7 दिन में पीलिया का इलाज 101% असरकारी घरेलु उपाय और नुस्खे

जानिये पीलिया का इलाज जो की रामबाण व अनोखा हैं, यहां हम आपको सबसे तेज व आसान घरेलु इलाज के लिए घरेलु नुस्खे व उपाय बताएंगे. साथ ही वह सभी पीलिया की जानकारी देंगे जो की पीलिया के रोगी को बहुत फायदेमंद होंगी. इन आयुर्वेदिक उपचार से कई लोगों को फायदा हुआ हैं, इसीलिए यह सभी आयुर्वेदिक नुस्खे यहां पर सभी पीलिया रोगी को बताये जा रहे हैं piliya in Hindi (गर्भवती महिला को पीलिया होने पर भी यही उपाय किये जा सकते हैं pregnant women).

हमे कुछ दिनों पहले एक सन्देश आया था जिसमे एक व्यक्ति ने कहां था की साधारण व काला पीलिया के अनोखे रामबाण अचूक इलाज बताये  व ऐसे उपाय दीजिये जिनसे घर पर ही पीलिया रोग को ठीक किया जा सकता है. उनके इस सन्देश के उत्तर में हम यह जानकारी लिख रहे हैं, यहां बताये जाने वाले सभी उपाय आपको बहुत बहुत राहत देंगे.

पहले तो आप इस पुरे लेख को ध्यान से पड़ें, साड़ी बाते पढ़ लें और समझ लें, उसके बाद यहाँ बताये गए उपाय करे, अगर आप उनका नियमित रूप से सेवन करते है तो सप्ताह भर यानी सात दिन में ही आपको परिणाम मिल जायेगा.

आपसे एक अनुरोध हैं की इन सभी को पढ़ लेने के बाद इसे अपने मित्रों के साथ Facebook, Twitter और Whatsapp पर ज्यादा से ज्यादा SHARE करे ताकि यह उन सभी जरूरतमंद लोगों तक आसानी से पहुंच जाए जिन्हें इसकी सख्त जरूरत हो.

पहले इस रोग के होने की वजह के बारे में भी अच्छे से जान लेना चाहिए, ताकि इस रोग के बारे में सब कुछ मालुम हो जाए. जब हमे किसी बीमारी के बारे में अच्छे से पता चल जाता हैं की “ऐसा करने से यह बीमारी होती हैं” तो फिर हम उस चीज को कभी नहीं करते इसलिए यहां पर यह जानना बहुत जरुरी हैं की पीलिया रोग (इन हिंदी) हमारी कोन-सी अनदेखी के कारण होता हैं, व इसके शुरूआती लक्षण क्या होते हैं, पढ़िए पूरी जानकारी .

कामला पीलिया का इलाज अनोखा व रामबाण घरेलु उपचार

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पीलिया आखिर क्यों होता हैं ?

यह रोग पाचनशक्ति की कमजोरी (Weak immune system) व लिवर की कमजोरी (liver weakness) के वजह से होता हैं. इस रोग में रोगी के शरीर का सारा खून पीला पढ़ जाता हैं, इस वजह से रोगी को खून की कमी होने लगती हैं. और अगर इस स्थिति में समय पर पीलिया का उपचार नहीं करवाया जाये तो रोगी को अत्यधिक गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ता हैं.

पीलिया में शरीर पीला क्यों पढ़ जाता हैं ??

पीलिया में नाख़ून, आंखें शरीर आदि पिले हो जाते हैं, क्योंकि शरीर के अंदर का सारा खून पीला हो जाता हैं. खून पर यह पीलापन बिलीरुबिन नामक एक पदार्थ के वजह से होता हैं. यह बिलीरुबिन नामक पदार्थ ही पीलिया रोग को जन्म देता हैं. जब शरीर में इस पदार्थ की मात्रा बढ़ जाती हैं तो शरीर का सारा खून पीला हो जाता हैं और इस पीलेपन को हम पीलिया रोग कहते है.

लिवर की कमजोरी हैं वजह

हमारे शरीर के व्यर्थ के पदार्थों को फ़िल्टर कर के शरीर से बाहर निकालने का कार्य हमारा लिवर करता हैं. बिलीरुबिन जैसे पदार्थ भी लिवर में ही एक तरफ अटके रहते हैं. लेकिन जब हमारे लिवर में बिलीरुबिन की मात्रा 2.5 से ज्यादा हो जाती हैं तो लिवर गंदगी को फ़िल्टर करने की प्रक्रिया को रोक देता हैं.

