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बुखार के लक्षण बचाऊ – Fever Symptoms & Prevention

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यहां हम आपको बैक्टीरियल और वायरल बुखार के लक्षण के बारे में पूरी जानकारी देंगे इन हिंदी में. इसके साथ ही यह भी बताएंगे की इसके क्या नकारात्मक नुकसान होते हैं, बच्चों बढ़ों और बुजुर्गों के लिए.

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Bacterial fever और viral fever के symptoms लगभग मिले जुले होते हैं, बस थोड़ा बहुत फर्क होता हैं. वायरल बुखार में आंखे लाल होना, गला सुखना, ठिठुरन आदि. यह वायरल फीवर में बाहरी संक्रमण के वजह से होता है, गन्दा पानी पीना, झूठा पानी पीना, दूषित चीजे खाना, बीमार व्यक्ति से Sex और Kiss करना आदि. किसी चीज के जरिये संक्रमण में आने पर वायरल फीवर होता हैं.

सामान्य बुखार मौसमी बदलाव, बैक्टीरिया, थकान, रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमजोरी आदि से होता. या यूं समझे की जब भी आपको अपना शरीर गर्म व बुखार से ग्रसित दिखे तो समझ लें की यह शरीर अंदर किसी बैक्टीरिया से लड़ रहा हैं.

Fever Symptoms & Cause in Hindi Bukhar Ke Lakshan Ki Jankari

बुखार होना इसी बात की ओर इशारा करता हैं, जब हमारे शरीर में किसी भी रूप से बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं तो शरीर इन्हे बाहर निकालने व ख़त्म करने के लिए कार्य करना शुरू कर देता हैं जिससे इस क्रिया में शरीर का तापमान बढ़ जाता हैं, इसी क्रिया को बुखार के नाम से जाना जाता हैं.

हमारी ही छोटी-छोटी गलतियों के वजह से बुखार आता हैं, इससे बचने के लिए हमे बस थोड़े सुधार की जरुरत हैं. हम यहां आपको बुखार से कैसे बचे व बचू इस बारे में पूरी सलाह देंगे, साथ ही बुखार से बचाउ और इसके लक्षण के बारे में पूरी तरह जानने की कोशिश करेंगे.

  • बार बार बुखार आना बहुत नुकसान करता हैं

एक साल में ही 4-5 बार बुखार आना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता, खासकर बच्चों के लिए तो यह बहुत ही खतरनाक होता हैं. क्योंकि बच्चों का शरीर अभी नाजुक और growth करने वाला होता हैं, ऐसे में अगर बुखार बार बार आये तो शरीर क्षीण हो जाता हैं जिससे उनके शरीर की growth पर बहुत बुरा असर पड़ता हैं.

आपने भी देखा होगा की जिन लोगों की बचपन में ज्यादा सेहत ख़राब रही हैं उनकी फिर जवानी में कभी सेहत नही बन पाती. बहुत से व्यक्तियों की लंबाई नही बढ़ पाती, वजन नहीं बढ़ पाता, दुबलेपन के शिकार हो जाते हैं आदि यह सब इसी वजह से होता हैं. इसलिए अगर आप किसी बच्चे के पिता या मां हैं तो अपने बच्चे को बीमार न पड़ने दें.

  • (Fever) बुखार से सम्बंधित सभी लेख पड़ने के लिए यहां क्लिक करे, हमारी सलाह हैं की आप इन्हे जरूर पडें – Fever Bukhar Treatments 

बुखार के लक्षण कौन कौन से होते हैं, बुखार में क्या होता हैं

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Fever – Lakshan

बुखार का सबसे सामान्य लक्षण हैं fever symptoms शरीर का गर्म होना, बुखार आने पर शुरुआत में पूरा शरीर हल्का गर्म हो जाता है, इसके साथ ही शारीरिक थकान आने लगती हैं.

