jaundice in hindi

जॉन्डिस का इलाज : Remedies For Jaundice Treatment in Hindi

भारत में jaundice disease बहुत आम हैं, यह बड़े-बड़े शहरों से लेकरों छोटे-छोटे गांवों तक फैला हुआ हैं. हालाँकि यह स्वयं कोई रोग (disease) नहीं हैं, बल्कि हमारी ख़राब व अनियंत्रित जीवनशैली के वजह से ही Jaundice जैसे disease पनपते हैं. यहां हम आपको इसी विषय में jaundice ayurvedic home remedies in Hindi मैं और यहां क्यों और कैसे होता हैं, हमारी कौन-कौन सी आदतें (habits) इस रोग को जन्म देती हैं आदि पूरी जानकारी के साथ इसके इलाज के विषय में आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे आदि सब के बारे में बताएंगे.

Quick Information

  • Jaundice bilirubin की उत्पत्ति के वजह से होता हैं.
  • Jaundice एक यकृत रोग हैं, यह पित्त में गड़बड़ी होने पर भी हो सकता हैं.
  • इस बीमारी में आंखे, मूत्र, नाख़ून, शरीर आदि सभी पिले दिखाई देने लगते हैं, इसीलिए इसे yellow skin disease भी कहा जाता हैं.
  • यह एक virus से फैला हुआ रोग होता हैं
  • इस रोग में शरीर बहुत कमजोर पढ़ जाता हैं
  • इस पोस्ट को पूरा और निचे तक ध्यान से पड़ें

Bilirubin से होता हैं Jaundice

  • Bilirubin (bil-ih-ROO-bin) यह एक पीला पदार्थ होता हैं, इसीलिए जब जॉन्डिस यानी पीलिया रोग में Bilirubin की मात्रा बढ़ जाती हैं तो शरीर पूरा पीला दिखाई देने लगता हैं. Bilirubin एक अनुपयोगी बेकार का पदार्थ होता हैं जो की bloodstreams में जमा हुआ होता हैं. जब hemoglobin में से iron हट जाता हैं तो उसमे से बिलीरुबिन बाहर निकलने लगता हैं.
  • इसके बाद यह पुरे शरीर में आजादी से खून में मिलकर दौड़ने लगता हैं जिससे शरीर के सभी अंग पिले दिखाई देने लग जाते हैं. हमारे शरीर में liver bilirubin जैसे पदार्थों को फ़िल्टर करता हैं, यानी जब लिवर में कोई खराबी आजाये तो इसे वजह से भी bilirubin वहां से लीक होकर बाहर निकल जाता हैं और Jaundice का रूप धारण कर लेता हैं jaundice treatment in Hindi in Ayurveda

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यह रोग भी तीन तरह का होता हैं, Hepatitis A, Hepatitis B और Hepatitis C. जॉन्डिस को शुरूआती stages में सामान्य कहा जा सकता हैं, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते जाते हैं यह disease रोग उतना ही गंभीर होता जाता हैं. अगर समय पर इस जॉन्डिस का उपचार इलाज न किया जाए तो मरीज को काफी गंभीर हालातों का सामना करना पढ़ सकता हैं. ऐसे में हमने ज्यादातर देखा हैं की जो समय पर जॉन्डिस का ट्रीटमेंट नहीं करवाते वह मौत के हाथों लग जाते हैं.

जैसे ही किसी भी मरीज को लगे की उसे जॉन्डिस पीलिया रोग होने वाला हैं या हो सकता हैं तो उसे तुरंत ही इसका उपचार करवा लेना चाहिए. ऐसे में वह प्राथमिक उपचार के रूप में जॉन्डिस के घरेलु नुस्खे से भी कर सकता हैं, घर पर ही. किसी भी रोग में समय से पहले चेत जाना बहुत ही फायदेमंद होता हैं, नहीं तो बाद में शरीर की शक्ति खोकर इलाज करवाने से कोई मतलब नहीं निकलता.

