बवासीर (Piles) के रोगियों के लिए जानकारी

Piles बवासीर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

Redotrex Mf 500Mg/250Mg Tablet

अगर आप बवासीर की टेबलेट के बारे में खोज कर रहे है और अगर आप यह जानना चाहते है की बवासीर के लिए यह टेबलेट कैसा असर करती है तो हम आपको बता दें यह काफी असरकारी टेबलेट है जो की बवासीर में बहुत लाभ करती है. यह टेबलेट खासकर खुनी बवासीर के रोगियों के लिए होती है, यह बवासीर में हो रही लगातार ब्लीडिंग को रोकने का काम करती है. अगर आपको भी खुनी बवासीर है तो इस टेबलेट का उपयोग आपको जरूर करना चाहिए. इस टेबलेट को किस तरह से ले यह जानकारी आप चिकित्सक से ले, चिकित्सक को पहने अपने रोग के बारे में पूरा बताये फिर वह आपको आपके रोग की स्थिति को देखते हुए खुराक बताएगा जिससे आपको जल्द लाभ होगा.

Tablet For Bleeding Piles

  • Corticosteroid cream
  • Laxatives
  • Painkillers

आदि मेडिकल्स पर और भी कई क्रीम्स मिलती है जो की ब्लीडिंग को तुरंत रोकने में मदद करती है, हमने यह कुछ नाम आपको बताये है. इसके अलावा पेनकिलर्स का सेवन भी आप कर सकते है जैसे पेरासिटामोल दवा आदि इनके उपयोग से तुरंत दर्द में लाभ होगा. इसके अलावा हमने पिछले पोस्ट्स में आयुर्वेदिक उपाय भी बताये है उन्हें भी पड़ें और करे.

बवासीर में तुरंत आराम देने वाली painkiller

  • Tab. pilex 1-0-1(सुबह और शाम भोजन करने के बाद)
  • Anuloma d s 0-0-1 रात में भोजन करने के बाद
  • Acetaminophen बवासीर के दर्द की दवा में इसका सेवन भी कर सकते है.
    इसके अलावा हल्का भोजन करे, तरल चीजे ज्यादा खाये, खूब पानी पिए.

Mycocin Forte Capsule

इस कैप्सूल को आप बवासीर के रोगी को दे सकते है, यह खून को बहने से रोकता है और दर्द में भी आराम दिलाता है. इसके अलावा यह और भी कई तरह से रोगी को आराम पहुंचता है.

Zinc Oxide injection

ऐसे जिंक ऑक्साइड इंजेक्शन का आप बिना किसी चिकित्सक के उपयोग न करे नहीं तो आपकी बीमारी बढ़ भी सकती है. इसलिए बिना किसी चिकित्स्क के ऐसा कदम न उठाये जो की आपको हानि पहुंचा दें.

बवासीर में नीबू पानी

बवासीर के रोगी को नीबू पानी लाभ करता है, अगर सही समय पर दिया जाए तो. इसके सेवन से पाचन अच्छा होता है और पेट भी खुलकर साफ़ होता है. यह एसिडिटी, कब्ज आदि से राहत दिलाता है. इसको लेने का सही समय है सुबह खाली पेट, भोजन करने के बाद, सुबह व शाम. आप दिन में चाहे जितने बार ले सकते है.

अनानास बवासीर में लाभप्रद

अनानास (pineapple) में ब्रोमेलैन नमक तत्व पाया जाता है जो की बवासीर के दर्द में लाभ करता है. इसके साथ ही अनानास bowel movement को भी ठीक से करने में मदद करता है. इसके सेवन से रोगी को कमजोरी नहीं आती और उसका पेट भी ठीक से साफ़ हो जाता है. वैसे भी बवासीर में सिर्फ ऐसे ही आहार लेने चाहिए जो की पचने में आसान हो और शौच करते समय आसानी से बाहर निकल जाए इसलिए सलाह दी जाती है की आप गाढ़ा भोजन न करे और तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करे.