ऐसे में लिवर कमजोर हो जाता हैं और इस लिवर की इस कमजोरी के वजह से बिलीरुबिन नामक पदार्थ लिवर में से निकलकर शरीर में फेल जाता हैं, और जब बिलीरुबिन लिवर से बाहर निकल जाता हैं तो यह रेड ब्लड सेल्स को ख़त्म करने लग जाता हैं, (या यूं कहे की जब लिवर की कमजोरी के वजह से रेड ब्लड सेल्स वक्त से पहले ही खत्म हो जाते हैं तो इन पर बिलीरुबिन नामक पदार्थ कब्ज़ा कर लेता हैं, और यह लाल खून पिले खून में बदल जाता हैं).

होता यह हैं की जैसे ही बिलीरुबिन पदार्थ लिवर से बाहर निकलता हैं तो यह रेड ब्लड सेल्स को खत्म करने लगता हैं और पुरे शरीर में अपनी मात्रा को बढ़ा देता हैं, इससे शरीर का सारा खून पीला पढ़ जाता हैं इस प्रॉसेस को ही पीलिया रोग कहते हैं. इससे पहले की बिलीरुबिन शरीर के सारे खून में मिल जाए रोगी को पीलिया के घरेलु उपचार  कर लेना चाहिए ऐसे कई रामबाण आयुर्वेदिक उपाय हैं जिनसे आप घर पर ही इसका समाधान कर सकते हैं.

बिलीरुबिन पदार्थ

पीलिया सामान्यतः तीन तरह का होता हैं, Hepatitis A, Hepatitis B और Hepatitis C

पीलिया की पहचान क्या हैं, कैसे जाने की पीलिया हुआ हैं ??

शरीर में कोई सी भी बीमारी जन्म लेने से पहले ही अपने आने के लक्षण दिखाने लगती हैं, शुरुआत में तो यह लक्षण इतने सूक्ष्म होते हैं की हमे इनका पता ही नहीं चलता लेकिन जब बीमारी बढ़ जाती हैं तो लक्षण साफ़-साफ़ दिखाई पढ़ने लग जाते हैं, इस रोग में भी निम्नलिखित लक्षण दिखाई पड़ने लगते हैं.

jaundice in hindi

  • खुलकर भूख नहीं लगती हैं
  • ज्यादातर बुखार बना रहता हैं
  • सर में दर्द होने लगता हैं
  • पेशाब पिली आने लगती हैं
  • नाख़ून भी पिले हो जाते हैं
  • आंखों में पीलापन छा जाता हैं
  • पूरा शरीर पीला पड़ने लग जाता हैं
  • जरा सा काम करने पर भी भारी थकान होने लगती हैं

यह सभी पीलिया के आम सामान्य लक्षण हैं, पीलिया होने से पहले यह सभी रोगी में जरूर दिखने लगत हैं.

पीलिया क्यों होते हैं, क्या वजह हैं ??

पीलिया रोग भी टाइफाइड की तरह बाहरी वायरस बैक्टीरिया के शरीर में अंदर पहुंच जाने के वजह से होता हैं. इसके साथ ही पीलिया के रोगी का झूठा पानी पिने से, झूठा भोजन करने से, रोगी के रुमाल या कपडे का उपयोग करने आदि से भी पीलिया रोग हो जाता हैं, यह छुआछुद का रोग हैं. छोटे बच्चो में पीलिया इसलिए होता हैं क्योंकि उनका लिवर अभी पूरी तरह से सक्रीय नहीं हुआ होता हैं, समय के साथ जब उनका लिवर मजबूत हो जाता हैं तो बच्चों का पीलिया अपने आप ख़त्म हो जाता हैं.

पीलिया का सबसे बड़ा कारण हैं बिलीरुबिन नामक पदार्थ की उत्पत्ति, जब यह लिवर में ज्यादा समय तक पढ़ा रहता हैं और जब लिवर में इसकी मात्रा बढ़ जाती हैं तो यह पीलिया रोग को जन्म दे देता हैं. इसके साथ ही पीलिया के यह निम्न कारण भी होते हैं.

