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पीलिया में क्या खाये और परहेज – Jaundice Diet Chart in Hindi

यहां हम आपको बताएंगे की पीलिया में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं साथ ही पीलिया में परहेज किन-किन चीजों का करना चाहिए, किन फलों का रस पीना चाहिए, कैसी सब्जी खाना चाहिए, कैसी रोटी खाना चाहिए आदि  क्या खाये और क्या न खाये इस संबंध में पूरी तरह से विस्तार में बताएंगे इसके अलावा रोगी को पीलिया के समय सुबह, दुपहर, शाम और रात को क्या सेवन करना चाहिए यानी Jaundice diet chart (foods) in Hindi के बारे में भी बताएंगे.

Quick Info : पीलिया एक जानलेवा रोग हैं, इस रोग का समय पर उपचार नहीं करने से कई लोग हर साल मर रहे हैं. इनमे से ज्यादातर लोग तो समय पर पीलिया के लक्षणों की पहचान ही नहीं कर पाते और फिर जब यह रोग गंभीर हो जाता है तब उन्हें पता चलता हैं की यह तो पीलिया है. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती हैं, ऐसे रोगी को बहुत तकलीफ उठाना पड़ती हैं तब जाकर वह स्वस्थ हो पाता हैं.

परहेज और पीलिया में क्या खाये और क्या नहीं खाना चाहिए – Jaundice Diet in Hindi

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हमने पिछले लेखों में पीलिया कैसे होता हैं व इसका इलाज करने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे भी बताये हैं, अगर आपने उनको नहीं पढ़ा हैं तो आप इस लेख को पढ़ने के बाद उन्हें भी जरूर पड़ें, पढ़ने के लिए यहां क्लिक करे >>> पीलिया का अनोखा व रामबाण इलाज – 101% घरेलु उपचार इन हिंदी

पीलिया रोग बिलीरुबिन नामक पदार्थ से होता हैं, जब शरीर में इस पदार्थ की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती हैं तो यह शरीर के खून में मिल जाता हैं, जिससे पूरा शरीर पीला पढ़ने लगता हैं. इस पीलेपन की अवस्था को ही पीलिया रोग कहते हैं. यह सारी प्रक्रिया लिवर के ख़राब होने से होती हैं, अगर आपका लिवर बहुत ही मजबूत हैं तो वह बिलीरुबिन को एक सिमा तक नियंत्रण में रख सकता हैं लेकिन जब बिलीरुबिन की मात्रा अत्यधिक हो जाती हैं तो लिवर अपना काम करना बंद कर देता हैं, ऐसा होने पर बिलीरुबिन लिवर में से निकलकर शरीर में मिल जाता हैं.

पीलिया रोग ख़राब खान-पान, बाजार की चीजों का ज्यादा सेवन, गन्दा पानी पिने से, गन्दी चीजों के सेवन से, बासी भोजन से, किसी रोगी का झूठा पानी पिने से, मलेरिया टाइफाइड होने पर, खून की कमी होने से, लिवर कमजोर होने से आदि करने से पीलिया रोग जन्म लेता हैं.

लक्षण : सबसे शुरुआत में रोगी को बुखार आता हैं, आलस्य आने लगते हैं, शारीरिक थकान महसूस होने लगती हैं, आंखों में पीलापन आने लगता हैं, नाख़ून पिले होने लगते हैं, शरीर पीला होने लगता हैं आदि पीलिया रोग के लक्षणों के बारे में और अधिक जानने के लिए आप यह लेख जरूर पड़े – पीलिया के लक्षण – 10 Symptoms Of Jaundice in Hindi

पीलिया में खान-पान की अहमियत

Importance Of Jaundice Diet in Hindi – पीलिया में क्या खाये और क्या न खाये

एक नियमित खान-पान से बड़े से बड़े रोग को भी मात दी जा सकती हैं, मुख्यतः किसी भी रोग का जन्म ही तब होता जब कोई व्यक्ति समय से सही भोजन ग्रहण न करे. इसलिए पीलिया में क्या खाये और क्या नहीं खाये इस संबंध में जानना बहुत जरुरी होता हैं. क्योंकि प्रत्येक रोग में शरीर को अलग-अलग आहार की जरूरत होती हैं, ऐसा करने से शरीर में प्रोटीन और नुट्रिएंट की पूर्ति होती हैं. तो अब हम पीलिया में क्या खाना चाहिए इस संबंध में आपको बताते हैं (what to eat in jaundice foods, fruits and diet).

