दौरे और मिर्गी जड़ से ख़त्म करने का इलाज, दवा और 9 उपाय

बताये मिर्गी का इलाज करने के उपाय और दवा इन हिंदी – मस्तिष्क का काम न्यूरॉन्स के सिग्नल पर निर्भर करता हैं और जब इस काम में किसी वजह से बाधा उतपन्न होती हैं तो मिर्गी के दौरा पड़ता हैं और मस्तिष्क के नर्व सेल की कार्यप्रणाली में किसी प्रकार की क्षति पहुंचने से भी यह बीमारी पैदा होती है. दिन ब दिन इस बीमारी के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही हैं लेकिन अभी तक इसका सटीक अचूक इलाज नहीं मिल पाया हैं. हम यहाँ आपको इसी बारे में बताएंगे. यह मिर्गी का दौरा रोकने के आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे व उपाय बाबा रामदेव, राजीव दीक्षित व आयुर्वेद डॉक्टरों द्वारा बताये गए हैं.

मिर्गी के लक्षण

  • चिड़चिड़ापन
  • तनाव
  • थकान
  • दौरा पड़ने पर शरीर का संतुलन खो जाना
  • अचानक चक्कर आकर जमींन पर गिर जाना
  • कमजोरी होना
  • मांसपेशियों में खिंचाव होना
  • आंखें ऊपर की तरफ हो जाती हैं
  • सुनने में परेशानी
  • स्वाद लेने में दिक्क्त

मिर्गी के कारण

  • पूरी नींद नहीं लेने से
  • अल्कोहल का अधिक सेवन
  • सर में किसी तरह की चोट लगने से
  • खून में ग्लूकोस की कमी से
  • ब्रेन ट्यूमर
  • दिमागी बुखार
  • जेनेटिक कंडिशन
  • कार्बन मोनोऑक्साइड के विषाक्तता के कारण
  • और पड़ें mirgi dora attack treatment in Hindi

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मिर्गी का इलाज के घरेलु उपाय व दवा

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  • पोस्ट को एन्ड तक पुरे ध्यान से पड़ें, जल्दबाजी न करे.
  • बाबा रामदेव – रोजाना सुबह के समय 10-15 मिनट अनुम विलोमा प्राणायाम और ब्रह्मारी प्राणायाम 5-10 मिनट तक करे. इसके साथ ही अगर आप बाकी सारे आठ प्राणायाम भी कर सकते हैं तो और भी अच्छा होगा. प्राणायाम करने से मिर्गी हमेशा के लिए खत्म हो जाती हैं इसके लिए आपको लगातार नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास करना होगा इसमें 1-2 महीने से ज्यादा भी लग सकते हैं लेकिन ट्रीटमेंट 100% होगा और हमेशा के लिए होगा.
  • और प्राणायाम के साथ मिर्गी में मेधावटी की एक-एक गोली सुबह शाम लेना शुरू कर दें. छोटी उम्र के लोग 1-1 गोली बाद बड़ी उम्र के लोग 2-2 गोली का सेवन कर सकते हैं. मेधा क्वाथ का प्रयोग करे 1-1 चम्मच मेधा क्वाथ का काढ़ा बनाकर पिलाये इससे भी में लाभ होगा.
  • मिर्गी में पीपल या बड़ (बरगद) की दाढ़ी जटा को उबालकर पिलाये, तो मिर्गी में बहुत लाभ होगा.
  • जिनको मिर्गी के दौरे अधिक पड़ते हैं वे सारस्वतीरिष्ट का नियमित रूप से सेवन करें, लाभ होगा.
  • 3-5 बादाम को रात को भिगोकर रख दें व सुबह बादाम की ऊपरी परत छिलके को अलग कर के घिसकर पिए इससे भी यह मिर्गी दूर होती है.
  • मिर्गी के दौरा के अखरोट का भी विशेष महत्व होता हैं, इसके लिए रोगी को रोजाना किसी न किसी रूप में अखरोट का सेवन करना चाहिए यह मस्तिष्क को मजबूती देता हैं व मिर्गी की बीमारी का उपचार कर उसे दूर करता हैं.
  • बाबा रामदेव – अनुम विलोमा, ब्रह्मारी प्राणायाम और मेधावटी का प्रयोग कराकर हमने हजारों लोगों की मिर्गी हमेशा के लिए ठीक की हैं, और जब हजारों लोगों की मिर्गी का ट्रीटमेंट इससे हो सकता हैं तो फिर आपको इससे लाभ क्यों नहीं होगा, इसको जरूर करें.
  • जिनको मिर्गी के दौरे पड़ते हैं, उन्माद हिस्टीरिया की शिकायत हैं. जो बच्चे मंद बुद्धि के है या अति चंचल है उनके लिए ब्राह्मी का प्रयोग बहुत ही कारगर है. इसके लिए ब्राह्मी को जड़ सहित उखाड़कर धो लें और छाया में सुखाकर सेवन करे. ताज़ी उपलब्ध होने पर इसकी 4-6 पत्तियों को प्रतिदिन खा सकते हैं. इससे भी दौरे व उन्माद मिर्गी की परेशानियों में लाभ होगा.
  • जिनको मिर्गी व हिस्टीरिया के दौरे पड़ते हैं उनके लिए सेब का रस बहुत ही लाभकारी होता हैं. इसके लिए एक गिलास सेब के रस में 2-3 ग्राम ब्राहमी का पाउडर घोलकर पिए या एक चम्मच ब्राहमी के पाउडर को फ़ाङकर रस को पि जाएँ. इससे महिलाओं को होने वाली हिस्टीरिया व मिर्गी के दौरों में आराम मिलेगा. इसके नियमित प्रयोग से घबराहट व बेचैनी में भी आराम मिलेगा एपिलेप्सी ट्रीटमेंट हिंदी में.
  • राजीव दीक्षित जी – इस रोग में एक साल तक देसी गाये के घी की दो-दो बून्द दोनों नाक में रोजाना डालते रहने से एक साल के भीतर रोग जड़मूल नष्ट हो जाता है. दौरे पड़ने पर भी देसी गाय के घी को नाक में डालने से होश आ जाता हैं.

