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100% Effective Yoga For Kabz Constipation – कब्ज का योग

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Yoga for constipation कब्ज बड़ा ही कष्टदायक होता हैं. और इसका कोई परमानेंट इलाज भी नहीं होता, chronic constipation पुरानी कब्ज का सिर्फ एक ही इलाज हैं और वह हैं स्वस्थ जीवन शैली, प्राकृतिक जीवन जीना. अगर आप इन दोनों चीजों पर ध्यान देंगे तो आपका कब्ज हमेशा के लिए दूर हो जायेगा, (कब्ज़ दूर करने के लिए).

स्वस्थ जीवन शैली में योगासन भी आते हैं जो की सभी तरह की पुरानी से पुरानी कब्ज़ (chronic constipation) के लिए रामबाण साबित होते हैं. योग हमे प्रकृति से जोड़ता हैं, और प्रकृति ही हमारा मूल स्त्रोत हैं. इसी वजह से योगासन हर तरह की बिमारियों में रामबाण इलाज का काम करता हैं.

कब्ज के लिए योग में हम आपको कुछ ऐसे अनूठी योग क्रिया बताएंगे जिनको करने से चाहे जैसी भी कब्ज (chronic constipation) हो वह दूर हो जाएगी.

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पेट की आंतों में मल का रुक जाना ही कब्ज कहलाता हैं. जब हम अनियमित जीवन शैली जीते हैं तो कब्ज का रोग हो जाता हैं.

प्राकृतिक उपाय – कब्ज के लिए योगासन और प्राणायाम

बाबा रामदेव – कब्ज़ के बारे में जानने से पहले चलिए थोड़ा यह भी जान लिया जाए की आखिर कब्ज़ किस वजह से होती हैं. हम रोजाना कौन-कौन सी गलतियां करते हैं जिससे हमे यह रोग हो जाता हैं.

  • अनियमित जीवन शैली (यानी भोजन करने का निश्चित समय नहीं होना, कभी भी किसी भी समय कुछ भी खा लेना)
  • Liquid foods तरल पदार्थों का कम सेवन करना, पानी कम मात्रा में पीना
  • चाय और कॉफ़ी का ज्यादा मात्रा में सेवन करना
  • भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद आदि का सेवन नहीं करना
  • आहार में पर्याप्त खुराक या उच्च फाइबर आहार नहीं होने के कारण
  • शारीरिक मेहनत नहीं करना, जरा सा भी पैदल नहीं चलना
  • भोजन करने की गलत आदतें, भूख से ज्यादा भोजन करना, बिना भूख के भोजन करना, भोजन को चबा-चबाकर नहीं खाना, मल त्याग
  • करने से पहले ही भोजन कर लेना.
  • शराब और ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन
  • भोजन करने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीना
  • भोजन करने के तुरंत बाद सो जाना

Best Yoga For Kabj Constipation in hindi

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अब हम आपको यह भी बता देते हैं की योग फॉर कब्ज़ इन हिंदी हर तरह की पुरानी से पुरानी कब्ज को दूर करने में कैसे मदद कर सकता हैं. योगासन एक शारीरिक क्रिया हैं, इसको करने से शरीर के विभिन्न अंगों का व्यायाम होता हैं. जिससे बाहरी व आतंरिक अंगों को भरपूर ऊर्जा मिलती हैं. इस ऊर्जा से उनकी कार्यप्रणाली में तीव्रता आती है.

इस तीव्रता के आने से वह पेट की क्रिया को और भी अच्छे ढंग से पूर्ण रूप से करने लगते हैं, जिससे पेट में कब्ज नहीं बनती हैं. तो यह रहा कब्ज के लिए योगासन का महत्व. कब्ज़ के योग में प्राणायाम भी अहम् भूमिका निभाते हैं.

प्राणायाम शरीर में छोटे से छोटे अंगों तक पर्याप्त ताज़ा हवा पहुंचाता हैं व पेट की अतिरिक्त चर्बी को ख़त्म करता हैं. इसके साथ ही प्राणायाम के कई और भी मानसिक व शारीरिक लाभ होते हैं. हम यहां आपको तीन तरह की योगिक क्रिया बताएंगे 1. एनीमा, 2. योगासन, 3. प्राणायाम. इन तीनो क्रियाओ से आपको (chronic constipation) पुरानी कब्ज़ से छुटकारा मिलेगा.

