bawasir ke karan, piles causes in hindi, bawasir ke karan aur upay, piles causes and treatment in hindi,

बवासीर होने के 10 कारण – Piles Causes in Hindi

loading...

बवासीर के कारण क्यों होता है – प्रकृति के खिलाफ जीवन जीना ही सभी बिमारियों के होने की वजह होती हैं. खासकर बवासीर, यह खास इसी वजह से होता हैं, इस रोग का हमारी पाचन क्रिया से ख़ास संबंध होता हैं. अगर किसी भी व्यक्ति की पाचन शक्ति बिगड़ती हैं तो उसे सबसे पहले कब्ज रोग होगा, और जब वह व्यक्ति कब्ज रोग का समय पर उपचार नहीं करवाएगा तो धीरे-धीरे उसे यह रोग हो जायेगा.

क्योंकि ख़राब पाचन क्रिया से कब्ज होता हैं और कब्ज से बवासीर हो जाता हैं. इसके साथ ही अन्य और भी कई कारण होते हैं जिनके वजह से पाइल्स रोग जन्म लेता हैं. यहां हम आपको इसी विषय में बताएंगे की आखिर हमारी कोन-सी दैनिक आदतों के वजह से बवासीर के मस्से होने लगते हैं. जानिये बवासीर होने की वजह यानी खुनी व बड़ी मस्से होने की वजह piles causes piles in Hindi.

  • यह पोस्ट पूरा निचे तक पड़ें, जल्दबाजी न करे.

bawasir ke karan, piles causes in hindi, bawasir ke karan aur upay

बवासीर के कारण और उपाय

Piles Causes in Hindi

शौच करते समय दबाव लगाना

  • बवासीर में सबसे पहला व आम कारण हैं, जब रोगी को कब्ज हो जाती हैं तो वह ठीक से पेट साफ़ नहीं कर पाता, यानी ठीक से मलत्याग नहीं कर पाता तो इस वजह से वह शौच के समय गुदाद्वार पर जोर लगाता हैं, इस अतिरिक्त दबाव को गुदाद्वार की मांसपेशियां सह नहीं पाती व आगे चलकर यही मस्से होने का कारण वजह बन जाती हैं तो बवासीर हो सकता है.

  • इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखे की मलत्याग करते समय गुदाद्वार पर जोर नहीं डालना हैं, उसे यह अपने हिसाब से ही करने दें. वह अटका हुआ मल अपने आप धीमी गति से बाहर निकल जाएगा. यह शिकायत कब्ज के रोगी को होती हैं. तो पेट ठीक से साफ़ हो इसके लिए कब्ज के उपाय जरूर पढियेगा हमने कब्ज रोग को घर पर ही ख़त्म करने के कई उपाय बताये हैं आप उन्हें जरूर पढियेगा >> कब्ज का रामबाण इलाज घरेलु नुस्खे व उपाय

बवासीर में शौच समय पर नहीं जाना 

  • मल-मूत्र आने पर उन्हें विसर्जित नहीं करना भी बवासीर का प्रमुख कारण हैं. करीबन 50% लोगों की ऐसी आदत हैं की जब उन्हें शौच आता हैं तो वह शौच उसी समय पर नहीं करते और छोटी सी आदत बवासीर व अन्य रोगो को जन्म देती है. इससे भद्दी आदत से सिर्फ बवासीर रोग ही नहीं बल्कि अन्य कई घातक रोग हो सकते हैं. यह आदत आपके शरीर को जहरीला बना देती हैं, आपकी सोच विचार करने की क्षमता को खराब कर देती हैं, आपकी बुद्धि को भी नुकसान पहुंचाती हैं.
  • आप ही सोचिये, जब शरीर किसी चीज को अपने अंदर से बाहर निकालना चाहता हैं तो फिर आप कौन होते हैं इसे रोकने वाले. जरा सोचिये शरीर इस चीज को बाहर क्यों निकालना चाहता हैं, इसका मतलब हुआ जरूर इस क्रिया में कोई बात होगी तभी शरीर इस चीज को बाहर निकालना चाहता हैं. और एक आप हैं जो इसे रोकने की कोशिश करते हैं. ऐसा करने से इससे विपरीत क्रिया होने लगती हैं, मल आने पर शौच न जाने से वह शरीर में ऊपर की तरफ जाने लगता हैं. जिससे नुकसान के आलावा और कुछ हाथ नहीं लगता. इससे कब्ज बनने लगती है, मल अंदर सड़ने लगा है फिर धीरे धीरे बवासीर जन्म लेता है. ऐसे में खुनी बवासीर या बाद बवासीर कोई सा भी हो सकता है.
  • इसलिए दिन हो या रात जब भी आपको मल मूत्र आये तो आप तुरंत ही इनको करने चले जाए और याद रखे सुबह के समय जब तक आप शौच न चले जाए, अच्छे से पेट साफ़ न करले तब तक भोजन भी न करे. स्वस्थ शरीर के लिए एक आदत बनाये की पहले पेट साफ़ करे उसके बाद ही भोजन ग्रहण करे. क्योंकि मल विसर्जन किए बगैर अगर आप भोजन करेंगे तो यह पुरे शरीर को विषाक्त बना देगा.