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  • इस मिर्गी को अपस्मार भी कहते हैं बहुत ही दुखदाई रोग हैं. इसे लाइलाज भी माना जाता हैं. ताजे कंटकारी के पौधे को कूटकर इसका रस निकाल लें. इस रस की 2-2 बून्द रोजाना खाली पेट दोनों नाक में डालने से मिर्गी में रामबाण लाभ मिलेगा. ध्यान रहे रस ताज़ा ही प्रयोग करे. इससे सिरदर्द माइग्रेन में भी लाभ मिलेगा. यह दौरे epilepsy attack treatment करता हैं.
  • मिर्गी का इलाज :- मिर्गी का दौरा भोजन आदि चीजों को खाने से शरीर में विषैले पदार्थ के इकठ्ठा हो जाने से भी पड़ता हैं. वहीं कुछ लोगों में यह बीमारी जन्मजात होती हैं. ऐसे में जब भी किसी व्यक्ति को दौरा पढ़े तो उसे खुली हवा में लेटा दें व उसके मुंह पर पानी के छींटे मारे. इसके साथ ही तुलसी के पत्तों के रस में सेंधा नमक मिलाकर रोगी की नाक में टपकाये इससे भी दौरा ख़त्म हो जाता हैं. इसके अलावा सीताफल के पत्तों क रस भी नाक में टपकाने से लाभ होता हैं.
  • सफ़ेद प्याज का रस एक चम्मच एक ग्लास पानी में मिलाकर पिने से दौरे धीरे-धीरे आने बंद हो जाते हैं.
  • मिर्गी का दौरा के इलाज के लिए राइ, आक की जड़ का छल का रस, कपूर, तुलसी का रस, लहसुन, हींग आदि को पानी में पीसकर सुंघाने से दौरा जल्दी ख़त्म हो जाता हैं.
  • रोगी को रोजाना पिने के पानी में सूर्यतप्त जल बनाकर पीना चाहिए. सूर्यतप्त जल बनाने की विधि आप किसी भी आयुर्वेदिक डॉक्टर से जान सकते हैं. इसके प्रयोग से मिर्गी जल्दी ठीक होती हैं.
  • सुबह के समय गुन-गुने पानी में त्रिफला देना भी मिर्गी की शिकायत में लाभकारी होता हैं इसके साथ ही सोयाबीन को दूध के साथ खाने से भी बहुत फायदा होता हैं.
  • जिस व्यक्ति को यह बीमारी हो उसे अकेले कहीं पर नहीं जाना चाहिए, अकेले वहां चलाना, सीढियाँ चढ़ना आदि उसे कहीं भी कुछ भी काम अकेले नहीं करना चाहिए. क्योंकि ऐसे में अगर अटैक दौरा पढ़ जाए तो फिर उसकी देखभाल के लिए वहां कोई न होगा और व्यक्ति को इससे ज्यादा नुकसान हो सकता हैं. इसलिए रोगी को हमेशा किसी न किसी व्यक्ति के साथ रहना चाहिए व मिर्गी अटैक को दूर करने वाले घरेलु उपाय करने चाहिए.
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दौरा पढ़ने पर मिर्गी के रोगी को इस तरह लेटा दें व उसके आसपास खड़े न रहे उसे खुली हवा में ही रहने दें. इस तरह सीधी तरह से रोगी को सुलाने से दौरा जल्द समाप्त हो जाता हैं व कोई हानि का खतरा भी नहीं रहता.

बचने के लिए उपाय

  • मिर्गी की बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए रोजाना अनुम विलोमा, ब्रहमारी आदि प्राणायाम करना चाहिए.
  • तरल पदार्थ का ज्यादा सेवन करना चाहिए, रोजाना मौसमी फलों के रस का सेवन करना चाहिए.
  • सुबह के समय टहलने जाना चाहिए
  • मिर्गी में मस्तिष्क को मजबूत करने वाले पदार्थों का सेवन करना चाहिए
  • मानसिक तनाव से बचना चाहिए

बच्चों में मिर्गी जल्दी होता हैं, क्योंकि बच्चे का शरीर अभी विकाशील अवस्था में रहता हैं और ऐसी अवस्था में मिर्गी व अन्य रोग उसे बड़ी आसानी से अपना ग्रास बना सकते हैं. ऐसे में जरुरी हैं की आप तुरंत ही शिशु बच्चों में मिर्गी का ट्रीटमेंट करवाए. क्योंकि बचपन से आई मिर्गी शरीर को कई तरह से क्षति पहुंचाती हैं व उसके बौद्धिक विकास में बाधा बनती हैं.

दोस्तों यह में मिर्गी रोग बहुत बेकार होता है, शारीरिक और मानसिक रूप दोनों से बहुत नुकसान करता है. इसलिए आप इसको जल्द से जल्द ठीक करने में लग जाए. खासकर बच्चों पर विशेष ध्यान दें.

इस तरह आप मिर्गी के दौरे का इलाज के घरेलु उपाय नुस्खे epilepsy mirgi treatment in Hindi का प्रयोग करे. हमने यहां पर दौरे आने पर उसे खत्म करने के उपाय भी दिए हैं उनको भी आप आजमा सकते हैं. मिर्गी की दवा गोली से भी ज्यादा फायदेमंद हैं.
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15 Comments

  1. Satinder Singh
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  4. bhavikaahuja
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  15. mukesh

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