बारिश के मौसम में मच्छरों से होने वाली 4 बीमारियां

Common Diseases Monsoon Mosquitoes – बचाव व इनके लक्षण

मानसून दस्तक दे चूका हैं. बेशक बारिश की तेज फुहारों ने चिलचिलाती गर्मी से निजात दिलाई हो लेकिन मौसमी बीमारियों की आशंका बढ़ा दी हैं. बारिश के बाद ठहरे पानी में पनपने वाले मच्छर कई बिमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकेनगुनिअ जैसी बिमारियों का कारण बनते हैं.

डॉक्टर अरविन्द अग्रवाल के मुताबिक बारिश में नमि के कारण कई तरह के बैक्टीरिया, और मच्छर पनपते हैं. मच्छरों से होने वाली बिमारियों का समय पर इलाज न हो तो ये जानलेवा बन सकती हैं. जानते हैं मानसून में होने वाली कुछ कॉमन बिमारियों के बारे में और उसे कैसे किया जाए बचाव.

बारिश के मौसम में मच्छर के काटने से होने वाली बीमारियां

मच्छर से होने वाली बीमारियां

ज्यादातर लोग समझते हैं की इस मौसम में मच्छर के काटने से सिर्फ डेंगू या मलेरिया जैसी समस्याए होती हैं जबकि कई और बीमारियां हैं जो मच्छर के काटने से होती हैं.

मलेरिया बुखार 

यह रोग प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होता हैं. मादा एनाफिलीज के काटने पर संक्रमित व्यक्ति के खून में इसके रोगाणु फैल जाते हैं. मलेरिया का मच्छर ज्यादातर ठहरे हुए पानी में पनपता हैं. मलेरिया के लक्षण मच्छर के काटने के 10वे दिन से शुरू होकर 4 सप्ताह तक बने रहते हैं. मलेरिया का इलाजमलेरिया के बचाव के बारे यहाँ पढ़ सकते हैं.

  • लक्षण

बुखार, कंप-कपि, खांसी-जुकाम, भूख न लगना, उल्टियां आना, पेट में दर्द होना, हाइपोथर्मिया और तेज सांस चलने जैसे लक्षण नजर आते हैं. बुखार आना मलेरिआ का मुख्य लक्षण माना जाता हैं. इसके लक्षणों के बारे में और अधिक जानने के लिए यहाँ पर क्लिक करें – मलेरिया के लक्षण

येल्लोफेवर पित्तज्वर

येलोफीवर को पीला फीवर या पित्त ज्वर भी कहते हैं. यह रोग भी डेंगू और मलेरिया की तरह एक वायरल संक्रमण हैं. यह रोग स्टैगोमिया नामक मच्छर के काटने से शरीर में फैलता हैं. इसका मच्छर दिन के समय काटता हैं. आमतौर पर इसके लक्षण पीलिया के जैसे ही होते हैं इसलिए इसे पीला बुखार भी कहा जाता हैं. इसमें त्वचा और आंखों में पीलापन दिखाई देता हैं. इसमें लक्षण दीखते ही चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए. थोड़ी सी भी लापरवाही आपके लिए घातक साबित हो सकती हैं.

  • लक्षण

बुखार आना, सरदर्द होना, ठण्ड लगना, पीठ दर्द होना, भूख न लगना, उल्टियां होना जैसे लक्षण येल्लोफेवर के ही होते हैं. ऐसा महसूस होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करे. इसका संक्रमण आमतौर पर 3-4 दिन तक रहता हैं. गंभीर स्थिति होने पर मुंह से खून आना, खून की उल्टियां होना आदि शामिल हैं.

चिकनगुनिया

चिकनगुनिया का अर्थ हैं हड्डी टूटने जैसा दर्द. यह एक वायरल बुखार हैं जो एडीज मच्छर के काटने के कारण होता हैं. यह रोग काफी दर्द देने वाला होता हैं. पीड़ित व्यक्ति के जोड़ों में इतना दर्द होता हैं की वह कोई भी कार्य करने में असमर्थ महसूस होता हैं. संक्रमित होने के एक सप्ताह के भीतर वह बेहद कमजोर हो जाता हैं.

  • लक्षण

चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण एक सामान ही होते हैं. इसके अलावा इसमें जोड़ों में दर्द के साथ बुखार, सिरदर्द, हड्डियों में दर्द, जोड़ों में सूजन व विकृति, भूख कम लग्न त्वचा का खुश्क होना आदि लक्षण हैं.

डेंगू

मानसून में होने वाली बिमारियों में डेंगू सबसे कॉमन हैं. यह रोग संक्रमित मादा एडीज़ मच्छर के काटने से होता हैं. इसका संक्रमित एक मच्छर सैंकड़ों लोगों को बीमार कर सकता हैं. डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है.

  • लक्षण

तेज बुखार के साथ मांसपेशियों और जोड़ों में अधिक दर्द होना.
सिरदर्द, उलटी, दस्त, त्वचा पर लालरंग के दाने हो सकते हैं.
कई बार मरीज की स्थिति गंभीर होने पर प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से गिरती हैं ऐसे में नाक, कान, मुंह, से खून आने की समस्या हो सकती हैं.
इन लक्षणों के अलला ब्लड प्रेशर कम होना भी इसकी गंभीरता की और संकेत देता हैं.
इन लक्षणों के दीखते ही तुरंत डॉक्टर को दिखाए. डेंगू की गंभीरता बढ़ने पर स्थिति जानलेवा भी हो सकती हैं.

तो अब मौसमी बिमारियों के लक्षण व मच्छरों से बारिश के मौसम में कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं. इसके बारे में जानकर अच्छ लगा हो. जरुरी हैं की आप भी बारिश के मौसम में मच्छरों से पूरी तरह से सावधान रहे, क्यूंकि यह मौसम मच्छरों का ही होता हैं. ऐसे में मलेरिया बुखार, डेंगू बुखार, चिकनगुनिया बुखार, येलोफीवर बड़ी आसानी से हो सकते हैं.

2 Comments

  1. BABA
  2. Manpreet

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