facial paralysis in hindi, face paralysis in hindi, face paralysis images

मुखमण्डल मुंह का लकवा – Facial Paralysis Treatment in Hindi

(फेस) Facial paralysis treatment in Hindi पढ़िए मुखमण्डल मुंह का लकवा की जानकारी के बारे में. चहरे पर लकवा लगने से मुंह का एक अंग निष्क्रिय होकर एक तरफ लटक जाता हैं. कई रोगियों के मुंह से थूक गिरता रहता, वह उसे रोक भी नहीं पाता आदि मुखमण्डल का लकवा बहुत ही भद्दा हैं. चलिए आगे मुंह के लकवा के बारे में और जानकारी जाए, आयुर्वेदिक इलाज उपचार इन हिंदी में.

चहरे मुंह का लकवा – Mouth Face Paralysis Treatment in Hindi

मुंह का लकवा, face paralysis in hindi, facial paralysis treatment in hindi, मुखमण्डल का लकवा

इसमें मुखमण्डल (मुंह) के एक तरफ का भाग जड़ होकर घूम जाता हैं. चहरे का एक ओर का कोना निचा दिखने लगता हैं, एक तरफ का गाल ढीला हो जाता हैं. होंठों से थूक बिना इच्छा के गिरता रहता हैं, तथा रोगी थूक सीधा नहीं फेंक सकता. संस्कृत में इस रोग को मुख पक्षाघात कहते हैं.

आर्दित भी इसी रोग का नामान्तर हैं. यह रोग मस्तिष्क के बिगाड़ के कारण होता हैं. इस रोग में चहरे के एक और मांसपेशियों पर ही हमला होता हैं. बोलना, हंसन, खाना पीना और मुख का सञ्चालन आदि सब बंद हो जाता हैं. आंख भी कभी कभी मीच सि जाती हैं. (मुंह का लकवा लगने पर रोगी चहरे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं कर पाता उसका चेहरा पूरी तरह निष्क्रिय हो जाता हैं face paralysis in Hindi language)

चहरे का लकवा होने के लक्षण – Facial Paralysis Symptoms

इस रोग के होने से पहले चहरे की हड्डियों में दर्द प्रतीत होता हैं और चहरे की त्वचा की स्पर्श शक्ति कम हो जाती हैं. मुख का आधा भाग बहुत फड़कने लगता हैं. मल कभी गाढ़ा, कभी पतला निकलने लगता हैं.

facial paralysis in hindi, face paralysis in hindi, face paralysis images

रोगाक्रान्त होने वाला मुख का भाग भारी और स्फीतियुक्त हो जाता हैं, यानी मुंह के जिस और लकवा लगने वाला हैं वह हिस्सा भारी और निष्क्रिय मालूम होने लगता हैं, चहरे का रंग बदलना शुरू हो जाता हैं. उसके बाद सिर कांपने लगता हैं. बोली अस्पष्ट निकलने लगती हैं. नाक, आंख, भौं तथा गाल में वेदना होती हैं और ये अंग टेड़े हो जाते हैं.

निचे के होंठ ज्यादा दर्द करते हैं. रोग की ओर की गर्दन, ठोड़ी, दांत पीड़ायुक्त हो जाते हैं. रोगाक्रान्त भाग का खून, स्नायु, नसें, सुखकर सिकुड़ जाती हैं. बोलते समय रोगी के नेत्र स्तब्ध हो जाते हैं. छींक आने को होती हैं, पर छींक बाहर आती ही नहीं.

जीभ दुर्बल होकर बाहर निकल आती हैं. कान में कम या बिलकुल सुनाई नहीं देता. सारे के सारे दांत चलायमान हो जाते हैं. कभी कभी रोगी का चेहरा पीला पड़ जाता हैं. कभी ज्वर चढ़ जाता हैं. प्यास बहुत लगने लगती हैं. बेहोशी छा जाती हैं. दोनों होंठ आपस में मिल नहीं पाते. कभी कभी एक आंख बंद ही नहीं होती और सोते समय भी खुली ही रहती हैं. ललाट में सलवटे पड़ जाती हैं. आँख के निचे की पलक गिर पड़ती हैं तथा सांस लेते वक्त शब्द होता हैं (mouth paralysis).

face paralysis photo, munh ka lakwa

मुंह का लकवा होने का कारण – Face Paralysis Causes Reasons in Hindi

ऊंची आवाज़ से, चिल्लाने पुकारने, भाषण करने से, सख्त चीजों को दांतों से तोडने से, अधिक मुंह फाड़कर जम्हाई लेने से, खूब ठठाकर हंसने से, शक्ति से अधिक भार उठाने से, गर्दन को टेडी-मेडी करके सोने बैठने से, शरीर में रक्त की कमी होने से, मुख की स्नायुओं में किसी प्रकार का विकार होने से, गालों पर तीव्र ठण्ड लगने से, कान का घाव होने से तथा चहरे पर चोट आदि लगने से भी कभी कभी यह रोग हो जाता हैं.

Face paralysis treatment in Hindi चहरे की खोई हुई रोनका वापस लाने के लिए, यानी मुंह के लकवे का इलाज करने के लिए हमने कई घरेलु उपाय बताये हैं, यानी सिर्फ मुंह ही नहीं बल्कि हर तरह के लकवा के लिए हमने आयुर्वेदिक उपचार दिए हैं. मुख्यतः इन सभी लकवो का विज्ञानं एक ही होता हैं, इसलिए इनका उपचार भी एक ही होता हैं. facial paralysis के treatment के लिए पढ़िए यह – लकवा का इलाज (आयुर्वेदिक) Paralysis Treatment in Hindi

Submitted : DR Sudip Mehta (Ayurvedic)

19 Comments

  1. Sulabh kumar
    • Ask Your Question

Leave a Reply

error: Please Don\'t Try To Copy & Paste. Just Click On Share Buttons To Share This.

हमसे Facebook पर अभी जुड़िये, Group Join करे "Join Us On Facebook"