Enema Yoga For Chronic Constipation

अगर आप (chronic constipation) का Permanent solution खोज रहे हैं तो इससे बढ़कर आपको और कोई रामबाण इलाज नहीं मिलेगा. एनीमा एक ऐसी योगिक क्रिया हैं जो की कई सालों से आंतों में फंसे मल को भी बाहर निकाल देती हैं.

इस क्रिया को योगीजन बहुत इस्तेमाल करते है. योग में जब भी कोई व्यक्ति दीक्षित होता है या योग साधना करना शुरू करता हैं तो उसे पहले शरीर शुद्धि करने के लिए यह क्रिया करने को दी जाती हैं. यह शरीर के सारे मल को बड़ी ही आसानी से बाहर निकाल देती हैं, जिससे पेट से सम्बंधित कोई सा भी विकार मनुष्य को छू तक नहीं पाता.

इस क्रिया को करने से शरीर बिलकुल हल्का फुल्का मालुम होने लगता हैं, मानसिक और शरीर शमता बढ़ती हैं, उम्र बढ़ती हैं, त्वचा में नई कोमलता आने लगती हैं, भूख खुलकर लगने लगती हैं आदि इस क्रिया को करने के कई ढेरों स्वास्थ्या लाभ होते हैं. चलिए अब आगे इस कब्ज के योग एनिमा की विधि के बारे में जानने की कोशिश करते हैं.

योग फॉर कब्ज़ – एनिमा एक ऐसी क्रिया हैं जिसके विधि के बारे सुनकर आप भी चौंक जायेंगे, शुरू में आपको भी लगेगा की ऐसा कैसे हो सकता हैं. मन में सवाल पैदा होंगे आदि. शुरुआत में जब मेने इस क्रिया के बारे में सुना था तो मुझे भी यह बहुत पेचीदा लगी थी.

मुझे लगा था यह एक आम आदमी के बस के बाहर हैं, लेकिन जब कुछ समय बाद मेने खुद इस क्रिया को कर के देखा तो यह बहुत ही आसान लगी. किसी भी तरह की कोई परेशानी मुझे नहीं आई.

Buy Enema Kit First

सबसे पहले आपको एक एनिमा किट को खरीदना होगा, यह एनिमा किट आपको Online stores amazon, flipkart पर मिल जाएगी. अगर आपको यह यहां से न मिल पारही हो तो आप अपने नजदीकी मेडिकल स्टोर्स पर जाकर एक एनिमा किट का आर्डर कर दें वह कुछ दिनों में आपके लिए एनिमा किट मंगवा देंगे.

एनिमा किट में 1 छोटे आकर की 1-2 मीटर लम्बी नली होती हैं, और एक पानी का डिब्बा और तीन इंच लम्बा एक छोटा सा पाइप होता हैं.

इन चीजों के सहारे एनिमा क्रिया की जाती हैं. चलिए अब आगे पढ़ते हैं की इन चीजों के सहारे एनिमा कैसे किया जाता हैं. सबसे पहले इस बोटल में जितना पानी आजाये उससे थोड़ा ज्यादा पानी लेकर आग पर हल्का गर्म कर लें. ध्यान रखे पानी को सिर्फ इतना गर्म करे की वह ठंडा न रहे, यानी ना तो ज्यादा गरम न ज्यादा ठंडा बिलकुल सामान्य सा गुनगुना पानी करे और इसमें 1-2 चम्मच सफ़ेद नमक भी मिला दें.

इसके बाद इस गुन-गुने पानी को बोटल में भरले व अब इस बोटल में नली लगाए, नली लगाने के बाद इसमें जो 3 इंच लम्बा छोटा पाइप है उसे नली के अगले छोर पर लगाए और इस बोटल को दिवार पर अच्छी ऊंचाई पर टांग दें या किसी स्टूल पर रख दें. अब आपकी एनिमा किट प्रयोग के लिए तैय्यार हो चुकी हैं.

