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चिकनगुन्या से बचाव | चिकनगुनिया से बचने के 10 उपाय & तरीके

चिकनगुनिया से बचने के उपाय और तरीके इन हिंदी – अगर आपको अभी चिकनगुन्या हो गया हैं तो भी यह तरीके आपको बहुत लाभ देंगे और उन लोगों को भी लाभ होगा जिनको अभी तक कभी भी यह रोग नहीं हुआ हैं और वो चाहते हो की उन्हें या बीमारी भविष्य में कभी न हो तो इसके लिए आप यह रोकथाम की जानकारी पूरी पड़ें इन पर ध्यान दीजिये. इनको अपनाने से बचाव होगा.

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Quick Info

चिकनगुनिया एक वायरस के कारण होता हैं, यह वायरस संक्रमित मादा मच्छर के काटने से हमारे शरीर में पहुंच जाता हैं. मच्छर के काटने के 3-4 दिन बाद यह वायरस पुरे शरीर में फेल जाता हैं. इसके शुरूआती लक्षणों में अचानक तेज बुखार आना, जोड़ों में दर्द होना, शरीर पर रेशेज चकत्ते पढ़ना, उलटी आना, चक्कर आना आदि होते हैं. इस रोग के लक्षणों के बारे में पूरी डिटेल में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे >> चिकनगुनिया के 7 लक्षण

  • इस पोस्ट को पूरा एन्ड तक पड़े, जल्दबाजी न करे.

चिकनगुनिया से बचने के लिए जरुरी हैं की हम मच्छरों को अपने घर से दूर रखे व वह सारे उपाय करे जिनसे मच्छर हमे न काट सके. चिकनगुनिया के मच्छर बारिश के मौसम में ज्यादा फैलते हैं और बारिश के चले जाने के एक दो महीने बाद तक इनका प्रकोप बना रहता हैं. इसलिए रोकथाम करने के लिए आप मच्छरों को भागने के सारे उपाय आजमाए जैसे की साफ़ सफाई, कोइल आदि chikungunya prevention in Hindi.

पपीता के पत्तों का रस

  • पपीता के पत्तों का रस डेंगू और चिकनगुनिया में प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने में मदद करता है. इसका दिन में तीन से चार तक सेवन करने से कुछ ही दिनों में यह रोग दूर हो जाते हैं. चिकनगुनिया में इसका रस अमृत के समान होता है.
  • यह चिकनगुनिया बीमारी में घटती हुई प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने में मदद करता हैं जिससे रोगी के शरीर को इस संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती हैं. पपीता के पत्तों का रस आप मेडिकल से भी खरीद सकते हैं और घर पर भी बना सकते हैं. घरेलु उपाय इसके लिए पपीता की पत्तियां लाये और इन्हे पीसकर इनका रस बनाकर पिए.

गिलोय हैं से बचने का उपाय

  • गिलोय हर तरह से सहायक हैं, चिकनगुनिया से बचाव करने के लिए गिलोय का काढ़ा रामबाण असरदार होता हैं. इसके लिए आप गिलोय का रस, गिलोय की गोली, गिलोय का काढ़ा आदि सेवन कर सकते हैं इसका सेवन भी दिन में तीन बार करना होता हैं. इसका सेवन करने से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं जिससे शरीर को चिकनगुनिया में संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती हैं.

तुलसी का काढ़ा 

  • तुलसी का काढ़ा भी चिकनगुनिया से बचने का तरीका हैं इसके जरिये राजीव दीक्षित जी ने लाखो लोगों को चिकनगुनिया से बचाया. इसका काढ़ा आप घर पर ही बिना किसी मशक्क्त के बना सकते हैं बस थोड़ी तुलसी की पत्तियां और पानी इनको अच्छे से उबालकर काढ़ा बनाना होता हैं. इसके सेवन से शरीर को बहुत ऊर्जा मिलती हैं, बार-बार बुखार आना, पुराना बुखार, सर्दी जुकाम आदि से हमेशा के लिए छुटकारा दिलाता हैं.

