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डेंगू के लक्षण क्या हैं – Dengue Symptoms in Hindi

Dengue fever symptoms in Hindi में – यह भी संक्रमित मच्छर से होने वाला एक गंभीर रोग हैं, कई लोग इस रोग की समय पर पहचान नहीं कर पाते और इसीलिए फिर उनकी तबियत बहुत ज्यादा ही गंभीर हो जाती हैं. इसलिए यहां हम आपको डेंगू के लक्षण क्या है यानी डेंगू बुखार की पहचान करने के बारे में बताएंगे ताकि आप घर पर ही अपने या दूसरे व्यक्ति को डेंगू बुखार होने पर लक्षण का पता लगा सके.

यहां पर हम आपको dengue symptoms के बारे में पूरी जानकारी (information) देंगे छोटे बच्चों में डेंगू होने की पहचान करना व बड़ों में डेंगू होने पर लक्षण के बारे में भी बताएंगे साथ ही इसके डेंगू होने के कारण के बारे में भी चर्चा करेंगे, अब पढ़िए डेंगू के लक्षण और उपचार के बारे में.

Quick Info

  • यह बुखार एक तरह के डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से होती हैं
  • यह मच्छर साफ़ पानी में अंडे देते हैं
  • डेंगू मच्छर के अंडे कई महीनो तक पानी के सुख जाने पर भी जिन्दा रहते हैं.
  • डेंगू के मच्छर के शरीर पर सफ़ेद व काली धारियां होती हैं, ठीक चीते व जेब्रा की तरह.
  • यह ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ पाते हैं
  • गमले, पर्दो के पीछे, कूलर के पास आदि यह मच्छर घर में ठंडी जगह पर रहते हैं

जानिए डेंगू के लक्षण और उपचार – Dengue Fever Symptoms in Hindi Language

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  • एक दम तेज बुखार आता हैं
  • शरीर में कमजोरी बढ़ जाती हैं, शरीर बहुत ज्यादा थकान से भर जाता हैं
  • आंखो के पीछे यानी आंखो में दर्द होने लगता हैं
  • डेंगू के बुखार में चक्कर भी आने लगते हैं (इस बिच बहुत से रोगियों को चक्कर के साथ बेहोशी भी आ जाती हैं)
  • किसी भी चीज का ठीक से स्वाद नहीं आता, मुंह बेस्वाद हो जाता हैं
  • उल्टियां होने लगती हैं
  • सर में दर्द होने लगता हैं
  • पूरा शरीर दर्द से भर जाता हैं
  • हाथों में दर्द, पैरों में दर्द, बदन दर्द होने लगता हैं
  • शरीर की त्वचा चमड़ी पर रैशेज़ होने लगते हैं
  • शरीर की त्वचा पर लाल चकत्ते बन जाते हैं
  • भूख नहीं लगना, भूख लगने पर भी भूख का एहसास नहीं होना

डेंगू बुखार के गंभीर लक्षण – Severe symptoms of dengue fever

अब हम आपको डेंगू बुखार की गंभीरता की और इशारा करते हुए लक्षणों के बारे में बताएंगे. इन लक्षणों के होने पर रोगी को जितने जल्दी हो सके डॉक्टर को दिखाना चाहिए, जरा सी देर भी महँगी पढ़ सकती हैं.

  • पेट में तेज दर्द होना (असहनीय और लगातार पेट दर्द) (Severe abdominal pain)
  • लगातार उल्टियां होना, बिना रुके उलटी करना (Persistent vomiting)
  • रोगी के नाक या मसूड़ों में से खून बहना भी डेंगू बुखार का गंभीर लक्षण होता हैं (Bleeding from your gums & nose)
  • शौच (मल), पेशाब और उल्टियों में खून आना भी गंभीर लक्षण होता हैं (Blood in your urine, stools or vomit)
  • चमड़ी यानी त्वचा के अंदर खून बहना
  • स्वांस लेने में परेशानी आना, तेज स्वांस लेने में मुश्किल होना
  • अत्यधिक चिड़चिड़ापन, अशांत रहना, मन नहीं लगाना (Irritability or restlessness)

आदि यह सभी dengue severe symptoms हैं, किसी भी व्यक्ति में यह सभी लक्षण (symptoms) नजर आने पर उसे तुरंत ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

अब हम बात करते हैं बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षणों के बारे में –

बच्चों में बड़ों के बदले डेंगू जल्दी से फैलता हैं क्योंकि बच्चों का शरीर बहुत ही नाजुक व कोमल होता हैं, इसीलिए छोटे बच्चों को कोई सा भी रोग आसानी से हो जाता हैं व जरा सा मौसम बदलने पर ही वह बीमार पढ़ जाते हैं.

