bhagandar ka ilaj, bhagandar treatment in hindi, bhagandar ka gharelu upchar

भगन्दर का इलाज घरेलु उपचार – Bhagandar Treatment in Hindi

जाने भगन्दर का इलाज के घरेलु उपचार – यह बहुत ही दुखदायी रोग है, जिस भी व्यक्ति को यह रोग होता है उसका दिन पूरा पीड़ा में गुजरता हैं, वह इसके वजह से ठीक से बैठ भी नहीं पाता, ठीक से सो भी नहीं पाता आदि उसे बड़े कष्ट झेलने पड़ते हैं. कई लोगों इसके उपचार के लिए फिस्टुला भगन्दर की दवा लेते है लेकिन उनको इससे ज्यादा लाभ नहीं होता और फिर से तकलीफ पैदा हो जाती है. इसलिए हम आपको आयुर्वेद के आसान भगन्दर के उपाय व अचूक नुस्खे बताने जा रहे है जिनके प्रयोग से आप घर पर ही इस काशप्रद रोग का इलाज कर सकेंगे remedies for fistula bhagandar treatment in Hindi.

गुदा के बगल में, दो अंगुल की दुरी पर एक कुंजी होती है. जब वह फट जाती है तो उसे भगन्दर का नाम दे दिया जाता हैं. अपथ्य सेवन से जब भगन्दर बिगड़ जाता है तब उस जगह पर सुराख़ हो जाता हैं और जब वह पककर फेल जाता है तब उसमे से लाल रंग के झाग तथा मवाद आदि रिसने लगते हैं व बवासीर होने पर बवासीर का इलाज समय पर न करवाने पर वह भगन्दर में परिवर्तित हो जाता है तो बवासीर भी इसके होने का कारण बनता हैं इसके साथ ही लम्बे समय से कब्ज बने रहने से भी यह फिस्टुला भगन्दर होता है.

इस तरह भगन्दर का घाव अधिक बढ़ जाने पर उसमे से मल मूत्र आदि भी निकलने लगते हैं. गुदा प्रदेश में किसी तरह का फोड़ा होकर पक जाने पर वह भी क्रमशः भगन्दर का रूप धारण कर लेता हैं तब इस रोग के हो जाने पर कमर तथा हड्डियों में सुई चुभने जैसी पीड़ा, खुजली, जलन, दर्द आदि शुरू हो जाते हैं, इन सब से बचने के लिए करिये यह भगन्दर का घरेलू उपचार.

भगन्दर के लक्षण

गुदा के दो तीन अंगुल की दुरी पर सुई जैसी चुभन, दर्द, खुजली जलन आदि होना. लाल रंग के झाग का रिसाव होना, तेज दर्द होना आदि लक्षण भगन्दर होने पर दिखाई देते हैं.

भगन्दर कई तरह का होता हैं, इसके घरेलु इलाज के बारे में जानने से पहले हम उसके प्रकार के बारे में समझ लेते है इससे यह भी साफ हो जायेगा की आपको कोन-सा भगन्दर है. इस तरह साफ़ होने पर उसका इलाज भगन्दर ट्रीटमेंट और आसान हो जायेगा. यह उपाय बाबा रामदेव राजीव दीक्षित जी अन्य आयुर्वेद चिकित्स्कों द्वारा बताये गए हैं.

bhagandar in hindi

 

असरदार भगन्दर का इलाज घरेलु उपचार के लिए आसान उपाय

bhagandar ka ilaj, bhagandar treatment in hindi, bhagandar ka gharelu upchar

Bhagandar Treatment in Hindi Ayurvedic Remedies

 