NOTE : हम यहां आपको सबसे पहले पीलिया में कोन-सी सब्जी, फल खाये यह बताएंगे इसके बाद पीलिया का डाइट चार्ट इसके बारे में बताएंगे और आखिर में हम आपको पीलिया में क्या न खाये (इन हिंदी) बताएंगे यानी पीलिया में कब क्या खाना हैं इसका TIME TABLE (Schedule) के बारे में बताएंगे. इसलिए आप इस लेख को अंत तक पूरा जरूर पड़ें.

  • पीलिया में सात्विक आहार लेना चाहिए, ऐसा आहार जो की आसानी से पच जाता हो.
  • दूसरी बात पीलिया में कोई से भी आहार को पेट भरकर नहीं खाना हैं, यानी भूख से कम ही भोजन करना हैं. ज्यादा भोजन करने से पाचनशक्ति पर नकारात्मक असर पड़ता हैं.
  • जितना हो सके उतना फलों का सेवन करे, हो सके तो फलों के रस के सहारे 2-3 उपवास करे.

पीलिया में मूली के पत्तों का रस का रस पिए

मूली के पत्ते का प्रयोग पीलिया में बहुत लाभकारी होता हैं. अगर कोई रोगी लगातार दस दिनों तक मूली के पत्तों के रस का सेवन कर तो उसका पीलिया दूर हो जाता हैं, यह लिवर को शक्ति देता हैं, रेड ब्लड सेल्स की मात्रा को बढ़ाता हैं आदि यह हर प्रकार से पीलिया में लाभप्रद हैं. यह तो बड़े-बड़े डॉक्टर भी कहते हैं की पीलिया में मूली का रस पीना चाहिए (खाना चाहिए).

विधि : सबसे पहले आप बाजार या कहीं से मूली के ताज़ा पत्ते लाये, पत्तों को तोड़कर इनका रस बनाये इस रस में आप स्वाद के लिए 5-10 ग्राम मिश्री मिला सकते हैं. रस तैयार हो जाने पर आप इसका सेवन कर लें. आपको मूली के पत्तों का आधा लीटर रस रोजाना पीना हैं. इसी मात्रा में रोजाना इसका नियमित रूप से सेवन जरूर करे.

पीलिया में पपीता खाये (पपीता के पत्ते का रस)

जिस तरह मूली के पत्तों का रस लाभदायक होता हैं ठीक वैसे ही पपीते व पपीते की पत्तियां लाभदायक होती हैं. पपीता खाने से शरीर में खून की मात्रा बढ़ती हैं, रेड ब्लड सेल्स की मात्रा बढ़ती हैं और बिलीरुबिन की मात्रा कम होती हैं. इसके साथ ही पपीता एक ऐसा फल हैं जिसका सेवन लगभग हर रोग में किया जाता हैं क्योंकि यह हर तरह से रोगी के लिए लाभप्रद होता हैं.

पीलिया में लिवर वैसे ही कमजोर रहता हैं ऐसे में पीलिया के रोगी को ऐसी चीजे नहीं खाना चाहिए जो की पचने में ज्यादा समय लेती हो, रोगी को ऐसे में जरूरत होती है की वह ऐसी चीजें खाये जो जल्दी से पच जाए ताकि लिवर पर ज्यादा दबाव न पड़े और इसके लिए पपीते का रस व पपीता के पत्तों का रस सेवन हर तरह से लाभप्रद रहता हैं.

