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चिकनगुनिया के 9 रामबाण इलाज : Chikungunya Treatment Hindi

चिकनगुनिया का इलाज के उपाय इन हिंदी – यह रोग भी मच्छरों के वजह से फैलता हैं. डेंगू, मलेरिया बुखारों की तरह ही यह भी एक संक्रमण का रोग है जो मच्छर के काटने से होता हैं, लेकिन यह चिकनगुन्या बुखार ज्यादा दर्द देता हैं. यहां हम आपको आयुर्वेदिक घरेलू उपचार बताएंगे. आप इनके जरिये इस रोग को कई हद तक माद दे सकते हैं, और हम जो यहां नुस्खे बता रहे हैं वह कई लोगों पर आजमाए जा चुके हैं व कई लोगों को इनसे बहुत लाभ भी हुआ है.

  • यह एक जानलेवा बुखार हैं, इसलिए इसका समय पर उपचार करवाना बेहद जरुरी हैं. अगर आप चिकनगुनिया होने पर तुरंत ही उपचार करवा लेते हैं तो इसकी बहुत कम ही संभावना हैं की आपको ज्यादा तकलीफ उठाना पड़ें. क्योंकि जब एक बार चिकनगुनिया बुखार हो जाता हैं तो उसके ठीक होने के बाद भी अगले 1-2 महीनो तक शरीर के जोड़ों में दर्द होता रहता हैं. इस वजह से रोगी काफी परेशान रहता हैं.
  • इसलिए चिकनगुनिया होने की शंका होते हैं सबसे पहले ब्लड टेस्ट कराये और होमियोपैथी की यह दवा Eupatperf 200 ले ताकि चिकनगुनिया और ज्यादा न फैले.
  • इसके साथ ही आप ज्यादा से ज्यादा तरल चीजों का सेवन करते रहे हैं क्योंकि इस रोग में डिहाइड्रेशन का खतरा रहता हैं, तो इसके लिए आप फलों का रस जरूर लें व उन सभी चीजों का सेवन करे जिनमे Vitamin C भरपूर मात्रा में पाया जाता हो ayurvedic chikungunya treatment in Hindi पढ़िए.

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चिकनगुनिया बुखार होने के लक्षण क्या हैं ?

कैसे जाने की चिकनगुनिया बुखार हुआ हैं ?? पढ़िए इसकी पहचान करने के लिए यह लक्षण.

  • चिकनगुनिया में तेज बुखार आता हैं, 102 डिग्री से 104 डिग्री तक शरीर का तापमान बढ़ जाता हैं.
  • यह बुखार 8 से 10 दिनों तक बना रह सकता हैं.
  • हाथ पैर मोड़ने में यानी हाथ पैरों में मूवमेंट लेते समय दर्द होता है
  • यह जोड़ों के दर्द का बुखार हैं, इसलिए शरीर के हर हड्डी के जोड़ में दर्द होने लगता हैं यह इसका प्रमुख लक्षण हैं
  • डेंगू बुखार की तरह ही चिकनगुनिया में भी त्वचा पर चकते व् लाल रेशेज होने लगते हैं, ऐसा सभी रोगियों के साथ नहीं होता लेकिन कई रोगियों को होता हैं.
  • चिकनगुनिया में सिर में तेज दर्द भी होने लगता हैं
  • चिकनगुनिया में शरीर की सभी मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता हैं
  • मांसपेशियों में दर्द भी महसूस होता हैं
  • बैठे-बैठे चक्कर आना, चलते हुए चक्कर आनाचिकनगुनिया के लक्षण है
  • कई बार रोगियों को उल्टियां भी होने लगती हैं
  • आंखों में लाल निशान दिखने लगते हैं, आंखें लाल हो जाती हैं

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चिकनगुनिया बुखार क्या है (What is Chikungunya)

  • चिकनगुनिया (चिक-अन-गन-यू) एक मस्तिष्क से संक्रमित एक वायरल बीमारी है जिससे बुखार और गंभीर जोड़ों का दर्द अचानक होने लगता हैं. यह बुखार वायरस से संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता हैं. अन्य लक्षण में थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और खरोंच शामिल हो सकते हैं.
  • चिकनगुनिया के लक्षण आमतौर पर एक संक्रमित मच्छर द्वारा काट लिए जाने के दो से सात दिनों के भीतर दिखाई देते हैं. चिकनगुनिया बुखार को रोकने के लिए कोई भी टीका नहीं है, और कोई प्रभावी एंटीवायरल उपचार नहीं है.

