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बवासीर के लक्षण व पहचान – 10 Piles Symptoms in Hindi

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Piles symptoms जानिये खुनी बादी (badi)दोनों तरह के बवासीर के लक्षण इन हिंदी में “पहचान” पूरी जानकारी, इसके प्रमुख लषन कौन-कौन से होते हैं, शुरूआती stages में क्या-क्या होता हैं आदि. यह रोग आज के समय में काफी तेजी से बढ़ता जा रहा हैं, जहां ये रोग वृद्ध व्यक्तियों को होता था वही अब के समय में यह कम उम्र के व्यक्तियों को भी होने लगा हैं, इसीलिए यह एक चिंताजनक विषय बनता जा रहा हैं. बवासीर की पहचान कैसे करे जानिये सब कुछ.

Quick Info : जैसा की हमने आपको पिछले कई लेखों में बताया हैं की सभी रोगों व बिमारियों के होने का एक ही कारण हैं और वह हैं अनियमित जीवनशैली. न हमारे भोजन करने का कोई निश्चित समय है और न ही शौच करने का. और जब व्यक्ति नियमित रूप से सही ढंग से अपना पेट साफ़ नहीं कर पाता तो बवासीर जैसे रोग से ग्रस्त हो जाता हैं. (बवासीर में क्या होता हैं व बवासीर होने पर क्या क्या होता हैं कैसे जाने की मुझे पाइल्स हुआ हैं)

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मस्से की पहचान पढ़िए खुनी बादी बवासीर के लक्षण इन हिंदी भाषा में (Badi)

इस आधुनिक युग में जैसे ही किसी व्यक्ति को किसी बीमारी के लक्षण महसूस होने लगते हैं तो वह तुरंत ही नेट पर search कर देता हैं, ऐसे ही कई व्यक्ति जिन्हे बवासीर रोग होने की शंका होती हैं वह भी नेट पर “बवासीर के लक्षण क्या होते हैं” यह सर्च करते हैं. लेकिन उन्हें यह जानकारी ठीक से नहीं मिल पाती, कई लोगों ने हमसे इस विषय में पूछा भी हैं की मुझे शौच करते समय यह होता वह होता हैं आदि. तो आज हम ऐसे सभी लोगों की संतुष्टि के लिए यह जानकारी प्रकाशित कर रहे हैं.

Quick Facts About Piles

  1. Piles ही hemorrhoids होते हैं, जिनमे जल्द ही सूजन आने लगती हैं
  2. (Khuni & Badi) बवासीर के मस्से के आकार भिन्न होते हैं, जरुरी नहीं की यह सभी रोगियों को एक ही सामान आकर में हो
  3. US America में हर साल आधे से ज्यादा लोग बवासीर रोग से पीड़ित होते हैं
  4. ज्यादातर लोगों का बवासीर (मस्से) अपने आप ही मिट जाते हैं
  5. इसमें आतंरिक बवासीर (खुनी) internal piles के 4 Grade होते हैं, यानी चार स्टेजेस
  6. ज्यादातर बवासीर कब्ज, क्रोनिक डायरिया, ज्यादा भारी वजन उठाना, गर्भावस्था, मल त्याग करते समय ज्यादा जोर देना आदि कारणों से होता हैं

चलिए अब बवासीर पाइल्स के लक्षणों के बारे में जानने की कोशिश करते हैं. (क्या होता हैं जब रोगी को शुरुआत में बवासीर रोग होता हैं उसे कौन-कौन से लक्षण होने दिखाई देने लगते हैं आदि).

Piles Symptoms in Hindi – बवासीर के मस्से होने के लक्षण क्या हैं?

