जरूर पड़ें – बवासीर में क्या खाना चाहिए व क्या नहीं और परहेज

बवासीर में क्या खाये और क्या नहीं इन हिंदी : सही खान पान व प्राकृतिक जीवनचर्या यह दोनों ऐसी चीजें हैं जिनसे भयानक से भयानक रोगों को मिटाया जा सकता हैं, इसीलिए सही भोजन व नियमित जीवनचर्या वाले व्यक्ति से रोग कोसों दूर रहते हैं.

यहां हम आपको इसी विषय में यानी आतंरिक व बाहरी बवासीर में भोजन कैसा करे इसके बारे में बताएंगे (internal and badi external hemorrhoids). साथ ही यह भी बताएंगे की बवासीर से जल्दी ठीक होने के लिए क्या-क्या करना चाहिए कौन-कौन से फल (fruits in piles) सब्जी (vegetables) आदि का सेवन करना चाहिए.

Quick Info : बवासीर एक सामान्य रोग हैं, जो की अब तेजी से बढ़ता जा रहा हैं. यह सामान्य रोग तो लेकिन जब यह धीरे-धीरे बढ़ जाता हैं तो असहनीय हो जाता हैं. गुदाद्वार में भयानक दर्द होने लगता हैं, उठने बैठने में परेशानियां आने लगती हैं, शौच ठीक से नहीं हो पता हैं जिससे स्वास्थ्य और बिगड़ने लगता हैं आदि. एक तरह से यह बहुत बुरा रोग हैं, कई लोग इस रोग के बारे में बात करने में भी हिचकिचाते हैं piles treatment diet in Hindi.

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  • लेकिन अगर आपको भी बवासीर हो गया हैं तो इसके बारे में बात करने से बिलकुल न शर्माए, व तुरंत इसका उपचार करना शुरू कर दें. बवासीर हुआ हैं या नहीं यह जानने के लिए आप > बवासीर के लक्षण व पहचान <की यह जानकारी जरूर पढियेगा, यहां हमने बवासीर में क्या-क्या होता हैं व इसके लक्षण कौन-कौन से होते हैं इस बारे में बताया हैं. आपको यह जानकारी पढ़कर साफ़ हो जायेगा की असल में आपको यह रोग हैं भी या नहीं.
  • पाइल्स बवासीर मुख्यतः दो तरह के होते हैं, एक आतंरिक व दूसरा बाहरी जिनमे एक खुनी बवासीर दूसरा बड़ी बवासीर भी होता हैं, इनकी अपनी स्टेजेस होती हैं. अगर आप इस बारे में और अधिक जानना चाहते हैं तो यह जानकारी जरूर पढ़ें – बवासीर के प्रकार कितने होते हैं.

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क्यों होता हैं बवासीर ?? 

  • जिस तरह हम बवासीर को भद्दा रोग समझते हैं, तो इसके पीछे इसकी उत्पत्ति के कारण भी ऐसे ही भद्दे हैं. ज्यादातर लोग करते क्या हैं, न तो समय पर भोजन करते हैं, न ही समय पर शौच जाते हैं, भोजन करने के बाद सो जाना, शारीरिक श्रम न करना, दिन भर एक जगह पर एक ही स्थिति में बैठे रहना और कई लोग तो पेट साफ़ न होने पर भी ऊपर से और भोजन कर लेते हैं. जो की बड़ा ही भयानक व नुकसानदायक होता हैं. चाहे यह सभी हरकते देखने व करने में आसान लगती हो लेकिन इनके शरीर पर बहुत बुरे प्रभाव पढ़ते हैं.
  • बवासीर होता ही इसी वजह से हैं, इसलिए आप समय भोजन करे, जब भी शौच आये तो उसे न रोके व उसी समय शौच करने चले जाए. बिना पेट साफ़ किये कभी भी भोजन न करे, बिना भूख के भोजन न करे, पर्याप्त पानी पिए, भोजन करने के बाद तुरंत न सोये, एक जगह पर एक ही स्थिति में ज्यादा देर तक न बैठे, शारीरिक श्रम करते रहे आदि इस बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप यह जरूर पड़ें >>> khooni badi  बवासीर से कैसे बचे (Piles Prevention)

अगर आपने हमारे द्वारा लिखे गए बवासीर पर अन्य लेख नहीं पढ़ें तो इस लेख को पढ़ने के बाद उन सभी को जरूर पड़ें, हमने उन सभी लेखों में अलग-अलग सभी विषयों पर भरपूर जानकारी दी हैं.