विधि : सबसे पहले आप ताज़ा पपीता के पत्ते लाये, इनको अच्छे से साफ़ कर के इनका रस निकाले, आप इन्हे सिलबट्टे पर पीसकर भी इनका रस यानी पेस्ट बना सकते हैं. प्रयोग के लिए आपको सिर्फ एक चम्मच पपीते के पत्तों का रस चाहिए होता हैं, पत्तों में से एक चम्मच पेस्ट निकाल लेने के बाद इसमें एक चम्मच शहद मिलाये. अब यह खाने के लिए तैयार हो चूका हैं, रोजाना इसी तरह पपीते के पत्तों का रस यानी पेस्ट निकाल कर उसमे शहद मिलाकर सेवन करते रहे सिर्फ 7 दिनों में ही आपको लाभ नजर आने लगेंगे.

गन्ने का रस पिए व गन्ने खाना चाहिए

पीलिया में गन्ने का रस रामबाण हैं, आप गन्ने को काटकर भी खा सकते हैं या इसका रस भी पि सकते हैं दोनों ही रूप में यह बहुत लाभदायक होता हैं. क्योंकि गन्ने कर रस लिवर की कमजोरी को समाप्त करता हैं, इसके लगातार सेवन से लिवर वापस पहले जैसे काम करने लगता हैं, साथ ही पीलिया में गन्ने का रस पिने से पाचन क्रिया भी दुरुस्त होती हैं. यह पचने में बहुत ही आसान हैं, लिवर आदि शरीर के किसी भी अंग को यह तकलीफ नहीं देता.

विधि : एक बड़ा गिलास गन्ने का रस लें इसमें थोड़ा सा निम्बू का रस भी मिलाये. दोनों को अच्छे से मिलाकर रोजाना दिन में दो बार सेवन करे. इस तरह गन्ने का रस का रोजाना नियमित रूप से सेवन करने से सिर्फ एक सप्ताह में ही आराम हो जाता हैं. (जौ का सत्तू खाने के बाद गन्ने का रस पिने से पीलिया में तुरंत फायदा होता हैं)

गेहूं का रस करेगा शरीर की सफाई

छोटे-छोटे गेहूं का रस एक अनोखा प्रयोग हैं जो की लिवर को जल्दी ठीक करता हैं. यह लिवर को सबसे ज्यादा ऊर्जा प्रदान करता हैं. और साथ ही बिलीरुबिन नामक पदार्थ को शरीर से बाहर करने में बहुत मदद करता हैं जिससे लिवर जल्दी से काम करने लगता हैं. गेहूं का रस एक कप या फिर आधा कप रोजाना पिने से यह शरीर में मौजूद सभी ख़राब चीजों को शरीर से बाहर निकाल देता हैं. यह छोटे बच्चों में पीलिया होने पर उन्हें भी दिया जा सकता हैं (छोटे बच्चों को 1 चम्मच ही गेहूं का रस दें).

विधि : एक बड़े बर्तन में थोड़ी सी मिटटी डालकर उसमे गेहूं डालदे, रोजाना उसको पानी दें थोड़े ही दिनों में उसमे गेहूं उग आएंगे, जब यह 5-8cm लम्बाई के हो जाये तो इनको निचे से काटकर मिक्सर में डालकर इनका रस बनाये और उसका रोजाना सेवन करे.

नारियल पानी (Coconut water for jaundice diet)

नारियल पानी सिर्फ 2-3 दिन में ही पीलिया से आराम दिलाने की क्षमता रखता हैं. यह रोगी के शरीर से बिलीरुबिन नामक पदार्थ को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता हैं साथ ही रेड ब्लड सेल्स की मात्रा को बढ़ाता हैं. इसके लिए पीलिया रोगी को रोजाना दिन 2 से 3 बार नारियल पानी का सेवन करना चाहिए, यानी हर बार में एक नारियल पानी इस तरह दिन में तीन बार में तीन नारियल पानी हो जायेंगे.