आतंरिक बवासीर व बाहरी बवासीर की पिक्चर

  • मलत्याग शौच करते वक्त गुदाद्वार में खून निकलना, यह खून बूंदों में या एक धार के रूप में निकल सकता है.
  • गुदाद्वार के अंदर बवासीर के मस्से होने पर उनमे सूजन हो जाती हैं, या यूं कहें की गुदाद्वार की नसों में जब किसी कारण वश दबाव पढता हैं तो उनमे सूजन हो जाती हैं, जिसे हम मास्सा कहते हैं.
  • बवासीर होने पर कई बार रोगी को मलत्याग करने के बाद भी ऐसा महसूस होता हैं की उसका पेट अभी भी साफ़ नहीं हुआ, यह
  • बवासीर के मस्से होने का लक्षण प्रथम हैं, यह कब्ज आदि रोग में भी नजर आता हैं.
  • पाइल्स में कई बार रोगी को मलत्याग करते समय गुदाद्वार में से हल्का लाल खून आता हैं.
    (अगर किसी रोगी को मलत्याग करते समय उसके मल में खून दिखे तो उसे तुरंत ही डॉक्टर से चेकउप करवा लेना चाहिए)
  • बादी बवासीर के शुरूआती लक्षणों में रोगी को गुदाद्वार में हलकी सी खुजली होने लगती, यह खुजली गुदाद्वार के नजदीक होती हैं. (The badi bawaseer)
  • मलत्याग करते समय गुदाद्वार में दर्द सा महसूस होना
  • गुदाद्वार में से Mucus व श्लेष्मा भी निकलने लगता हैं

कैसे पहचाने की खुनी यानी आतंरिक बवासीर हैं ? लक्षण Internal Piles Symptoms

(Internal hemorrhoids) आतंरिक बवासीर में रोगी को दर्द का आभास नहीं होता क्योंकि गुदा के अंदर के अंगों में दर्द को महसूस करने वाली नेर्वेस नहीं होती हैं, इसलिए रोगी को खुनी बवासीर होने पर दर्द नहीं होता. इसका सिर्फ एक ही बड़ा लक्षण होता हैं और वह हैं गुदाद्वार में से खून का निकलना. मलत्याग करते समय या दिन में कभी भी आपको अपनी अंडरवियर में खून दिखाई दें तो समझ ले की आपको खुनी बवासीर हुआ हैं.

खुनी बवासीर एक तरह का आतंरिक बवासीर हैं जो की गुदा के अंदर होता हैं,  internal piles symptoms

  • खुनी बवासीर की चार स्टेजेस होती हैं जो की इस तरह होती हैं- bloody piles symptoms

Stage 1. प्रथम स्टेज में रोगी को गुदाद्वार के अंदर की नसों में छोटी-छोटी सी सूजन होती हैं (यह बहुत ही छोटे होते हैं). जब इनपर किसी तरह का दबाव पढता हैं तो इनमे से खून निकल आता हैं, यह दबाव मलत्याग करते समय जोर लगाना, लम्बे समय तक एक स्थिति में बैठना आदि से बनता हैं. अगर व्यक्ति इस स्टेज में अपनी जीवनशैली को बदल लें तो कुछ ही समय में आतंरिक बवासीर अपने आप ठीक हो जाता हैं.

Stage 2. दूसरी स्टेज में मस्से की सूजन व आकार बढ़ा हुआ होता हैं, मस्से प्रथम स्टेज से ज्यादा बड़े होते हैं. इस अवस्था में जब रोगी मलत्याग करता हैं तो उसके गुदाद्वार में से यह मस्से बाहर निकल आते हैं फिर अपने आप अंदर चले जाते हैं. (Second Stage की शुरुआत में यह मस्से गुदा के ज्यादा बाहर नहीं निकलते लेकिन धीरे-धीरे जब रोगी इनकी केयर नहीं करता तो यह गुदा के बाहर तक आने लगते हैं)

Stage 3. आतंरिक पाइल्स की तीसरी अवस्था में रोगी के मस्से सूजन से अधिक ग्रस्त हो जाते हैं, यानी मस्सों में कई ज्यादा सूजन बढ़ जाता हैं. इस अवस्था में रोगी जब मलत्याग करता हैं तो उसके गुदाद्वार में से मल, खून व मस्से तीनो साथ में बाहर निकल आते हैं. इस अवस्था में जो मस्से गुदाद्वार के बाहर निकल आते हैं वह अपने आप अंदर नहीं जाते उन्हें रोगी को अपने हाथो से पकड़ कर गुदाद्वार के अंदर करना पड़ता हैं.

