए तो बारीक पीसकर रख लें. पेट दर्द से जब रोगी अत्यंत पीड़ित हो तो इसे 6 ग्राम की मात्रा में ताज़ा पानी में घोलकर पीला देने से तुरंत लाभ होता हैं. सावधानी :- कम्बल जलाते समय उससे दूर रहे क्योंकि इसमें से बहुत बुरी बदबू आती हैं जो की हमारे लिए हानिकारक होती हैं.

  • इमली की सफ़ेद राख

अगर अपचन होकर पेट में दर्द होता हो तो इमली की सफ़ेद राख 3-4 ग्राम और अजवाइन 4 रत्ती तक शहद के साथ मिलाकर चाटने से दर्द तुरंत ख़त्म होता हैं. सरल आयुर्वेदिक पेट का दर्द तुरंत दूर करने के लिए घरेलु नुस्खे में से एक हैं. (इमली की सफ़ेद राख यानी इमली को जलाने के बाद बनने वाली राख)

  • खरबूजे की जड़

खरबूजे की जड़ (आषाढ़ माह में जब खरबूजे की फसल ख़त्म होती हैं तभी इस जड़ खेत में से निकाल कर रख लें) और काली मिर्च 3 नग को लेकर 1 प्याले पानी के साथ पीसकर पेट दर्द से पीड़ित रोगी को पिलाने से मात्र 5-7 मिनट बाद ही दर्द कम होने लगता हैं तथा दर्द के दौरों का वेग कम होने लगता हैं जो बाद में धीरे-धीरे पूरी तरह से बंद हो जाता हैं.

  • ग्वारपाठे के पत्ते

ग्वारपाठे के एक पत्ते को छानकर उसका गुदा निकालकर तथा चीनी मिलाकर रोगी को खिला दें. इस आसान से प्रयोग से (अगर पेट दर्द नाभि के आस पास या उससे निचे की तरह हो तो) 5 मिनट में पेट दर्द ख़त्म हो जाता हैं.

  • अफीम और कर्पूर

अफीम और कर्पूर आधा-आधा रत्ती एवं खाने वाला सूखा चुना 4 रत्ती खरल में घोट पीसकर खाली कैप्सूल में भर लें अथवा गोली बना लें. इसकी एक ही मात्रा में पेट दर्द से पीड़ित रोगी को खूब आराम मिल जाता हैं. अगर 1 घंटे बाद भी दर्द अनुभव हो तो दूसरी बार फिर से इस नुस्खे का सेवन करवाए. इससे पेट दर्द का तुरंत उपचार होगा.

  • भभके से खिंचा हुआ अर्क

भभके से खिंचा हुआ अर्क पोदीना 100 ग्राम, रेक्टिफ़ायडस्प्रिट 50 ग्राम, सत पिपरमेंट और मद्य रंगने का हरा रंग 6-6 ग्राम लेकर एक साफ़ स्वच्छ शीशी में सभी को मिलाकर रख दें. पेट दर्द से पीड़ित किसी भी रोगी को 5-10 बून्द पानी में डालकर सेवन कराने से तुरंत पेट दर्द दूर होता हैं.

  • Citric acid

नीबू सत्व (Citric acid) 3 ग्राम और कलमी शोरा 5 ग्राम. इन दोनों को लेकर बारीक पीस लें. इसे 25 ग्राम मिश्री के शरबत में मिलाकर पिए. पेट दर्द सिर्फ 1-2 मात्राओं में ही दूर हो जाएगा.

रोजाना रात को सोते समय एक गिलास दूध में 1 चम्मच इसबगोल की भूसी मिलाकर खाना चाहिए. इसका सेवन करने से पेट दर्द नहीं होता व सुबह पेट पूरी तरह साफ़ होता हैं. कब्ज, अजीर्ण, बदहजमी आदि रोगों में भी यह बहुत असरकारी होती हैं.

