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कान के परदे में छेद का इलाज लक्षण व कारण – आसान उपाय

कान का पर्दा फटने का इलाज इन हिंदी में हम आपको बताएंगे सबसे आसान और असरकारी घरेलु उपाय व नुस्खे, कान फट जाना यूं तो एक बहुत आम समस्या नहीं है परंतु इसके लिए जिम्मेदार कारण बहुत आम है. इस परेशानी को इंग्लिश में eardrum rupture या eardrum perforation भी कहते है. कान के परदे को हिंदी की आम भाषा में झिल्ली कहा जाता है. English में कान के परदे को tympanic भी बोलते है.

यदि इस झिल्ली में छेद हो जाता है तो इसी को हम लोग कान के परदे का फटना कहते हैं. समय के साथ-साथ यह छेद अपने आप भर जाता है, कई लोग इसके लिए कान के परदे की दवा भी लेते लेकिन कई स्थिति में इसके लिए किसी भी तरह की चिकित्सा सहायता की जरूरत नहीं होती. कई व्यक्तियों को इसके लिए कान के परदे में छेद का इलाज  के लिए कान के परदे का ऑपरेशन भी करवाना पड़ता है.

इस तरह की समस्या में बहरे हो जाने की संभावना भी बिल्कुल ना के बराबर हो जाती है. लेकिन फिर भी हमें इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और अपनी तरफ से पूरी सावधानी बरतनी चाहिए व कान का पर्दा फटना का इलाज करते रहना चाहिए. इसके लिए कुछ सरल घरेलू उपाय अपनाकर हम फटे हुए कान के परदे को ठीक होने की प्रक्रिया को और तेज कर सकते हैं.

कान के परदे का इलाज और लक्षण व कारण

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तो चलिए आज हम आपको बताएंगे कान के पर्दे फटने के कारण, लक्षण और इसको ठीक करने के कुछ सरल घरेलू उपाय.

कान का पर्दा फटने का लक्षण

  • कान में थोड़ा या बहुत ज्यादा दर्द होना
  • कान से खून का बहना
  • कान से किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ का बहना
  • सुनने की क्षमता में कमी आ जाना
  • कानों में घंटी बजने का अहसास होना
  • कानों में हवा का अहसास होना
  • हल्के हल्के या तेज चक्कर आना
  • कान में खुजली महसूस होना
  • कान के साथ-साथ सर के अगले हिस्से में दर्द होना

कान का पर्दा फटने का कारण

  • कान में संक्रमण के कारण
  • कान के पर्दे के पीछे तरल एकत्रित होने के कारण
  • वायु के दबाव में बदलाव के कारण
  • ध्वनि की ऊंची तरंगों के कारण
  • किसी प्रकार की चोट के कारण
  • स्काई डाइविंग के कारण
  • एरोप्लेन में सफर के कारण
  • खेलकूद में चोट लगने के कारण
  • किसी नुकीली चीज को कान में डालने के कारण
  • बहुत तेज ध्वनि के प्रभाव के कारण
  • पड़ें – बहरापन कान से कम सुनना का इलाज

इस तरह के रोग होने की स्थिति में आपको डॉक्टर स्पेशलिस्ट के पास जाना चाहिए. यदि आपके कानों से किसी प्रकार का तरल निकल रहा है तो वह उस तरल को निकालकर उस सैंपल की जांच करता है. यदि वह तरल ही आपके कान के परदे के फटने का कारण है तो उसी हिसाब से वह आप का इलाज करता है.

Tuning fork मूल्यांकन – यह एक धातु का यंत्र होता है जो ध्वनि का उत्पादन करता है. यह आपके चिकित्सक को सुनने में होने वाली हानि का पता लगाने में मदद करता है. इससे पता चलता है कि ध्वनि आपके सेंसर या आप के आंतरिक कान की नसों को नुकसान पहुंचा रही है या नहीं (कान का पर्दा का ऑपरेशन).

Tympanometry- एक टाइप मैनोमीटर नाम की डिवाइस आपके कान में डाली जाती है जो वायु के दबाव में मामूली बदलाव के लिए आपके कान की प्रतिक्रिया को मापता है. इससे भी आपके फटे हुए कान के परदे का पता चलता है. यह कान के परदे फटने के लक्षण में अहम् भूमिका निभाता जिससे डॉक्टर को सही जानकारी प्राप्त हो जाती है व फिर वह अच्छे से कान में छेद का उपचार करता है.

Audiology परीक्षण – इस परीक्षण से यह मापा जाता है कि आप कितनी अच्छी तरह से आवाज को सुन और पहचान सकते हैं

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कुछ फटे हुए कान के परदे बिना इलाज के ही कुछ ही हफ्तों के भीतर ठीक हो जाते हैं. यदि आपके कान में संक्रमण के सबूत मिलते हैं तो आपका डॉक्टर एंटीबायोटिक ड्रॉप्स लिख सकता है पर यदि आपके कान के परदे का छेद खुद से ठीक नहीं होता है तो इसके उपचार में कान के परदे को ठीक करने की कई प्रक्रियाएं शामिल होती है.