Stage 4. यह आतंरिक बवासीर की आखरी स्टेज हैं, इसमें रोगी को अत्यधिक दर्द होता हैं. मलत्याग करने में परेशानी आती हैं, और जब रोगी मल को बाहर निकालने में जोर लगाता हैं तो बवासीर के मस्सों में से खून निकलने लगता हैं. यह मस्से बड़ी मुश्किल से अंदर जाते हैं, साथ ही बहुत दर्द भी करते हैं.

आप सोच रहे होंगे की हमने पहले तो कहा की खुनी बवासीर दर्द नहीं करता और अब आख्रिरी स्टेज में आकर कह रहे हैं की यह दर्द करता हैं. जी बात यह हैं की गुदा के अंदर के अंगों में दर्द का आभास करने वाली नेर्वेस नहीं होती लेकिन गुदा के बाहर के अंगो में दर्द को आभास करने वाली नेर्वेस होती हैं इसलिए जब खुनी बवासीर के मस्से गुदाद्वार के बाहर निकल आते हैं तो रोगी को दर्द होने लगता हैं.

कैसे पहचाने बादी बवासीर – Badi लक्षण external piles symptoms

इसे अंग्रेजी में external hemorrhoids कहते हैं, इसकी खुनी बवासीर की तरह कोई स्टेजेस नहीं होती. जिस तरह खुनी बवासीर गुदा के आतंरिक परत में होता हैं ठीक विपरीत यह बादी बवासीर गुदा के बाहर परत पर होता हैं यानी मलद्वार के नजदीक.

Badi bawaseer में गुदाद्वार की बाहरी परत पर छोटी सी गांठे हो जाती हैं. जब इन गांठों में खून जम जाता हैं तो रोगी को तेज दर्द और रक्तसिर होने लगता हैं (दर्द के साथ खून बहना). ऐसे में रोगी को अपने नजदीकी डॉक्टर से चेकउप करवा लेना चाहिए. (वैसे जब भी किसी भी व्यक्ति को गुदाद्वार में से खून निकलने लगे तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए क्योंकि यह खून का निकलना गुदा में कैंसर होने का लक्षण भी हो सकता हैं इसलिए तुरंत डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए).

जब बवासीर का रोगी गंभीर हालत में पहुंच जाता हैं सिर्फ तभी पाइल्स की सर्जरी या ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ती हैं, बाकी शुरूआती स्टेजेस में, जब बवासीर ने गंभीर रूप धारण न किया हो तो ऐसी स्थिति में रोगी को डॉक्टर सिर्फ दवा से ही ठीक कर देता हैं. इसके साथ ही ग्रेड 1 और ग्रेड 2-3 के मरीजों को डॉक्टर अस्पताल में ही ठीक कर देता हैं. वह मरीजों के मस्सों को विभिन्न थेरपी के जरिये दूर कर देता हैं. अधिक जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं व यहां दि गई बवासीर पर सभी जानकारियां पढ़ कर इसके बारे में अच्छे से जान सकते हैं.