Performing Enema Yogic Kriya

अब आप जमीन पर सीधे लेट जाइये, या फिर आगे की और झुककर खड़े हो जाइये. अब जो नली का दूसरा छोर था, जिसमे हमने 3 इंच लम्बा छोटा पाइप सा लगाया हैं उसमे से मुंह के जरिये पानी को खींचे जब नली में पानी आजाये तो थोड़े से पानी को बाहर बह जाने दें व इसके बाद इस नली को अपने गुदा-द्वार (Anus) यानी जहां से हम मल त्याग करते हैं, उस जगह पर इस नली को 3 इंच अंदर तक जाने दें.

यह नली जब आप अपने मल द्वार में अंदर लगा देंगे तो बड़ी आंत में धीरे-धीरे पानी जाना शुरू हो जायेगा. इस बिच आपको पेट में गड़बड़ महसूस होगी, आपको लगेगा की मुझे शौच आ रहा हैं, तो आपको जब भी ऐसा लगे तो थोड़ी से देर के लिए उस नली को दबा दें, इससे पानी जाना बंद हो जाएगा. फिर कुछ सेकण्ड्स के बाद नली में से पानी को जाने दें.

धीरे-धीरे आपकी आंतों में यह पूरा पानी आजायेगा. इसके बाद आपको 15 से 20 मिनट्स तक ऐसे ही रहना हैं जिस पोजीशन में आपने एनिमा लिया था. अगर झुककर एनिमा लिया हो तो वैसे ही 15 मिनट झुक कर खड़े रहे, और लेट कर एनिमा लिया हो तो ऐसे ही लेटे रहे.

इस बिच जल्दबाज़ी बिलकुल न करे

क्योंकि यह एनिमा की अहम् प्रक्रिया हैं. आंतों में गया हुआ पानी वहां मौजूद सारे मल को अपने साथ घोल लेगा, इसके बाद जब 15-20 मिनट्स हो जाए तो धीरे-धीरे चलकर शौचालय की तरफ जाए व शौच करने के लिए बेथ जाए. अब मल द्वार को बिलकुल ढीला छोड़ दें. जैसे ही आप इसे ढीला छोड़ेंगे इसमें से ढेर सारा मल पानी के साथ बाहर निकलने लगेगा. याद रखे इस समय शौच करते वक्त मल द्वार पर जरा भी जोर न लगाए बस इसे ढीला छोड़ कर रखे. धीरे-धीरे यह सब बाहर निकल जाएगा.

ऐसा सिर्फ सप्ताह में 2-3 बार करने से ही आपका पेट पूरी तरह साफ़ हो जायेगा. कब्ज के लिए इससे बढ़कर आपको और कोई रामबाण इलाज नहीं मिलेगा.

How to Perform Enema at home Video Step By Step

कब्ज के लिए कपालभाति प्राणायाम

कब्ज के लिए प्राणायाम भी बहुत मददगार होते हैं, यह पेट की आंतों में ताज़ा ऑक्सीजन पहुंचाते हैं जिससे आंतों में फंसा मल ढीला होकर निचे की और खिसकने लगता हैं.

Kapalbhati Pranayama

  • कपालभाति प्राणायाम की विधि भी बहुत आसान होती हैं. इसको करना बहुत ही आसान हैं.
  • अपने पैरों को मोड़कर, कमर को सीधी रख कर बैठ जाए.
  • आंखें बंद कर ले
  • धीमी गहरी स्वांस अंदर लें
  • अब झटके से पूरी स्वांस को बाहर की और निकाल दें
  • यानी स्वांस को अंदर लें और झटके से एक दम पूरी स्वांस को बाहर निकालने की कोशिश करे.
  • नियम से रोजाना सुबह के समय 5-10 मिनट इस प्राणायाम को करे. कई अद्भुत लाभ होंगे.

कब्ज़ के रोगी के लिए वज्रासन

वज्रासन उन लोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता हैं जिनको भोजन ठीक से नहीं पचता हैं व कब्ज की शिकायत रहती हैं. ऐसे लोगों को रोजाना भोजन करने के बाद 20 मिनट्स तक वज्रासन में बैठना चाहिए. इसके लिए आपको कोई अलग से समय नहीं निकालना होता हैं. जैसे ही भोजन किया उसके बाद आप थोड़ी देर आराम के लिए बैठते तो होंगे ही तो इस बिच आप इस वज्रासन में बैठ जाए करे.

