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101% बुखार का जड़ से इलाज : आयुर्वेदिक नुस्खे और उपाय

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बुखार का इलाज करने के घरेलु उपाय और नुस्खे इन हिंदी में बताये :फीवर सबसे आम जो की हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में कई बार हो जाता हैं. यहां हम आपको घर पर ही इसे ठीक करने के तरीके व बुखार क्यों व कैसे होता हैं इसके बारे में सारी जानकारी देंगे. क्योंकि हमारा मानना हैं की “किसी भी चीज के बारे में गहराई से समझ लेने से उससे हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता हैं”. इसीलिए हम यहां आपको इस बीमारी की बारीकियों व इसके प्रकार, इससे बचाव के लिए क्या करना बेहतर होता हैं आदि इन सभी विषयों पर चर्चा करेंगे. साथ ही को ठीक व जड़ से ख़त्म करने के घरेलु नुस्खे व उपाय, इसका घरेलु इलाज कैसे करे तुरंत ठीक करने के तरीका आदि जिनसे आप बड़ी आसानी से बुखार से छुटकारा पा सकते हैं.

में क्यों गहराई से समझू

  • हर एक व्यक्ति इस बुखार को बहुत ही आम समझता हैं, और बुखार आ जाने पर वह इसे हलके में लेता हैं. जिससे बड़े ही घातक परिणाम हो सकते हैं. सर्दी जुकाम, खांसी और बुखार यह हर एक रोग की पहली सीढियाँ होती हैं. यानी कोई सी भी बड़ी बीमारी होने से पहले व्यक्ति को यह तीनो चीजे होती हैं फिर सर्दी खांसी व बुखार का सही उपचार व देखभाल न करने पर यह ओर बढ़ते जाते हैं. जैसे बुखार से टाइफाइड, मोतीझरा होना आदि, और पड़े remedies for fever treatment in Hindi language के बारे में निचे तक.
  • हमारे कहने का मतलब यह हैं की आज के समय में ऐसी अवस्था हैं की हर साल किसी न किसी व्यक्ति में एक नई बीमारी जन्म लेती हैं जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया एक दम सामने आये थे. तो हम यह कहना चाहते हैं की यह बुखार भी सामान्य बुखार से ही शुरू होते हैं व आगे चलकर बड़ा रूप धारण कर लेते हैं. इसलिए अपने जीवन में एक बात हमेशा याद रखे की बुखार को कभी भी हलके में न लें. इसको शुरू होने से पहले ही रोक देना चाहिए.
  • इस पोस्ट को पूरा पड़ें, जल्दबाजी न करे और निचे तक पूरा पड़ें :

बुखार आने के कारण

हमारे मस्तिष्क में एक अंग होता हैं जिसे hypothalamus कहा जाता हैं, यह अंग शरीर के temperature तापमान को नियंत्र में रखने का काम करता हैं. जब यह अंग शरीर को सामान्य तापमान से ज्यादा कर देता हैं तब उसे बुखार कहा हैं.

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यह तापमान क्यों बढ़ाता हैं

  • यह अंग सिर्फ तब तापमान बढ़ाता हैं जब शरीर पर बाहरी व बीमार करने वाले बैक्टीरिया शरीर पर हमला करते हैं तो इस situation में यह अंग इन बैक्टीरिया को भगाने के लिए कोशिकाओं को रिलीज़ करता हैं. ठीक वैसे ही जैसे “हमारे देश में कोई आतंकवादी घुस जाए तो हमारी आर्मी सेना को लड़ने भेजती हैं”. और जब दोनों के बिच लड़ाई चलती हैं तो पुरे देश में खलबली व चिंताजनक हालात पैदा हो जाते हैं.
  • ठीक ऐसे ही जब शरीर में यह कोशिकाएं बैक्टीरिया से लड़ती हैं तो शरीर का तापमान बढ़ जाता हैं. और फिर हमे बुखार की दवा लेना पड़ती हैं जो की इन कोशिकाओं को बैक्टीरिया से लड़ने में नई शक्ति देती हैं. जिससे कुछ घंटो बाद ही बुखार ख़त्म हो जाता हैं.
  • लेकिन एक बार में यह बैक्टीरिया पूरी तरह ख़त्म नहीं होते. इनको पूरी तरह ख़त्म करने के लिए जरुरी हैं की आप दवाइयों का पूरा कोर्स लें ताकि शरीर में यह बैक्टीरिया कहीं भी न बचे. ज्यादातर ऐसा होता हैं की बहुत से व्यक्ति जिनका बुखार एक दो दिन तक टेबलेट्स/मेडिसिन लेने पर आना बंद हो जाता हैं तो वह बुखार का पूरा डोज़ (टेबलेट्स) कोर्स को पूरा नहीं लेते.
  • तो ऐसी अवस्था में बुखार पलटकर आता हैं और उसका इस तरह से पलटकर आना बहुत ही नुकसानदायक होता हैं. यह व्यक्ति को शारीरिक व मानसिक स्तर पर बहुत नुकसान पहुंचाता हैं. रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कम करता हैं जिससे शरीर की बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता कम पढ़ जाती हैं ऐसा होने पर व्यक्ति को जरा सा मौसम बदलने पर बुखार आने लगता हैं उसका शरीर बहुत नाजुक हो जाता हैं.

