f

लकवा के 10 लक्षण – Paralysis Attack Symptoms in Hindi

Ad Blocker Detected

Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors. Please consider supporting us by disabling your ad blocker.

Attack paralysis symptoms in Hindi : बीमारी चाहे कोई सी भी हो वह किसी भी व्यक्ति को रोगी बनाने से पहले अपने आने की खबर दे देती हैं. हर एक बीमारी व्यक्ति को पहले चेतावनी जरूर देती हैं, लेकिन व्यक्ति फिर भी नहीं सम्हलता हैं. इसी विषय में आज हम पैरालिसिस के सिम्पटम्स के बारे में जानेंगे की यह रोग होने से पहले क्या चेतावनियां देता हैं, पक्षाघात के क्या-क्या लक्षण होते हैं आदि.

पैरालिसिस क्यों कैसे होता हैं और इसके घरेलु इलाज के विषय में हमने यहां पूरी जानकारी दे रखी हैं, इस लेख को पढ़ने के बाद आप इसे भी जरूर पड़ें ->> लकवा का इलाज – 101% Ayurvedic Paralysis Treatment in Hindi << इस लेख में आप इस पैरालिसिस के प्रकार व लकवे लगने की प्रक्रिया के बारे में भी जान लेंगे, यहां सब कुछ बताया गया हैं. मुंह, हाथ पैर, आधा शरीर, एक हाथ एक पैर, जिबान, जीभ आदि पैरालिसिस.

paralysis symptoms in hindi, paralysis attack symptoms in hindi, lakwa ke lakshan,

Paralysis Attack Symptoms in Hindi – Lakwa Hone Ke Lakshan

पैरालिसिस एक स्नायु रोग हैं, जब हमारे शरीर की नसों नाड़ियों में कोई रुकावट आ जाती हैं तो वह शरीर के किसी अंग को खून ही पहुंचा पाती इस वजह से लकवा लग जाता हैं.

स्नायु का शिथिल पढ़ना

स्नायु यानि नेर्वेस नाड़ी तंत्र – जब भी किसी भी व्यक्ति को लकवा लगने वाला होता हैं तो उसके स्नायु शिथिल होने लगते हैं, वह कई बार काम नहीं करते, उनकी गति मंद धीमी पढ़ने लगती हैं. जैसे की अगर किसी व्यक्ति को हाथ में लकवा लगा हो तो उसे लकवा लगने से पहले ऐसे लक्षण दिखाई देंगे- हाथ का ठीक से काम न कर पाना, हाथ सुन्न पढ़ जाना आदि.

उत्साह की कमी आना

जब किसी व्यक्ति को यह रोग घेरता हैं तो वह दिन ब दिन बिना किसी बात के ही उदास दिखाई देने लगेगा. उसके मन में किसी भी बात के प्रति उत्साह नहीं रहता, किसी चीज का शोक नहीं रहता हैं.

चढ़ने उतरने में परेशानियां आने लगना

कोई भी ऐसा कार्य जिसमे स्नायु नाड़ियों की ज्यादा जरूरत होती हो वह काम लकवे लगने वाला व्यक्ति नहीं कर पाता हैं. उदाहरण के लिए व्यक्ति अगर सीढ़ियां चढ़े, तो उसे सीढ़ियां चढ़ने व उतरने में बड़ी परेशानी होगी, जल्दी थकान आ जायेगी.

हाई ब्लड प्रेशर का और बढ़ना 

व्यक्ति का हाई ब्लड प्रेशर दिन ब दिन बढ़ने लगता हैं, और अंत में यही लकवा लगने का कारण बन जाता हैं. हमारे परिजन को भी हाई ब्लड प्रेशर के वजह से ही पैरालिसिस हुआ था. इसलिए हाई ब्लड प्रेशर होने पर इसका जल्द से जल्द उपचार करवाए, ताकि आपको भविष्य में लकवा पैरालिसिस न हो जाए.

नींद की कमी आना 

पैरालिसिस के रोगी की दिन ब दिन नींद कम होने लगती हैं, वह चाह कर भी ज्यादा नहीं सो पाता. उसकी नींद छीन जाती हैं.

भूख में कमी आना

व्यक्ति की भूख में भी गिरावट आती हैं, पेट भर भोजन करने का मन भी नहीं होता हैं.

