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कान में आवाज आना का इलाज 5 रामबाण उपाय – आयुर्वेदिक नुस्खे

कान में सनसनाहट की आवाज आने का इलाज – यह आवाज़ रोगी के दिमाग व स्वाभाव को चिड़चिड़ा बना देती हैं, इससे रोगी के सुनने की शमता भी कमजोरी हो जाती हैं. कई रोगी इसके लिए कान में आवाज़ की दवा व साय साय की आवाज मिटाने के कई उपचार भी करवाते है लेकिन उन्हें फिर भी आराम नहीं मिलता.

कान में आवाज आना, सीटी की आवाज, कान बजना,  आने की की यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है और यह लम्बे समय या कम समय तक रह सकती है. कई बार यह अचानक होती है और अपने आप ही ख़त्म भी हो जाती है. कान में इस तरह की आवाज आने को टिटनस रोग नाम से भी जाना जाता है. यह दो प्रकार का होता है. एक प्रकार के टिटनस में रोगी साय साय की आवाज, कान बजना महसूस होता है व दूसरे प्रकार के टिटनस में सिर्फ डॉक्टर ही किन्ही परीक्षणों के आधार पर ही टिटनस को पहचान पाता है.

वैसे यह रोग लम्बे समय तक नहीं चलता है व थोड़े समय में अपने आप ख़त्म हो जाता है, लेकिन कई रोगियों को लम्बे समय इस समस्या का सामना करना पड़ता है जो की रोगी को पागल सा कर देता है. कान में सीटी की आवाज सुनाई देना, साय-साय होना मन को चिड़चिड़ा कर देती है, आगे आइये जानते में कान में आवाज़ आना के लक्षण कारण और सही घरेलु इलाज के बारे में.

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कान में साय साय की आवाज के लक्षण

  • कान में घंटी बजना
  • भिनभिनाहट महसूस होना
  • कान में कुछ-कुछ खटखटाना
  • फुफकारने जैसी आवाज़
  • सीटी की आवाज सुनाई देना
  • कान के अंदर शोर होना
  • बाहर की आवाज़ कम सुनाई देना

कान में आवाज आने के कारण

  • कान के अंदर पानी चले जाने से
  • किसी भी चीज को कान में डालने से
  • कान के अंदर की किसी कोशिका ख़राब हो जाने या उसे नुकसान पहुंचने से
  • कान के अंदर बालों के होने से
  • कान की नसों में कोई शांति हो जाने से
  • बहरेपन के कारण
  • तेज आवाज़ में गाने या अन्य आवाज़ सुनने से
  • कान में मेल जमने से
  • सिर में किसी रोग के होने से
  • सर्दी जुकाम, सिरदर्द या माइग्रेन के होने से

कान में आवाज आना के पीछे क्या विज्ञानं है इसके बारे में अभी तक ठीक से पता नहीं चल पाया हैं, इसलिए यह बताना मुश्किल होगा की आवाजे क्यों आती है. बाकी आवाज़ किन कारणों से पैदा होती है वह हमने बता दिया है लेकिन इसके आगे की जानकारी अभी तक किसी को उपलब्ध नहीं हो पाई है.

कान में सनसनाहट की आवाज आने का इलाज

1. लहसुन से करे कान में सनसनाहट की आवाज आने का इलाज इस तरह – अदरक और लहसुन का रस बराबर की मात्रा में लेकर गुनगुना गर्म कर लें और फिर 2-3 बून्द कानो में रात को सोते समय पर डाले और ऊपर से कान में रुई लगाकर सो जाये. इस तरह लगातार 5 दिनों तक यह प्रयोग करते रहने से कान से सनसनाहट की आवाज आना बंद हो जाती हैं. इसे आयुर्वेदिक घरेलु उपाय से कान में अंदर जमा हुआ मेल भी बाहर निकल जाता हैं.’