बुखार का इलाज के उपाय और नुस्खे

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रोग प्रतिरोधक क्षमता का महत्व

  • अगर आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बहुत मजबूत हैं तो आपको छोटे-मोटे बदलाव, वायरस, संक्रम बीमार नहीं कर सकेंगे. आपने भी देखा होगा ऐसे कई लोग होते हैं जिनको बहुत ही कम न के बराबर बुखार आता हैं और कुछ लोग ऐसे भी देखे होंगे जिनको साल में 4-5 बार आ जाता हैं. इसके पीछे रोग प्रतिरोधक क्षमता होती हैं अगर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होगी तो आपको मौसम के जरा से बदलाव, बैक्टीरिया के जरा से इन्फेक्शन आदि छोटी-छोटी वजहों से भी बुखार आ जायेगा. वही अगर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हैं तो चाहे कैसी ही ठण्ड हो, बैक्टीरिया हो आपको यह बीमार नहीं कर सकेंगे क्यों ??

  • क्योंकि आपमें इन कीटाणुओं से लड़ने की क्षमता होगी. जब आप इनसे ज्यादा ताकतवर होंगे तो यह आप पर हावी हो ही नहीं सकते. लेकिन अगर आपकी क्षमता कमजोर होगी तो आपकी हार तय हैं. तो शायद अब आपने बुखार में रोग प्रतिरोधक क्षमता के महत्व के बारे में समझ ही लिया होगा. बुखार के लक्षण बहुत ही सामान्य होते हैं, इन्हें कोई भी बड़ी आसानी से पता कर सकता हैं. लेकिन फिर भी कई व्यक्ति इनको अनदेखा कर देते हैं.
  1. शरीर से पसीना आना
  2. शरीर कांपना
  3. सर में दर्द होना
  4. मांसपेशियों में दर्द होना
  5. भूख न लगना, या बूख कम लगना
  6. Dehydration
  7. शारीरिक थकान, सारे अंग थकान से भर जाते हैं
  8. मन नहीं लगना, सुस्त हो जाना
  9. सर्दी जुकाम हो जाना
  10. आदि

यह बुखार के शुरुआती लक्षण हैं जो की जानलेवा नहीं माने जाते हैं. अब हम निचे कुछ ऐसे लक्षण के बारे में बताएंगे जो की किसी भी व्यक्ति की जान ले सकते हैं. इसलिए अगर किसी को यह लक्षण नजर आये तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर को दिखाए.

बुखार के गंभीर लक्षण

  1. भयानक सरदर्द
  2. गले में गंभीर सूजन
  3. शरीर की त्वचा में असामान्य बदलाव
  4. उजाले से घिन महसूस होना
  5. भृम पैदा होना,
  6. लगातार उलटी होना
  7. स्वांस लेने में कठिनाई होना
  8. सीने में दर्द होना
  9. चिड़चिड़ा पन होना
  10. पेशाब करते वक्त दर्द होना

अगर आपको किसी भी रोग में यह लक्षण दिखाई देने लगे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए.

  • सर्दी लग कर बुखार आया हो तो 10 ग्राम अदरक का रस निकाले और उसमे एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन बार लें, सुबह, दोपहर और रात को सोने से पहले. नोट : इसका सेवन करने के बाद 30 मिनट तक पानी न पिए. इस प्रयोग से सिर्फ 2 दिन में ही बुखार चला जायेगा, अगर आपका बुखार ज्यादा बढ़ गया है तो यह थोड़ा समय और ले सकता है.