पेट के दर्द का सरल उपचार करने के आसान आयुर्वेदिक नुस्खे

  • अदरक की चाय

एक कप पानी में एक नीबू को निचोड़ लें. अब इस पानी को करीबन 10 मिनट तक उबाले. इसके बाद अपने स्वाद के मुताबिक शहद मिलाये व फिर छान लें. अगर आपको कमजोर पाचन तंत्र के वजह से पेट में दर्द होता हैं तो यह अदरक की चाय आपके लिए बहुत लाभदायक होगी.

  • सौंफ का उपयोग

1 चम्मच सौंफ को बारीक पीसकर आधा ग्लास पानी में 11-12 मिनट तक उबाले. इसके बाद में इसमें स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ी सी शहद मिलाये. इसके सेवन से पेट दर्द में आराम मिलता हैं. इस घरेलु उपाय का सेवन पेट दर्द के लिए दिन में तीन बार करे.

इसके साथ ही सुबह शाम भोजन करने के बाद 2-3 चम्मच सौंफ का सेवन जरूर करे. इसके साथ ही सौंफ में मिश्री मिलाकर खा सकते हैं. रोजाना इसका प्रयोग करने से भोजन अच्छे से पचता हैं व एसिडिटी, पेट दर्द, कब्ज आदि से धीरे-धीरे हमेशा के लिए छुटकारा मिलता हैं.

  • हींग 

हींग का पेट दर्द के लिए उपाय सबसे आसान हैं. एक चुटकी हींग लें और इसे एक ग्लास पानी में मिला लें. स्वाद के लिए थोड़ा सा सेंधा नमक भी मिला दें. अब इस आयुर्वेदिक नुस्खे का दिन में तीन बार सेवन करे. यानी सुबह, दुपहर और शाम. पेट दर्द के दौरान भी उपयोग कर सकते हैं.

  • कैमोमाइल की चाय

सुखी कैमोमाइल करीबन एक चम्मच की मात्रा में लेकर 1-2 ग्लास उबलते हुए गर्म पानी में डाल दें. व इसे करीबन 14-16 मिनट के लिए ऐसे ही उबलने के लिए छोड़ दें. फिर 15 मिनट बाद जब यह उबलकर जरा सी रह जाए तो इसमें अपने स्वाद के मुताबिक थोड़ी शहद मिलाकर धीरे-धीरे चुस्की लेते हुए इस चाय का सेवन करे. इसे दिन में 2-3 बार करना चाहिए.

  • बेकिंग सोडा

एक ग्लास पानी में एक नीबू को निचोड़कर एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाये इसके साथ ही इसमें थोड़ा सा नमक भी मिलाये. इस सब को अच्छे से मिला लें. पेट दर्द के दौरान व दिन में 3 बार इस नुस्खे का प्रयोग करे. हाई ब्लड प्रेशर वाले इसका उपयोग न करे.

  • चावल का पानी

पेट दर्द का यह घरेलु उपाय बहुत ही प्रचलित हैं. इसके लिए 1/2 कप चावल लेकर अच्छे से धोये. अब तपेली यानि बर्तन में 5-6 कप साफ़ पानी डाले व उसमे यह चावल भी मिला दें. अब इनको तब तक उबाले जब तक यह चावल नरम न हो जाए इसके बाद इसमें भरा हुआ पानी अलग निकाल लें. इस पानी में 1/2 चम्मच शहद मिलाये. अच्छे से मिलाकर इस चावल के पानी का सेवन करे.

सन्निपात के कारण होने वाले पेट दर्द के लिए – सेंधा नमक, सोंठ, जवाखार और कालीमिर्च इन सभी को मिलाकर अच्छे से पीस लें. अब एक ग्लास छाछ में इन सभी को डालकर अच्छे से मिलाकर पिए इससे सन्निपात के वजह से हो होने वाला पेट दर्द दूर होता हैं.