Causes Of Jaundice  

  • जैसा की हमने आपको ऊपर बताया की बिलीरुबिन की संख्या ज्यादा बढ़ने से jaundice disease जन्म लेता हैं, बिलीरुबिन पदार्थ के बढ़ने के पीछे निचे दिए जा रहे कारण हो सकते हैं.

  • Hemolytic Anemia – जब रेड ब्लड सेल्स समय से पहले ही खत्म हो जाते हैं, यानी रेड ब्लड सेल्स का जो lifespan (पूरी उम्र) होती हैं उससे पहले ही अगर वह टूट जाए और उनकी जगह बिलीरुबिन ले लें तो पीलिया रोग की उतपत्ति हो जाती हैं.
  • गन्दी चीजों के सेवन से
  • छूआ छूद से भी होता हैं यह रोग
  • शरीर में खून की कमी
  • लिवर की कमजोरी

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Symptoms Of Jaundice 

  • भूख कम हो जाती हैं, भूख का लगना बंद हो जाता हैं
  • शरीर में बुखार आने लगता हैं.
  • सिर दर्द करने लगता हैं
  • आंखों में दर्द महसूस होने लगता हैं
  • जी मचलता हैं और साथ में उल्टियां भी होती हैं
  • आंखों का रंग पीला पढ़ना
  • नाख़ून का रंग पीला पढ़ना
  • पुरे शरीर में पीलापन दिखाई देना
  • बाथरूम भी पिली होने लगती हैं, व बाथरूम गहरे रंग की हो जाती हैं
  • छोटे-छोटे काम करने पर भी ज्यादा थकान होने लगती हैं

Jaundice Treatment Solution in Hindi

Ayurvedic Home Remedies For Piliya

लक्षण व कारण जान लेने के बाद अब हम जॉन्डिस के घरेलु नुस्खे के बारे में जानने की कोशिश करेंगे. रोग चाहे कोई सा भी हो और अगर नियम से परहेज के साथ अगर इन आयुर्वेदिक नुस्खे को आजमाए जाए तो हर तरह के रोग दूर हो जाते हैं.

लहसुन का चमत्कारी नुस्खा

  • अब हम जो ayurvedic remedy बताने जा रहे हैं यह बहुत ही असरकारी हैं, जॉन्डिस का तुरंत इलाज करती हैं. 4 कली लहसुन की पीसकर आधा कप गर्म दूध में मिलाकर पिए तथा ऊपर से गर्म दूध पिए. यह प्रयोग 4 दिन करने मात्रा से ही जॉन्डिस पीलिया रोग नष्ट हो जाता हैं.

चने की दाल

  • चने की दाल से करे यह आसान प्रयोग – 2 glass पानी लें और इसमें एक मुट्ठी दाल डाल दे, यानी इसमें दाल भिगो दें . फिर इसमें से दाल को निकालकर सामान मात्रा में स्वाद के लिए गुड़ मिलाकर करीबन 3 दिन तक खाये. प्यास लगे तो दाल का फिर वही पानी पिए. इस प्रयोग से जॉन्डिस पीलिया रोग में अत्यंत लाभ होता हैं.

बादाम का प्रयोग

  • तीन दिन में पूरा आराम करेगा यह तरीका. बादाम 6 नग, छोटी इलाइची 3 नग और 2 नग छुहारे रात को कोरे मिटटी के कुल्हड़ में भिगोये. फिर सुबह के समय बारीक पीसकर 70 ग्राम मिश्री और 50 ग्राम मक्खन मिलाकर चटाये. तीसरे दिन ही पेशाब साफ़ आकर पीलिया जॉन्डिस ठीक होने के प्रमाण मिल जाता हैं.

जौ और गन्ने का रस

  • जौ का सत्तू खाकर ऊपर से गन्ने का रस पिए. एक सप्ताह तक रोजाना नियमित रूप से इस प्रयोग को करने से सिर्फ 7 दिन में ही जॉन्डिस पीलिया रोग ठीक हो जाता है. अगर आपको गर्मी के मौसम में जॉन्डिस हुआ हैं तो आप इस प्रयोग को जरूर करियेगा. क्योंकि गर्मी के अलावा दूसरे मौसम में गन्ने का रस आसानी से प्राप्त नहीं हो पाता हैं. रस के साथ में आप गन्ने को भी चूसें इससे दुगने परिणाम होंगे.