बवासीर में क्या खाना चाहिए क्या न खाये और परहेज

Piles Diet in Hindi

  • बवासीर में फाइबर ज्यादा खाना चाहिए, यानी उन सभी चीजों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए जिनमें फाइबर पदार्थ ज्यादा मात्रा में पाया जाता हो. क्योंकि फाइबर भोजन को पचाने में बहुत मदद करता हैं व इसके सेवन से मलत्याग बड़ी आसानी से हो जाता हैं. यानी फाइबर पेट में एक ग्रीस की तरह काम करता हैं जो की पाचन के सभी अंगों व भोजन को अच्छे से पच जाने में मदद करता हैं.
  • बवासीर के लिए सब्जियां जिनमे ज्यादा फाइबर होता हैं : Green Leafy Vegetables (Spinach) हरी पत्तेदार सब्जियां, (पालक) काले, गोभी, ब्रसेल्स), एस्परैगस, ब्रोकोली, टमाटर, गोभी, प्याज, कसूरी मेथी, खीरा, स्क्वाश, शलजम, गाजर, अजवायन, तुरई, ओकरा, धनिया, मशरूम,आटिचोक आदि.
  • बवासीर के लिए फल जिनमे ज्यादा फाइबर होता हैं – सेब, prunes, अंजीर, पपीता, नारियल, लीची, तरबूज, नारंगी, अमरूद, रहिला, ब्लू बैरीज़, संतरे, आम, चूना, केला, avocados आदि.
  • हल्का आहार का सेवन करे, भारी भोजन न करे, पेट भरकर कोई भी चीज न खाये. इसके साथ ही रोजाना भोजन के साथ मूली खाये, भोजन के बाद 1 गिलास छाछ पिए. आप बवासीर में जितनी ज्यादा छाछ पिएंगे उतना ही यह बवासीर के मस्सों को दूर करने में मदद करेगी. छाछ को मट्ठा भी कहते हैं.

अंजीर खाये

  • रोजाना रात को सोने से पहले एक बर्तन में पानी डालकर उसे अच्छे से उबाल लें यानी पानी को गर्म कर लें व इसके बाद उस पानी में 5 सूखे अंजीर डाल दें, रात भर इसे ऐसे ही छोड़ दें इस बर्तन को किसी चीज से ढंक दें. अब सुबह खाली पेट इन 5 अंजीर को खा लें व इस पानी को भी पि जाए जानने के लिए बवासीर में क्या खाये और आगे पड़ें.
  • अंजीर का सेवन आप लगातार 4-5 सप्ताह तक रोजाना करते रहिये, यह पेट साफ़ करेगा व मल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करेगा. जिससे आपको बवासीर के मस्सों की वजह से गुदाद्वार में दर्द कम होगा साथ ही कब्ज को भी ख़त्म करेगा.

आम के दाने (Mango Seeds)

आम की गुठली को धुप में सुखाने के बाद उसे चीरे फिर उसमे से आम का बीज निकलेगा.

  • आम के दाने internal piles आतंरिक बवासीर के रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं. आम के दाने सूखे होने चाहिए, अगर वह सूखे नहीं हैं तो धुप में रखकर उन्हें सूखा लें व सुख जाने के बाद इनका पाउडर बना लें. इसके बाद रोजाना सुबह व शाम को 2-3 ग्राम की मात्रा में इस पाउडर का सेवन करना हैं. आप चाहे तो इस पाउडर में थोड़ी सी शहद मिलाकर भी खा सकते हैं. (आतंरिक बवासीर में खाये).

सफ़ेद मूली (White Radish)

  • सफ़ेद मूली बवासीर में खाना चाहिए  : बवासीर के रोगी को भोजन के साथ यह जरूर खाना चाहिए, क्योंकि यह बहुत ही फायदा करती हैं. साथ ही सफ़ेद मूली के रस में एक चिमटी नमक मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए. इसके साथ ही अगर बवासीर के मस्सों में सूजन हैं तो सफ़ेद मूली के रस को दूध में मिलाकर इसका अच्छे से पेस्ट बना लें. व फिर इसे मस्सों पर लगाए, जल्द आराम होगा.

शलजम का रस (Turnip Juice)

  • शलजम में भी ऐसे कई गुण होते हैं जो की बवासीर में लाभ देते हैं. इसकी पत्तियों में खासकर ज्यादा गुण होते है, बवासीर के रोगी को करीबन 150ml जूस जो की शलजम के पत्तों से बनाया गया हो, इसके सेवन से बड़ा लाभ होता हैं. इसको और प्रभावी करने के लिए आप 50ml शलजम के पत्तों का रस, 50ml पालक का रस, 50ml गाजर का रस इन तीनो के रस को मिलाकर सेवन करने से और ज्यादा लाभ होता हैं. आप शलजम बवासीर में खाये अच्छा फायदा होगा.
  • प्याज खाये (Onion for bleeding piles) – खुनी बवासीर में प्याज खाये इसके सेवन से खुनी बवासीर में लाभ होगा.