  • सर्दी होना
  • खांसी होना
  • पैर दर्द होना
  • थकान महसूस होना
  • जोड़ों में दर्द होना
  • आंख जलने लगना
  • पसीना आना
  • भूख कम लगना
  • भोजन करने का मन न होना
  • डिहाइड्रेशन
  • मानसिक तनाव

High fever symptoms – तेज बुखार 103 F (39.4 C) and 106 F (41.1 C) इतने तापमान के बुखार में यह लक्षण दिखाई देते हैं

  • भृम होना, दिमाग ठीक से काम नही कर पाता
  • उलझल होना
  • चिढचिढापन होना
  • आंखे लाल होना
  • शरीर से बहुत ज्यादा पसीना निकलना
  • तेज सर दर्द

तेज बुखार में सामान्य बुखार के सभी लक्षण तेज, तीव्र हो जाते हैं. ज्यादातर लोगों को सर्दी जुकाम से बुखार आता हैं. यानी शुरुआत में व्यक्ति को पहले सर्दी होती है फिर इसके साथ खांसी भी होने लगती है और धीरे-धीरे बुखार आ जाता हैं. इस तरह आने वाला बुखार वैसे तो कोई ज्यादा खतरनाक नहीं होता लेकिन ज्यादा समय तक इसका इलाज न करवाया जाए तो यह टाइफाइड में तब्दील हो सकता हैं.

अब आपने फीवर के लक्षण के बारे में तो जान ही लिया हैं, अब हम आपको फीवर के कारण यह क्यों होता हैं इस बारे में जानकारी देने की कोशिश करेंगे. guide about fever symptoms and prevention in hindi.

  • क्या आप भी Toothpaste से दांत साफ़ करते हैं तो यह जरूर पडें – Rajiv Dixit exposed on Toothpaste

क्या आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हैं

बुखार आने का सबसे आम कारण हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता. हमने आपको बुखार से जुड़े पिछले कई लेखों में बताया हैं की ऐसे कई लोग होते हैं जिनको सालों में बुखार आता हैं और ठीक इससे विपरीत कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनको 12 महीनो में 4-5 बार बुखार आ जाता हैं.

जब की यह दोनों व्यक्ति एक ही वातावरण में रह रहे हो, तब भी एक को सालों में बुखार आता हैं और एक को साल में चार पांच बार. खान-पान भी एक जैसा, रहते भी एक जगह पर, काम भी एक जैसा ही करते है उम्र भी एक जैसी है फिर दोनों में से एक को बुखार क्यों आता हैं.

हमे पता हैं, इस बिच आप के मन में यह विचार आया होगा की हो सकता हैं इनमे से एक व्यक्ति अपनी सेहत की पूरी देखभाल करता होगा, इसलिए उसे सालों में एक बार बुखार आता होगा. लेकिन अगर आपने ऐसा सोचा हैं तो आप गलत हैं.

जी इसके पीछे एक कारण होता हैं और वह हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी बाहरी संक्रमणों से लड़ने की क्षमता और मौसम के परिवर्तन को झेलने की क्षमता. जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती हैं उसे कोई भी बीमारी आसानी से नहीं हो सकती वहीँ जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होगी उसे जरा से मौसमी बदलाव से ही सर्दी जुकाम हो जायेगा.

हमने ऐसे बहुत से लोगों से इस बारे में बात की हैं और जानने में आया की कई व्यक्ति शारीरिक क्षमता से बहुत कमजोर थे लेकिन उन्है आसानी से बुखार नहीं आता था, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत मजबूत थी.

अपनाये यह उपाय और बुखार को कहे हमेशा के लिए अलविदा

तो दोस्तों अगर आप बुखार, सर्दी जुकाम और खांसी से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं तो अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाये. इसके लिए हम आपको दो ऐसे उपाय बता रहे हैं जिनको आजमाने से आपको सर्दी, खांसी और बुखार कभी भी नहीं होगा.

पहला उपाय हम बताएंगे तुलसी के पत्तों का, यह सुनने में बहुत सदाहरण लग रहा होगा लेकिन शायद आपको पता नहीं होगा की तुलसी में बुखार की दवा के जितने गुण होते हैं. हम तो ज्यादातर इन नुस्खों से ही बुखार को भगा देतें हैं. तुलसी का यह जो बुखार से बचने का उपाय हैं सबसे बेहतरीन हैं.

तो आप एक काम कीजिये रोजाना सुबह उठने के बाद, खाली पेट एक ग्लास पानी के साथ 3-4 तुलसी के पत्ते खाना शुरू कर दें. पत्तों को चबाये नहीं सीधे पानी के साथ निगल जाए, 2-3 सप्ताह के प्रयोग से आपके शरीर में जितने भी बैक्टीरिया होंगे सब मर जायेंगे. इस प्रयोग को रोजाना करते रहे जिंदगी भर फिर जिंदगी में आपको कभी बुखार और जुकाम नही होगा.