पेट में दर्द के लिए घर पर बनाये यह चूर्ण

  • स्वदेशी मिश्रण

काला नमक 3 ग्राम, हींग 2 ग्राम, कालीमिर्च 5 ग्राम और अजवाइन 10 ग्राम. इन सभी को लेकर अच्छे से मिलाकर चूर्ण बना लें. इसके बाद आधा चम्मच की मात्रा में गुन-गुने पानी के साथ इस आयुर्वेदिक नुस्खे का सेवन करे. यह घरेलु उपाय में बेहतरीन हैं.

नारायण चूर्ण, शाखादि चूर्ण और हिंग्वाष्टक चूर्ण सभी चूर्ण को 2-2 ग्राम की मात्रा में लेकर पानी के साथ खाने से दर्द में बहुत फायदा होता हैं.

  • पीपल & गुड़

पीपल के 2-3 पत्तों को पीसकर गुड़ के साथ गोली बनाकर रोगी को खिलाने से व पीपल के शुष्क पत्तों के चूर्ण में गुड़ मिलाकर व घोटकर चने के आकर की गोलियां बनाकर 1-1 गोली सुबह व शाम को अर्क के साथ खाने से पेट दर्द में बहुत फायदा होता हैं. पीपल घरेलु आयुर्वेदिक इलाज के लिए बहुत उपयोगी मानी जाती हैं यह पेट की सफाई में रामबाण होती हैं.

  • बिडंग, कुठ और हींग

हींग, कुठ और बिडंग सभी को 3-3 ग्राम का मिश्रित चूर्ण गर्म पानी के साथ लें. इसकी 1-2 मात्रा दिन में 2-3 बार सेवन करने से पेट के दर्द में बहुत लाभ होता हैं.

  • त्रिकूट व त्रिफला

त्रिकूट व त्रिफला 30-30 ग्राम, कचूर, सुहाड़े का फुला, हींग का फुला, तेजपात, बड़ी इलाइची, लौंग, अजवाइन, जायफल, काला जीरा, शुद्ध कुचला यवक्षार, सज्जीक्षार इन सभी को 10-10 ग्राम की मात्रा में लें तथा रससिंदूर, निशाय, लौह भस्म और अम्लवेत इन सभी को 20-20 ग्राम लें और 30 ग्राम काला नमक लें.

पहले कोष्ठ औषधियों का चुरा करके अच्छे से छान लें. इसके बाद भस्म मिलाकर कागजी नीबू के रस में घोटकर 2-2 रत्ती की गोलियां बनाकर सुरक्षित रख लें. 1-2 गोली जरूरत के मुताबिक गर्म पानी के साथ सेवन करने से सभी तरह के व पुराने से पुराने पेट दर्द का भी रामबाण घरेलु उपचार होता हैं.

अन्य आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे जिनसे पेट का देसी इलाज किया जा सकता हैं

  • सौंफ, सोंठ, अजवाइन और पीपल

सौंफ, सोंठ, अजवाइन और पीपल इन सभी को 5-5 ग्राम की मात्रा में लेकर इसमें ऊपर से 2 चुटकी हींग मिलाये. अब इसको एक चम्मच की मात्रा में लेकर गुन-गुने पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में राहत मिलती हैं. यह पेट के दर्द का दूसरा घरेलु उपाय हैं जो की बहुत ही सरल ही आसानी से रसोई में बनाया जा सकता हैं.

  • गौ मूत्र का सेवन

पेट के सभी रोगों से गौ मूत्र का सेवन अत्यंत लाभकारी होता हैं. इसका कुछ ही दिनों तक नियमित सेवन करने से पेट के सभी रोग जैसे कब्ज, अजीर्ण, बदहजमी, पेट दर्द आदि दूर हो जाते हैं. इसके लिए आप कहीं से गाय का मूत्र जिसे हम गौ मूत्र कहते हैं उसको लाये और रोजाना सुबह उठने के बाद खाली पेट 2-3 चम्मच गौ मूत्र पि जाए. इस्सके कुछ भी नुकसान नहीं होते हैं. इसकी पूर्ण विधि जानने के लिए यहाँ पर पढ़ें – गौ मूत्र का सेवन.