  • अगर रोगी को तेज बुखार आ रहा हो तो लहसुन कूटकर थोड़ा सा पानी मिलाकर एक पोटली में रख लें. अब इसे रोगी को सुंघाए. ऐसा करने से तेज बुखार भी कम हो जाता हैं. और लहसुन का रस 6 ग्राम सुबह के समय और दुपहर व शाम के समय भी लहसुन का रस पिलाने से बुखार दूर होता हैं, तेज बुखार का घरेलु उपचार में यह बहुत असरकारी है.

अब पढ़िए नुस्खों के बारे में

बर्फ की पट्टी व पानी से भीगी पट्टी का उपयोग

  • तेज बुखार के लिए बर्फ की पट्टी – एक कपडा लें और उसे ना तो ज्यादा गर्म और न ज्यादा ठन्डे बल्कि सामान्य तापमान के पानी में भिगो कर अपने सर, पैर, हाथ, पेट, पैरों की हथेलियों पर, हाथों की हथेलियों पर रखे. इस पट्टी को कुछ समय में बदलते रहे. ज्यादातर इस पट्टी को सिर्फ पैरों की हथेलियों पर रखा जाता हैं. यह उपाय तेज बुखार में बहुत फायदेमंद होता हैं.

तुलसी आयुर्वेदिक दवा

  • तुलसी की 20 पत्तियां लें और एक चम्मच अदरक का रस लें अब इन्हें एक कप पानी में डालकर अच्छे से उबाले. जब तक यह उबलते हुए आधा कप पानी न रह जाए तब तक इसे उबालते रहे. फिर इसमे थोड़ी सी शहद मिलाये और इनको अच्छे से Mix कर लें. अब इसे रोजाना दिन में तीन बार तीन चार दिनों तक रोजाना सुबह, दुपहर और शाम को पिए. यह बुखार का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज है, तुलसी रोगप्रतिरोधक क्षमता को लड़ने की शक्ति देती है.
  • तुलसी के पत्तों की चाय भी घरेलु इलाज में बहुत फायदेमंद होती हैं. यह सबसे आसान भी होती हैं. बुखार के समय आप वैसे ही रोजाना चाय तो पीते ही होंगे तो क्यों न उस सामान्य चाय की जगह यह चाय पि जाए. जानिए कैसे बनाये तुलसी की चाय.

  • यह भी है बुखार का देसी उपचार -एक चौथाई चम्मच कालीमिर्च, थोड़े तुलसी के पत्तों को एक गिलास पानी में डाल लें. अब इसे 5-6 minutes तक अच्छे से उबाले. इसके बाद इसे रोजाना दिन में तीन बार पिए. आप इसमे तुलसी के पत्ते अपने स्वाद अनुसार मिला सकते हैं. और इसे तब तक पीते रहे जब तक बुखार पूरी तरह से खत्म न हो जाए.

  • Apple cider vinegar : एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब साइडर सिरका और शहद का एक बड़ा चम्मच मिलाएं. इसे दिन में दो या तीन बार पिए. इससे बुखार में बहुत लाभ होगा.
  • लहसुन : एक कप गर्म पानी में एक लहसुन की कली और एक लौंग डालें. इसे 10 minutes तक ऐसे ही छोड़ दें, इसके बाद धीरे-धीरे इसे पिले. इसका दिन में दो बार उपयोग करे, जल्द ही आपको बहुत राहत महसूस होगी. दो कुचले हुए लौंग और दो कुचले हुए लहसुन की कलियां और जैतून का तैल दो चम्मच इनको आपस में अच्छे से मिलाकर गर्म करे, उबाले. उबल जाने के बाद इसको अपने पुरे शरीर पर लगाए, खासकर पैरों के तलवे, हाथों के तलवे व सर पर इसे लगाए.
  • इसे रात के समय पर लगाए और रात भर इसे शरीर पर लगा हुआ छोड़ दें. इससे बहुत से लोगों का एक दिन में ही बुखार ख़त्म हो जाता हैं. Caution : गर्भवती महिला व बच्चे लहसुन का उपयोग न करे.