जल्दी आराम पाने के लिए आप सिर्फ नारियल पानी के सहारे ही रहे, अगर आप ज्यादा ही कमजोर हैं तो थोड़ा सा भोजन कर सकते हैं, बाकी पुरे दिन सिर्फ नारियल पानी के सहारे ही रहे. ऐसा करने से आपको 2-3 में ही बहुत आराम महसूस होने लगेगा, यह अनुभूत प्रयोग हैं.

पीलिये में सीके हुए चने (भांगड़े खाये)

सिंके हुए चने जिन्हें भांगड़े भी कहते हैं, इनको पीलिया में खाने से विशेष लाभ होता हैं. यह प्रयोग कई सालों से गांवों में भी किया जाता हैं. सीके हुए चने यानी भांगड़े का सेवन से लिवर की कमजोरी दूर होती हैं, शरीर में आ रही खून की कमी दूर होती हैं, रेड ब्लड सेल्स की मात्रा बढ़ती हैं और बिलीरुबिन की मात्रा को कम करता हैं.

ऐसे होते हैं सीके हुए चने, इनका करे प्रयोग

भोगंडे यानि चने के सेवन के लिए कोई नियम नहीं हैं, आप इनका प्रयोग दिन हो या रात कभी भी कर सकते हैं. इसलिए यह बहुत ही आसान व असरकारी अनुभूत प्रयोग हैं.

संतरे का रस – (Orange Juice)

संतरे को नारंगी के नाम से भी जाना जाता हैं, यह पाचनक्रिया और लिवर को दुरुस्त करने में बहुत मदद करती हैं. पहले के व्यक्ति नारंगी के रस के सहारे ही उपवास किया करते थे, क्योंकि ऐसा करने से शरीर में मौजूद सभी व्यर्थ के पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते थे. (नारंगी का रस शरीर के आतंरिक हिस्सों को साफ़ करता हैं) इसलिए आपको रोजाना सुबह के समय खाली पेट एक गिलास रोजाना नारंगी का रस जरूर पीना चाहिए.

छाछ मट्ठा पिए

पीलिया में मट्ठा यानी छाछ का सेवन भी लाभकारी होता हैं, यह भी लिवर की कमजोरी को दूर करता हैं और पाचनक्रिया को दुरुस्त करता हैं. इसका सेवन रोगी को भोजन करने के बाद करना चाहिए, इसका सेवन रोगी को नियमित रूप से करना चाहिए. अगर रोगी ज्यादा मट्ठा न पि सके तो कम से कम एक कप मट्ठा तो उसे सेवन करना ही चाहिए.

जौ का पानी पीलिया को दूर करता हैं

जौ प्रत्येक रोग में अपनी अहम् भूमिका निभाता हैं, पीलिया में भी इसका सेवन लाभदायक होता हैं. इसके लिए आप करीबन एक डेढ़ कप जौ लें और इसे एक बर्तन में डाल दें अब उस बर्तन को पानी से भर दें व करीबन 2 घंटे तक इसे मध्यम आंच में उबाले, इतनी देर तक उबालने पर जौ का पानी तैयार हो जाता हैं फिर आप इसको ठंडा कर के पि सकते हैं. यह शरीर में मौजूद पीलिया कारक पदार्थ जिसे बिलीरुबिन कहते हैं उसको खत्म करता हैं.