लौंग का तेल 

  • लौंग का तेल बच्चों के चिकनगुनिया का इलाज करता हैं यानी वयस्क व बच्चों को चिकनगुनिया से बचाता हैं. जब आप घर से बाहर या ऐसे क्षेत्र में जाए जहां पर मच्छरों का प्रकोप ज्यादा हो तो आप अपने शरीर पर लौंग का तेल अच्छे से लगा लें इसको लगाने से शरीर पर मच्छर नहीं बैठेंगे.
  • यह उपाय बच्चों के लिए बहुत ही असरदार हैं क्योंकि बच्चे शाम के समय घर से बाहर खेलने जाते हैं ऐसे में ज्यादा संभावनाए होती हैं की उन्हें मच्छर काट लें. तो आप लौंग का तेल उनके शरीर पर लगा दें इससे उनके शरीर पर मच्छर नहीं काटेंगे.

नीम का तेल भी हैं असरदार

  • चिकनगुनिया से बचने के उपाय में जिस तरह चिकनगुनिया से बचाव में लौंग का तेल लाभप्रद रहता हैं वैसे ही यह नीम का तेल भी असरदार होता हैं. अगर आपके पास लौंग का तेल न हो तो आप नीम के तेल का प्रयोग कर सकते हैं इसको भी शरीर पर लगाने से मच्छर आसपास नहीं भटकते.

नीम के पत्तों की धुनि

  • अगर आपके घर पर ढेर सारे मच्छर हैं या आपके घर के आसपास ढेर सारे मच्छर हैं तो आप चिकनगुनिया के मच्छर से बचने का यह उपाय जरूर करियेगा. सबसे पहले नीम के पेड़ से ढेर सारि नीम की पत्तियां तोड़ लाये थोड़ी सी आग जलाये लकड़ी या कंडे आप कुछ भी जला सकते हैं, अच्छी आग लग जाने पर जब उस आग में अंगारे दिखने लगे तो उस आग पर यह नीम के पत्ते डाल दें.
  • रोकथाम के लिए पत्ते इतने डाले की वह आग बुझ जाए और तेज धुआं निकलने लगे. इस नीम के पत्तों से निकलने वाला धुआं घर में छुपे सभी मच्छरों को घर से बाहर निकाल देगा. इस उपाय को आप घर से बाहर भी कर सकते हैं ऐसा करने से आपके घर के आसपास के सभी मच्छर भाग जायेंगे. यह चिकनगुनिया और अन्य खतरनाक मच्छरों को दूर करता है.

साफ सफाई पर रखें विशेष ध्यान

  • बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी के गड्ढे भर जाते हैं ऐसे में यह मच्छर इन पानी पर अपने अंडे देते हैं जिससे इनकी संख्या और बढ़ जाती हैं. ऐसे में जरुरी हैं की आप अपने घर के नजदीक ऐसे सभी गड्ढों को बंद करवा दे जहां पर कई दिनों का पानी इकठ्ठा रहता हो.

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  • अपने घर की खिड़कियों पर मच्छरदानी लगवाए ताकि कोई भी मच्छर घर के अंदर प्रवेश न कर सके.
  • रात को सोते वक्त मच्छरदानी लगाकर सोये, छोटे बच्चों के बिस्तर पर भी मच्छरदानी कर प्रयोग करे.
  • मच्छरों को भगाने की कोइल का प्रयोग करे, घर में जहां भी ज्यादा मच्छर हो वहां पर कोइल लगाए
  • इलेक्ट्रिक मशीन गुड नाईट, mortein आदि मच्छरों को भगाने की मशीनों का प्रयोग करे
  • चिकनगुनिया के मच्छर ज्यादातर सुबह व शाम के समय सक्रीय होते हैं इसलिए सुबह व शाम के समय इनसे ज्यादा सचेत रहे
  • घर में किसी भी बर्तन में ज्यादा दिनों तक पानी न भरकर रखे
  • गमलों की रोजाना सफाई करे और उनमे पानी भरा न रहने दे
  • ऐसे कपडे पहने जिनसे आपका पूरा शरीर ढंका हुआ रहे
  • खासकर बच्चों को ऐसे कपडे पहनाये जिनसे उनका शरीर पर ढंका हुआ रहे.

तो दोस्तों अगर आप इन चिकनगुनिया से बचाव बचने का उपाय व तरीके prevention from chikungunya in Hindi को आजमाएंगे तो आपको कभी यह बुखार नहीं आएगा. यह सभी घरेलु उपाय चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए बहुत असरदार हैं. हमने चिकनगुनिया के विषय में और भी लेख लिखे हैं आप उन्हें भी पढ़िए.

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