यह कहां पाया जाता है ?

  • भारतीय और प्रशांत महासागर में अफ्रीका, एशिया, यूरोप और द्वीपों में चिकनगुनिया के प्रकोपों ​​की पहली रिपोर्ट हुई थी. अमेरिका में चिकनगुनिया का पहला मामला 2013 में कैरिबियन द्वीपों में आया था. तब से, लैटिन अमेरिकी देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका में, कैरेबियाई द्वीपों में चिकनगुनिया के 1.7 लाख से अधिक संदिग्ध मामलों की सूचना मिली है. कनाडा और मेक्सिको ने भी संक्रमण के मामलों की सूचना दी है.

चिकनगुनिया कैसे फैलता है

  • चिकनगुनिया का घरेलु इलाज में जानने से पहले हम आपको यह भी बताना चाहेंगे की चिकनगुनिया बुखार कैसे फैलता है. चिकनगुनिया बुखार एडिस प्रजाति के संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता हैं. जब यह मच्छर किसी व्यक्ति को काट लें तो उनके शरीर में मौजूद वायरस हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता हैं, ऐसे में चिकनगुनिया बुखार होने में 4 से 5 दिनों तक का समय लग सकता हैं.
  • यानी मच्छर के काटने के बाद यह वायरस पुरे शरीर के अंदर फैलने में 4 से 5 दिन तक का समय लगाता हैं. इन दिनों के बाद जिसे एडिस प्रजाति के इस मच्छर ने काटा हो उसमे चिकनगुनिया के लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं. इसके लक्षणों के बारे में हमने ऊपर पूरी जानकारी दी हैं.

चिकनगुनिया का इलाज : आयुर्वेदिक घरेलु उपचार

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तीन खुराक में चिकनगुनिया से छुटकारा राजीव दीक्षित

  • चिकनगुनिया में तुलसी का काढ़ा बनाओ उसमे नीम की गिलोय भी मिला दो, थोड़ी सी सोंठ जिसे हम सुखी अदरक कहते हैं वह भी मिला दो इसके साथ छोटी पीपर भी सामान्य मात्रा में मिला दो इसके बाद आखिर में इसके काढ़े के कड़वेपन को मिटाने के लिए थोड़ा सा गूढ़ भी मिला दीजिये.
  • घरेलु उपचार में अब इस काढ़े को बनाकर प्रयोग करे, राजीव दीक्षित जी बताते हैं की इस काढ़े की मात्र तीन खुराक लेने से चिकनगुनिया दूर हो जाता हैं, यह राजीव दीक्षित जी का चिकनगुनिया का ट्रीटमेंट करने के घरेलु उपचार में सबसे प्रभावशाली हैं. उन्होंने इस काढ़े के जरिये कई लाखों लोगों का इलाज किया हैं.
  • आप तुलसी, छोटी पीपर, गूढ़, नीम की गिलोय और सोंठ आदि को बड़ी आसानी से बाजार से प्राप्त कर सकते हैं. अगर आप इस काढ़े के बारे में ओर अधिक सुचना प्राप्त करना चाहते हैं तो अपने नजदीकी होमियोपैथी स्टोर्स पर जाकर इस विषय में चर्चा कर सकते हैं.

पपीता (Papaya Leaf)

किन चीजों की जरुरत लगेगी :

  • इस प्रयोग में पानी और 8-9 ताज़ा पपीता के पत्तों की जरूरत लगेगी, आप इनको अपने नजदीकी क्षेत्र में से प्राप्त कर सकते हैं जैसे नर्सरी, गार्डन या फ्रूट सेलर के पास से. चिकनगुनिया से छुटकारा दिलाने में यह घरेलु इलाज रामबाण है.