आंवले – आंवले खाने से भी पीलिया में लाभ होता हैं, इसके सेवन से लिवर की मांसपेशिया साफ़ होती हैं. रोगी पीलिया रोग में 2-3 दिन तक आंवले जरूर खाते रहन चाहिए.
निम्बू पानी – रोजाना सुबह नींबू का रस बनाकर पिने से भी पीलिया में लाभ होता हैं (पीलिया में क्या खाये और क्या नहीं)
सिंघाड़ा – आयुर्वेदिक चिकित्सा में पीलिया रोगी के लिए सिंघाड़ा खाना भी उचित बताया गया हैं, इसके सेवन से लिवर को मजबूती मिलती हैं व बिलीरुबिन पदार्थ की मात्रा कम होती हैं.
लोकि की सब्जी – पीलिया रोग में लोकि की सब्जी या लोकि का रस पीना बेहद लाभप्रद होता हैं.
चुकुन्दर – पीलिया रोग में खून की कमी आ जाती हैं, और खून की कमी को दूर करने के लिए चुकुन्दर से अच्छा स्त्रोत और कोई नहीं हो सकता. क्योंकि चुकुन्दर में ज्यादातर ऐसे ही पदार्थ होते हैं जो की शरीर के खून को बढ़ाते हैं. रोजाना चुकुन्दर के घरेलु उपाय का रस सेवन करते रहे.

अब हम बात करते हैं जॉन्डिस पीलिया डाइट चार्ट प्लान के बारे में, यानी पीलिया में सुबह, दुपहर, शाम और रात को क्या खाना चाहिए.

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पीलिया में सुबह के समय क्या खाना पीना चाहिए-

  • खाली पेट होने पर नारंगी संतरे का रस पि सकते हैं
  • गर्म पानी में निम्बू का रस मिलाकर पि सकते हैं
  • मूली के पत्ते, पपीता के पत्तों का रस भी पि सकते हैं
  • गेहूं का रस भी ले सकते हैं

पीलिया में ब्रेकफास्ट में क्या खाये

  • हल्का आहार लें
  • दलिया खा सकते हैं
  • फलों का रस ले सकते हैं, संतरे, सेब, मूली, पपीता.
  • बिना घी की 1-2 रोटी खा सकते हैं, हरी पत्तेदार सब्जी लें
  • सलाद का सेवन भी का सकते हैं

पीलिया में दुपहर के समय क्या खाना चाहिए

  • हरी पत्तेदार सब्जिय के साथ बिना घी की 2-3 रोटी खाये, भूख से आधी रोटियां खाये
  • रोटी खाने के बाद मट्ठा का सेवन करे
  • सलाद का सेवन कर सकते हैं
  • इसके साथ फलों को खा सकते हैं, फलों का रस ले सकते हैं

रात में क्या खाये – Night Diet plan for jaundice

  • पत्तेदार सब्जी के साथ भूख से आधी 2 रोटियां खाये, याद रखे रोटियां बिना घी की होनी चाहिए.
  • सलाद का सेवन करे
  • सब्जियों का सूप ले सकते हैं

दोस्तों यह रहा जॉन्डिस डाइट चार्ट प्लान इसके मदद से रोगी को बड़ी आसानी होगी की उसे कब क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए. पीलिया में इस डाइट चार्ट प्लान को जरूर अपनाये. इसके अलावा भोजन करने के तुरंत बाद 45 मिनट तक किसी भी तरह के फलों का सेवन न करे, भोजन करने के बाद तरल पदार्थ में सिर्फ आप मट्ठे का ही सेवन कर सकते हैं इसके अलावा भोजन करने के बाद बिना भूख के पानी भी न पिए.

What to avoid in jaundice (foods eating) अब हम आपको बताएंगे की पीलिया में क्या न खाये. ऐसी बहुत सी चीजें हैं कई तरह के फल, सब्जी हैं जिनको पीलिया में नहीं खाना चाहिए साथ ही घी मिली हुई रोटियां भी पीलिया में नुकसानदायक होती है, तेज मसाले मिर्ची वाली सब्जियों का भी पीलिया में परहेज करना चाहिए.

पीलिया में क्या परहेज करे – क्या नहीं खाना चाहिए

पीलिया में परहेज करना बहुत जरुरी होता हैं.