  • अदरक नीबू

अदरक और नीबू के रस में कालीमिर्च का चूर्ण 1 ग्राम मिलाकर सेवन करने से पेट दर्द में बहुत लाभ होता हैं. यह रसोई में बनाये जाने वाला सबसे सरल व आसान उपाय हैं.

  • सोदाबाई कर्ब

अगर खाना खाने के 3-4 घंटे के बाद पेट में दर्द होता हैं तो 4 रत्ती हींग तथा सोदाबाई कर्ब और जीरे का चूर्ण 1-1 ग्राम घी या शहद अथवा हलके गर्म पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में बहुत लाभ होता हैं.

  • सोया

पाचनक्रिया ठीक से न होती हो और भोजन करने के तुरंत बाद पेट में दर्द होता हो तो खाना खाने के बाद मुखशुद्धि के लिए सोया चबाते रहें और रात को सोने से पहले सोया ले लें. इस तरह थोड़े दिन तक सोया सेवन करने से पेट दर्द, पेट में अफारा, भारीपन सहित दर्द आदि में बहुत राहत दिलाता हैं. इससे दस्त भी साफ़ आने लगता हैं, यह पेट दर्द और दस्त के लिए बेहतरीन उपाय हैं..

  • कालादाना

कालादाना घी में भुना हुआ आधा किलो, सनायपात्र, विड नमक 200-200 ग्राम, छोटी हरड़ व बड़ी हरड़ 100-100 ग्राम लेकर सभी को कपडे में छान लें और चूर्ण तैयार करके खरल में अच्छी तरह से मिलाकर किसी साफ़ स्वच्छ शीशी में सुरक्षित रख लें. इसे 3 ग्राम की मात्रा में गर्म पानी के साथ सुबह शाम सेवन कराये. इस प्रयोग के सेवन से पेट में होने वाले कैसे भी दर्द नष्ट हो जाता हैं. खासकर मालवरोध से हो रहे पेट संबंधी रोगों में लाभप्रद होता हैं.

  • भांगरे

भांगरे के 10 ग्राम पत्तों के साथ 3 ग्राम काला नमक थोड़े पानी के साथ में पीसकर व अच्छे से छानकर सेवन करने से जीर्ण, पेट दर्द, में बहुत राहत मिलती हैं.

  • ग्वारपाठे का गुदा

ग्वारपाठे का गुदा 4 किलो और कलमीशोरा 1 किलो लेकर व मिलाकर मिटटी के बर्तन में मुखमुद्रा कर धीमी अग्नि पर रख दें. 4 से 6 घंटे के बाद ठंडा होने पर अंदर की दवा को निकालकर पीसकर सुरक्षित रख लें. इसे 1 ग्राम की मात्रा में पेट दर्द के रोगी को खिलाने से अत्यंत लाभ होता हैं.

  • तम्बाकू के पत्ते

तम्बाकू के पत्तों को कुछ गर्म करके उदर पर बांधे और तम्बाकू के पत्तों के चूर्ण को एरंड के तेल में मिलाकर गर्म करके रोगी के नाभि की जगह पर बांधने से पेट दर्द का घरेलु उपचार होता हैं. यह आयुर्वेदिक नुस्खे में सबसे आसान एवं असरकारी हैं.

  • राई का चूर्ण

राई का चूर्ण 1-2 ग्राम की मात्रा में थोड़ी सी शक्कर खिलाकर ऊपर से 50-100 मि.ली पानी पिलाने से पेट दर्द में राहत मिलती हैं. यह पेट दर्द के सरल घरेलु उपाय में से एक हैं. इसका उपयोग रोगी कभी भी दर्द के समय कर सकता हैं.