मुनक्का का उपयोग करे. दिन में कभी भी इसे खाते रहे

मुनक्का से बुखार ठीक करे

  • (Raisin) मुनक्का शरीर में जितने भी विषैले बैक्टीरिया होते हैं उनको यह जल्द ही ख़त्म करने में सक्षम होता हैं. इसके साथ ही बुखार के समय मुनक्का शरीर में कमजोरी भी नहीं आने देता हैं.
  • 25 मुनक्का लें और इन्हें आधा कप पानी में डाल दें. इन्हें तब तक पानी में पड़े रहने दें जब तक यह मुलायम (कोमल) न हो जाए. फिर इन्हें पानी में से निकाल कर कुचल दें, इनको कुचल कर इनमे से रस निकाले. यानी पानी में मुनक्का को डालने पर वह मुलायम हो जायेंगे, फिर इन्हें हाथो से पकड़ कर कुचले दबाये और इन में से तरल पानी निकाले. इस तरल पानी यानी मुनक्का का रस को दिन में दो बार पिए. इसका उपयोग तब तक करे जब तक बुखार न चला जाए. मुनक्का बुखार का इलाज (आयुर्वेदिक) में बहुत फायदेमंद होता है, जल्दी से बुखार ठीक करता है और शारीरिक कमजोरी को भी ख़त्म करता है.
  • अगर सर्दी लगकर बुखार आया है तो आप इस बुखार के घरेलु नुस्खे का उपयोग सुबह और रात को सोने से पहले करे, इसको खाने के बाद पानी न पिए आधे घंटे तक.- शहद, मुलेठी, मिश्री, तुलसी को आपस ममें मिलाकर पिए.

  • गर्म पानी से भरा बाथ टब में अदरक पाउडर के दो बड़े चम्मच डालें और अच्छी तरह मिक्स कर लें. अब इस बाथटब में 10 मिनट के लिए लेट जाए. इसके बाद अपने शरीर को टॉवल से साफ़ कर, सूखा कर बिस्तर पर जाकर सो जाए. अब आपको बुखार व तेज गर्मी आएगी तो इसके लिए आप कम्बल ओढ़कर सोये और तेज गर्मी को आने दें.
  • अदरक की चाय पिए : एक कप पानी में ताज़ा अदरक को बारीक़ पीसकर डालें. इसे कुछ देर तक अच्छे से उबलने दें. इसके बाद इसमे थोड़ी सी शहद मिलाये. बस अब आपकी अदरक की चाय तैय्यार हो गई. इसको रोजाना दिन में तीन चार बार पिए. बुखार में यह घरेलु नुस्खे काम आएंगे.
  • आधी चम्मच अदरक, आधी चम्मच नींबू और एक चम्मच शहद को आपस में मिलाकर पिए. इस नुस्खे का उपयोग जब तक बुखार पूरी तरह से न चला जाए तब तक दिन में चार बार करे (वायरल बुखार).

Ginger Tea

बाबा रामदेव बुखार का आयुर्वेदिक इलाज (पतंजलि)

  • आप इन उपाय को बिना सोचे समझे ही उपयोग कर सकते हैं. इसकी सिर्फ एक खुराक ही आपके बुखार को छूमंतर कर देगी. गिलोय का काढ़ा बनाये और इसका सेवन करे. सिर्फ एक या दो खुराक में ही आपका बुखार ऐसे गायब हो जायेगा जैसे की आपको कभी बुखार आया ही नहीं हो. पहले यह सभी उपाय निचे तक पडले उसके बाद बुखार में बाबा रामदेव के उपायों के बारे में पूरा पड़ने के लिए यहां क्लिक करे : बुखार में बाबा रामदेव के आयुर्वेदिक उपाय

दूसरा उपाय

  • बाबा रामदेव पतंजलि का ज्वरनाशक क्वाथ, यह आपको पतंजलि स्टोर्स पर बड़ी आसानी से मिल जाएगा. इस क्वाथ का उपयोग करे. चाहे कैसा भी बुखार हो, कितना ही तेज बुखार हो यह उसे ठीक कर देगा. आप इन दोनों जल्दी से बुखार उतारने के नुस्खे में से किसी को भी अपना सकते हैं.
  • अगर आपको इनकी खुराक व कैसे बनाये इस बारे में जानना हो तो सीधे अपने शहर के पतंजलि स्टोर्स पर जाए. स्टोर्स पर आप इस क्वाथ और गिलोय दोनों को ले सकते हैं. और वहां यह भी जान ले की इसे कब और कैसे लें, और इसमें परहेज क्या करे. हम यह इसलिए बता रहे हैं ताकि आपके मन में कोई भृम न रह जाए. स्टोर्स पर जानकारी प्राप्त करने पर आपका भ्रम बिलकुल मिट जायेगा. यह घरेलु उपाय हमेशा के लिए बुखार दूर करने में सक्षम होते है.