  • लिवर के कमजोर होने से (ज्यादा शराब के सेवन से)
  • पुरानी सिरिंग के उपयोग से
  • रोगी का झूठा खाना व झूठा पानी पिने से
  • बाजार की खुली चीजों के सेवन से
  • बाजार के पानी को पिने से भी यह वायरस शरीर में पहुंच जाता हैं
  • दूषित भोजन करने से
  • शरीर में खून की कमी होने से

Post Hepatic – पित्त की नली में रुकावट आने के वजह से होता हैं, लिवर में घाव होने से, पित्त की पथरी होने से व किसी मेडिकल दवा का साइड इफेक्ट्स करने से पोस्ट हिपेटिक पीलिया होता हैं.

Hepatocellular – लिवर में संक्रमण होने से, लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने से, ज्यादा शराब व नशीली चीजों के सेवन से, तेज मसालेदार सब्जी के सेवन से, एसिडिटी आदि से हेपैटोसेलुलर पीलिया होता हैं.

हमने अभी तक आपको पीलिया रोग के बारे में सारी बाते बता दी हैं अब हम आपको साधारण व काला पीलिया का रामबाण इलाज करने के लिए देसी आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे बताएंगे इनके उपयोग से आप घर पर ही उपचार कर सकते हैं.

Piliya Ke Gharelu Upay Or Ilaj In Hindi Me

पीलिया में नारियल पानी हैं अनोखा

पुराने से पुराने पीलिया में यह अनोखा व रामबाण उपाय बहुत असरकारी होता हैं, इसके मात्र 5-6 दिन के प्रयोग से ही पीलिया का इलाज हो जाता हैं. हम बात कर रहे हैं नारियल पानी की, नारियल पानी में ऐसे कई अनोखे गुण होते हैं, इसका प्रयोग भी बहुत ही आसान हैं.

  • रोजाना दिन में नियमित रूप से 2 या 3 हरे नारियल का पानी पिए, इसके साथ ही पुरे दिन भर और कुछ न खाये सिर्फ नारियल पानी के ऊपर ही रहे. यह ऐसा अनोखा प्रयोग हैं जो की सिर्फ 1-2 दिन में ही घरेलु इलाज कर देगा.
  • अगर आप लगातार 5-6 दिनों तक सिर्फ नारियल पानी के सहारे नहीं रह सकते तो थोड़ा-थोड़ा हल्का भोजन भी इसके साथ खा सकते हैं ताकि आपको कोई कमजोरी महसूस न हो, लेकिन ध्यान रखे सिर्फ थोड़ा ही भोजन करे और भोजन हल्का होना चाहिए. यानी सात्विक आहार ग्रहण करे.

यह प्रयोग सभी तरह के पीलिये में काम करता हैं. यह नुस्खा काला पीलिया का घरेलु इलाज हैं इसके साथ ही पीलिया A,B,C में भी यह बहुत अनोखा असर करता हैं. (इसमें अन्य समय के अलावा दुपहर में 2 बजे विशेषकर नारियल का पानी पिए). यह सबसे सस्ता और आसान आयुर्वेदिक उपचार हैं इसे आप जरूर अपनाये (पीलिया में नारियल पानी का प्रयोग).

पीलिया में फिटकरी 

पीलिया में फिटकरी के आयुर्वेदिक नुस्खे के बारे में आपने में भी सुना होगा, यह पीलिया के सबसे आसान और प्रसिद्ध घरेलु नुस्खे में से एक हैं. फिटकरी का आयुर्वेदा में महत्वपूर्ण स्थान हैं, इसके सेवन की कई विधिया हैं, प्रत्येक विधि बीमारी का जड़ से इलाज करती हैं फिर चाहे वह पीलिया हो, मलेरिया हो, टाइफाइड हो आदि कोई सा भी रोग हो हर रोग में फिटकरी बहुत लाभकारी होती हैं. अब पढ़िए पीलिया में फिटकरी कैसे ले.