  • अश्वगंधा चूर्ण

केवल अश्वगंधा चूर्ण को 3 ग्राम की मात्रा में गुन-गुने पानी के साथ खाने से पेट दर्द दूर हो जाता हैं. अनुभूत प्रयोग हैं. यह प्रयोग गर्भवती स्त्री के पेट दर्द के लिए सबसे अच्छा उपाय हैं. अगर इस चूर्ण में 1 ग्राम इलाइची के बीज का चूर्ण तथा 2 रत्ती शंख भस्म भी मिला दी जाए तो कैसा भी पेट दर्द हो 1 घंटे के अंदर ख़त्म हो जाता हैं.

  • दूध में नीबू का रस

रोजाना रात को सोते समय 125 ग्राम दूध में 1 नग नीबू का रस निचोड़कर अगर एरण्ड तेल डाला जाए तो एरंड तेल (Castor oil) का बेकार स्वाद गायब हो जाता हैं, जिससे यह स्वादिष्ट लगने लगता हैं. नीबू के रस की जगह पर अदरक का रस भी डाला जा सकता हैं. इस प्रकार कम मात्रा में धीरे-धीरे लेते रहने से पेट दर्द हमेशा के लिए दूर हो जाता हैं.

  • अमरबेल का स्वरस

अमरबेल का स्वरस आधा किलो और मिश्री 1 किलो इन दोनों को एकत्र करके मिलाकर आग की धीमी आंच पर गरम करे शरबत तैयार बनेगा. सुबह व शाम 20-20 ग्राम की मात्रा में सामान भाग ताज़ा पानी मिलाकर इसका सेवन करने से पेट के सभी दर्द में बहुत लाभ होता हैं.

  • नौसादर

नौसादर 15 ग्राम, टाटरी 10 ग्राम और सोदाबाई कर्ब 20 ग्राम, इन तीनो को पीसकर एक साथ मिलाकर रख लें. जब रोगी के पेट में दर्द हो तब इस मिश्रण में से 3 ग्राम मिश्रण लेकर 2 कांच के ग्लास में यानी करीबन 150 मि.ली पानी में डाल दें और जब इसमें से झाग उठने लगे तो यह तत्काल रोगी को एक साथ पीला दें. इसको पीते ही पेट के ऊपरी हिस्से, निचले हिस्से, बाई तरफ, दाई तरफ, बिच के भाग के दर्द का तुरंत इलाज हो जाएगा.

  • आयुर्वेदिक मिश्रण

बड़ी हरड़, बड़ी पीपल, सोंठ, निशोथ और संचार लवण प्रत्येक 50-50 ग्राम इन सभी को लेकर कूट पीसकर तथा कपडे से अच्छे से छानकर चूर्ण बना लें. यह उदर शूल पेट दर्द का “पंचसम चूर्ण” हैं. इससे पेट का तनाव तथा विविध प्रकार के पेट दर्द की शिकायते नष्ट हो जाती हैं.

पेट में दर्द के लिए आयुर्वेदिक इलाज उपचार कैसे करे

  • शुलान्तक टेबलेट

2-3 टेबलेट को दिन में तीन चार बार लें. उदर शूल उदर में रहे पेट दर्द के लिए यह अत्यंत उपयोगी होती हैं.

  • हरा पोदीना

10-12 बून्द हवा जल में मिलाकर दें. (अपचन, उदर शूल) अपच के कारण हो रहे पेट दर्द और उदर में हो रहे दर्द के लिए यह सरल आयुर्वेदिक इलाज हैं. सिर्फ बून्द को हवा जल में मिलाकर देना होती हैं.

  • विरेचक कैप्सूल

(पेट दर्द और दस्त) इसका सेवन कब्ज, उदर शूल, मलावरोध के कारण हो रहे पेट के रोगों में तुरंत राहत देता हैं. अगर आपको बुखार हैं और बुखार में ही पेट दर्द हो रहा हो तो भी इसका सेवन किया जा सकता है. रात को सोते समय एक कैप्सूल का सेवन करें. इससे सुबह दस्त बिलकुल साफ़ आएगा और संचित मल निकल जाएगा. यह आयुर्वेदिक उपचार में सरल उपाय हैं – 1 या 2 कैप्सूल जरुरत के मुताबिक रात को सोते समय दूध या गर्म पानी के साथ खाये. इस कैप्सूल से एक दो दस्त में ही आपका पूरा पेट साफ़ हो जायेगा. और कब्ज मलावरोध से हो रहे दर्द का नाश होगा.