इमली का पानी

  • जॉन्डिस, प्लेग या गर्मी के बुखार में इमली का पानी पिने से बहुत लाभ होता हैं. इसके लिए इमली को एक ग्लास पानी डालकर रखे, जब वह इमली पानी में अच्छे से घुल जाए तो उस पानी का सेवन कर लें. इससे तेज बुखार व जॉन्डिस रोग में बहुत लाभ होता हैं.

शहद – खून की कमी होने पर

  • आप शहद का प्रयोग भी कर सकते हैं. रोजाना दिन में तीन बार एक-एक चम्मच शहद को पानी के ग्लास में मिलाकर पिए. इससे बहुत लाभ होता हैं. यह नुस्खा पीलिया यानी जॉन्डिस रोग में आने वाली खून की कमी को दूर करता हैं. जिनको ज्यादा खून की कमी हो वह इस प्रयोग को अवश्य करे.

पपीता का सेवन

  • कोई सी भी बीमारी हो पपीता एक ऐसा फल हैं जो की सभी तरह के रोग में भरपूर लाभ देता हैं. ओर फल तो महंगे दामों में मिलते हैं लेकिन यह फल तो कम कीमत में ही मिल जाता हैं, हां यह स्वाद में ज्यादा बेहतर नहीं होता लेकिन सेहत के हिसाब से इसका सेवन जरूर कर लेना चाहिए.

नारंगी का रस

  • अगर किसी भी व्यक्ति को शरीर में किसी इन्फेक्शन या किसी वायरस (जीवाणु) के वजह से कोई सा रोग हुआ हो तो उसे नारंगी का सेवन जरूर करना चाहिए. यह हर तरह से लाभकारी होता हैं, शरीर में मौजूद वायरस बैक्टीरिया को मारने में यह बहुत ही लाभ देता हैं.
  • जॉन्डिस रोग में तो आप जितना नारंगी यानी संतरे का रस पिएंगे उतना ही लाभ होगा, हो सके तो नारंगी के रस पर उपवास भी करे. इसके अलावा रोजाना सुबह खाली पेट एक ग्लास नारंगी का रस जरूर पिए, इस जूस को पिने के बाद 45 मिनट तक कुछ भी न खाये पिए.

आलूबुखारा के सेवन से भी jaundice disease में बहुत बेनिफिट होता हैं.

टमाटर का रस

  • टमाटर का रस शरीर की पाचन क्रिया और खून की गति व खून की कमी को दूर करता हैं. टमाटर का रस पीना बेहद जरुरी हैं, क्योंकि जॉन्डिस रोग में खून की कमी आ जाती हैं, शरीर का सारा खून पानी बन जाता हैं, यानी शरीर के सारे खून पर बिलीरुबिन फेल जाता हैं. ऐसे में शरीर को नए खून की जरूरत पढ़ती हैं जो की टमाटर के रस से प्राप्त किया जा सकता हैं. इसलिए आप रोजाना एक ग्लास टमाटर का रस जरूर पिए.

गाजर का सेवन

  • गाजर में भी खून को बढ़ाने वाले, खून को साफ़ करने वाले व यकृत को ठीक करने के गुण होते हैं. इसके रोजाना के सेवन से भी जॉन्डिस रोग को दूर किया जा सकता हैं. गाजर का रस, गाजर का सूप या गाजर का गर्म काढ़ा सेवन करे.

पीपल के पत्ते का चमत्कारी प्रयोग

  • पीपल के वृक्ष के 3-4 नए पत्ते जिन्हें हम कोपले कहते हैं, उन्हें लेकर आये और शुद्ध पानी से उन्हें अच्छे से साफ़ करले, अब मिश्री या फिर चीनी मिलाकर इनको खरल में खूब घोंटे अथवा सील पर बारीक पीस लें. 1 गिलास 250 ग्राम पानी में घोलकर किसी साफ़ कपडे से छान लें. यह पीपल के पत्तों का शर्बत जॉन्डिस पीलिया रोगी को दिन में करीबन 2 बार जरूर दें जरूरत के मुताबिक आप इसे jaundice के patient को दिन में 3 से 7 बार तक दे सकते हैं. यह प्राचीन व रामबाण नुस्खा हैं.