पीपल के पत्ते का उपयोग बवासीर के इलाज में

पीपल के पेड़ों को पेड़ों का राजा कहाँ जाता है, इसमें कई गुण होते है. बवासीर के लिए भी यह बहुत लाभप्रद होता है, इसका प्रयोग आप इस तरह करे – पीपल के चूर्ण को छाछ में डालकर रोजाना पिए, हारसिंगार के 4 फूल, एक डेढ़ ग्राम काली मिर्च, एक डेड ग्राम पीपल का चूर्ण (पीपल के पत्ते सूखे हुए) इन सभी को आपस में पीसकर बारीक कर ले और फिर आखिर में 60 ग्राम जलेबी बनाने वाली चासनी में मिला दें. अब रोजाना रात को सोने से पहले 5-7 दिनों तक इसका सेवन करे तो आपको बहुत बहुत लाभ होगा.

चोरी हरड़ ले, पीपल के पेड़ और सहजन की छाल ले. अब इन तीनो को बारीक पीसकर चूर्ण बना लें फिर जितना यह चूर्ण रहे उतनी ही इसमें मिश्री मिला दें. अब आप इसे खा सकते है. इसका उपयोग करे तो आपको लाभ होगा.

बवासीर में मछली और अंडे (Fish & Eggs)

मछली या चिकन यह गाढ़ा ठोस भोजन होता है, यह सिर्फ स्वस्थ व्यक्ति जिसकी पाचन प्रणाली एक दम ठीक हो उसी को करना चाहिए, क्योंकि जब हमारी पाचन शक्ति इसे ठीक से पचा नहीं पाती तो फिर यही भोजन कब्ज बनता है जिससे बहुत नुकसान होता है खासकर बवासीर के रोगियों को तो मछली व मांसाहारी भोजन करना ही नहीं चाहिए. इसलिए हमारी सलाह है की “बवासीर में मछली नहीं खाना चाहिए”.

बवासीर में अंडे भी नहीं खाने चाहिए, हाँ आप थोड़े अंडो का सेवन कर सकते है लेकिन ज्यादा न खाये. बस इस बात का ध्यान रखे की आपको जरा से अंडे खाने पर भी अगर आपको कब्ज बनती है तो फिर अंडे बिलकुल बंद कर दें और सामान्य आहार ही लें.

Pregnancy : Delivery in Piles

बवासीर में गर्भवती महिला बच्चा दे सकती है, इसमें कोई विशेष समस्या नहीं होती. समस्या सिर्फ तब होती है जब की गर्भवती महिला का बवासीर बहुत पुराना हो और उसकी हालत नाजुक हो तब यह समस्या करता है बाकी सामान्य बवासीर में कोई समस्या नहीं आती. डॉक्टर आदि के पास इसके लिए पर्याप्त समझ होती है वह इसका समाधान कर देते है.

डेंगू और पाइल्स

कई लोगों में डेंगू और पाइल्स साथ साथ देखने को मिलता है, यह बहुत कम लोगों में ही देखा गया है. लेकिन इसका भी समाधान है, दोनों अलग अलग बीमारी है. डॉक्टर दोनों से छुटकारा दिला सकते है. डेंगू में प्लेटलेट्स घटती है तो वह उसके लिए आपको आहार देंगे और प्लेटलेट्स बढ़ने लगेंगी वही बवासीर के लिए भी वह ऐसे ही उपाय व दवा देंगे जिनसे आपको लाभ होगा. (डेंगू और पाइल्स साथ में होना कोई समस्या की बात नहीं है)

क्या बवासीर का रोगी घी खा सकता है

बवासीर में ऐसा आहार लेना चाहिए जिसमे फाइबर ज्यादा मात्रा में हो ताकि भोजन अच्छे से पच सके और वह भोजन पेट से बाहर आसानी से निकल सके. जिन आहार में कम फाइबर होता है वह आंतो में ही रह जाते है और मल के रूप में बाहर नहीं निकल पाते और बड़ी तकलीफ देते है. ऐसे में कब्ज हो जाती है फिर कब्ज बवासीर में और समस्या देती है. इसीलिए आप बवासीर में फाइबर से भरपूर आहार ही लें. बवासीर में घी खा सकते है, इसका सेवन लाभ भी करेगा. लेकिन याद रखे घी खाने पर आपको थोड़ा शारीरिक व्यायाम भी करना होगा, ताकि शरीर इसे अच्छे से पचा सके.

बवासीर में कॉफ़ी और चाय पि सकते है, लेकिन ज्यादा नहीं, क्योंकि यह ज्यादा स्वास्थ्य लाभ नहीं करती. इसके बदले आप फलों का रस खूब पिए तो बहुत लाभ होगा.
पाइल्स में आम भी खाये, आम का रस पिए तो आपको बहुत लाभ होगा.

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