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वेट लोस्स के लिए ग्रीन कॉफ़ी बनाने का सही तरीका, पिने की विधि

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वेट लोस्स के लिए ग्रीन कॉफ़ी बनाने का तरीका और पिने का तरीका क्या होता है : ग्रीन कॉफ़ी से वेट लोस्स करना बहुत आसान उपाय होता है. असल में इसमें ऐसे कई गुण होते है जो की चर्बी को ख़त्म करते है मोटापे को कण्ट्रोल करते है, शरीर का अतिरिक्त वजन इससे कम होता है.

इसीलिए ग्रीन कॉफ़ी को ज्यादातर मोटापा कम करने की दवा यानी सप्लीमेंट के रूप में जाना जाता है. इसके बारे में ऐसी गलत जानकारी भी फैली हुई है की ग्रीन कॉफ़ी पिने से एक महीने में 15 किलो तक वजन कम हो जाता है, लेकिन यह गलत है और सिर्फ 30 दिन में इतना वजन कम नहीं हो सकता. अगर कोई सप्लीमेंट इतने तेजी से वजन कम करता भी है तो इसके शरीर पर कई दुष्प्रभाव पड़ते है, जिससे शरीर कमजोर होता है.

अगर आप नियम से वेट लोस्स करने के लिए ग्रीन कॉफ़ी पीते है तो तिस दिन में पांच किलो के लगभग आपका वजन कम हो सकता है, इससे ज्यादा भी हो सकता है. हमने आपको सिर्फ एक अनुपात बताया है. आगे जानिए ग्रीन कॉफ़ी कैसे बनाये तरीका और जानिये green coffee benefits in Hindi for weight loss के बारे में.

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ग्रीन कॉफ़ी क्या होती है ?

  • ग्रीन कॉफ़ी को आप नेचुरल कॉफ़ी कह सकते है, यह इसी का एक रूप है. ग्रीन कॉफ़ी के जो बीन्स होते है उन्हें भुना नहीं जाता है इसी वजह से वह कच्चे होते है. (कॉफ़ी बीन्स को भुनने पर वह और ज्यादा खुशबूदार हो जाते है और टास्ते भी बढ़ जाता है) भुने हुए बीन्स की कॉफ़ी पिने से वजन पर कोई फर्क नहीं पड़ता, साधारण कॉफ़ी में भुने हुए बीन्स का उपयोग किया जाता है वही ग्रीन कॉफ़ी में बीन्स को भुना नहीं जाता है, इसीलिए ग्रीन कॉफ़ी वेट लोस्स में बहुत फायदेमंद होती है.

ग्रीन कॉफ़ी बनाने का तरीका

Green Coffee Banane Ka Tarika Vidhi in Hindi

ग्रीन कॉफ़ी बीन्स और पाउडर दोनों तरह से बनाई जाती है. हम आपको दोनों तरीके बताएंगे. इसके अलावा बाजार में ग्रीन कॉफ़ी के कई प्रोडक्ट्स भी आने लगे है जैसे ग्रीन कॉफ़ी कैप्सूल आदि लेकिन अभी तक उनके प्रभाव के बारे में हमे कोई जानकारी नहीं है इसलिए हम आपको बीन्स और पाउडर दोनों को बनाने के तरीके और ग्रीन कॉफ़ी पिने का तरीका बताने जा रहे है.

