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Chicken Pox & Smallpox Treatment in Hindi At Home

सरकारी मान्यता के मुताबिक यह रोग प्राय: समाप्त हो चूका हैं. आजकल शिशु को तीन से छह माह की अवस्था में इन रोगों के टीके या दवा की बूंदें सरकार के स्वास्थय विभाग की और से दी जाती हैं. इसी तरह टीबी और पोलियो के लिए भी स्वास्थ्य विभाग आवश्यक औषधि तथा इन्फेक्शन आदि देता है. माता-पिता का यह आवश्यक कर्तव्य है की वे अपने बच्चों को सरकार द्वारा दी जाने वाली औषधियों इंजेक्शन आदि का सेवन करवाए, ayurvedic remedies for Small pox and chicken pox treatment tips in Hindi at home.

अगर इसके बावजूद यह रोग हो जाता है तो सरकार के स्वास्थ्य विभाग या योग्य डॉक्टर से सलाह लें इसके साथ ही यहां दी जा रही chicken pox home remedies का प्रयोग भी कर सकते हैं. लेकिन यह भी जरुरी है की आप अपने डॉक्टर से मिले व चिकन पॉक्स का इलाज करवाए. आइये जाने.

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Chicken Pox And Small Pox Symptoms 

Chicken pox होने का सबसे आम लक्षण है शरीर पर छोटी-छोटी फुंसियों का होना. अगर आपको smallpox हुआ है तो आपके शरीर पर थोड़ी बड़ी फुंसिया होंगी और अगर चिकन पॉक्स हुआ होगा तो आपके शरीर पर थोड़ी छोटी फुंसिया होंगी. फुंसिया होने से पहले निम्न लक्षण भी आपमें नजर आने लगेंगे.

  • बुखार
  • सर में दर्द
  • शारीरिक थकान
  • शारीरिक कमजोरी
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सामान्य खांसी होना
  • सांस लेने में तकलीफ होना

Chicken & Smallpox Causes 

  • Chicken pox और smallpox दोनों ही varicella-zoster वायरस के वजह से होते हैं. यह छूत का रोग होता हैं. चिकन पॉक्स के रोगी के छींके से, खांसने से, उसका झूठा खाने से, घाव के मवाद से, थूंक से आदि से फैलती है. इसीलिए चिकन पॉक्स के रोगी को अलग कमरे में सुलाया जाता है ताकि और लोग उससे संक्रमित न हो.
  • चिकन पॉक्स कितने दिन रहता है – varicella-zoster वायरस का शरीर में आने के 10 से 21 दिनों के भीतर चिकन पॉक्स के लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं व चिकन पॉक्स व स्मॉलपॉक्स 7 से 12 दिनों तक रहता है.