जामुन खाये (Blueberries)

  • जामुन बवासीर के मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद आहार हैं, इसको खाने व पचाने में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती व यह खाने में भी बड़ा स्वादिष्ट होता हैं. आप इसे किसी भी फ्रूट्स शॉप से खरीद सकते हैं.

दलिया खाये

  • दलिया सिर्फ बवासीर ही नहीं बल्कि हर एक रोग में रामबाण होता हैं, यह एक सादा सात्विक आहार हैं जो की पचने में ज्यादा समय भी नहीं लेता व मलत्याग के समय आसानी से निकल भी जाता हैं. इसमें वह सभी पदार्थ होते हैं जिनकी एक रोगी को जरूरत होती हैं. अगर आप इन फलो को खरीद नहीं सकते तो दलिया का सेवन जरूर करियेगा यह सस्ता और टिकाव भोजन हैं बवासीर के लिए. दलीय का सेवन खूब करे बवासीर में खाना चाहिए दलिये को.
  • पालक और पालक का रस – पालक कई तरह से मरीज को लाभ देती हैं, यह पचाने में भी बहुत आसान होती हैं, आंतों को स्वस्थ करती हैं, शरीर में खून को बढ़ाती हैं जिससे रोगी को कमजोरी भी नहीं आती व मलत्याग करते समय मल आसानी से निकल जाता हैं.

भिंडी (okra Vegetables for piles)

  • भिंडी बवासीर में बहुत ही लाभकारी हैं, क्योंकि बवासीर में मलत्याग करने में बड़ी परेशानी आती है, और अगर आप भिंडी खाएंगे तो यह मल को बड़ी आसानी से गुदा के बाहर निकालने में मदद करेगी. पेट को पूरी तरह साफ़ करेगी, जिससे पाचन अच्छा होगा शौच करते समय दर्द भी नहीं होगा. सबसे अच्छी बात तो यह हैं की भिंडी आपको सब्जी मार्किट में बड़ी ही आसानी से मिल जाएगी, इसलिए इसका सेवन जरूर करे यह कब्ज के रोग में भी लाभकारी होती हैं इसलिए बवासीर में भिंडी जरूर खाये).

चुकुन्दर बवासीर में खाये (Beet)

  • चुकुन्दर में बड़ी मात्रा में फाइबर पदार्थ पाया जाता हैं जो की बवासीर के रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता हैं. चुकुन्दर को आप किसी भी तरह से खा सकते हैं, आप चाहे तो चुकुन्दर का रस बना सकते हैं, चुकुन्दर को कच्चा खा सकते हैं, चुकुन्दर की सब्जी खा सकते हैं आदि इसका किसी भी रूप में सेवन किया जा सकता हैं. यह बवासीर में हर तरह से लाभकारी हैं. बवासीर में इसे जरूर खाना चाहिए.

पपीता (papaya diet for piles)

  • अगर आप किसी भी सामान्य व्यक्ति से पूछेंगे की किसी भी बीमारी या बवासीर में क्या खाना चाहिए तो वह कहेगा पपीता खाये. पपीता एक ऐसा फल हैं जिसको सभी तरह के रोग बीमारी में खाया जा सकता हैं, और यह हर तरह से रोगी को लाभ पहुंचता हैं. इसमें ऐसे कई गुण हैं जो की मरीज के लिए जरुरी होते हैं. यह कब्ज में भी लाभ देता हैं, पेट साफ़ करता हैं, पाचन को दुरुस्त करता हैं आदि, इसलिए का जरूर सेवन करे. फिर चाहे आप बीमार हो या न हो.

Prunes – इसमें भी सबसे ज्यादा फाइबर पाया जाता हैं, इसीलिए इसको भी खाना चाहिए. इसके साथ ही यह मल को तरल बनाता हैं जिससे रोगी को शौच करने में कोई अड़चन नहीं आती.

जौ खाये (Barley)

  • जो भी बवासीर में खाये, क्योंकि इसमें भी ऐसे गुण व पदार्थ होते हैं जो की मल को नरम बनाते हैं, पाचन को अच्छा करते हैं व रोगी को शक्ति देते हैं. इसलिए व्यक्ति चाहे बीमारी हालत में हो या न हो उसे नियमित रूप से जौ का सेवन जरूर करना चाहिए. इसका उपयोग आप बवासीर के लिए भोजन के रूप में भी कर सकते हैं.

अब बात करते हैं बवासीर में परहेज क्या करना चाहिए बवासीर रोग में क्या नहीं खाना चाहिए तो चलिए अब इस विषय में भी जानकारी प्राप्त करली जाए.