  • अडूसे की पत्तियों की टिकिया बनाकर तथा उस पर सेंधा नमक बुरककर रोजाना बांधने से भगन्दर का रोग ठीक हो जाता हैं.
  • इस घरेलु उपाय से कई लोगों को आराम हुआ है >> आक (सफ़ेद आंकड़ा) का दूध, दारू हल्दी और थूहर का दूध इन तीनो को पीसकर बत्ती बना लें और भगन्दर के व्रण के भीतर रख दें. यह देसी भगन्दर का घरेलु इलाज है, इस तरह शूल, सूजन, भगन्दर में से पीव आना बंद हो जाती हैं. (अगर आपको थूहर न मिले तो सिर्फ आंक का दूध व दारुहल्दी का प्रयोग भी कर सकते है)
  • कछुए की खोपड़ी की भस्म या केकड़े की हड्डियों की भस्म दो से चार रत्ती यानि 250 से 500 मिलीग्राम की मात्रा में मक्खन से सुबह व शाम खाने से भगन्दर का नासूर आदि दूषित घाव धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है.
  • व्यायाम, मैथुन, शारीरिक श्रम, साइकिल, मोटरसिक्ले या ऐसी सवारी जिसमे दू और पैर फैलाकर बैठना पड़ता हो न करे. बसी भोजन, गरिष्ट भोजन, मिर्च मसाला, कहते, उड़द की दाल, दूध, घुइया आदि भगन्दर में नहीं खाना चाहिए.
  • त्रिफला के रस में बिलाव की हड्डी घिसकर भगन्दर लेप करते रहने से कुछ ही दिनों में भगन्दर का रोग ठीक हो जाता हैं.
  • त्रिफला और खैरसार बराबर की मात्रा में लेकर काढ़ा बनाये. इस आधा कप काढ़े में आधा चम्मच बायविडिंग चूर्ण और दो चम्मच भैंस का घी मिलाकर सुबह शाम इसी मात्रा में कुछ दिनों तक सेवन करने से अत्यंत लाभ होता हैं, यह भगन्दर का घरेलु उपचार करता है.
  • त्रिफला के काढ़े में आधा-आधा चम्मच छोटी पीपल और सोंठ का चूर्ण मिलाकर पिने से भी अत्यंत लाभ होता हैं.
  • त्रिफला, बायविडिंग और मेंसिया गुग्गुल सभी 10-10 ग्राम लेकर 200 ग्राम पानी में पकाकर रोजाना खाना खाने के बाद सेवन करने से भी भगन्दर फिस्टुला ट्रीटमेंट होता हैं.
  • ज्वारे का रस, Wheat Grass Juice यानी गेहूं का रस रोजाना खाली पेट पिने से भी भगन्दर से रहत मिलती हैं, अगर आप घर पर गेहूं की घांस का रस नहीं बना सकते हैं तो पतंजलि स्टोर से बना बनाया वीट ग्रास जूस प्राप्त कर सकते हैं. इसके सेवन से बहुत लाभ होता हैं.
  • नीम की पत्तियों की पुल्टिश भगन्दर पर बांधने से भी बहुत लाभ होता हैं. नीम की कॉमप्ले दस और कालीमिर्च का चूर्ण आधा चम्मच, एक चम्मच शहद के साथ खाने से भी लाभ होता हैं.
  • अगर आपको बवासीर रोग है तो यह लेख जरूर पड़ें और भगन्दर के साथ साथ बवासीर को भी खत्म करे –बवासीर की दवा से करे अचूक इलाज (खुनी बादी).

  • बिच्छू को मारकर उसके डंक को निकाल दें व फिर बिच्छू को गाय के दो किलो घी में जलाकर उसको छानकर, उस तेल में रुई की बत्ती भिगोकर भगन्दर के घाव में रख दें. इससे रामबाण लाभ होता हैं. भगन्दर के इलाज में यह अचूक लाभ करता हैं.
  • सांप की केंचुली को जलाकर राख बनाये और उसमे तम्बाकी का गुल और सरसों का तेल खूब अच्छी तरह मिलाकर भगन्दर के घाव पर लगाए तो कुछ ही दिनों में आराम मिल जाता हैं.
  • Bhagandar treatment – अरनी की छाल को पानी में उबालकर काढ़ा बनाये. इस काढ़े में थोड़ा सा शहद मिलाकर सुबह शाम पिने से भगन्दर में बहुत फायदा होता हैं.
  • भगन्दर को धीरे-धीरे दबाकर भीतर की पीव मवाद निकालना जरुरी होता है. ऐसा करने के बाद ही जख्म को नष्ट करने वाले मलहम लगाने से लाभ होता हैं.
  • सफ़ेद कत्था, हरा मांजू, भुनी हुई फिटकरी और कपूर (शुद्ध किया हुआ) इन सभी को बराबर मात्रा में लेकर, कूट पीसकर रखें. इस चुरम को भगन्दर के घाव पर लगाने से या किसी तेल के साथ पीसकर लगाने से जख्म जल्दी-जल्दी ठीक होता है. भगन्दर के घरेलु उपाय में यह भी अत्यंत लाभकारी है.
  • यह भी पड़ें – गैस का इलाज – पेट में गैस का घरेलु उपचार