फूलगोभी का रस

  • फूलगोभी भी जॉन्डिस पीलिया रोग में अत्यंत लाभकारी होती हैं, खून को साफ़ करना, खून की कमी को दूर करती हैं. फूलगोभी का सेवन आप सब्जी बनाकर भी कर सकते हैं, या आप इसका सेवन सुबह शाम फूल गोभी के पराठे बनाकर भी कर सकते हैं.

छोटे प्याज का रस

  • छोटे प्याज छीलकर और उनको चौकोर काटकर सिरके अथवा नीबू के रस में डाल दें और ऊपर से नमक, कालीमिर्च भी डाल दें. इस तरह रोजाना 1 प्याज सुबह शाम खाने से जॉन्डिस पीलिया रोग में बहुत लाभ होता हैं.

सफ़ेद प्याज का प्रयोग

  • सफ़ेद प्याज का रस भी जॉन्डिस रोग में रामबाण होता हैं. इसके लिए रोजाना सुबह व शाम को दोनों समय पर सफ़ेद प्याज का रस बनाये व आधे कप में यह रस लेकर सेवन करे. सफ़ेद प्याज का रस आप किसी भी मिक्सर आदि से बना सकते हैं. इसका रस बहुत ही असरकारी होता हैं.

लोकि का प्रयोग

  • जिस लोकि को हम बेस्वाद समज कर खाना भी पसंद नहीं करते वही लोकि ढेरों गुणों से भरी होती हैं, इसके रोजाना के सेवन से कई लाभ होते हैं. जॉन्डिस के ट्रीटमेंट में इस तरह करे प्रयोग – लोकि को धीमी आग में भूनकर भुर्ता सा बना लें, फिर इसका रस निचोड़कर थोड़ी सी मिश्री मिलाकर पिए. यह यकृत और जॉन्डिस में परम लाभकारी होता हैं.

 

  • कुटकी का महीन चूर्ण 4 रत्ती 2 बार मधु से देना अत्यंत लाभकारी होता हैं.
  • आंवला स्वरस 2 तोला 2 बार मधु से सेवन कराये.
  • पुनर्नवा का रस 1 तोला दिन में 2 बार सेवन कराये.
  • कुमारी आसव+पुनर्नवारिष्ट 10-10 मि.ली. दिन में दो बार खाना खाने के बाद पानी के साथ सेवन करने से jaundice रोग में बहुत लाभ होता हैं.
  • कुमारी आसव बालकों को 2 चम्मच से 4 चम्मच तक 2 बार पानी में मिलाकर भोजन करने के बाद सेवन करवाए. इससे बच्चों के jaundice में बहुत लाभ होता हैं.

नीबू आंखो का पीलापन दूर करने के लिए

  • Jaundice जिसे yellow skin और eye disease भी कहते हैं, इसमें मरीज की आंखें पिली पढ़ जाती हैं. आंखों में आये इस पीलेपन को दूर करने के लिए रोजाना नियमित रूप से 2-3 बून्द नीबू के रस की डालें. इससे कामला रोग दूर हो जाता हैं, आंखों में आया पीलापन भी दूर होता हैं.

फिटकरी का असरकारी प्रयोग

  • गुलाबी यानि बढ़िया सफ़ेद फिटकरी आग पर फुलाकर और पीसकर 1/8 ग्राम से आधा ग्राम (2 से 4 रत्ती) की मात्रा में गाय के दूध की छाछ या दही के साथ दिन में 3 बार अपनी जरूरत के मुताबिक 3 से 7 दिन तक सेवन कराने से जॉन्डिस पीलिया रोग नष्ट हो जाता हैं. फिटकरी का यह प्रयोग जॉन्डिस रोग में बहुत लाभ होता हैं.