  • ग्रीन कॉफ़ी कैसे बनाये बीन्स से : इसके लिए 10-12 ग्राम ग्रीन कॉफ़ी के बीन्स और 160 ML पानी लें. इसको स्वादिष्ट बनाने के लिए आप इसमें जरा सी इलाइची या शहद मिला सकते है. अब आप रात को सोने से पहले इन 10 ग्राम बीन्स को पानी में भिगोकर रख दें फिर सुबह इस पानी को खंगाल कर 15-20 मिनट तक धीमी आंच में गैस पर उबाले. ग्रीन कॉफ़ी बनने पर अगर स्वाद अच्छा न आये तो इसमें थोड़ी सी और इलाइची या शहद मिला सकते है.
  • Green coffee kaise banaye Powder se : ग्रीन कॉफ़ी के पाउडर से कैसे इस कॉफ़ी को बनाये इसके लिए आप कॉफ़ी बीन्स को बारीक पीस लें और पाउडर जैसा बना लें अब आप इस पाउडर को एक कप में डाले और उस कप में फिर ऊपर से गर्म पानी डाल दे, ऐसे ही छोड़ दें फिर दस मिनट बाद इसे छानकर पिए. बाजार में ग्रीन कॉफ़ी का पाउडर सीधा मौजूद होता है तो अगर आप बीन्स का उपयोग नहीं कर रहे और आपके पास सीधा पाउडर है तो आप उसका उपयोग सीधे कप में डालकर फिर गर्म पानी डालकर कर सकते है. तो यह रही ग्रीन कॉफ़ी बनाने की विधि हमने दोनों तरह की विधि बता दी है.

ग्रीन कॉफ़ी कब पीना चाहिए और पिने का तरीका

  • सुबह खाली पेट या ब्रेकफास्ट से पहले ग्रीन कॉफ़ी पिने से आप जल्दी से वजन कम कर सकते है.
  • भोजन करने के एक दो घंटे पहले भी ग्रीन कॉफ़ी का सेवन कर सकते है.
  • याद रखे इसका सेवन करने के आधे घंटे पहले व आधा घंटा बाद तक कुछ भी न खाये पिए तो इसका असर बहुत तेजी से होगा.
  • इसके अलावा अगर आप ग्रीन कॉफ़ी के कैप्सूल टेबलेट का उपयोग कर रहे है तो उस ग्रीन कॉफ़ी की टेबलेट कैप्सूल को लेना का तरीका भी उसी में दिया होगा आप अच्छे से पढ़े साड़ी जानकारी उसमे दी होगी.

ग्रीन कॉफ़ी पिने के नुकसान क्या होते है

नुकसान हर चीज करती है, लेकिन सभी की एक सिमा होती है. वैसे ग्रीन कॉफ़ी के नुकसान के बारे में अभी तक कोई ज्यादा बाते सुनने को नहीं मिली है. इसको अगर सामान्य तरीके से बराबर मात्रा में उपयोग किया जाए तो ज़रा भी नुकसान नहीं करती है.

  • ज्यादा ग्रीन कॉफ़ी पिने से सर्दी जुकाम, नींद कम आना, बेचैनी, घबराहट हो सकती है.
  • पेट की गड़बड़ बन सकती है, भूख कम लगने लगती है
  • जिन्हे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है वह इसके सेवन से बचे
  • प्रेग्नेंट महिलाये इसका सेवन न करे
  • जो महिलाये छोटे बच्चों को स्तनपान कराती है उन्हें भी ग्रीन कॉफ़ी नहीं पीना चाहिए

Expired Coffee : असल में कॉफ़ी व चाय कभी भी एक्सपिरे नहीं होती उनकी कोई expiry date नहीं होती, हां अगर आप कॉफ़ी को ठीक जगह पर नहीं रखते है, ठीक से नहीं रखते तो वह उस वजह से ख़राब हो सकती है बाकी उसकी खुद कोई एक्सपायरी तारिक नहीं होती.
Expired coffee Side Effects : इसके साइड इफेक्ट्स बहुत कम लोगो को होते है, जैसे पेट ख़राब होना, जी घबराना, उलटी जैसे जी करना, भूख नहीं लगना आदि निम्न कुछ साइड इफेक्ट्स होते है, पर यह बहुत कम लोगों में होते है. जिन लोगों को कॉफ़ी की लत होती है उन पर इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते.

तो इस तरह आपने जाना ग्रीन कॉफ़ी बनाने का तरीका और पिने का तरीका इसके अलावा हमने बाकी सारी जानकारी दी है, कब इसको पिए, कैसे पिए, कब पीना ज्यादा असरदार होता है आदि. बाकी green coffee benefits in Hindi के बारे में भी सभी कुछ आपको बता दिया है.

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