बच्चों व बड़ों में लगभग एक जैसे ही लक्षण दिखाई देते हैं

  • भूख नहीं लगना, भूख का एहसास ही नहीं होना
  • कुछ भी खाने पर उसका स्वाद नहीं आना, मुंह का स्वाद बिगड़ जाना
  • बड़ों की तरह छोटे बच्चों के शरीर पर भी लाल रेशेज दिखाई देने लगते हैं
  • सर में दर्द
  • पुरे बदन में दर्द, जोड़ों में दर्द
  • तेजी से घटती प्लेटलेट्स की संख्या
  • चक्कर आना
  • कमजोरी महसूस होना
  • कमजोरी व थकान के वजह से ज्यादा नींद आना
  • चिड़चिड़ापन होना, अशांत मन
  • शरीर का टेम्परेचर तेज होना
  • दिन में तीन से ज्यादा बार उल्टियां करना
  • आदि जो लक्षण हमने ज्यादा उम्र वाले व्यक्ति के लिए बताये हैं ठीक वही लक्षण बच्चों में भी नजर आते हैं.

बच्चों में डेंगू के लक्षण जैसे जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, तेज बुखार आना, शरीर पर लाल चकते दिखाई पढ़ना आदि ऐसे लक्षण दिखाई दे तो आप तुरंत ही नजदीकी डॉक्टर को दिखाए ताकि समय पर डेंगू के लक्षणों का उपचार हो सके. (बच्चों का शरीर वैसे ही बहुत नाजुक व कोमल होता हैं ऐसे में उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ने की संभावनाए ज्यादा होती हैं) हमने डेंगू के पिछले लेख में बच्चों में डेंगू का इलाज व उपचार के बारे में भी बताया हैं यानी वयस्कों व छोटे बच्चों दोनों के लिए एक लेख में लाभप्रद जानकारी दी हैं आप उसे जरूर पड़ें.

डेंगू होने का कारण – Dengue Causes

डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से

डेंगू का बुखार मच्छरों के चार प्रकार के डेंगू वायरस में से किसी एक के कारण होता है जो कि मच्छरों में फैलता है और मानव मकानों के पास होता है. जब एक मच्छर एक डेंगू वायरस से संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो वायरस मच्छर में प्रवेश करती है. जब कोई सा संक्रमित मच्छर किसी अन्य व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उस व्यक्ति के रक्तप्रवाह में प्रवेश करता है. इस तरह स्वस्थ व्यक्ति को भी मच्छर के काटने से डेंगू हो जाता हैं.

डेंगू चार तरह के होते हैं जब एक बार कोई रोगी डेंगू बुखार से ठीक हो जाता हैं तो उसे डेंगू के एक प्रकार से सुरक्षा मिल जाती हैं लेकिन डेंगू के बाकी जो तीन प्रकार होते हैं उनसे रोगी को कोई सुरक्षा नहीं रहती हैं. ऐसे में अगर किसी डेंगू के रोगी को डेंगू का दूसरा प्रकार उसे हो जाए तो उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ जाती हैं, इसमें रोगी की मृत्यु हो जाने की संभावनाए भी होती हैं.

डेंगू बुखार में घटती प्लेटलेट्स की संख्या

डेंगू वायरस हमारे शरीर की प्लेटलेट्स पर नकारात्मक असर करता हैं जिससे शरीर में खून की जो प्लेटलेट्स होती हैं वह तेजी से घटने लगती हैं अगर समय पर इन प्लेटलेट्स को घटने से न रोका जाए तो रोगी की मृत्यु हो सकती हैं. ऐसे में जरुरी हैं की आप नियमित रूप से डेंगू होने पर प्लेटलेट्स की जांच करवाते रहे ताकि डेंगू से होने वाले जानलेवा खतों से बचा जा सके.

पानी ज्यादा पिए, तरल चीजों का ज्यादा सेवन करे

डेंगू के लक्षण का उपचार करने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी हैं की आप भरपूर मात्रा में पानी पिए, यह हम नहीं कह रहे बल्कि यह सभी डॉक्टर कहते हैं की डेंगू बुखार के उपचार में पानी ज्यादा पीना चाहिए. इसके साथ ही सभी तरह की तरल चीजों का सेवन करे जैसे नारियल पानी, सेब का रस, संतरे का रस आदि सभी तरह के फलों का रस डेंगू बुखार में लाभप्रद रहता हैं इसमें खासकर पपीता और पपीता के पत्तों का रस विशेषकर लाभप्रद माना जाता हैं.

तेज बुखार आने पर

बच्चों या बड़े व्यक्ति को डेंगू का तेज बुखार आने पर उसके सर पर गीली पट्टी रखें, इस छोटे से प्रयोग से तेज बुखार को कम करने में मदद मिलती हैं आप पानी की गीली पट्टी या फिर बर्फ के टुकड़ो की पट्टी रख सकते हैं.