  • इसके लिए आप गुलाबी रंग की फिटकरी या फिर साफ़ स्वच्छ सफ़ेद रंग की फिटकरी दोनों में से जो उपलब्ध हो जाये वह 50 ग्राम की मात्र में ले लें (फूली हुई फिटकरी का उपयोग करे). इसके बाद इसे अच्छे से बारीक़ पीस लें, बारीक़ पीस लेने के बाद 3-4 रत्ती की मात्र में शुद्ध ताज़ा गाय के दूध से बने दही या छाछ में मिलाकर सेवन करे (3-4 रत्ती से मतलब हैं, 3-4 चिमटी फिटकरी का पिसा हुआ चूर्ण).
  • दिन में करीबन तीन बार इसका सेवन करे, कुछ ही दिनों में आपको महसूस होने लगेगा की पीलिया का असर धीरे-धीरे खत्म हो रहा हैं. यह फिटकरी भी अनोखा इलाज हैं. इस प्रयोग को सभी तरह के पीलिया में इस्तेमाल किया जाता हैं, जब आपका पीलिया खत्म हो जाए तो इस प्रयोग को करना छोड़ दें, लेकिन शुरुआत में लगातार सात दिनों तक इसका सेवन जरूर करे.

बादाम के इस नुस्खे से करे घरेलु इलाज

अगर आप बताये गए इन आयुर्वेदिक नुस्खे से पीलिया ठीक करने में कतरा रहे हो तो इस बादाम के उपाय से उपचार जरूर करियेगा. इसमें आपको बादाम, इलाइची, छुआरे का प्रयोग करना होता है, यह भी ऊपर बताये गए नुस्खे जैसा ही रामबाण हैं, (पीलिया में बादाम का प्रयोग कैसे करे).

  • सबसे पहले आप बाजार से अच्छी बादाम, इलाइची और छुआरे खरीद लाये, पहले दिन के सेवन के लिए इस तरह करे प्रयोग – इनमे से 11 ग्राम बादाम, तीन छुआरे और 6 ग्राम इलाइची अलग निकाल लें व अब एक glass या बड़े कटोरे को पानी से पूरा भर लें, इसके बाद इसमें यह बादाम, इलाइची और छुआरे डाल दें (कटोरे में पानी भरपूर होना चाहिए ताकि यह सभी अच्छे से भीग जाए).
  • अब इस कटोरे को ऊपर से ढंक दें ताकि इसमें कोई कचरा न गिरे, और रात भर के लिए इन सभी को कटोरे में भीगने के लिए छोड़ दें. अब सुबह होने पर आप इन सभी को कटोरे में से निकाल लें व अच्छे से बारीक पीस लें. अब इस नुस्खे को थोड़ा स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें थोड़ी सी पीसी हुई मिश्री मिला दें और साथ में स्वच्छ मक्खन भी मिला दें.

इन सब को आपस में मिलाकर अच्छे से घोंट लें, घोंटने के बाद इसका सेवन करे लें.  इस प्रयोग को आप रोजाना सुबह व शाम दोनों समय करे. यानी सुबह के प्रयोग के लिए रात को सोते वक्त बादाम, इलाइची और छुआरे को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इसका प्रयोग कर लें, और शाम के प्रयोग के लिए सुबह उठने के बाद वापस बादाम, इलाइची और छुआरे को कटोरे में ताज़ा डालकर भिगोकर रख दें और शाम को इसका प्रयोग कर लें. इस तरह रात का सुबह और सुबह का शाम को प्रयोग करते रहना हैं. इस प्रयोग को आप शुरुआत में 10 दिनों तक लगातार करते रहे.

लिवर ख़राब होने से पीलिया होने पर यह करे

अगर किसी को लिवर ख़राब होने के वजह से पीलिया हुआ हो तो ऐसे व्यक्ति को बताये जा रहा यह प्रयोग जरूर करना चाहिए, क्योंकि यह प्रयोग ख़राब लिवर से होने वाले पीलिया का रामबाण इलाज करता हैं.

  • इस प्रयोग को करने से पहले आप पुदीना, नीबू, संतरे, शहद को बाजार से खरीद कर ले आये. अब सबसे पहले मुट्ठी भर हरे पोदीना की पत्तियां लें (Mint Leaves), इसके बाद करीबन 2-3 कप निम्बू का रस लें, फिर 1/2 कप संतरे का रस लें, एक कप साफ़ स्वच्छ पानी लें, इसके बाद आखिर में अपने स्वादानुसार शहद भी लेवे.

