malaria se bachne ke upay, malaria prevention in hindi

मलेरिया से बचने के 10 उपाय – Prevention in Hindi

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यहां हम जानेंगे जानलेवा बुखार मलेरिया से बचने ठीक करने के उपाय के बारे में, हम आपको इससे बचने के तरीके बताएंगे जिनको अपना कर आप मलेरिया बुखार से बचाओ कर सकते हैं. हमारी सेहत बिगड़ने का कारण ही यही होता है, हम छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते ही नहीं और फिर यह धीरे-धीरे बड़े रोग में बदल जाती हैं. हम यहां आपको ऐसी ही छोटी-छोटी नजर अंदाज की जाने वाली बातों और आदतों के बारे में बताएंगे.

इससे पहले की हम इस बुखार से बचने के उपाय और तरीके के बारे में जाने चलिए पहले “मलेरिया बुखार” क्या होता हैं और मलेरिया के प्रकार कितने होते हैं आदि इसके बारे में जानने की कोशिश करते हैं ताकि इससे हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सके. पड़ें – मलेरिया का असरकारी इलाज उपचार

मलेरिया बुखार क्या और क्यों होता है

  • मलेरिया ज्यादातर Africa, Southern Asia, South America और Central America में पाया जाता हैं. अभी कुछ सालों से यह भारत में भी होने लगा हैं, क्योंकि दिन-ब-दिन भारत का पर्यावरण भी बिगड़ता जा रहा हैं. हर जगह गंदगी ही गंदगी फैली हुई मिलती. देखा जाए तो हम ही हमारे पैरों पर कुदाल मार रहे हैं.
  • क्योंकि जिस मच्छर के काटने से मलेरिया होता हैं वह मच्छर इसी गंदगी में पनपता हैं. सिर्फ इसी गंदगी में ही नहीं बल्कि हर वह जगह जहां पर ज्यादा दिनों तक पानी रुक हुआ व कचरा पड़ा हुआ रहता हैं. ऐसी जगह पर डेंगू, मलेरिया के व आदि जानलेवा कीटाणु पैदा होते हैं. इसलिए सेहत बनाये रखने के लिए आजकल भारत में स्वछता को इतना महत्व दिया जा रहा हैं. स्वछता फैलाये यह भी मलेरिया से बचने का तरीका हैं.
malaria se bachne ka tarika

Cycle Of Malaria Fever

मलेरिया से बचने के उपाय और तरीका कैसे बचे

Malaria Prevention Tips in Hindi

मलेरिया मच्छर के बारे में

  • मलेरिया से बचाव – इस मच्छर को “Anopheles mosquitoes” के नाम से जाना जाता हैं. इस प्रजाति के नर मच्छर संक्रमित नहीं होते और न ही उनके काटने से किसी को मलेरिया होता हैं. मलेरिया सिर्फ इस प्रजाति की मादा मच्छर के काटने से होता हैं. वह भी जब यह मादा मच्छर “Parasites” नामक खतरनाक बैक्टीरिया से संक्रमित हो जाती हैं तब.
  • जब तक यह मादा मच्छर इस बैक्टीरिया से संक्रमित नही होती तब तक यह चाहे इंसान को कितना ही काट ले, इसके काटने से कुछ नुकसान नहीं होता. यह सिर्फ बताये गए बैक्टीरिया के infection में आने पर ही खतरनाक होती हैं.
  • जब यह Parasite infected female Anopheles mosquitoe किसी व्यक्ति को काटती हैं तो इसमे मौजूद Parasite नामक बैक्टीरिया इंसान के शरीर में पहुंच जाता हैं, और फिर यह शरीर के किसी अंग में कुछ दिनों तक बिना कुछ असर दिखाए रहता हैं. फिर जब यह ताकतवर हो जाता है तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर हमला करता हैं जैसे पाचन प्रणाली, लिवर, किडनी आदि.