  • शुक्तिमन टेबलेट

2-2 टेबलेट दिन में 3 बार दें, परिणाम शूल व आमाशयी शूल और अम्ल पित्तजन्य शूल यानी पेट के सभी तरह के दर्द में यह टेबलेट में लाभदायक होती हैं. अमाशय में हो रहे दर्द, अम्ल से हो रहे दर्द में, पित्त से हो रहे दर्द में आदि पेट के दाई बाई ऊपरी निचले भाग आदि सभी में फायदेमन्द होती हैं.

  • सरपंथिन टेबलेट

1-2 टेबलेट दिन में 3-4 बार सेवन करवाए. अमाशय के पेट दर्द में यह बहुत ही फायदेमंद होती हैं. इस आयुर्वेदिक टेबलेट से अमाशय में दर्द का उपचार बेहद लाभकारी सिद्ध होता हैं.

  • शुलान्तक कैप्सूल

1-2 कैप्सूल दिन में 2-3 बार सेवन करे. यह भी उदर शूल में अत्यंत असरकारी होता हैं.

  • अग्नि बल्ल्भ क्षार

1-2 चम्मच गर्म जल से दिन में 2-3 वार सेवन करवाए.

  • गैसांतक कैप्सूल

1-2 कैप्सूल दिन में 2-3 बार दें. गैस के कारण हो रहे उदर शूल में बहुत फायदेमंद होता हैं. गैस के कारण होने वाले पेट दर्द में लाभ देता हैं.

  • शुलकेसरी कैप्सूल

1-2 शुलकेसरी कैप्सूल का दिन में 2-3 बार सेवन कराये. खासकर उदर शूल में लाभप्रद होता हैं.

  • गेसरी लिक्विड

2-4 गर्म पानी में डालकर दें. गैस के वजह से हो रहे पेट दर्द में अत्यंत लाभप्रद होती हैं. सरल आयुर्वेदिक इलाज इन हिंदी.

  • गैसक्लीन कैप्सूल

अजीर्ण, भूख न लगना, अफारा, पेट का भारीपन, पेट में गैस बनना आदि बंद कर देता हैं. यह पेट के दर्द में भी लाभदायक होता हैं. इसके सेवन से खाया गया भोजन ठीक से हजम होने लगता हैं. गैस के विकार, सुस्ती छाय रहना, शरीर में भारीपन महसूस होना आदि ख़त्म हो जाते हैं. यह पेट की खराब वायु को बाहर निकालने में भी बहुत फायदेमन्द हैं. इसके लिए 1-1 गैसक्लीन कैप्सूल सुबह और शाम को गुन-गुने पानी के साथ 2-3 बार सेवन कराये.

  • शुलान्तक कैप्सूल

उदर शूल, दन्त शूल, संधि शूल, मौसम में बदलाहट के वजह से हो रहे दर्द में, बारिश के पानी से भीगने से हो रहे बदन व सर दर्द में बहुत लाभ देती हैं. इसके लिए 1 शुलान्तक कैप्सूल को दर्द के समय गर्म पानी के साथ रोगी को सेवन करवाए.

  • गैसक्लीन चूर्ण

भूख कम लगना, अफरा पेट में भारीपन, अजीर्ण, गैस बनना आदि में बहुत लाभ देता हैं. यह उदर में हो रहे दर्द को दूर करने के लिए भी लाभदायक होता हैं. इस चूर्ण की सेवन विधि इसके डिब्बे पर लिखी होती हैं. उसको पढ़कर सेवन करे.