कामशक्ति का क्षीण होना 

कई लोगों को ज्यादा सम्भोग करने के वजह से भी लकवा हो जाता हैं. इसमें धीरे-धीरे व्यक्ति की कामशक्ति बिलकुल क्षीण हो जाती हैं. पैरालिसिस में यह आम लक्षण हैं जो की रोगी को दिखाई देने लगता हैं.

शरीर में खुजली होना

उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति को शरीर के दाए ओर पर लकवा लगेगा तो उसे लकवा होने से पहले अपनी दाए नाक पर खुजली सी होने लगेगी. यह नोट करने जैसी बात हैं, किसी भी व्यक्ति को अपनी नाक के जिस और खुजली चले तो उसे समझ लेना चाहिए की इस और लकवा लगने की सम्भावना हैं.

स्पर्श शक्ति कम होना

शरीर में जिस तरफ या शरीर के जिस अंग में लकवा लगने वाला हो उस अंग की दिन ब दिन स्पर्श, महसूस करने की शक्ति क्षीण होने लगती हैं. जैसे दाए शरीर पर चींटी चलने पर भी महसूस नहीं होना की मेरे दाए शरीर पर चींटी चल रही हैं, ऐसा ही शरीर के किसी भी अंग पर हो सकता हैं.

स्नायुवात ओर सुषुन्मा

स्नायु ओर सुषुन्मा इन दोनों में विकार बढ़ने लग जाते हैं, साथ ही इनसे सम्बंधित रोग भी होने लग जाते हैं.

शरीर शून्यता (Symptoms Of Paralysis Attacks)

पैरालिसिस का अटैक होने से पहले व्यक्ति के साथ कई बार ऐसा होता हैं की उसे उसका शरीर शून्य मालुम होने लगता हैं, यानी कई बार वह अपने शरीर को नियंत्रण में नहीं कर पाता हैं, हाथ को उठाने में परेशानी आती हैं आदि उसे नींद में कई बार ऐसा भी महसूस होता हैं की वह चाह रहा हैं की बिस्तर पर से उठ जाए लेकिन उसका शरीर बिलकुल भी हिलता डुलता नहीं. (ऐसा ज्यादातर शरीर के किसी एक अंग के साथ होता हैं)

चींटी का काटना

ऐसा माना जाता हैं की अगर किसी को लकवा हुआ हैं ओर जिस अंग पर उसे लकवा हुआ हो उस अंग पर चींटी के चलने का एहसास अगर उसे हो जाए तो ऐसा समझ लेना चाहिए की व्यक्ति का लकवा जल्दी ठीक हो जाएगा. साथ ही अगर आपको खुद पर शक हैं की मुझे लकवा न हो जाए तो शरीर की स्पर्श शक्ति का परिक्षण लेते रहे, जैसे की आपको चींटी का चलना महसूस होता हैं या नहीं आदि.

पैरालिसिस के कारणों के बारे में भी जाने

याद रखें कारण ही निवारण होता हैं. अगर व्यक्ति अपने रोग के कारणों को गहराई से समझ ले, की उसे यह रोग क्यों व किस वजह से हुआ हैं तो उसके रोग का निवारण बहुत ही आसान हो जाता हैं. पैरालिसिस में भी ठीक ऐसा ही हैं. अगर किसी को लकवा लग गया हैं तो उसे पहले लकवे के कारणों के बारे में अच्छे से जान लेना चाहिए ताकि वह इसे मिटाने के लिए सही उपाय आजमा सके. हमने इस विषय में लेख भी लिखा हैं आप उसे जरूर पढियेगा – लकवा होने के 10 कारण – Paralysis Causes

लकवा से बचने के लिए क्या करना चाहिए

Paralysis symptoms hindi me – लकवा यानी पैरालिसिस बहुत ही बेकार रोग हैं, पूरी जिंदगी को बिगाड़ देता हैं. लेकिन कई लोग यह जानते हुए भी अपनी आदतें नहीं बदलते व समय के साथ वह इस रोग का ग्रास हो ही जाते हैं. इसलिए दोस्तों अगर आप भी इस विषय में चिंतित हैं की मुझे लकवा नहीं होना चाहिए तो आपको यह जानकारी जरूर पढ़ना चाहिए. हमने इस जानकारी में इस रोग से बचने के लिए क्या क्या करना चाहिए, किन आदतों से दूर रहना चाहिए आदि इस विषय में पूरी जानकारी दी हैं जरूर पड़ें – लकवा से कैसे बचे – लकवा से बचने के उपाय (बचाव)

loading...

Leave a Reply

error: Please Don\'t Try To Copy & Paste. Just Click On Share Buttons To Share This.