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30 दिन में (टीबी) TB का इलाज बाबा रामदेव के उपाय और दवा

टीबी का इलाज की दवा और घरेलु उपाय इन हिंदी के विषय में बताएंगे – इसे रोगों का महारोग कहा जाता हैं, हर साल 25 लाख से ज्यादा लोग टीबी की बीमारी के वजह से मारे जाते हैं. क्योंकि व्यक्ति समय पर उपचार नहीं करवाते तो रोग और बढ़ता जाता हैं जिससे गंभीर समस्याए पैदा होती हैं और आखिर में रोगी को मृत्यु का ग्रास बनना पड़ता हैं. कई लोग Tb टीबी की अंग्रेजी दवा गोली खा-खाकर अपना शरीर ख़राब कर लेते हैं, लेकिन अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं हैं क्योंकि हम यहां आपको आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे व उपाय जो की रामबाण हैं उनके बारे में बताने जा रहे हैं इनके प्रयोग से आप घर पर ही इससे छुटकारा प् सकते है तो आइये जाने आगे इस बीमारी से बचने के उपायों के बारे में.

TB का फुल फॉर्म tuberculosis होता हैं, यह फेंफड़ों की बीमारी हैं जो की mycobacterium tuberculosis के संक्रमण में आने से होती हैं. यह रोग छोटे बच्चों से लेकर बूढ़ों तक किसी को भी किसी भी उम्र में टीबी हो सकता हैं tb treatment in Hindi by baba ramdev.

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पोस्ट को पूरा ध्यान से निचे तक पड़ें.

Tb की बीमारी कैसे होती है 

  • इस रोग से पीड़ित किसी व्यक्ति का झूठा भोजन, झूठा पानी, उसके पास सोने से, उसके नजदीक रहने से, उसके कपडे पहनने से आदि अथवा जब इसका रोगी छींकता हैं व थुंकता हैं तो ऐसे में TB के बैक्टीरिया हवा में मिल जाते हैं और आस-पास बैठे हुए व्यक्ति के शरीर में उस हवा का स्वांस लेने से पहुंच जाते है. एक तरह से टीबी रोग छुआछुद से होता हैं. इसलिए बेहतर हैं की रोगी से आप दूर रहे व खासकर उन रोगी से तो और भी सतर्क रहे जिनका अभी तक टीबी ठीक नहीं हुआ हो.

TB के लक्षण

  • 1-2 हफ्ते से अधिक समय तक खांसी चलना
  • खांसी में बलगम आने लगता हैं
  • कई बार खांसी में बलगम के साथ खून भी आ जाता हैं – पड़ें – सभी तरह की खांसी का इलाज 
  • भूख नहीं लगती हैं
  • वजन तेजी से कम होने लगता हैं
  • अधिकतर रात और शाम के समय बुखार आता हो – पड़ें – बुखार का इलाज
  • ठन्डे वातावरण में भी पसीना आता हैं
  • सांस लेते समय सीने में दर्द होना
  • 30 दिन से ज्यादा समय तक बुखार आना
  • शारीरिक कमजोरी

टीबी की दवा : Tb Ka ilaj baba ramdev

Tuberculosis Treatment in Hindi

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  • टीबी की बीमारी में लहसुन की दो कली छीलकर पीस लें और 250 ग्राम दूध में डालकर उबालें. खीर की भांति गाढ़ा होने पर दूध को उतारकर पिने लायक ठंडा कर लें. इसे रोजाना सुबह के समय व रात को सोते समय मात्र 1 ग्राम खीर का निरंतर महीना 2 महीना तक प्रयोग करे. यह 101% लाभकारी सिद्ध Tb का घरेलु उपाय है इससे आपको जरूर लाभ होगा, लेकिन नियमित रूप से इसका सेवन जरूर करे. (इस प्रयोग से उच्च रक्तचाप में भी बहुत लाभ होता है और उच्च रक्तचाप से बचाव भी होता है)
  • शाम के समय 150 ग्राम दूध में छुहारा भिगो दें. रात में सोने से पहले छुहारा इसी दूध में खूब अच्छी तरह उबाल लें, इसके बाद छुहारे की गुठली निकालकर उसे अच्छी तरह चबाकर खा लें और ऊपर से मिश्री अथवा चीनी मिश्रित दूध पि लें. टीबी में सुबह व शाम को छुहारा दूध के साथ सेवन करने से फेंफड़ों को बहुत शक्ति मिलती हैं जिससे टीबी रोग का ट्रीटमेंट होता हैं व रोग जल्द टीबी ख़त्म हो जाता हैं. (शर्त लगातार नियमित रूप से सेवन करे)
  • केले के पेड़ का ताज़ा रस अथवा सब्जी बनाने वाला केला इस रोग को नष्ट करने में रामबाण उपाय हैं. जिसे टीबी हो चुकी हो कष्टदायक खांसी हो, बलगम अधिक मात्रा में निकलता हो, रात को पसीना इतना अधिक आता हो की टीबी के रोगी के सब कपडे और बिस्तर भीग जाते हो तथा साथ ही बुखार बहुत तेज रहता हो, दस्त आते हो, दस्त आते हो, भूख न लगती हो, वजन भी बहुत गिर चूका हो तो उसको केले के मोटे तने का रस निकाल और छानकर एक दो कप ताज़ा रस प्रत्येक दो घंटे के बाद घूंट-घूंट करके पिलाये. तीन दिन तक रोगी को बराबर रस पिलाने से टीबी के रोगी को बहुत लाभ होता हैं. केले के पेड़ का रस 24 घंटे के बाद ताज़ा ही निकालना चाहिए.
  • टीबी में बाबा रामदेव की दवा – 8-10 ग्राम केले के पत्ते 200 मिलीमीटर पानी में डालकर पड़ा रहने दें. इस पानी को छानकर एक बड़ा चम्मच दिन में तीन बार पिलाते रहने से फेंफड़ों में जमी गाढ़ी बलगम पतली होकर निकल जाती है.
  • केले के पत्तों का रस मधु में मिलाकर रोगी को पिलाते रहने से भी फेंफड़ों के घाव भर जाते हैं, बलगम कम हो जाता हैं तथा फेंफड़ों से खून आना रुक जाता हैं.