तेल से बनी चीजें, तला हुआ भोजन, ज्यादा मिर्च मसाले, तेज मसाले से बनी सब्जी आदि का पीलिया रोग में परहेज करना चाहिए इन चीजों को पीलिया में नहीं खाना चाहिए. इनके सेवन से पीलिया के मरीज की तबियत और भी बिगड़ सकती हैं (पीलिया में क्या न खाये).

  • अंडे (Eggs) – अंडे गरिष्ट आहार हैं, यह पचने में समय लेता हैं. इसलिए बीमारी हालत में अंडे न खाये
  • मांसाहारी भोजन (Meat) – किसी भी तरह के मांसाहारी भोजन का सेवन बीमारी हालत में नहीं करना चाहिए. मांसाहार गरिष्ट आहार हैं, इसको पचाने के लिए लिवर और पाचन तंत्र को ज्यादा कार्य करना पड़ता हैं, और पीलिया में तो लिवर वैसे ही कमजोर रहता हैं इसलिए पीलिया रोग में मांसाहार नहीं खाना चाहिए (क्या नहीं खाना चाहिए)
  • वसायुक्त पदार्थों को किसी भी रूप में नहीं खाना चाहिए, खासकर पीलिया रोग में तो यह वसायुक्त भोजन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए.
  • तली चीजें – पीलिया में तली भुनी चीज से दूरी बनाये रखे, बाजार की चीजे भी न खाये. घर पर तली भुनी चीजों के सेवन से भी बचे, इनके बदले फल व फलों का रस का अधिक सेवन करे.
  • चाय, कॉफ़ी, ड्रिंक्स- कोल्ड ड्रिंक्स, चाय और कॉफ़ी इन सभी में ज्यादा मात्रा में कैफीन होता हैं, इसलिए चाय कॉफ़ी कोल्ड ड्रिंक्स इनके सेवन से पीलिया में बचना चाहिए, पीलिया में इनका परहेज करना चाहिए. क्योंकि कमजोर लिवर कैफीन को सम्हाल नहीं पाता हैं, ऐसा करने से तकलीफ बढ़ सकती हैं.
  • दूध – पीलिया में दूध भी नहीं पीना चाहिए
  • केले – पीलिया में केले भी नहीं खाना चाहिए
  • बासी भोजन – पीलिया रोग में ताज़ा गरम-गरम भोजन ही करे, बासी भोजन बिलकुल भी न करे
  • साफ़ पानी – कई लोगों को पीलिया गन्दा पानी पिने से भी होता हैं, इसलिए साफ़ पानी का सेवन करे
  • चिकनाई – ऐसा आहार जो की किसी भी तरह की चिकनाई से बना हो उसका पीलिया में परहेज करना चाहिए.

पीलिया में फल – पपीता का रस, पपीता को काटकर खाना, अंगूर, सेब, पाइनएप्पल, चुकुन्दर, गन्ने का रस, गन्ने, संतरे, मोसम्बी आदि. पीलिये रोग में फलों में ज्यादातर पपीता, संतरे और चुकुन्दर का सेवन करना चाहिए.

पीलिया में सब्जी – पालक की सब्जी, करेले की सब्जी, भिंडी, पालकगोभी आदि हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन किया जा सकता हैं.

पीलिया में भारी काम का परहेज करे, हल्का फुल्का व्यायाम करे, खुली हवा में जाए, आराम करे, मानसिक तनाव में न रहे आदि इन सभी चीजों का ध्यान रखे व बताई गई चीजों का पीलिया में परहेज करे.

उम्मीद करते हैं आपको पीलिया में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं यह इन हिंदी भाषा में जानकर बहुत अच्छा लगा होगा, इस jaundice diet chart plan in Hindi को आप जरूर अपनाये, क्योंकि सही आहार से बड़े-बड़े रोगों को भी मात दी जा सकती हैं. यह हर एक रोगी को मालूम होना चाहिए की पीलिया में क्या खाये और क्या नहीं खाये,.

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