बवासीर परहेज क्या नहीं खाना चाहिए

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  • बवासीर में परहेज करे : – रोगी को तरल चीजों का सेवन ज्यादा करना चाहिए व ऐसी चीजे जो की ठोस हो, यानी गाढ़ा भोजन नहीं खाना चाहिए. गाढ़ा गट्ठा, भारी भोजन करने से यह पेट में जाकर आसानी पचेगा नहीं और शौच करते वक्त परेशानियां भी देगा इसलिए गाढ़ा भोजन का बवासीर में परहेज करे. हाँ आप तरल भोजन बिना किसी शंका के खा सकते हैं.

मांस मदिरा

  • मांस मदिरा भी गाढ़ा व भारी भोजन हैं, यह बहुत देर से पचता हैं. और बीमारी की हालत में तो मांस बिलकुल नहीं खाना चाहिए क्योंकि जब व्यक्ति बीमार हो जाता हैं तो उसका पाचन बिगड़ जाता हैं अर्थात वह ज्यादा भोजन व भारी भोजन को पचाने में असमर्थ हो जाता हैं. जिसकी वजह से उसे मलत्याग करते समय भी परेशानियां उठानी पड़ती हैं. मांस मदिरा बवासीर में नहीं खाना चाहिए और गाढ़ा ठोस आहार भी न खाये.

लाल मिर्च मसाले, तीखा भोजन का पाइल्स में परहेज करे

  • बवासीर में लाल मिर्च का परहेज करना चाहिए, क्योंकि यह बहुत तीखी होती हैं और रोगी के पेट में जाकर जलन उत्पन्न करती हैं. साथ ही जब मल गुदाद्वार में पहुंचता हैं तो वहां मौजूद बवासीर के मस्से इस मिर्च की वजह से दर्द करने लगते हैं यानी उनमे जलन होना शुरू हो जाती हैं. इसलिए तीखा मसाला, गरम मसाला आदि का bawaseer में परेहज करना ही चाहिए Foods to avoid in piles both internal and external.

अल्कोहल नशीली चीजों का सेवन भी बवासीर में नहीं करना चाहिए,

एक जगह बैठना

  • बवासीर के रोगियों को ज्यादा देर तक एक ही जगह पर एक ही स्थिति में बैठने का परेहज करना चाहिए. क्योंकि एक ही स्थिति में बैठने से बवासीर के मस्से और भी दर्द करते हैं व ऐसा करने से उनकी ग्रोथ और बढ़ती हैं.

Hint:

  • तेज भारी भोजन , गर्म भोजन, गरिष्ठ गाढ़ा भोजन, मिर्च मसालेदार भोजन खाना नहीं खाये
  • देर रात का भोजन, उड़द की दाल, अंडो का सेवन, खटाई का सेवन से भी बचे
  • बेंगन की सब्जी, आलू की सब्जी, गूढ़ का सेवन, बंद डिब्बों में रखा भोजन, बाजार का भोजन आदि का सेवन बिलकुल भी न करे इन
  • सभी चीजों को नहीं खाना चाहिए

पानी ज्यादा पिए (Drink Lots Of Water)

  • चाहे कोई रोग हो या न हो पानी हमेशा भरपूर मात्रा में पीना चाहिए, खासकर जब बवासीर रोग हो तो फिर पानी का सेवन ज्यादा ही मात्रा में करना चाहिए. भोजन करने के बाद ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए, व भोजन कर लेने के 45 मिनट बाद पेट भरकर पानी पीना चाहिए. साथ ही भोजन करते वक्त हल्का हल्का पानी पिटे रहे. (सिर्फ बवासीर के रोगी को ही भोजा करते वक्त बिच बिच में पानी पीना चाहिए बाकी और किसी भी व्यक्ति को भोजन करते वक्त बार बार पानी नहीं पीना चाहिए).

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  • आपने आहार के बारे में तो जान लिया अब आप आयुर्वेदिक नुस्खों व उपायों के बारे में भी जाने जो हमने इस पोस्ट के दूसरे पेज में बताये है. उनकी मदद से आप घर पर ही बवासीर को ख़त्म कर सकते है जरूर पड़ेंNEXT PAGE

तो मित्रों यह रही जानकारी बवासीर में क्या खाना चाहिए व क्या न खाये piles diet in Hindi इसके साथ ही हमने बवासीर पर और भी जानकारियां दी हैं आप उन्हें भी जरूर पड़ें. बवासीर में परहेज आदि अगर आप इन बातों पर विशेष ध्यान देंगे तो कुछ ही सप्ताह में  बिना किसी ट्रीटमेंट के आपको ढेर सारा लाभ देखने को मिलेगा. नोट: शारीरिक व्यायाम भी करते रहिये, सुबह खुली हवा में टहलने जाए, इससे भी बहुत लाभ होगा.

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