इस तरह करे 2 मिनट में पेट दर्द का इलाज घरेलु उपाय से अजवाइन, नमक आदि

पेट दर्द में क्या खाये और क्या न खाये (Pet Dard Ka Diet Plan)

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पेट दर्द में क्या खाये और क्या न खाये – इस विषय में जानना बहुत जरुरी होता हैं. क्योंकि पेट का रोग खान पान से सम्बंधित होता हैं इसीलिए रोगी को पेट दर्द में क्या खाना खाना चाहिए इस बारे में पूर्ण जानकारी होना चाहिए. इसके लिए हम निचे आपको शार्ट में जानकारी दे रहे हैं.

हरी सब्जियां, फाइबर युक्त आहार, मूंग दाल, मूंग की खिचड़ी, दलिया, कुल्थी की दाल, मूली की सब्जी व मूली को भोजन के साथ खाना चाहिए क्योंकि मूली का पेट दर्द में सेवन बहुत लाभकारी होता हैं. हींग जूस, लोकि, मेथी की सब्जी, छाछ, दही, पुराने चावल, अनार आदि इन चीजों को पेट दर्द में खाना चाहिए.

दही : पाचन तंत्र से जुड़े रोगों को दूर करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को भोजन के बाद एक कप दही खाना चाहिए. इससे पाचन तंत्र मजबूत होता हैं, भोजन अच्छे से पचता हैं, पेट में ठंडक रहती हैं, कब्ज, एसिडिटी रोग नहीं होते हैं. और खासकर पेट दर्द में बहुत ही आराम मिलता हैं.

छाछ : अगर आपके क्षेत्र में दही आसानी से नहीं मिलता हो तो आप इसकी जगह छाछ का प्रयोग कर सकते हैं. क्योंकि छाछ में भी उतने ही गुण होते हैं जितने की दही में पाए जाते हैं. और छाछ का आप दुपहर, सुबह आदि कभी भी सेवन कर सकते हैं.

पेट दर्द में हल्का भोजन करे – पेट के रोग में रोगी को भारी भोजन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसे वक्त में आपका पाचन तंत्र पहले ही कमजोर स्थिति में होता हैं और अगर ऐसे में आप भरी भोजन करते हैं तो वह उसका ठीक से पचा नहीं पायेगा जिससे पेट का रोग और भी बढ़ जाता हैं. इसलिए पेट दर्द के दौरान सिर्फ साधारण कम मिर्च मसाले की सब्जी रोटी का सेवन करे व भोजन को खूब बारीक-बारीक चबाकर खाये.

इसके साथ ही सुबह उठने के तुरंत बाद 2-3 ग्लास पानी पिए व इसके 45 मिनट बाद तक कुछ भी न खाये पिए. इस प्रयोग से आपके सभी पेट के रोग दूर हो जायेंगे. इससे शरीर की अतिरिक्त चर्बी भी ख़त्म होगी, मोटापा कम होगा.

पेट के ऊपरी हिस्से मे दर्द होना निचले भाग में दर्द, नाभि के पास पेट के दाहिने हिस्से में दर्द बाईं ओर पेट के निचले हिस्से में दर्द आदि सभी इलाज व देसी उपचार के लिए यह आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे बहुत ही असरकारी हैं यह समस्या का रामबाण समाधान हैं.

उम्मीद करते हैं दोस्तों आपको पेट दर्द का इलाज इन हिंदी में पढ़कर बहुत अच्छा लगा हो अगर आपको यह आयुर्वेदिक उपाय समझ नहीं आये हो तो आप Comment के जरिये हम से इनके बारे में पूछ सकते हैं. पेट दर्द का घरेलू उपचार (हिंदी) अगर आपके पास भी पेट में दर्द के घरेलु उपाय या घरेलु नुस्खे हो तो हमे Comments के जरिये हमे सूचित करे. यह आयुर्वेदिक इलाज किसी भी देसी इलाज से बेहतर हैं. पढ़िए – घरेलु उपचार कैसे करे. इस दर्द का हमेशा के लिए permanent इलाज करने के लिए पानी ज्यादा पिए.

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