Causes : शौच आने पर उन्हें नहीं करना, ज्यादा देर तक मल को अंदर रोके रखना, बिना पेट साफ़ किये भोजन करना यह सभी आदते बवासीर रोग को जन्म देती हैं.

बवासीर में कब्ज रोग

  • बवासीर रोग के होने में कब्ज का भी बहुत बड़ा हाथ होता हैं. मुख्यतः पुरानी कब्ज ही बवासीर रोग को जन्म देती हैं. इसलिए बार-बार कब्ज को न होने दें, इसके लिए आप यह जानकारी जरूर पड़ें >> कब्ज का आसान घरेलु उपचार <<  यहां आप कब्ज को घर पर ही मिटाने के कई उपाय पढ़ेंगे जिनसे आपकी पुरानी से पुरानी कब्ज भी ख़त्म हो जायेगी.

Causes : बार बार कब्ज होना, लम्बे समय तक कब्ज का बने रहना भी मस्से होने का कारण बनता हैं.

एक ही स्थिति में ज्यादा देर तक बैठने से बवासीर

  • एक ही स्थिति में एक ही जगह पर ज्यादा देर तक बैठे रहने से भी गुदाद्वार पर दबाव पढता हैं, जिससे बवासीर रोग जन्म लेता हैं. यह समस्या उन लोगों को ज्यादा होती हैं जो की बताई गई अन्य बातों को नहीं मानते. कहने का मतलब हे बवासीर सिर्फ एक ही कारण से नहीं होता, बल्कि इसके पीछे छोटे-छोटे कई कारण होते हैं. जब यह सब ज्यादा मात्रा में इकट्ठे हो जाते हैं तो बवासीर रोग हो जाता हैं.

  • इसलिए ऑफिस हो, स्कूल हो आदि कुछ भी हो आपको एक ही स्थिति में ज्यादा देर तक नहीं बैठना चाहिए. अगर आपको बवसीर रोग है यानी अभी यह ज्यादा गंभीर नहीं हुआ हैं तो आपको एक ही स्थिति में बैठने से परहेज करना चाहिए. थोड़ी-थोड़ी देर में अपनी स्थिति बदलते रहे व अपनी जगह से उठकर थोड़ा टहल भी लिया करे. इसमें उठकर थोड़ी देर तक खड़ा रहना भी सहायक होता हैं.

Causes : एक ही जगह पर एक ही स्थिति में ज्यादा देर तक बैठने से बवासीर रोग होता हैं.

ज्यादा देर तक खड़े रहने से बवासीर

  • जिस तरह ज्यादा देर तक बैठना बवासीर की वजह बनता हैं ठीक वैसे ही ज्यादा समय तक खड़े रहना भी बवासीर को बुलावा देता हैं. क्योंकि जब हम ज्यादा समय तक खड़े रहते हैं तो हमारी गुदाद्वार की नसों व नीलियों पर दबाव पढता हैं जिससे मस्से होने के chances ज्यादा बढ़ जाते हैं. देर तक खड़े रहना और देर तक बैठना दोनों ही बवासीर को जन्म देते है.

बवासीर और मोटापा (Extra Weight Can Cause Piles)

  • शरीर का अतिरिक्त वजन होना भी बवासीर पाइल्स का कारण होता हैं, ऐसा कई डॉक्टर्स भी मानते हैं की जब किसी भी व्यक्ति के शरीर का वजन ज्यादा हो जाता हैं तो उसको बवासीर होने की सम्भावना बढ़ जाती हैं. साथ ही मोटापे और भी कई अन्य रोग को बुलावा भी देता हैं. इसलिए अगर आप मोटापे के शिकार हैं तो पहले अपना वजन घटाए.