यह भी करे :

  • घरेलु इलाज में एक चम्मच पिसे हुऐ पुदीना के पत्तों को एक कप गर्म पानी में डालें. अब इसे 10 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें. फिर इसमे थोड़ी शहद मिलाये. पुदीना की इस चाय को दिन में तीन से चार बार तक पिए. यह बुखार से जल्दी निजात पाने में बहुत लाभकारी होती हैं.
  • दो कप पानी में थोड़ी पुदीना की पत्तियां, काली मिर्च पाउडर और एक चम्मच अदरक पाउडर मिलाये. अब इसे अच्छे से उबाले, तब तक उबालते रहे जब तक यह पानी आधा न रह जाए. अब इसे तीन हिस्सों में बांट लें और दिन में तीन बार इसी को पिए. यह काढ़ा बुखार के घरेलु नुस्खे में सबसे अच्छा हैं इन हिंदी.
  • घरेलु इलाज में ज्यादा से ज्यादा पानी और ग्लूकोस पिए : बुखार के समय शरीर में पानी की कमी आ जाती हैं. इससे बचने के लिए रोगी को जितना ज्यादा हो सके उतना पानी पीना चाहिए. यह रोगी को डिहाइड्रेशन से भी बचाता हैं. और इसके साथ ही ज्यादा पानी पिने से शरीर मौजूद बेकार के टॉक्सिन्स भी ख़त्म हो जाते हैं.

  • बुखार के समय रोगी को हलके कपडे पहनना चाहिए.
  • कमरे में ठंडी हवा न आने दें
  • सभी तरह के बुखार में आराम जरुरी होता हैं. इसलिए रेस्ट करे.
  • दवाई लेने के बाद कंबल ओढ़कर सोये, शरीर में तेज गर्मी आने दें.

बुखार में क्या खाये

जैसा की हमने पहले भी बताया हैं की हर एक रोग में हल्का भोजन करना ही लाभदायक होता हैं. इस बिच ज्यादा भोजन करने से बचे, फल खाये, फलों के रस पिए, दलिया पिए आदि वह सभी खाये जो की हलके भोजन में गिना जाता हो. इसके साथ ही बुखार में ड्रिंकिंग और मांसाहारी भोजन करने से बचे. ऐसा करने से आप बुखार से जल्दी छुटकारा पा सकते हैं. तरल चीजों का ज्यादा सेवन करे, ग्लूकोस भी पिए. बुखार के वक्त कैसे भोजन व किन चीजों का सेवन करना चाहिए यह जानने के लिए यह लेख भी पड़ें – बुखार में क्या खाये 

 

  • जिन लोगों को बार बार बुखार आती है व पुरानी बुखार है कई दिनों से तो ऐसे व्यक्ति इस पोस्ट का अगला पेज भी पड़ें – जरूर पड़ें इसमें रामबाण नुस्खे दिए हुए हैं next page पर क्लिक करे NEXT PAGE
  • इस जरूर पड़ें, इसमें बुखार को जड़ से ख़त्म करने के अचूक उपायों के बारे में भी बताया है.

उम्मीद हैं दोस्तों आपको बताये गए आयुर्वेदिक बुखार का इलाज के घरेलु उपचार fever treatment in Hindi से भरपूर लाभ हो. अगर आपको सामान्य से ज्यादा बुखार हो, और आपकी तबियत ज्यादा ही खराब हो तो डॉक्टर से checkup जरूर करवाये. और सामान्य और वायरल बुखार के उपाय और घरेलु नुस्खे में आप इन तरीको भी अपनाये.

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7 Comments

  1. Ravi Singh
  2. harish patel
  3. Sumit pal
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  5. Shyam Dhakate
  6. Pingback: बुखार
  7. BABA
  8. NADEEM AHMAD

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