“मादा मच्छर के काटने पर 10 से 30 दिनों के अंदर यह Parasite Bacteria असर दिखाने लगता हैं”

  • मलेरिया के लक्षन के बारे में
  1. जोड़ों में दर्द होना
  2. खून की कमी होना
  3. उलटी व जी मचलना
  4. ठण्ड लगकर बुखार आना (यह मलेरिया का सबसे सामान्य लक्षन होता हैं)
  5. शारीरिक कमजोरी व थकान होना
  6. सर में दर्द, सर्दी जुकाम होना
  7. सांसे लेने में तकलीफ आना
  8. कई बार गंभीर हालात में रोगी कोमा में भी जा सकता हैं
  9. और पड़े लक्षण के बारे में – मलेरिया के लक्षण (Symptoms)

मलेरिया बुखार बच्चों के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक होता हैं. यह बच्चों की मानसिक क्षमता (Mental Capacity) को Damage करता हैं.

मलेरिया के प्रकार कितने तरह के होते हैं Types Of Malaria

Plasmodium vivax (P. vivax) – यह बैक्टीरिया इंसान के शरीर में कई महीनो तक बिना कुछ असर दिखाए रह सकता है. यह जानलेवा नही होता. यह सिर्फ तब ही असर दिखा पाता है जब यह खुद शक्तिशाली हो जाता है.

Plasmodium malariae (P. malariae) – यह बैक्टीरिया भी सामान्य ही होता हैं, लेकिन अगर लंबे समय तक इसकी ओर ध्यान न दिया जाए तो यह खतरनाक हो सकता हैं. लेकिन ज्यादातर ऐसा नहीं होता.

Plasmodium ovale (P. ovale) – यह इंसान के शरीर में कई महीनो तक रह सकता हैं, यह जानलेवा तो नहीं होता लेकिन इसके लिए इलाज की जरुरत पढ़ती हैं.

Plasmodium falciparum (P. faliparum) – यह सबसे खतरनाक व जानलेवा बैक्टीरिया जिससे ज्यादातर लोग मारे जाते हैं. समय रहते अगर इसकी देखभाल न की जाए तो यह किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को मौत के मुंह तक ला सकता है.

Plasmodium knowlesi (P. knowlesi) – यह सिर्फ macaques को ही प्रभावित करता हैं, इससे इंसान को कोई खतरा नहीं होता.

Control And Prevention tips अब हम आपको मलेरिया बुखार से बचने के उपाय व तरीके बताएंगे. इन तरीको की मदद से आप मलेरिया बुखार से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं. मलेरिया का निवारण.

सबसे पहले रखे सफाई का ध्यान

  • मच्छर व अन्य घातक कीटाणु साफ़-सफाई का ध्यान न रखने पर ही पैदा होते हैं. इसलिए अगर आपको आने वाले सभी तरह के रोग से बचे रहना हैं तो “स्वस्छता” की आदत बनाये. अपने घर व घर के आस पास जहां भी कचरा व रुका हुआ पानी हो उसे सांफ करे.
  • ज्यादातर मलेरिया के मच्छर बारिश के मौसम में पैदा होते हैं. क्योंकि बारिश का पानी कई जगह पर ठहर जाता हैं जैसे बगीचे में, कार मोटर के टायर में, गड़हों में, गमले में आदि बारिश का पानी जहां कई भी जमा हुआ हो उसे तुरंत हटा दें. क्योंकि जब यह पानी ज्यादा दिन तक जमा हुआ रहता हैं तो इसमे मच्छर पैदा हो जाते हैं.
  • अगर आपके घर के आस पास तालाब या कुवां हैं तो उसमे मछलियां लेकर डाल दें. मछलियां इन मच्छरों के अण्डों को खा जाती हैं. जिससे कुवे व तालाब में मच्छर पैदा नही हो पाते.