गन्ने का रस

  • गन्ने का रस 1 ग्लास रोजाना नियमित रूप से दिन में 2 बार दें, अगर आपके क्षेत्र में गन्ने का रस उपलब्ध न हो तो कागजी नीबू का रस और चीनी का शरबत 1-1 ग्लास 2 बार में दें. गन्ने का आप इस रोग में अन्य तरीकों से भी प्रयोग कर सकते हैं, जैसे सीधे गन्ने को चूसना आदि.

मूली के पत्ते और टहनियों का रस

  • मूली के पत्तों और टहनियों का रस 50 ग्राम में 10 ग्राम मिश्री मिलाकर रोजाना सुबह के समय निहार मुंह यानी खाली पेट सेवन करने से सभी तरह के पीलिया रोग  ख़त्म हो जाते हैं. इस प्रयोग का असर सिर्फ एक सप्ताह यानी सात दिन में ही नजर आने लगता हैं, बहुत असरकारी प्रयोग हैं.

छाछ का प्रयोग

  • एक ग्लास छाछ में एक चुटकी कालीमिर्च मिलाकर एक सप्ताह तक सेवन करना भी पीलिया रोग में लाभप्रद होता हैं. यह प्रयोग भी शरीर में मौजूद हानिकारक वायरस व बैक्टीरिया को शरीर से खदेड़ने में बहुत फायदेमंद होता हैं.

पीपल की जड़ जॉन्डिस का जड़ से ट्रीटमेंट कर देगी

पीपल का हम आपको एक और आयुर्वेदिक उपाय बता रहे हैं जो की जॉन्डिस का इलाज सिर्फ सप्ताह भर में ही कर देता हैं. यह उपाय बहुत ही प्राचीन हैं, आयुर्वेदिक ग्रंथों में आज भी इसका उल्लेख मिलता हैं. इस उपाय में हमे पीपल के पेड़ की जड़ की जरूरत लगेगी, तो आप इसे किसी भी सामान्य किराने की दुकान या आयुर्वेदिक दुकान पर जाकर खरीद सकते हैं.

इसको लाने के बाद इस जड़ के 3-4 नग अलग निकाल लें व एक लोटे या पानी से भरे बर्तन में भिगो कर रख दें. अब जब यह जड़ पानी में फुलजायें तो इसे बर्तन से बाहर निकल लें, और इसमें कालानमक (Black salt), कालीमिर्च (Blackpeper) और थोड़ा सा सुर निम्बू (lemon) का रस मिलाकर रोगी को दें. तो यह रही पहले दिन की खुराक इसके बाद रोगी को रोजाना पीपल की जड़ एक नग बढ़ाकर देना होगी, लगातार दस दिनों तक.

  1. यानी हमने पहले दिन 3 नग पीपल की जड़ भिगोकर दी, तो अब दूसरे दिन हम ४ नग पीपल की जड़ भिगोकर देंगे. इस तरह 10-11 दिनों तक यह प्रयोग करे. कुछ ही दिनों में आपको बहुत आराम दिखाई देने लगेगा. यह उपाय बहुत कारगर हैं.
  2. एक कप पानी में 1 चम्मच ग्लूकोस डालकर दिन में 3 बार सुबह, दोपहर और रात को पीना भी jaundice disease के treatment में लाभप्रद होता हैं.
  3. पोदीने का रस निकालकर सुबह के समय चीनी मिलाकर पीना भी जॉन्डिस (पीलिया रोग) में बहुत फायदेमंद होता हैं. यह प्रयोग रोजाना नियमित रूप से 10 दिनों तक करने से लाभ नजर आने लगता हैं.
  4. कलोंजी के दानो को स्त्री के दूध में पीसकर नाक में टपकाने से जॉन्डिस पीलिया रोग में लाभ होता हैं. यह सरल सा दिखने वाला प्रयोग अत्यंत लाभकारी हैं.
  5. बबूल के फूलों के चूर्ण में बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर 10 ग्राम की मात्रा में रोजाना सेवन करने से जॉन्डिस पीलिया रोग मिट जाता हैं.
  6. Jaundice disease के होते ही कम से कम 8-10 दिन तक खटाइ, तेल, लाल मिर्च, मसाले वाले पदार्थ और चिकनाई युक्त आहार त्याग करने से जल्द ही जॉन्डिस पीलिया रोग में लाभ होता हैं. इस रोग में इन चीजों को विशेषकर परहेज करना चाहिए (things to avoid in jaundice).
  7. बेल के पत्तों के रस में कालीमिर्च का चूर्ण डालकर पिने से पीलिया रोग शांत हो जाता हैं. इस प्रयोग से पीलिया रोग में हो रहे कष्ट भी ख़त्म होते हैं. बेल के पत्तों में और भी कई अन्य गुण होते हैं जो की स्वास्थ्य की दृस्टि से बहुत लाभप्रद होते हैं.