भगन्दर का उपचार के लिए अचूक नुस्खे

  • यह प्रयोग 22 दिनों तक लगातार करे – चोपचीनी और मिश्री दोनों को एक सामान मात्रा में लेकर पीस लें और इनमे देसी घी मिला दें. अब इसके मिश्रण से 21-21 ग्राम के लड्डू बना लें और रोजाना सुबह शाम सेवन करे. इस भगन्दर की दवा के सेवन में परहेज भी करना है. नमक, खटाई और तेल, मसालेदार भोजन का परहेज करे, फीकी रोटी खाये और दलिया भी खाये. इस प्रयोग को तीन सप्ताह यानि 20 से 24 दिनों तक करे फिस्टुला ट्रीटमेंट हो जायेगा. इसके अलावा कब्ज न बने व पेट पूरा साफ़ हो जाये इसके लिए 1 चम्मच त्रिफला का चूर्ण हल्के गर्म पानी से सुबह खली पेट अवस्थ में लेवे.
  • हल्दी, देवदार, पुनर्नवा, भारंगी, सोंठ, गिलोय, हरड़, चित्रक मूल, और दारुहल्दी इन सभी को बराबर मात्रा में लेकर काढ़ा बनाये और पिए इससे भगन्दर का घाव भर जाता है व उसकी सूजन भी मिट जाती हैं.
  • भगन्दर का आयुर्वेदिक इलाज – घी और तेल दोनों 6-6 ग्राम लें और नीम की पत्तियां इन सभी को लेकर कूट-पीस ले. अब इसमें 21 ग्राम जौ का आटा मिलाया और लेप बनाये. अब इसे सूती कपडे या रुई को इस लेप में भिगोकर भगन्दर के घाव पर बांध दें. इसके अलावा केवल नीम की पत्तियों को पीसकर उसकी लेप को घाव पर बांधने से भी लाभ होता हैं.

भगन्दर के घरेलु उपाय से करे इलाज

bhagandar ka gharelu upay, bhagandar ka ilaj in hindi, bhagandar ka upchar

  • सेंधा नमक की और शहद दोनों को मिला ले और इसमें एक रुई को भिगोकर भगन्दर के घाव में रख दें.
  • केले को बिच में से काट ले और उसमे चने के दाने जितनी कपूर रख दें, अब वापस केले को वैसे ही सीधा कर के खा ले. इस तरह रोजाना के सेवन से बवासीर और भगन्दर दोनों में रामबाण लाभ होता हैं.
  • भगन्दर को हाइड्रोजन पेरोक्साइड या डिटोल से अच्छे से साफ़ कर ले और फिर उसमे नीम की निबोली रखे तो इससे भी लाभ होता है.
  • रोजाना सुबह और शाम को एक चम्मच भुनी हुई फिटकरी स्वच्छ पानी के साथ पिए.
  • कच्ची फिटकरी को पइसे व इसके लेकप को एक रुई में लगाकर भगन्दर के घाव में रख दें
  • करंज की जड़ को घिसकर घाव पर दिन में 2-3 बार लगाए
  • इसके अलावा करंज के पत्तों को घाव पर दिन व रात भर बांध कर रखे.
  • यह भी पड़ें – सभी तरह के छाले का इलाज की असरदार दवा

इस तरह आप बताये गए आयुर्वेदिक नुस्खे व घरेलु उपाय से भगन्दर का इलाज घरेलु उपचार कर सकते हैं. यहां हमने आपको सभी तरह के देसी, आयुर्वेदिक व अन्य सभी तरह के उपाय बता दिए हैं. इसके अलावा कब्ज को न होने दें, पानी ज्यादा पिए और सात्विक आहार ले तो जल्दी लाभ होगा. तो दोस्तों इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा SHARE करे ताकि यह गगनदार से दुःख भोग रहे लोगों तक भी पहुंच जाए ayurvedic fistula bhagandar treatment in Hindi at home. उम्मीद करते है आपका रोग जल्द से जल्द ठीक हो जाये.

Leave a Reply

error: Please Don\'t Try To Copy & Paste. Just Click On Share Buttons To Share This.

हमसे Facebook पर अभी जुड़िये, Group Join करे "Join Us On Facebook"