इसकी विधि भी बहुत ही आसान हैं. बस अपने दोनों पैरों को मोड़कर उनके ऊपर बैठना होता हैं, ध्यान रखे –
अपनी कमर को बिलकुल सीधी रखे. इस योग से कब्ज़ के रोगी को बहुत फायदा होगा. भोजन जल्दी व आसानी से पच जायेगा व पेट में कोई शिकायत नहीं होगी.

सूर्य नमस्कार करे

यह आप सभी भी जानते हैं की फ़िलहाल में सूर्य नमस्कार को कितना महत्व दिया जा रहा हैं. इसके पीछे कई ढेरों कारण हैं, क्योंकि सूर्य नमस्कार 12 ऐसे योगासन से मिलकर बना हैं जो की हर तरह के मानव के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होते हैं.

दूसरी बात इसे करने में कोई ज्यादा समय भी नहीं लगता मात्रा 5 मिनट. और अगर आप इसे 5 मिनट से पहले ही करना चाहते हैं तो और भी जल्दी की जा सकती हैं. इसलिए कब्ज़ के रामबाण इलाज के लिए आप सूर्य नमस्कार योग भी करे.

हलासन योग फॉर कब्ज़

यह हलासन योग पेट की आंतों में खून की गति को बढ़ाता हैं, जिससे पेट की कई विकृतियां शांत होती हैं. खासकर कब्ज के रोगी को यह योगासन तो जरूर करना ही चाहिए. इसकी विधि आप यहां दी गई फोटो में देख सकते हैं. व वीडियो भी दी जा रही हैं उसे भी देखें ताकि आपको हलासन योग कैसे करे यह आसानी से समझ आजाये.

पवनमुक्तासन फॉर गैस, एसिडिटी

Pawanmuktasana Posture Step by Step

पेट में गैस, कब्ज आदि पेट के रोगों के लिए पवनमुक्तासन योग रामबाण होता हैं. इसको करने से पेट में मौजूद सारी जेहराली हवा बाहर निकल जाती हैं व आंतों में फंसा हुआ मल भी बाहर की और खिसक जाता हैं. जिससे कब्ज, बवासीर, गैस आदि रोगों में बहुत लाभ होता हैं. पवनमुक्तासन की विधि समझने के लिए ऊपर दी गई फोट देखिये व यहां निचे दी जा रही वीडियो भी देखें.

उत्तानपादासन

यह योग उन लोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता हैं जिन्हें ज्यादातर पेट की बीमारियां होती रहती हैं. क्योंकि यह योग पेट के हिस्से में खिंचाव पैदा करता हैं, जिससे पेट के आतंरिक अंग गतिशीलता प्राप्त करते हैं. उत्तानपादासन की विधि भी बहुत ही आसान हैं, कमर के बल सीधे लेट जाए और अपने दोनों पैरों को हवा में उठाये, अपनी क्षमता अनुसार पैरों को हवा में रखे. फोटो देखें.

Baba Ramdev Constipation Yoga Video Must Watch

  • सुबह उठने के तुरंत बाद ही दो ग्लास पानी पिए (हो सके तो पेट भरके पिए)
  • एक दिन में 10 लीटर तक पानी पिए, शरीर को तरल बनाये रखे
  • शारीरिक श्रम करना शुरू करे, GYM, Yoga Exercise, Jogging करना शुरू करे
  • भोजन को चबा-चबाकर खाये
  • रोजाना भोजन में मूली, सलाद और हरी सब्जिय खाये
  • इस बिच संतरे के रस के जरिये व्रत उपवास भी करे
  • रोजाना सुबह के समय थोड़ा पानी गर्म कर के उसमे नीबू मिलाकर पिए, पेट साफ़ होगा.

Baba ramdev तो दोस्तों यह थे नई व पुरानी कब्ज के लिए योग (प्राणायाम) इन हिंदी में इनको अगर आप रोजाना समय से करते हैं तो आपको कभी भी कब्ज रोग नहीं होगा. योग फॉर कब्ज़ में जो हमने एनिमा की क्रिया बताई हैं, उसे आप जरूर करे. वह इन सब में सर्श्रेष्ठ हैं.

एक बार एनिमा की क्रिया करने पर ही आपको लाभ मालूम हो जाएगा. chronic constipation पुरानी कब्ज़ के लिए इससे बेहतरीन रामबाण उपाय आपको और कहीं नहीं मिलेगा.

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