कैसे प्रयोग करना हैं :

  • पपीता के ताज़ा पत्ते तोड़कर लेकर आने के बाद आप इनको अच्छे साफ़ पानी से धो ले और इन पत्तों की स्टेम को तोड़कर पत्तों से अलग कर दें. अब इन पत्तों में थोड़ा पानी डालकर juicer या किसे अन्य वस्तु के प्रयोग से इन पत्तों का पेस्ट बनाये.
  • इस पेस्ट को अलग निकाल लें और घरेलु उपचार के रूप में हर तीन घंटे के बिच में 2-3 बड़े चम्मच की मात्रा में इस पेस्ट को पीते रहे. चिकनगुनिया के घरेलू उपचार में अगर आप पपीता के पत्तों का रस घर पर नहीं बना सकते तो आप इसको सीधे मेडिकल स्टोर्स से भी खरीद सकते हैं, अब यह पपीता के पत्तों का उपाय इतना प्रसिद्द हो गया हैं की अब यह मेडिकल स्टोर्स पर भी मिलने लगा हैं. चिकनगुनिया के मरीजों को डॉक्टर यही घरेलु इलाज देते है.

कब तक करना हैं प्रयोग :

  • सिर्फ तीन चार दिनों तक इस घरेलु उपाय का प्रयोग करने मात्रा से ही चिकनगुनिया के आयुर्वेदिक उपचार में अत्यंत लाभ नजर आने लगेगा. लाभ नजर आने पर आप इस प्रयोग को तब तक करते रहे जब तक चिकनगुनिया के लक्षण दिखाई देना बंद न हो जाए.

अंगूर और गाय का दूध लें 

क्या जरुरत लगेगी :

  • थोड़े बहुत बिना बीज के अंगूर और एक कप गाय का दूध

कैसे प्रयोग करे :

  • इसका प्रयोग बहुत ही आसान हैं, सबसे पहले आप अंगूर को सीधे ही चबा-चबा कर खाले और फिर बाद में ऊपर से एक कप गाय का दूध पि जाए. यह चिकनगुनिया के घरेलु उपचार में से एक हैं. आप इसे दो-तीन दिन तक दिन में दो बार ले सकते हैं, याद रहे की अंगूर को खाते वक्त उनके बीजों को न खाये इन्हे बाहर निकाल दें.

नारियल पानी से घरेलु इलाज 

क्या जरुरत लगेगी :

  • साफ़ नारियल पानी

कैसे प्रयोग करे :

  • आप रोजाना दिन में तीन से चार बार तक नारियल पानी पिए, हर बार में आप एक बड़ा गिलास नारियल पानी पीते रहिये.

विशेषता :

नारियल पानी का घरेलु उपचार चिकनगुनिया बुखार में डिहाइड्रेशन से बचाता हैं, और लिवर की सफाई भी करता हैं. नारियल पानी सिर्फ घरेलु इलाज ही नहीं बल्कि डेंगू व पीलिया जैसे रोगों का उपचार भी करता हैं.

गिलोय का घरेलू उपचार

  • गिलोय भी एक रामबाण उपचार होती हैं चिकनगुनिया बुखार में, क्योंकि इसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की अदभुत क्षमता होती हैं और यह घटती प्लेटलेट्स की संख्या को तेजी से बढ़ाने में भी मदद करती हैं.

जरूरत :

  • गिलोय के कैप्सूल लें, आयुर्वेदिक स्टोर्स पर आपको यह आसानी से मिल जायेंगे
    कब प्रयोग करना हैं गिलोय का : रोजाना खाना खाने के बाद सुबह व शाम दोनों समय करीबन 2 गिलोय की गोलियां/कैप्सूल्स लें. यह एक ग्राम की मात्रा में गिलोय का सेवन ही काफी है, चिकनगुनिया के घरेलु नुस्खे  बहुत असरकारी हैं.

गिलोय की विशेषता :

  • गिलोय का Scientific नाम Tinospora cordifolia है, और इसे हिंदी भाषा में गुडुची के नाम से पुकारा जाता हैं. यह सिर्फ चिकनगुनिया बुखार से लड़ने के लिए ही नहीं बल्कि डेंगू, टाइफाइड, मलेरिया जैसे अन्य घातक बिमारियों का इलाज करने के लिए भी प्रयोग में लाइ जाती हैं. यह खासकर शरीर को बाहरी संक्रमणों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता हैं जिससे शरीर को आसानी से रोग नहीं लगता हैं और लगा हुआ रोग भी दूर हो जाता हैं. घरेलु इलाज में गिलोय बहुत ही जरुरी है.

नोट: किसे नहीं दें – छोटे बच्चों को नहीं करवाना चाहिए.