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  • राजीव दीक्षित जी – रोजाना सुबह के समय खाली पेट आधा कप गौ मूत्र पिने से एक से डेढ़ महीने के अंदर यह बीमारी जड़ से ख़त्म हो जाती हैं. यह टीबी के घरेलु उपचार  में सबसे आसान और रामबाण दवा हैं इसका प्रयोग अवश्य करे. इसके अलावा यह प्रयोग भी करे – काली स्वस्थ गाय का मूत्र रोजाना 10 बार 2-3 ग्राम की मात्रा में 21 दिन तक पिने से रोग में बहुत आराम नजर आने लगेगा व 4-5 सप्ताह में ठीक हो जाएगी.
  • गाय का मक्खन, शहद और मिश्री सभी को 3-3 ग्राम की मात्रा में ले और सोने का वर्क 1 नग मिलाकर खाने से टीबी का रोग दूर होता हैं.
  • दूध में चुने का पानी मिलाकर पिने से टीबी की बीमारी दूर होती हैं.
  • बकरी का दूध 250 ग्राम, नारियल का बुरादा 10 ग्राम और लहसुन 6 ग्राम मिलाकर पका ले. एक बार में इतनी ही दवा सुबह शाम खाने से रोग ख़त्म होता हैं. टीबी में इस दवा का प्रयोग रोजाना करे.
  • सुबह शाम 100-100 ग्राम गाढ़ी का दूध पिने से यह Tb टीबी की बीमारी ख़त्म हो जाती हैं. प्रयोग महीने भारतक करे.
  • अगर मुंह से खून आता हो तो पत्थर के कोयले की सफ़ेद राख आधा ग्राम, मक्खन मलाई अथवा दूध के साथ खाने से मुंह से खून आना बंद हो जाता हैं.
  • रोगी को जिसे लगातार बुखार रहता हो उसे 11 पत्ती तुलसी की अपने स्वाद के मुताबिक नमक, जीरा, हींग 1 गिलास गर्म पानी में 25 ग्राम नीबू का रस मिलाकर 3 बार कुछ दिन तक पीना चाहिए, टीबी में आया बुखार ख़त्म हो जायेगा.
  • टीबी का इलाज में मुनक्का, पीपल, देसी शक्कर बराबर मात्रा में लेकर व पीसकर एक-एक चम्मच सुबह शाम खाने से श्वास खांसी का रोग दूर हो जाता हैं, जिससे बहुत लाभ मिलता हैं.
  • रोजाना 25 ग्राम कच्चा नारियल खाने से अथवा पीसकर पिने से टीबी TB के कीटाणु बैक्टीरिया मर जाते हैं जिससे फेंफड़ों को शक्ति मिलती हैं व Tb टीबी आसानी से दूर हो जाता हैं.
  • कच्चे प्याज पर नमक डालकर खाने से भी Tb टीबी के कीटाणुओं का नाश होता हैं. रोजाना भोजन में प्याज जरूर खाये.

टीबी की दवा जैसे आयुर्वेदिक

  • एक चम्मच शहद में दो चम्मच देसी घी मिलाकर सेवन करने से शरीर में टीबी TB होना रुक जाता हैं व फेंफड़ों को ताकत मिलती हैं.
  • 25 ग्राम शहद 100 ग्राम मक्खन में मिलाकर रोगी को खिलाने से टीबी में अत्यंत लाभ होता हैं, रोगी को शक्ति मिलती हैं.
  • जिसे TB का पूर्व रूप हो, उसके लिए मक्के के आटे की रोटी खाना टीबी में परमलाभकारी होती हैं.
  • जिनको टीबी का रोग हैं वे भारंगी के पंचांग का काढ़ा बनाकर सुबह के समय सेवन करे इससे अत्यंत लाभ होगा.
  • 3 अखरोट और लहसुन की कली पीसकर 1 चम्मच गाय के घी में भूनकर सेवन करने से टीबी के रोग में बहुत लाभ होता हैं.
  • 3 ग्राम घी और 6 ग्राम शहद में 4 ग्राम नागबाला का चूर्ण मिलाकर चाटने से रोग मिट जाता हैं.
  • 10 ग्राम गाय के मक्खन को 20 शहद में मिलाकर दिन में दो बार चाटने से रोग नष्ट हो जाता हैं.

यह सभी पोस्ट भी जरूर देखें

  • इस पोस्ट का अगला पेज जरूर पड़ें, उसमे बताया गया है की इस रोग में कैसा भोजन और क्या खाना पीना चाहिए उसे जरूर पड़ें : NEXT PAGE

यहाँ जो टीबी में रामदेव बाबा और राजीव दीक्षित जी के उपाय दिए है यह इस रोग में रामबाण लाभ करते है. इसलिए आप इन्हे नजरअंदाज न करे और इनका नियमित रूप से सेवन करते रहे to आपको जल्द ही लाभ दिखाई देने लग जायेगा.

यह Tb ka ilaj baba ramdev के घरेलु उपाय tuberculosis treatment in Hindi द्वारा बताया गया हैं, यह टीबी की दवा से कम नहीं हैं, इनसे रामबाण नुस्खे आपको कहीं और नहीं मिलेंगे. बताये गए उपाय को नियमित रूप से 1-2 महीने तक अवश्य करे.

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