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गठिया का इलाज 101% घरेलु उपचार बाबा रामदेव की दवा आयुर्वेदिक

सन्धिवात गठिया का इलाज के उपाय में हम आपको पुराने से पुराने 40 तक के घटिया रोग ठीक करने का यानी कारगर अर्थराइटिस रोग का घरेलु उपचार  बताएंगे. यह तेजी से बढ़ता हुआ एक रोग है जो की ज्यादातर 60 की आयु से अधिक स्त्री पुरुष को होता है लेकिन कभी-कभी यह कम उम्र के व्यक्तियों को भी अपना शिकार बना लेता है. इसे अर्थराइटिस भी कहते है . इसका दर्द बहुत तेज होता है या शरीर की हड्डियों के जोड़ में यह कहीं भी हो सकता है अर्थात इसका समय पर उपचार करवाना बेहद जरुरी होता है gathiya arthritis treatment in Hindi ayurveda at home.

कई लोग गठिया की दवा और गठिया दर्द का तेल का इस्तेमाल भी करते है लेकिन यह इस रोग को जड़ से ख़तम नहीं करते इस वजह से तकलीफ जारी रहती. इसके लिए जो घरेलु उपाय हम यहाँ बताने जा रहे है अगर आपको इनको करते है तो आपको 100% लाभ होगा हजारो लोगों को हुआ है इसलिए आपको भी होगा ही आगे पढ़िए गठिया का उपचार के लिए आयुर्वेदिक उपायों के बारे में.

आयुर्वेदा में गठिया का इलाज रामबाण घरेलु उपचार

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गठिया अर्थराइटिस के कारण

  • यूरिक एसिड की अधिक मात्रा होने से
  • शारीरिक श्रम की कमी होने से
  • कार्टिलेज उत्तक की मात्रा में कमी होने से
  • चोंट के कारण
  • पाचन तंत्र कमजोर होने से

गठिया के लक्षण

  • हड्डियों के जोड़ों में दर्द होना
  • जोड़ों में सूजन होना
  • दर्द वाली जगह लाल होना
  • सुबह के वक्त ज्यादा दर्द होना
  • शरीर के किसी भी हड्डी के जोड़ में दर्द होना
  • हाथों पैरों में गांठे बनना
  • कूल्हे, घुटने, उंगलियों, कंधो आदि में दर्द

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1. राजीव दीक्षित जी – जिनको भी 10 साल पुरानी, 40 साल पुरानी अर्थात पुरानी से पुरानी अर्थराइटिस गठिया रोग हो और डॉक्टरों ने मना कर दिया हो तो आप यह आयुर्वेदिक उपाय करिये 100% लाभ होगा. पारिजात पौधा जिसे हरश्रृंगार पौधे के नाम से भी जानते है तो पारिजात के 6-7 पत्ते तोड़कर उनकी चटनी बना लें और एक गिलास पानी में डालकर उसे तब तक उबाले जब तक की पानी उबलकर आधा न रह जाए फिर गैस बंद कर दें और पानी ठंडा होने के लिए छोड़ दें. इसको सुबह समय लेना होता है. तो आप रात को यह बनाकर रख ले और सुबह खाली पेट यह पि जाए. इसका मात्र 6-7 प्रयोग करने से ही आधा लाभ हो जाता है. यह उपाय जड़ी बूटी से गठिया के दर्द का इलाज भी करता है 5 दिन में दर्द ख़त्म कर देता है.

नोट : जिनका अर्थराइटिस (गठिया) नया है वह इस पारिजात के पत्तों का पानी सिर्फ दो या दिन तक ही लेवे. इतने में ही आपको लाभ हो जायेगा. यह पौधा हरश्रृंगार किसी भी नर्सरी में आसानी से मिल जायेगा इसे ले आये घर पर बड़े गमले में लगा ले और इसका प्रयोग करे. यह 100% जड़ी बूटी से गठिया अर्थराइटिस का इलाज करता है वह भी मुफ्त में, डॉक्टर भी हजारो रुपए की गठिया की दवाई खिला देता है फिर भी आराम नहीं मिलता लेकिन यह आप करे आपको पूरा आराम मिलेगा.

2. मेथी, हल्दी और सूखा हुआ अदरक यानी सोंठ इन तीनो को बराबर की मात्रा में लेकर अच्छे से पीस लें और पाउडर बना लें. अब रोजाना नियमित रूप से सुबह खाली पेट एक चम्मच इस पाउडर को हलके गर्म पानी के साथ ले. इसका प्रयोग लगातार 2 महीने तक करे, वैसे यह 1 महीने में ही आपको बहुत आराम पहुंचा देगा लेकिन इसे जड़ से मिटाने के लिए दो महीने तक जारी रखे. यह भी एक असरकारी गठिया रोग का घरेलू उपचार है जो की थोड़ा समय लेता है लेकिन गठिया व गठिया के दर्द से छुटकारा दिला देता है, यह एक अर्थराइटिस में दर्द की दवा की तरह काम करता है.

महुआ की छाल का काढ़ा बनाकर एक दिन में करीबन तीन बार पिए. इससे गठिया रोग में बहुत लाभ होता है. गठिया के दर्द के लिए महुआ की छल को अच्छे से पोसकर गर्म कर लें और दर्द वाली जगह पर लेप करे तो दर्द से निजात मिलती है.