तुलसी का काढ़ा बनाकर पिए : घरेलु इलाज 

क्या जरुरत लगेगी :

  • करीबन 11 तुलसी के ताज़ा पत्ते और 1/2 लीटर पानी

कैसे प्रयोग करे :

  • घरेलु उपचार में सबसे पहले आप 1/2 लीटर पानी में तुलसी के 11 पत्ते मिला दीजिये (आप इसमें 10 ग्राम धनिया भी मिला सकते हैं) और इसे तेज आग पर उबालिये. इसे तब तक उबालते रहे जब तक की यह 1/2 लीटर पानी उबलकर आधा न रह जाए. जब यह तेज उबलकर आधा रह जाए तो इसे आग पर से उतारकर ठंडा होने का इंतजार करे और ठंडा हो जाने पर इसको आराम से धीरे-धीरे पि जाए, इसे तुलसी का काढ़ा कहां जाता हैं. दिन में हर तीन घंटे के बाद इसका सेवन करते रहे. आप इसका प्रयोग तीन से चार दिनों तक कर सकते हैं.

विशेषता :

  • तुलसी की पत्तियों में बाहरी संक्रमण से लड़ने की सबसे ज्यादा क्षमता होती हैं, अगर कोई व्यक्ति रोजाना 5-6 तुलसी के पत्ते सुबह के समय खाये तो उसे जीवन भर आसानी से बुखार नहीं आता. इसी तरह तुलसी के पत्तों का यह काढ़ा इलाज करता हैं, यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता हैं, शरीर में आये चिकनगुनिया वायरस को ख़त्म करने में यह बहुत प्रभावकारी सिद्ध होती हैं. यह काढ़ा आपके शरीर से सभी तरह के संक्रमण को मिटा देगा.

लहसुन दिलाएगा चिकनगुनिया के दर्द से राहत

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क्या जरूरत लगेगी :

  • करीबन 12 लहसुन की कलियां (Clove’s) और थोड़ा पानी.

कैसे प्रयोग करे :

  • सबसे पहले लहसुन का पेस्ट बनाने के लिए लहसुन की कलियां छील कर उन्हें निकाल लें, अब कलियों को किसी साफ़ जगह पर रखकर पानी के साथ पीस लें. यानी लहसुन का पानी के साथ पेस्ट बना लें.
  • इसका पेस्ट बना लेने के बाद आपके शरीर में जहां-जहां पर जोड़ों में दर्द हो रहा हों वहां पर इस पेस्ट को लगा दें. इस पेस्ट को 1-2 घंटे तक लगाकर रखना हैं, रोजाना दिन में दो से तीन बार तक इस प्रयोग का इस्तेमाल करना हैं.

विशेषता :

  • लहसुन का आयुर्वेद में उच्च स्थान हैं, यह चिकनगुनिया बुखार में हो रहे जोड़ों में दर्द को ख़त्म करने के लिए रामबाण उपचार हैं. बुखार से हो रहे जोड़ों में दर्द का उपचार भी करता हैं. यह बहुत ही आवश्यक उपाय हैं, क्योंकि चिकनगुनिया बुखार के ठीक हो जाने 2-3 महीने बाद तक जोड़ों में दर्द बना रहता हैं इसलिए यह एक उपयोगी Chikungunya ka ilaj नुस्खा हैं.

घरेलु इलाज : हल्दी से करे मालिश

क्या जरूरत लगेगी :

  • एक या दो चम्मच हल्दी का पाउडर लें और एक गिलास गरम दूध

कैसे प्रयोग करे :

  • चिकनगुनिया का यह सरल आसान घरेलु उपचार हैं, आपको सिर्फ सुबह और शाम दोनों समय हल्दी का दूध पीना हैं. एक गिलास गरम दूध में 1/2 चम्मच हल्दी मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें. अच्छे से मिक्स करने के बाद आप इसका सेवन कर लीजिये ऐसा आपको रोजाना सुबह के समय और रात को सोने से पहले करना हैं.