Chicken pox Treatment in Hindi With Remedies

Ayurvedic Smallpox Solution in Hindi

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  • रुद्राक्ष को साफ़ सुथरी पानी में घिसकर रोगी को दिन में तीन से चार बार तक दे, व घिसे हुए रुद्राक्ष के पेस्ट को फुंसी व दाग पर लगाए. रुद्राक्ष के प्रयोग से स्मॉलपॉक्स व चिकन पॉक्स दोनों में बहुत लाभ होता हैं.
  • तुलसी की 13 पत्तियों को तीन कालीमिर्च के साथ पीसकर गरम पानी से दिन में दो तीन बार दें. इस प्रयोग से चिकन पॉक्स के वायरस का असर कम होता हैं व शरीर को वायरस से लड़ने की क्षमता मिलती हैं.
  • रोगी को लौंग डाला उबला हुआ पानी अधिक से अधिक मात्रा में दें. फिटकरी के घोल से रोजाना कुल्ले करवाए. रोगी को नमक नहीं दें. भोजन के रूप में केवल दूध, चाय व फलों का रस पिलाये.
  • नीम की पत्तियों को रोगी के सिरहाने और पायताने रखें. कमरे के दरवाजे और चारो कोनों पर भी नीम की अच्छी और ताज़ी पत्तियां रखें. खिड़कियां दरवाजों पर पर डाल दें और कमरे को स्वच्छ रखें. रोगी की पोषक तथा बिस्तर की चद्दर रोज बदले. उसके मल मूत्र और थूक को अलग पात्र में रखें तथा उसे जमीं में गढ़वा दें. बच्चों को रोगी से बिलकुल अलग रखें. रोगी की सेवा करने वाले व्यक्ति को चाहिए की वह रोजाना नीम की पांच छह पत्तियों को आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच कालीमिर्च के चूर्ण के साथ सेवन करे इससे सेवा करने वाले व्यक्ति को चिकेनपॉक्स होने का खतरा नहीं रहता.
  • एक गिलास पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर शरीर पर लगाने से चिकन पॉक्स की फुंसिया व घाव से आराम मिलता हैं, शरीर को ठंडक होती हैं.
  • नीम चिकन पॉक्स और स्मॉलपॉक्स ट्रीटमेंट में बहुत ही लाभकारी हैं. नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से नाहने से बहुत ही आराम मिलता हैं, दाग व फुंसियों चिकन पॉक्स के गड्डे से हो रही बेचैनी व दर्द में अत्यंत आराम मिलता हैं.
  • नीम की पत्तियों को बिस्तर पर बिछाकर उसपर बिना कपड़ो के सोने से दाग फुंसियों से बहुत आराम मिलता हैं.
  • नीम की 8 कोंपले और 8 कालीमिर्च को मिलाकर पेस्ट बना लें या फिर ऐसे ही खाली, यह प्रयोग नियमित रूप से सुबह के समय खाली पेट होने पर करे. इससे शरीर की रोगाणुओं से लड़ने की क्षमता बढ़ती हैं व जो व्यक्ति इस प्रयोग को अप्रैल, मई, जून में करता है उसे चिकेनपॉक्स स्मॉलपॉक्स आदि संक्रमित रोग नहीं होते. इसके अलावा जो व्यक्ति रोजाना सुबह के समय खालीपेट 5-6 तुलसी की पत्तियां खाकर एक गिलास पानी पिता है उसे जिंदगी में कभी कोई सा भी बुखार नहीं आता और न ही सर्दी जुकाम होता हैं. आप इन दोनों उपायों को आजमाकर चिकेनपॉक्स व स्मॉलपॉक्स जैसे रोग से बच सकते हैं.
  • नीम और तुलसी के 10-10 पत्ते और 5 कालीमिर्च इन तीनो को आपस में मिलाकर पिसे व फिर इसे एक दिन में तीन से चार बार गुन-गुने पानी के साथ सेवन करे. इस प्रयोग से चिकेनपॉक्स वायरस का प्रभाव कम होता है व चिकेनपॉक्स के लक्षणों से राहत मिलती हैं.
  • शहद को शरीर पर लगाने से दाग व घाव से राहत मिलती हैं, फुंसियों के वजह से हो रही बेचैनी दूर होती हैं.
  • नीम के पत्तों के पेस्ट को त्वचा पर लगाने से चिकेनपॉक्स की फुंसिया का प्रभाव कम होता हैं. फुंसियों की तकलीफ से छुटकारा मिलता हैं.
  • कच्चे करेले के टुकड़ों को पानी में उबालकर दिन में चार बार तक पिने से भी इस रोग में बहुत राहत मिलती हैं, यह भी स्मॉलपॉक्स ट्रीटमेंट में लाभकारी होता हैं. करेले का रस व करेले की सब्जी भी इस रोग में खाना चाहिए.
  • नारियल पानी चिकन पॉक्स ट्रीटमेंट में बहुत फायदा देता हैं, यह बेचैनी को रोकता है शरीर में पानी की कमी को दूर करता है व थकान को आने से रोकता हैं. इसके लिए रोगी को दिन में तीन चार बार नारियल पानी अवश्य पीना चाहिए व नारियल पानी को शरीर पर लगाने से भी दाग व फुंसियों से राहत मिलती हैं.
  • गाजर और धनिया का सूप पिए यह भी चिकेनपॉक्स और स्मॉलपॉक्स दोनों में लाभकारी होता हैं. इसके अलावा गाजर का रस व धनिया का पानी आदि वह सभी चीजे खाना चाहिए जिनमे गाजर व धनिया ज्यादा मिला हुआ हो.
  • स्मॉलपॉक्स में करेले के पत्ते, फल व बेल को पीसकर इसके रस को दिन में तीन चार बार 18ml की मात्रा में एक चम्मच शहद के साथ लेने से स्मॉलपॉक्स बड़ी माता में अत्यंत लाभ होता हैं best home remedy for small pox.
  • सुबह खाली पेट नींबू पानी पिने से भी चिकन पॉक्स व स्मॉलपॉक्स में लाभ होता है. इसके प्रयोग से शरीर की सफाई होती है व चिकन पॉक्स के वायरस का प्रभाव कम होता हैं.
  • जौ के पानी से नाहने से शरीर पर उठी हुई फुंसियों से राहत मिलती हैं, अगर आपके पास बाथ टब है तो उसमे जौ को बारी-बारीक पीसकर उस पानी में डालकर स्नान करे. इस तरह बाथ टब में 15-20 मिनट बेथ कर स्नान करने से चिकेनपॉक्स की फुंसियों से बहुत रहत मिलती हैं.
  • भारत में चिकेनपॉक्स और स्मॉलपॉक्स जौ की छोटी माता व बड़ी माता के नाम से जाने जाते है, इनके इलाज के लिए हिन्दू धर्म में माता के मंदिर जाकर पूजा आदि क्रिया भी की जाती है जिससे रोगी को अत्यंत आराम मिलता हैं. इसके लिए आपको अपने नजदीकी शीतला मां के मंदिर में जाकर जानकारी लेना चाहिए या अपने परिवार के बड़े बुजुर्ग व्यक्ति से इस बारे में चर्चा करना चाहिए.

Other Home Remedies & Tips

  • नींबू को फुंसी व दाग पर रगड़ने से चिकेनपॉक्स के दाग दूर होते हैं.
  • चिकन पॉक्स की फुंसियों पर अलोएवेरा का रस लगाने से दाग खत्म होते हैं.
  • लहसुन के रस को दाग फुंसियों पर दिन में तीन दाग लगाने से दाग मिट जाते है.
  • शहद को फुंसियों व निशान पर लगाने से भी दाग मिटाये जा सकते है, दिन में तीन चार बार शहद लगाए.
  • टमाटर के पल्प को चेहरों के दाग व फुंसी पर लगाए वह मिट जायेंगे.
  • पपीता के रस में जरा सा दूध मिलाकर चहरे पर लगाने से दाग दूर होकर त्वचा कोमल बनती है.
  • इस पोस्ट के अगले पेज में इस रोग से होने वाले दागो के बारे में बताया है, उन्हें कैसे ख़त्म किया जाए व छुटकारा पाया जाए. इसके लिए आप उसे एक बार जरूर पड़ें : NEXT PAGE

इस तरह आप इन home remedies for chickenpox and small pox treatment in Hindi से घर पर ही कई हद तक आराम पा सकते हैं. इसके अलावा नीम का इस रोग में विशेष प्रयोग होते है तो उनको आप जरूर करे व अपने खान पान पर ध्यान दें, वैसे यह रोग ज्यादातर बच्चों को ही होता है लेकिन कभी बड़ों को भी जाता हैं. इसके अलावा अपने नजदीकी डॉक्टर से उपचार जरूर करवाए.

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