मच्छर की कोइल का उपाय

  • अब मच्छरों से बचने के लिए बाजार में ऐसे कई प्रोडक्ट्स आ गए हैं जिनके प्रयोग से मच्छरों से छुटकारा पाया जा सकता हैं. सच तो यह हैं की यह प्रोडक्ट्स मच्छरों को तो दूर भगा देते हैं लेकिन हमारे लिए यह भी हानिकारक होते हैं. वैसे बारिश के मौसम में समय-समय पर इनका उपयोग किया जा सकता हैं.
  • आप जहां कई भी रहते हो मच्छरों से बचने के लिए कोइल, रीफिल या मच्छरों से बचने के मोशन क्रीम का उपयोग जरूर करे. अगर आपको मलेरिया बुखार हैं तो ऐसी स्थिति में तो आपको इनका उपयोग जरूर करना चाहिए. (बारिश के मौसम में भी इनका उपयोग जरूर करे)

मच्छरदानी का प्रयोग करे (मलेरिया का निवारण)

  • यह मलेरिया के मच्छरों से बचने का देसी उपाय हैं और इससे शरीर को भी कोई नकारात्मक नुकसान नहीं होता. मच्छरों को दूर करने वाली कोइल, रीफिल आदि भी नुकसान दे सकती हैं लेकिन यह बिलकुल नहीं देती. इसलिए आप इसका उपयोग जरूर करे. यह कोइल रीफिल से सस्ती ही होती हैं. सिर्फ एक बार थोड़े पैसे लगते हैं बाकी फिर महीनो तक इससे फायदे होते हैं.

मच्छर दानी का खासकर प्रयोग छोटे बच्चों के लिए जरूर करे.

निम की पत्तियों का धुआं (देसी उपाय)

  • मलेरिया से बचने के लिए क्या करे – घर में निम की पत्तियों का धुआं करने से कई तरह के फायदे होते है, इससे घर में मौजूद सभी तरह के कीटाणु मर जाते हैं व इससे वास्तु दोष में भी लाभ होता हैं. और जब बात आती हैं मलेरिया के उपाय के बारे में तो यह इसमे भी बहुत फायदेमंद है. इसके धुंए से घर के कोने-कोने के मच्छर मर जाते हैं व घर के आसपास के मच्छर भी भाग जाते हैं.
  • यह तो हुई मलेरिया से बचाव के तरीके अब हम आपको मलेरिया बुखार को ख़त्म करने में मदद करने वाले घरेलु आयुर्वेदिक दवा के बारे में बात करते हैं इनके जरिये आपको मलेरिया से निवारण में लाभ होगा.

3 Gharelu Ayurvedic Upay

  • एक चम्मच दालचीनी, थोड़ी सी शहद और थोड़ी सी कालीमिर्च इनको आपस में मिलाकर एक ग्लास में उबाले. जब यह अच्छे से उबल जाए तो इसको ठंडा होने पर पि लें. इसको मलेरिया बुखार में रोजाना पिने से बहुत लाभ होता हैं.
  • 250 ml पानी, 15 ग्राम चिरायता, 2 लौंग और थोड़ी सी दालचीनी इनको आपस में मिलाकर अच्छे से उबाल लें. फिर दिन में 2 बार 1-2 चम्मच रोजाना लें.
  • तुलसी की पत्तियों का 11 ग्राम पेस्ट बनाये, इसमे 3 ग्राम कालीमिर्च पाउडर मिलाये. इसको रोजाना मलेरिया बुखार में दिन में एक बार लेने से तेज बुखार में बहुत आराम मिलता हैं.
  • और पड़ें मलेरिया में क्या खाना चाहिए – मलेरिया में क्या खाना चाहिए और क्या न खाये

Facts About Malaria Fever

  • Prevention – मलेरिया पहली बार 1880 में हुआ था
  • मलेरिया शब्द italian हैं. Mal+aria इसका मतलब होता है “Bad Air” गन्दी हवा
  • मलेरिया बुखार इंसान को infected मच्छर के काटने पर होता हैं
  • यह मच्छर ज्यादातर शाम के समय सक्रीय होते हैं (इस समय खासकर सावधान रहे)
  • पूरी दुनिया में 2013 में 198 million मलेरिया से रोगी पीड़ित हुए थे. और 584,000 की इससे मौत हुए थी. Tips for malaria prevention in Hindi me.

उम्मीद हैं दोस्तों आपको मलेरिया से कैसे बचे बचने के लिए तरीके prevention malaria in Hindi के बारे में जानकार बहुत अच्छा लगा हो. बताये गए इन उपयोग को आप जरूर अपनाये. हमने मलेरिया बुखार पर और भी बहुत से लेख लिखे आप उन्हीं भी पडें.

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