3. गोखरू, सोंठ, मेथी और अश्वगंधा इन चारों चीजों को बराबर की मात्रा में लेकर बारीक पीसकर पाउडर बना लें और सुबह शाम एक-एक चम्मच यह पाउडर खाये. यह आयुर्वेदिक उपाय यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित करने में रामबाण होता है. गठिया यूरिक एसिड के असंतुलन के वजह से होता है और यह उपाय URIC ACID को संतुलित करता है. रोजाना नियमित रूप से प्रयोग जारी रखे.

गठिया की दवा है यह आयुर्वेदिक घरेलु उपाय

4. आर्थराइटिस का इलाज में नागरमोथा घास जो तालाब के किनारे गीली जगह पर उगती है, इस घास को आप जड़ से उखाड़े तो इसके आखिर में गांठ निकलेगी, यानी जैसे हम प्याज के पौधे को उखाड़ते है तो उसमे निचे प्याज लगा हुआ मिलता है ठीक वैसे ही इस नागरमोथा घास को उखाड़ने पर एक छोटी सी गंगट निकलती है. तो आप ढेर साड़ी घांस उखड कर उन सभी की गांठे तोड़ लें फिर इनको धुप में सूखा लें, सुख जाने पर बारीक पीसकर इनका पाउडर बना लें अब रोजाना सुबह शाम एक-एक चम्मच यह पाउडर लें. आप नागरमोथा घास की गांठों को बिना सुखाये भी ले सकते है – 5-6 नागरमोथा घास की गांठे ले और इन्हें बारीक़ पीस लें और सीधे खा जाए. आप बारी-बारी से दोनों प्रयोग करके देख सकते है.

5. सरल सा गठिया के इलाज के लिए आयुर्वेदा एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच पीसी हुई चीनी, चने की दाल के बराबर चुना (चुना जो की किरणे की दुकान पर मिल जाता है) अब आप इन सभी को एक कटोरे में डालकर ऊपर से थोड़ा सा पानी मिलकर अच्छे से मिक्स कर लीजिये और पेस्ट बना लीजिये. अब रात को सोने से पहले अपने घुटनो पर यह पेस्ट लगाए और रुई रख कर किसी कपडे या डॉक्टर टेप से इसे घुटनो पर बांध दें रात भर इसे लगा रहने दें. इससे गठिया में घुटनो के दर्द का इलाज होता है.

6. 20 ग्राम बथुआ के पत्तों का रस रोजाना सुबह खाली पेट होने पर पिए व इसमें नमक चीनी आदि बिलकुल न मिलाये. इस को लेने के बाद 45 मिनट बाद तक कुछ भी न खाये पिए, प्रयोग निरंतर करते रहे. इसके अलावा बथुआ की सब्जी खाये और रोटी का आता गुंदते समय उसमे बथुआ की पत्तियां बारीक़ करके डाल दें और रोटी बनाये एक समय इसकी रोटी भी खाये. इस तरह लाभ और भी जल्दी मिलता है.

7. हल्दी और लहसुन दोनों को बराबर की मात्र में लेकर सरसो के तेल में डालकर पकाये, जब उबलकर लहसुन व तेल जल जाए तो गैस बंद कर दें और इसे छानकर किसी बोतल में भरकर रख दें. यह गठिया का तेल है जो गठिया दर्द के इलाज में बहुत काम आता है. रोगी को धुप में बैठकर इस तेल से रोजाना मालिश करे.

8. पतंजलि की दवा पीडादान्त का भी आप प्रयोग कर सकते है, यह गठिया के वजह से हड्डियों के जोड़ों में उठे दर्द को ख़त्म करने में मदद करता है, यह जड़ी बूटियों से बना उत्पाद है.

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अन्य गठिया के रामबाण घरेलु उपचार आयुर्वेदिक नुस्खे

  • 7 ग्राम लहसुन के रस को 60 ग्राम गाय के दूध में अच्छे से मिलाकर पीते रहने से कुछ ही दिनों में गठिया रोग का उपचार हो जाता है.
  • एरंड का तेल, रतनजोत का रस और लहसुन का रस इन तीनो 7-7 ग्राम की मात्र में मिला लें और रोजाना पिए तो सिर्फ सात दिन में ही गठिया से छुटकारा मिल जाता है.
  • लहसुन की खीर 7 दिन तक पिने से भी अर्थराइटिस दूर हो जाता है.
  • लहसुन को दूध में पीसकर अथवा उबालकर पिने से भी लाभ होता है.
  • मेथी घी में भूनकर लड्डू बना ले और 15-20 दिनों तक रोजाना खाये.
  • रोजाना गाजर खाये व गाजर का रस पिए तो गठिया अर्थराइटिस लाभ मिलता है.
  • Also Read : घुटनो का दर्द का इलाज

दोस्तों इस तरह आप बताये गए आयुर्वेदिक घरेलु उपचार को नियमित रूप से विधिअनुसार करेंगे तो आपको गठिया की दवा से भी ज्यादा शत प्रतिशत आराम मिलेंगे व गठिया रोग से छुटकारा मिल जायेगा. हजारो लाखों लोगों ने यह उपाय किये है व उनको लाभ भी हुआ है. यह नुस्खे बाबा रामदेव पतंजलि का इलाज राजीव दीक्षित जी द्वारा बताये गए हैं उन्होंने इन उपायों के माध्यम से लाखो लोगो को लाभ पहुंचाए है.

गठिया का इलाज के घरेलु उपचार के जरिये आप बड़ी आसानी से घर पर रहकर ही बिना एक रूपया खर्च किये अर्थराइटिस गठिया रोग की छुट्टी कर सकते है.

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One Response

  1. Om Nath

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