डेंगू के लक्षण और उपचार इन हिंदी में

#1. गिलोय

गिलोय आयुर्वेद में एक बहुत ही महत्वपूर्ण जड़ी बूटी घरेलु उपाय है. नई दिल्ली से डॉ. गार्गी शर्मा बताते हैं, यह मेटाबोलिज्म दर को बनाए रखने में मदद करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और डेंगू के संक्रमण के विरुद्ध आपके शरीर की सुरक्षा करता है. गिलोय एक डंडी को लेकर पानी में अच्छे से उबालकर इसका सेवन करे, आप इसमें तुलसी की पत्तियां भी डाल सकते हैं.

#2. पपीता की पत्तियां

डेंगू के लक्षण और उपचार में पपीता की पत्तियों का यह उपाय रामबाण होता हैं. यह डेंगू के बुखार में घटती प्लेटलेट्स की संख्या को कम करता हैं जिससे डेंगू का रोगी खतरे से बाहर रहता हैं इसके सेवन से भारत में कई मरीजों को आराम पहुंचा हैं. इसके लिए पपीता की पत्तियां तोड़कर लाये व उन्हें कुचलकर या किसी अन्य वस्तु के जरिये उनका रस निकाल कर पिने से अत्यंत लाभ होता हैं. पपीता के पत्तों का 1-2 रस पीना होता है दिन में दो से तीन बार इसको आजमा सकते हैं.

#3. मेथी की पत्तियां

ये पत्ते बुखार को कम करने के लिए जाने जाते हैं और दर्द को कम करने और मरीजों के लिए अधिक आरामदायक होते हैं. शरीर को पूर्ण आराम देते हैं गहरी नींद लाने में सहायता करते हैं इसके साथ ही डेंगू के रोगी की कमजोरियों को भी दूर करते हैं. आप पत्तियों को पानी में भिगो सकते हैं और फिर इसे पी सकते हैं या आप मेथी पाउडर प्राप्त कर सकते हैं और इसे पानी से मिलाकर पि सकते हैं.

#4. गोल्डेसासाल

गोल्डेसायल एक औषधीय है, जिसकी सुखी जड़ को दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है. इसमें डेंगू बुखार के लक्षणों को बहुत जल्दी साफ़ करने और शरीर से वायरस को खत्म करने की क्षमता होती है. यह पपीता पत्तियों की तरह काम करता है आप इसे उसी तरह इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे पपीता को कुचल और चबा कर के या इसका जूस बनाकर भी सेवन कर सकते हैं.

#5. हल्दी

हल्दी शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में बेहद लाभप्रद होती हैं, इसके सेवन से मेटाबोलिज्म बढ़ता हैं और डेंगू बुखार का असर भी कम होता हैं. इसकी सेवन विधि भी बहुत ही आसान हैं रोजाना एक गिलास दूध में थोड़ी हल्दी डालकर पिए बस, इस छोटे से उपाय से आपको ढेर सारे लाभ होंगे पुरे शरीर के विषाक्त पदार्थ मल मूत्र के जरिये शरीर से बाहर निकल जायेंगे.

#6. तुलसी और कालीमिर्च

यह हम सब जानते हैं की तुलसी प्रत्येक रोग का इलाज करती हैं, खासकर संक्रमण से जुड़े रोगों में तुलसी का प्रयोग बहुत लाभकारी होता हैं. 8-10 तुलसी के पत्ते लें और इनमे करीबन दो ग्राम कालीमिर्च डाले और अच्छे से उबालकर ठंडा हो जाने पर इसका सेवन कर लें. इस प्रयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी, शरीर को बाहरी संक्रमण से लड़ने की क्षमता मिलेगी आदि कई लाभ होंगे.

इन बातों पर दें विशेष ध्यान

  • घर के आस पास व घर के नजदीक किसी भी बर्तन में पानी ज्यादा दिनों तक न भरकर रखे, उसे साफ़ करते हुए रोजाना बदलते रहे
  • कूलर के पानी को भी बदलते रहे व सप्ताह में एक बार उसे पूरी अच्छी तरह से साफ़ करे
  • घर में लगे गमलो में पानी ज्यादा दिनों तक न भरकर रखे
  • घर के आसपास साफ़ सफाई रखे
  • घर में दरवाजे के आसपास, खिड़कियों के आसपास आदि जगहों पर सफाई रखे
  • रात को सोते वक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करिये
  • कोइल या मच्छर भागने की दवा का प्रयोग करे
  • घर की खिड़कियों पर मच्छरदानी लगवाए

दोस्तों उम्मीद करते हैं की आपको डेंगू के लक्षण और उपचार से सम्बंधित यह जानकारी पढ़कर अच्छा लगा होगा, इसके अलावा हमने डेंगू के विषय में और भी जानकारी दी हैं आप उन्हें भी जरूर पड़ें उनमे हमने डेंगू के विषय में सभी तरह की जानकारी दी हैं. (Fever dengue symptoms in Hindi) अपने शरीर पर बताये गए लक्षण दिखने पर तुरंत ही प्रक्रिया करे, इन डेंगू बुखार के लक्षण को टालना नहीं चाहिए.

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