विशेषता :

हल्दी डेंगू, चिकनगुनिया जैसे संक्रमित बुखार का इलाज करने में रामबाण होती हैं. हल्दी आयुर्वेद में एक ऐसा उपाय हैं जो कई बड़े बड़े रोगों का घरेलु उपचार कर सकती हैं. खासकर संक्रमित बुखार में यह बहुत ही प्रभावकारी सिद्ध होती हैं. हल्दी में “करक्यूमिन” होता हैं इसमें शरीर में आई सूजन को कम करने की अदभुत क्षमता होती हैं, यह क्षमता चिकनगुनिया के घरेलु उपाय में लाभप्रद सिद्ध होती हैं, लक्षणों को कम करती है और राहत दिलाती हैं.

लाल मिर्च 

क्या जरुरत लगेगी :

  • तीन चम्मच लाल मिर्च, एक कप जैतून का तेल या फिर जोजोबा का एक कप तेल (इनके न मिलने पर आप बादाम का तेल भी प्रयोग में ला सकते हैं). और थोड़ी मोम की जरूरत लगेगी.

कैसे प्रयोग करे :

  • चिकनगुनिया का इलाज के लिए सबसे पहले आप तीन चम्मच लाल मिर्च लें और इसे पानी में डालकर 11 से 15 मिनट्स तक तेज आग पर उबाले, यानी अच्छा तेज गर्म करे. इसके बाद में अब इसमें मोम को मिलाये और इसे तब तक उबालते रहिये जब तक की यह मोम इस पानी में पूरी तरह पिघल कर पानी से मिल न जाए. जब मोम अच्छे से पानी में मिल जाए तो इसे आग से उतार लें और फिर इसमें एक कप जैतून का तेल मिला दें जब यह थोड़ा ठंडा हो जाए तो इसे फ्रिज में करीबन 12-13 मिनट्स के लिए रख दें. इसके बाद आपके शरीर में जहां जहां भी दर्द हो रहा हो वहां पर इसे लगाए. (घरेलु इलाज के लिए आप इस पेस्ट को एक या दो सप्ताह तक ऐसे डिब्बे में रख कर रखे जिसमे हवा न लगती हो, इसका प्रयोग 1-2 सप्ताह के बाद न करे)

विशेषता :

  • लाल मिर्च में ऐसे अनोखे गुण हैं जो की चिकनगुनिया बुखार में आई सूजन को खत्म करने का काम करते हैं. Scientific research में यह साफ़ हो गया हैं की लाल मिर्च में ऐसे कंपाउंड होते हैं जो की सूजन को कम करने में मदद करते हैं. आप इसका प्रयोग बेहिचक कर सकते हैं, घरेलु इलाज में उपयोगी सिद्ध होगी.

बर्फ का सेंक मिटाएगा दर्द को

 

क्या जरुरत लगेगी :

  • थोड़े बहुत बर्फ के टुकड़े और एक हाथ साफ़ करने का टॉवल या फिर आप कोल्ड कंप्रेस का उपयोग भी कर सकते है.

कैसे प्रयोग करे :

  • सबसे पहले बर्फ के टुकड़े लें और इन्हें बारीक-बारीक पीस ले और इन बारीक टुकड़ों को टॉवल में रख लें. अब इस बर्फ के टुकड़े से भरे टॉवल को आपके शरीर में जहां कहीं भी दर्द हो रहा हो वहां पर रखे और सेंक करे. ऐसा आपको रोजाना नियमित रूप से दिन में दो से तीन बार तक करना हैं. इस तरह चिकनगुनिया में दर्द देने वाले स्थान पर बर्फ का सेंक करने से दर्द का इलाज हो जाता हैं. यह अब तक के बताये गए घरेलु उपचार में सबसे आसान उपाय हैं.

विशेषता :

  • बर्फ का सेंक तेज बुखार, चोंट लगने पर, सूजन पर, दर्द वाली जगह पर आदि इन सभी तरह की स्थितियों में घरेलु उपचार के रूप में रामबाण काम करता हैं. बर्फ का सेंक करने की सलाह तो डॉक्टर भी देते हैं इसलिए आप बेहिचक इसको तेज बुखार और चिकनगुनिया में जोड़ों का दर्द होने पर दर्द वाले स्थान पर इसका प्रयोग कर सकते हैं. यह चिकनगुनिया के घरेलू उपचार दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है.