What To Eat in Jaundice Disease in Hindi

  • चावल, रोटी, मसूर की दाल, मट्ठा, पालक, नेनुवा, बथुए का साग, लौकी, परवल, केला आदि हरी तरकारी जीरा-मेथी का चौंक दिया हुआ. करेला, सौंफ, धनिया, हल्दी, दारुहल्दी, हर्रे. गाजर, मूली, केला, संतरा, अनार, सेब, खजूर, छुहारा, मिश्री आदि खाये जा सकते हैं.
  • पीलिया रोग में साफ़ सुथरे गन्ने का स्वछता से बनाया गया गन्ने का रस सर्वोत्तम होता हैं. संतरे का रस, कच्चे नारियल या डाभ का पानी, जौ का पानी, बेदाना (मीठी अनार) का रस, मूली के पत्तों का रस, फाटे दूध का पानी, दही का तोड़, कालीमिर्च व जीरा, नमक मिलाकर पतली छाछ पीना परम लाभकारी होता हैं.
  • दूध अगर लेना चाहें तो दूध में सममात्रा में पानी मिलाकर और कुछ दाने सौंफ के डालकर या 1-2 दाने छोटी पीपर अथवा 1 ग्राम सोंठ का चूर्ण मिलाकर, लोहे की कढ़ाई में गर्म किया हुआ लें. खाने में पुराने गेहूं की रोटी और जौ की रोटी बिना घी चुपड़ी, दलिया, मूंग की दाल का पानी और बिना मसाले की मूंग की दाल में कालीमिर्च और कालानमक मिलाकर लें. मूंग, मसूर, अरहर का यश भी पथ्य हैं.

Things to avoid in jaundice

  • घी, तेल, हल्दी, लाल मिर्च, गर्म मसलों से बने खाद्य, अचार और खट्टे पदार्थ न लें. राई, हींग, तिल, गुड़, बेसन, कचालू, अरबी, चने और उड़द की दाल, उड़द और मैदे के भोज्य पदार्थ, केक, तले भुने खाद्य पदार्थ, पित्तकारक व दाहकारक चीजों का सेवन हानिकारक होता हैं. थोड़ी मात्रा में गाय के दूध से बना मक्खन लिया जा सकता हैं.
  • धुप में घूमना फिरना, आग के पास बैठा, परिश्रम का कार्य करना, अधिक पैदल चलना, क्रोध करना, तनाव में रहना, ज्यादा सम्भोग करना, धूम्रपान करना, शराब पीना, मांस मछली खाना, चाय पीना, मादक पदार्थों का सेवन अशुद्ध पानी और अशुद्ध व बासी खाद्य पदार्थों का उपयोग भूलकर भी न करे.

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अब आप symptoms causes and remedies for jaundice treatment in Hindi at home  घरेलु नुस्खे से आपको कई लाभ होंगे इसके साथ ही इस रोग में परहेज बहुत जरुरी होते हैं, आप बताये गई चीजों का परेहज अवश्य करे तभी यह remedies अपना काम कर पाएंगी. साथ ही अन्य पोस्ट भी पड़ें जो की पीलिया पर दिए है.

4 Comments

  1. Lakhvinder Singh
  2. Sudheer
  3. Shree Krishna Singh
  4. Sheena Rajput

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