फाइबर की कमी से बवासीर (Low Nutrition Diet)

  • फाइबर व अन्य पोषक तत्वों की कमी से बवासीर व कब्ज दोनों होते हैं. इसलिए अपने आहार में ऐसा भोजन जोड़ें जिनमे भरपूर पोषक तत्त्व हो, व आसानी से पच जाते हैं. बवासीर के रोगियों के लिए तो जरुरी हैं की वह जितना हो सके उतना फाइबर वाले आहार का सेवन करे.
  • क्योंकि फाइबर व पोषक तत्वों वाले आहार का सेवन नहीं करने से शौच करने में तकलीफ होती हैं, यह भोजन गाढ़ा हो जाता हैं फिर जब मलद्वार में यह भोजन पहुंचता हैं तो इसके गाढ़ा होने की वजह से यह आसानी से बाहर नहीं निकलता हैं. और जब आप फाइबर पदार्थ का सेवन करते हैं तो यह मल को बड़ी आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है, यह एक ग्रीस की तरह होता हैं जो की मल को कही रुकने नहीं देता व आगे की और गति देता रहता हैं.

गर्भावस्था के दौरान बवासीर

piles in pregnancy in hindi

  • पाइल्स बवासीर प्रेगनेंसी होने के वजह से भी हो सकता हैं, गर्भास्था में होने वाला बवासीर ज्यादा गंभीर नहीं होता. वह कुछ समय के लिए ही होता हैं, और कई बार तो यह होकर अपने आप चला भी जाता हैं. लेकिन अगर आपको (piles in pregnancy in hindi) के लक्षण नजर आ रहे हैं तो नजदीकी डॉक्टर से मिलकर इसका उपचार करवाए. गर्भवती महिला के लिए इसका समय पर उपचार बहुत जरुरी होता हैं.

शारीरिक श्रम नहीं करना

  • इस सदी में सभी लोगों का शारीरिक श्रम न्यून हो गया हैं, लोग सिर्फ भोजन करते हैं और अपने काम पर चले जाते हैं. इस वजह से भोजन ठीक से पच नहीं पाता, जिससे शरीर में चर्बी बढ़ने लगती हैं व मोटापे जैसे कई अन्य रोग होने की संभावना बढ़ जाती हैं.
  • इस समय में शहरी लोगों बिलकुल भी शारीरिक श्रम नहीं करते क्योंकि अब उनका काम सिर्फ बैठने का हो गया हैं. इसी वजह से शहरी लोगों को ज्यादातर कब्ज, एसिडिटी, अपचन, बवासीर आदि पाचन संबंधी रोग घेर लेते हैं. निरोगी शरीर पाने के लिए यह बहुत जरुरी हैं की आप रोजाना शारीरिक श्रम से पसीना बहाये, आप इसके लिए सुबह-शाम दोनों में से एक समय पर पैदल टहलने जा सकते हैं, GYM ज्वाइन कर सकते हैं आदि. कैसे भी कर के शरीर से पसीना बहाये तो खुनी बवासीर व बाड़ी बवासीर और हर तरह के रोगों से बचाव होगा.

जेनेटिक्स भी हो सकती हैं बवासीर की वजह

  • कई लोगों को genetically भी बवासीर रोग होता हैं. Genetics यह बड़ी आम समस्या हैं, यानी जो रोग आपके माता पिता को व उनके माता पिता को थे वही रोग आपको भी हो सकते हैं, और कई लोगों को होते भी हैं. यानी आपका शरीर आपके मात्रा पिता के शरीर का ही एक अंग हैं, तो जो विशेषता और खराबी उनके शरीर में रही होगी ठीक वही आपके शरीर में भी होगी. इसे कहते हैं जेनेटिक्स.

अगला पेज भी पड़ें :

  • इस पोस्ट के अगले पेज में बवासीर को ख़त्म नष्ट करने के उपाय दिए गए है बाबा रामदेव के द्वारा आप उन्हें भी एक बार जरूर पड़ें : NEXT PAGE

इस तरह आपने जान ही लिए बवासीर के कारण और उपाय reason & piles causes in Hindi पढ़कर आपको समझ आया होगा की यह रोग सिर्फ हमारी अनियमित जीवन शैली के वजह से ही जन्म लेता हैं, इसलिए बवासीर के होने की वजह जानकर आप इन सभी आदतों से बचे.

Advertisement
loading...

2 Comments

  1. Mohammad Mustufa
  2. Sanjyay Deepti

Leave a Reply

error: Please Don\'t Try To Copy & Paste. Just Click On Share Buttons To Share This.