लहसुन और तुलसी का रामबाण आयुर्वेदिक नुस्खा

दूसरा उपाय हैं लहसुन की कली का, यह उपाय आप सिर्फ सर्दी के मौसम में ही अपना सकते हैं. यह उपाय जुकाम और बुखार के साथ साथ बहुत से शारीरिक स्वास्थ्य लाभ भी देगा, इससे आपकी सेक्स करने की क्षमता भी बढ़ेगी, त्वचा में निखार आएगा, पेट साफ़ रहेगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी.

इसके लिए रोजाना रात को सोने से पहले लहसुन की 3-4 कलियों को अंगारे पर सेंक कर खाये. अंगारे को आप थोड़ी सी लकड़ी या गोबर के कंडे को जलाकर पा सकते हैं, लकड़ी या कंडे में आग लगा दें जब यह आग बुझ जाए और सिर्फ अंगारे ही रह जाए तो इनमे लहसुन की कलियों को सेंक लें. एक बात और याद रखे लहसुन को खाने के बाद 1-2 घंटे तक पानी बिलकुल भी न पिए. यह बुखार से बचाउ कैसे बचे का सदाचरण उपाय हैं.

डॉक्टर को कब दिखाए

जैसे ही आपको बुखार के लक्षण मालूम होने लगे आप डॉक्टर को दिखा सकते हैं, वैसे शुरुआत में आप आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खों को अपनाकर भी बुखार का इलाज कर सकते हैं. और अगर बुखार से आपकी तबियत ज्यादा खराब हैं तो फिर डॉक्टर को ही दिखाए.

डॉक्टर से Chekup करवाने पर वह आपको 3-4 दिन की दवाइयों का कोर्स देंगे, इनको लेने पर 2 दिन के अंदर बुखार खत्म हो जायेगा, लेकिन आपको दवाई का पूरा कोर्स लेना हैं. क्योंकि इतनी जल्दी बुखार शरीर से पूरी तरह नहीं जाता हैं. यही गलती ज्यादातर लोग करते हैं जिसके बहुत बुरे अंजाम हो सकते हैं.

हमे यह समझ में नही आता की जब आपने डॉक्टर को Checkup की Fees दी हैं दवाई खरीदने के पैसे दिए तो फिर इन दवाइयों के कोर्स को पूरा क्यों नहीं लेते. उन्हें जैसे ही आराम होता हैं वह दवाइयां लेना बंद कर देते हैं. इसलिए हम स्वास्थ्य से जुड़े हर लेख में यही सलाह देते हैं की आप दवाइयों का पूरा कोर्स जरूर लें.

सर्दी जुकाम से आने वाले बुखार के लिए

अगर आपको बहुत सर्दी हो रही हो, और इस सर्दी की वजह से ही बुखार आया हो, या आपको ऐसा लग रहा हो की मुझे बुखार आएगा तो आप बेशक इस उपाय को आजमा सकते हैं.

थोड़ा सा अदरक लें, अब इसको कूटकर इसका रस निकाले. अदरक का छोटी आधी चम्मच रस मिलाये और इसमें शहद मिला दें. शहद आप अपने हिसाब से मिला सकते हैं. अगर अदरक का रस न निकल पा रहा हो तो अदरक को बारीक पीस कर शहद में मिलकर खा सकते हैं. इसे सुबह और शाम दोनों समय लेना होता हैं और इस लेने के बाद 1-2 घंटे तक भूलकर भी पानी न पिए.

अगर इसको उपाय को दो बार लेने पर आपको फर्क न दिखे तो डॉक्टर को दिखा सकते हैं. वैसे हम भी इसका ही उपयोग करते हैं.

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बुखार के समय रखे इन बातों का ध्यान

  • समय से दवाई लें
  • दवाई लेने के बाद कम्बल ओढ़कर सो जाए और गर्मी निकाले
  • दवाई लेने के बाद बीएड पर से बार बार न उठे
  • ठंडी हवा में न जाए
  • इस समय आपको आराम की ज्यादा जरुरत हैं इसलिए कोई काम न करे
  • बुखार के समय सही खाना खाये, कैसा भोजन करे यह पढ़ने के लिए यहां क्लिक करे बुखार में क्या खाना चाहिए

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4 Comments

  1. mukesh
  2. Amrit Singh

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