Eardrum patch – यदि आप का फटे हुए कान के परदे का छेद अपने आप ठीक नहीं होता है तो एक विशेषज्ञ उसे पैच से सील कर सकता है. इस प्रक्रिया में आपका चिकित्सक उसके ठीक होने की प्रक्रिया को उत्तेजित करने के लिए फटे हुए हिस्से के किनारों पर रासायनिक पदार्थ लगाता है और फिर छेद पर 1 पैच लगा देता है. ठीक होने के दौरान यह प्रक्रिया कई बार दोहराई जा सकती है (कान के परदे का ऑपरेशन).

Surgery – यदि आपका कान का पर्दा खुद से ठीक नहीं होता है और पैक लगाने के बाद भी ठीक होने की संभावना नहीं है तो वह सर्जरी कर सकता है. सबसे आम सर्जरी की प्रक्रिया को टाइमपेनप्लास्टि कहते हैं. इस प्रक्रिया में वह आपके टिश्यू की मदद से एक छोटा सा पैच बनाकर आपके छेद को बंद करता है यह कान के परदे का सर्जरी काफी अच्छी मानी जाती है.

कान के परदे के घरेलु उपाय

सारीवादी वटी, शिलाजीत रसायन, चन्द्रप्रभा वटी 1-1 गोली इन तीनो की दोनों टाइम सुबह शाम खाना खाने के बाद पानी के साथ सेवन करे इसके साथ कपालभाति प्राणायाम भी करे रोजाना सुबह के समय यह प्राणायाम करे. यह कान के परदे की दवा है बिना ऑपरेशन सर्जरी के सालो पुराने फटे हुए परदे भी ठीक हो जाते है.

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  • यूं तो आपका कान का पर्दा कुछ ही दिन में खुद से ठीक हो जाता है और कभी-कभी इसमें कुछ महीने भी लग सकते हैं. परंतु आपके कान के परदे के ठीक ना होने तक इसका बचाव आपको खुद करना होगा.
  • कान के परदे के इलाज में अपने कान को ज्यादा से ज्यादा सूखा रखने की कोशिश करें. इसके लिए स्नान करते समय अपने कान में पेट्रोलियम जेली के साथ लेपित एक सिलिकॉन ईयर प्लग या कपास रखें. कान में रुई कॉटन डालकर रखे इससे कान का पर्दा फटने पर निकलने वाले पदार्थ से बचाव होता है.
  • जब तक आपके कान के पर्दा पूरी तरह से ठीक ना हो जाए तब तक अपने कानों की सफाई करने से बचें. ऐसा करने से आपके कान का पर्दा दोबारा फट सकता है.
  • कान के पर्दे के ठीक ना होने तक अपने नाक को साफ करने से भी बचें. नाक साफ करते समय बनने वाले प्रेशर की वजह से आपके ठीक हो रहे कान के पर्दे पर भी असर पड़ सकता है और वह दोबारा फट सकता है.
  • कान के परदे में छेद का इलाज में ध्यान दें – अपने कान में किसी भी प्रकार की नमी रहने ना दें. यदि आपके कानों में नमी बनी रहेगी तो इससे इंफेक्शन होने का खतरा लगातार बना रहेगा.
  • कान में छेद होने की स्थिति में स्विमिंग पूल या समुद्र में तैरने से परहेज. ऐसा होने से आपके ठीक हो रहे कान के पर्दे पर बुरा असर पड़ेगा और आपके कान में पानी भर जाएगा.
  • पड़ें – दाद खाज खुजली का रामबाण इलाज

  • कान के परदे फटे होने की स्थिति में हवाई जहाज की यात्रा से भी परहेज करें. हवाई जहाज में यात्रा करने से वायुदाब में बदलाव के कारण आपके कान के परदे दोबारा फट सकते हैं.
  • आप बबलगम ,ईयर प्लग और जम्हाई के द्वारा कान के दबाव को नियंत्रित कर सकते हैं.
  • कान के परदे फटे होने की स्थिति में कान की सफाई करने से बचें और किसी नुकीली वस्तु का कतई इस्तेमाल ना करें. लेकिन फिर भी यदि इसकी जरूरत महसूस हो तो एक पतली सी लकड़ी में रुई लपेट कर ही अपने कानों की सफाई करें.
  • अधिक ध्वनि वाली जगहों में जाने से बचें. यदि किसी मजबूरी के कारण आपको ऐसी जगह जाना भी पड़ता है तो ईयर प्लग या रुई के इस्तेमाल से अपने कानों को बंद कर ले.
  • दर्द से छुटकारा पाने के लिए यह पड़ें – 

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इस तरह आप कान का पर्दा फटना का इलाज के उपाय के जरिये घर पर ही इससे बच सकते है व अगर कान में छेद का इलाज में घरेलु नुस्खों से भी आराम न हो, ऐसा सिर्फ कान में समस्या ज्यादा बढ़ जाने से होता है इसके लिए हो सकता है आपको कान के परदे का ऑपरेशन सर्जरी करवाने की जरुरत पड़े, वैसे आप इन नुस्खों को आजमाकर काफी हद तक इसे बढ़ने से रोक सकते है.

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