आयुर्वेदिक नुस्खे व उपाय से कर सकते हैं

बवासीर पाइल्स के लक्षण को मिटाने के लिए व इस रोग को दूर करने के लिए आप आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खों को भी आजमा सकते हैं. हमने यहां पर ऐसे कई जबरदस्त नुस्खे व उपाय दिए हैं जो की आपको इस रोग को ख़त्म करने में बहुत ही मदद करेंगे. ध्यान दें : यहां दिए गए सभी लेखों को पुरे ध्यान से पड़ें व बवासीर के सभी लेखों को पड़ें क्योंकि हमने सभी लेखों में विभिन्न-विभिन्न जानकारिया प्रस्तुत की हैं इसलिए आपको यह निचे दिए गए सभी लेख जरूर पड़ना चाहिए.

डॉक्टर रबर बाद उपचार में इस तरह मस्सो पर इलाज करते हैं.

उपचार से बेहतर बचाव

किसी भी रोग से ग्रस्त होने से अच्छा हैं की आप पहले ही उससे बचने के उपाय आजमाने लगे. और खासकर बवासीर तो बढ़ा ही बुरा रोग हैं इसलिए अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा हैं या ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं जो की बवासीर रोग की ओर इशारा करते हो तो आपको सचेत हो जाना चाहिए व इससे बचने के लिए सभी उपाय कर लेने चाहिए. (बचाव इलाज से बेहतर होता हैं), इसलिए आप यह जानकारी जरूर पड़ें > बवासीर से बचने के उपाय तरीके << यहां हमने इस रोग को जड़ से मिटाने व भविष्य में कभी न हो इसे उपाय दिए हैं. यहां हमने उन आदतों के बारे में बात की हैं जिनसे बवासीर रोग उत्पन्न होता हैं, जब हम उन आदतों को सुधार लेते हैं तो रोग अपने आप ही प्राकृतिक रूप से ख़त्म हो जाता हैं. इस पढ़ना न भूलिए.

बवासीर में ऐसे करे होमियोपैथी का उपयोग

हमने ऐसे कई व्यक्ति देखें हैं जिन्होंने बवासीर की शुरूआती स्टेज में पहचान कर होम्योपैथिक दवाओं से इस रोग को मिटाया हैं. अगर आपके क्षेत्र में भी होम्योपैथिक स्टोर्स available हैं तो वहां जा कर होम्योपैथिक दवाई खरीद सकते हैं, अगर आप इनके बारे में अच्छे से नहीं जानते तो यह जानकारी पढियेगा हमने यहां पर पाइल्स में कौन कौन सर होम्योपैथिक दवाइयों का इस्तेमाल करना चाहिए उनके बारे में पूरी डिटेल में बताया हुआ हैं – जरूर पड़ें ->> बवासीर का होम्योपैथिक इलाज (Medicine)

तो दोस्तों हमने यहां आपको बवासीर के बारे में सभी तरह से पूरी जानकारी प्रदान की हैं, अब आपसे एक निवेदन हैं की आप इन्हें Facebook,Twitter, Google Plus, Whatsapp पर SHARE करे व जरूरतमंद लोगो तक यह जानकारी पहुंचाने में हमारी मदद करे. इसके साथ ही अगर आपने पाइल्स के बारे में हमारे द्वारा लिखी गई जानकारी नहीं पढ़ी हो तो ऊपर Category list में जाकर पाइल्स बवासीर को select कर वहां मौजूद सभी लेख पड़ें Badi and khooni.

बवासीर के लक्षण कौन कौन से होते हैं” के बारे में तो आपने जान ही लिया अब आप बवासीर की पहचान कर उसका जल्द ही उपचार करें. Piles symptoms in Hindi यहां हमने जो भी लगन बताये हैं वह बवासीर रोग में सामान्यतः देखे जाते हैं, अगर आपको पाइल्स के लक्षण के बारे में कोई शंका हैं तो निचे Comment Box में अपनी बात SHARE जरूर करे. इसके साथ ही कब्ज रोग को न होने दें क्योंकि यही बवासीर को उतपन करता हैं व एक जगह पर ज्यादा देर तक न बैठे इन 2 बातों पर ध्यान दें.

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4 Comments

  1. rajan
  2. Abhi
    • BABA

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