मालिश के लिए तेल

क्या जरुरत लगेगी :

  • करीबन दो चम्मच अरंडी का तेल और चुटकी भर दालचीनी का पाउडर

कैसे प्रयोग करे :

  • घरेलु उपचार के लिए सबसे पहले आप अरंडी के तेल को आग पर हल्का गर्म करे, अच्छा गर्म हो जाने के बाद इसमें दालचीनी का पाउडर मिलाये. अब तेल और दालचीनी के पाउडर को अच्छे से मिश्रित कर लें और फिर शरीर में जहां भी आपको दर्द महसूस हो रहा हो उस स्थान पर इस तेल की कुछ मिनटों तक मालिश कीजिये. इस घरेलु उपचार का प्रयोग आपको दिन में दो से तीन बार तक करना होगा.

विशेषता :

  • इस घरेलु इलाज में अरंडी के तेल और दालचीनी के पाउडर में anti-inflammatory properties होती हैं जो की चिकनगुनिया बुखार के दर्द और इसके लक्षणों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यह रोगी के शरीर में मौजूद संक्रमण को दूर करने में भी मदद करते हैं.

पानी ज्यादा पिए

  • चिकनगुनिया ही नहीं बल्कि हर तरह के रोग में पानी ज्यादा ही पीना चाहिए, भरपूर मात्रा में पानी पीते रहने से शरीर की प्रक्रिया तेजी से चलती रहती हैं जिससे शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ मल मूत्र के जरिये शरीर से बाहर निकलते रहते हैं. लेकिन ज्यादातर लोग ऐसा नहीं करते उन्हें कोई सा भी रोग होने पर वह पानी की मात्रा न्यून कर देते हैं, मगर आप ऐसा न करे और ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहे, (घरेलु उपचार में पानी ज्यादा पीना बहुत ही जरुरी है).

चिकनगुनिया के  घरेलु उपचार में आराम करे

  • चिकनगुनिया एक संक्रमित बुखार हैं, इसका संक्रमण शरीर तोड़ कर रख देता हैं, शरीर काफी कमजोर हो जाता हैं ऐसे में रोगी को ज्यादा से ज्यादा आराम करना चाहिए ताकि शरीर अपनी खोई हुई ऊर्जा को वापस प्राप्त कर सके. घरेलु इलाज में जितना आराम करे उतना फायदा शरीर को होगा.

मीठा भी खाये

चिकनगुनिया का इलाज करने के लिए चॉकलेट्स का प्रयोग भी किया जा सकता हैं. चिकनगुनिया बुखार होने पर रोगी का रक्तचाप कम हो जाता हैं जिससे रोगी का स्वाभाव बिगड़ जाता हैं, वह चिड़चिड़ा होने लगता हैं, शरीर पर पसीना और रोगी काफी थका हुआ महसूस करने लगता हैं. ऐसे में चॉकलेट्स का सेवन बहुत उपयोगी सिद्ध होता हैं, क्योंकि चॉकलेट्स में ग्लूकोज ज्यादा मात्रा में पाया जाता हैं.

चिकनगुनिया की होमियोपैथी दवा

Chikungunya ka ilaj in Hindi : ज्यादातर होमियोपैथी दवाइयां प्राकृतिक पदार्थों से बनी होती हैं जो की साइड इफेक्ट्स में शुन्य होती हैं. इसलिए चिकनगुनिया जैसे संक्रमण बुखार के इलाज के लिए होमियोपैथी मेडिसिन्स काफी सूटेबल होती हैं. यह लक्षण के साथ-साथ दर्द को कम करने में भी मदद करती हैं. जानिये ऐसी ही कुछ दवाइयों के बारे में जिनका उपयोग आप चिकनगुनिया के लिए कर सकते हैं.

  • Rhus Tox – यह दवा चिकनगुनिया बुखार के साथ संयुक्त और पीठ के दर्द को कम करने में मदद करती है.
  • Eupatorium Perfoliatum – होमियोपैथी के डॉक्टर्स भी इस दवा को लेने की उन लोगों को सलाह देते हैं जिनके शरीर के जोड़ों में दर्द हो रहा हो, उल्टियां हो रही हो, चमड़ी पर लाल चकत्ते आदि हो रहे हो. आप भी इन लक्षणों में इस दवा का प्रयोग कर सकते हैं.
  • Merc Sol : जब चिकनगुनिया के किसी रोगी को रात के समय पर जोड़ों में दर्द होता हैं तो उसे यह होमियोपैथी मेडिसिन दी जाती हैं.
  • Arnica : जोड़ों में दर्द के साथ अगर चमड़ी (त्वचा) पर नीले काले निशान हो रहे हो तो ऐसी स्थिति में अर्निका होमियोपैथी दवा लेने की सलाह दी जाती है.
  • Phosphoric Acid : इस होमियोपैथी दवा का सेवन चिकनगुनिया बुखार से आई कमजोरी को दूर करने के लिए किया जाता हैं. चिकनगुनिया संक्रमण से आई कमजोरी को यह मेडिसिन दूर कर देती हैं.