2. सोंठ का चूर्ण (यानी पिसा हुआ सूखा अदरक), सौंफ, गुड़ और देसी घी इन सभी चरों चीजों को अच्छे से मिला लें. अब इसे कढ़ाई में डालकर गर्म करे फिर किसी बर्तन में बंद कर के देख दीजिये. रोजाना सुबह और शाम को 2-3 चम्मच इसका सेवन करे तो कान में सीटी साय साय की आवाज आना बिलकुल बंद हो जाएगी. यह आसान सा रामबाण उपाय है जिससे कान की आवाज़ का इलाज सरलता से किया जा सकता है.

3. एक चम्मच लाल प्याज के रस में आधा चम्मच गुलाब जल मिलाकर इसकी 2-2 बुँदे दिन में दो तीन बार कानो में डालें. चार पांच दिन के नियमित प्रयोग से कानो में सांय सांय की आवाजे और कान में सिटी की आवाज़ सुनाई देना बिलकुल बंद हो जाएगी.

4. कान में खुद के पेशाब की 2-2 बून्द 8-10 दिनों तक रोजाना डालते रहने से कान की सभी तकलीफे ख़त्म हो जाती है कान में आवाज आना भी इससे हो जाता हैं. एक दस साल के बच्चे को कान में सांय-सांय की आवाज होना और कम सुनाई देना दोनों शिकायते थी. कान में ताजे पेशाब की बुँदे आठ दस दिन तक सुबह शाम डालने से कान का मेल बाहर निलने लगा और दर्द कम होने लगा फिर गुनगुने पेशाब की बुँदे भी डाली गई इस तरह दो सप्ताह में उसी शिकायत पूरी तरह ठीक हो गई थी.

5. 210 ग्राम मूली के पत्ते लें और इन्हे 55 ग्राम सरसों के तैल में डालकर पकाये फिर किसी डिब्बे या बर्तन में इसको भर लें. अब रोजाना सुबह व शाम दो-दो बून्द इस मिश्रण की कान में डाले तो इस घरेलु नुस्खे से रामबाण लाभ होता है.

अन्नानास का ज्यादा से ज्यादा सेवन करे और हरी पत्तेदार सब्जियां भी ज्यादा खाये. सब्जी में लहसुन डालकर जरूर खाये इस तरह कान में सीटी की आवाज सुनाई देना के इलाज में आप आहार से भी कई लाभ ले सकते हैं.

कान में आवाज आने पर परहेज क्या न करे

  • कान में आवाज आने के रोग में नमक का बिकुल न के बराबर कर दे
  • चाय, कॉफ़ी आदि जिनमे कैफीन पाया जाता है उन चीजों का सेवन न करे
  • धूम्रपान करना भी बंद कर दें
  • शराब आदि के सेवन से भी बचे
  • एस्पिरिन (एसिटाइलसेलिसिलिक एसिड) का इस्तेमाल भी न करे
  • तेज आवाज़, शोरशराबे के इलाको में जाने से बचे
  • नींद भरपूर लें, कम नींद लेने से परेशानियां बढ़ सकती है
  • अपने कान में रुई डालकर रखें
  • यह भी जाने : कान बहने का उपचार और दवा

बचाव के उपाय

  • अपने पुरे मुंह को जितना हो सके उतना पूरा ही खोले, मुंह के पुरे जबड़े को खोल ले अब कम से कम 30-40 सेकण्ड्स तक मुंह को ऐसे ही खुला रखे. ऐसा दिन में 3-4 बार करे.
  • अपने दांतों को आपस में दबाये, भींचे इस क्रिया को दिन में 10 बार करे. इन दोनों क्रिया को करने से जिन रोगियों को दांत व कान की नसों के वजह से आवाज की तकलीफ हो रही हो उनको बहुत राहत मिलती है. कान में आवाज आना को यह दो क्रिया कई हद तक ठीक कर देती है.

इसके साथ ही जरुरी है की आप कान में सनसनाहट की आवाज आने का इलाज के उपाय भी आजमाए ताकि कान में आवाज का ठीक से उपचार हो सके. अगर आपको यह समस्या लम्बे समय तक रहती है व तकलीफ में जरा भी आराम न मिले तोह फिर अपने नजदीकी डॉक्टर को अवश्य ही दिखाए.

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