“इन दवाओं को आप होमियोपैथी स्टोर्स पर से खरीद सकते हैं, इनका सेवन करने से पहले आप होमियोपैथी के डॉक्टर या फिर अपने नजदीकी अन्य डॉक्टर से सलाह लेकर कर सकते हैं, ताकि इन मेडिसिन्स से सही उपचार हो सके”

 चिकनगुनिया में खान पान पर भी दें ध्यान

  • Chikungunya में ज्यादा से ज्यादा तरल चीजों का सेवन करे
  • नारियल पानी, संतरे का रस, अंगूर का रस, सब्जियों का सूप, शोरबा आदि का ज्यादा से ज्यादा सेवन करे
  • Vitamin C से भरपूर पदार्थों का सेवन ज्यादा करे जैसे आंवला, अनानास, पपीता, अमरुद, शिमला मिर्च, मोसम्बी आदि इस रोग में
  • जितना तरल और Vitamin C का सेवन करेंगे उतना ही कम नुकसान आपके शरीर को होगा.
  • इसके साथ ही Vitamin A से भरपूर चीजों का सेवन भी करे, पिले और नीले रंग की सब्जी व फल भी खाये इनमे Vitamin A पाया जाता हैं यह शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं को बढ़ाते हैं.
  • रोजाना गाय के दूध में थोड़ी किशमिश मिलाकर खाये इसके सेवन से भी चिकनगुनिया का ट्रीटमेंट होता हैं
  • इसके अलावा आप ज्यादा से ज्यादा कच्ची गाजर खाये यह चिकनगुनिया में रामबाण उपचार का काम करती हैं
  • तेज मसालेदार चीजों का सेवन बिलकुल भी न करे
  • तेल से बनी चीजों का सेवन न के बराबर करे
  • दारु, सिगरेट आदि नशीली चीजों के सेवन से भी बचे
  • बाजार को चीजों का सेवन न करे
  • दिन में तीन से चार बार नारियल पानी अवश्य पिए
  • Read more about what to eat or what to avoid in chikungunya >>> चिकुंगुन्या में क्या खाएं और क्या नहीं खाना चाहिए

बचाव के लिए कुछ सावधानियां

  • Chikungunya के लिए सबसे पहले तो मच्छरों को अपने घर से भगाये
  • कोइल, गुड नाईट रिफिल का प्रयोग करे
  • घर की खिड़कियों पर मच्छर दानी लगवाए
  • घर के आसपास मच्छर कीटनाशक दवाई का छिड़काव करवाए
  • घर में बर्तन या कूलर आदि किसी भी बर्तन में पानी ज्यादा दिनों तक भरकर न रखे
  • शरीर पर लौंग का तेल, निम् का तेल आदि लगाए ताकि आपके हाथ और पैरों में मच्छर न काटे
  • घर की सफाई पर विशेष ध्यान दें
  • रोजाना सुबह के समय निम्बू पानी लें यह शरीर की सफाई करेगा
  • रोजाना सुबह खली पेट तुलसी के पत्ते खाना शुरू करे इससे immune system strong होगा
  • Chikungunya बुखार के दौरान ज्यादा से ज्यादा आराम करे, घर से बाहर न निकले
  • ऐसे कपडे पहने जिनसे पूरा शरीर ढका हुआ रहे

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तो दोस्तों हमने आपको यहां पर चिकनगुनिया के घरेलू उपचार के आयुर्वेदिक उपाय chikungunya treatment in Hindi के बारे में जानकर अच्छा लगा होगा. इनसे आप घर पर ही घरेलु इलाज कर सकते हैं. और राजीव दीक्षित जी द्वारा बताया गया तुलसी के काढ़े के सेवन जरूर करे. उन्होंने इस काढ़े से लाखों लोगों को ठीक किया है.

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