विधि : सबसे पहले पानी को तेज आग पर उबाले, अच्छे से उबल जाने पर इसमें पोदीना की हरी पत्तियां डाल दें, और 6-7 minutes तक उबलने के लिए छोड़ दें. जब यह अच्छे से उबल जाए तो इसे आग पर से उतार कर जमीन पर रख लें व 5-10 मिनट के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें.

  • अब आखिर में बताया गया नीबू का रस, संतरे का रस और स्वाद के लिए शहद इन सभी को उबले हुए पोदीना के पानी में डाल दें, अच्छे से हिलाकर इनको मिक्स कर लें. अब यह आयुर्वेदिक नुस्खा सेवन के लिए तैयार हैं. इसका रोजाना सेवन करे, कुछ ही दिनों के प्रयोग से लिवर की कमजोरी दूर हो जाएगी और लिवर से जन्मे रोगों का भी जड़ से इलाज हो जायेगा.

पीलिया रोग में पानी ज्यादा पिए

जैसे ही किसी व्यक्ति को मालुम हो की उसे पीलिया रोग हो गया हैं तो ऐसे में रोगी को उसी समय से ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीना शुरू कर देना चाहिए, और जब तक पीलिया जड़ से मिट न जाए तब तक उसे रोजाना भरपूर मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए. ऐसा करने से रोगी के शरीर में फ़िल्टर की प्रक्रिया तेजी से से चलने लगेगी यानी वह तत्व जो शरीर के लिए सही नहीं हैं वह ज्यादा पानी पिने से पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाएंगे piliya in Hindi language.

  • किसी भी बीमारी अथवा रोग में ज्यादा से ज्यादा पानी पिने की सलाह प्रत्येक डॉक्टर व आयुर्वेदिक चिकित्सक भी देते हैं. इनकी सलाह तो होती हैं की आप रोजाना ही भरपूर पानी पिए ताकि शरीर में कोई भी ख़राब पदार्थ न रहे, लेकिन हम रोजाना तो यह नहीं कर पाते इसलिए आप कम से कम बीमारी के समय तो पानी का भरपूर सेवन करिये.

टमाटर पीलिया में खून की कमी को दूर करता हैं

यह हम सब जानते हैं की पीलिया रोग में खून की कमी आने लगती हैं, और ऐसे वक्त में खून की कमी को पूरा न किया जाए तो रोगी की हालत ओर गंभीर होने की सम्भावना रहती हैं. ऐसे में खून बढ़ाने के लिए व खून की सभी तरह समस्या को दूर करने के लिए टमाटर से पीलिया में घरेलु इलाज का प्रयोग जरूर करे. (पीलिया में रेड ब्लड सेल्स मर जाते हैं, इनकी संख्या बहुत कम हो जाती हैं. ऐसे में टमाटर का सेवन रामबाण होता हैं, क्योंकि टमाटर रेड ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ाने में मदद करता हैं, यह उनको ऊर्जा प्रदान करता हैं.

  • इसके अलावा टमाटर शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाता हैं, खून की सफाई करता हैं आदि इसलिए आयुर्वेदा में बताया गया हैं की रोगी को पीलिया में टमाटर का हर रूप में सेवन करना चाहिए. जैसे टमाटर की सब्जी, टमाटर की सलाद, टमाटर का रस, कच्चा टमाटर का सेवन आदि इन अनेक रूपों से टमाटर का सेवन किया जा सकता हैं जो की खून बढाने में बहुत लाभ करते हैं.
  • अन्य तरीका – थोड़े ताज़ा लाल टमाटर लें औऱ इनका रस निकाले, जूस को मिक्सर में डालकर अच्छे से रस बना लें व इसमें काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर इसको पीजाये. रोजाना नियमित रूप से सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से अत्यंत लाभ होता हैं, यह भी सबसे सरल पीलिया का आयुर्वेदिक उपचार हैं.

पीलिया में चने से करे रामबाण इलाज 

ऐसे होते हैं सीके हुए चने, इनका करे प्रयोग

सीके हुए चना जिन्हें “भांगड़े” भी कहा जाता हैं, यह पीलिया के घरेलु उपाय में सबसे ज्यादा प्रसिद्द हैं. इनका पुरे भारत देश में प्रयोग किया जाता हैं. आप इसका सेवन डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों के साथ भी कर सकते हैं, इसका सेवन करने में कोई परहेज नहीं करने पढ़ते हैं. चने खून को बढ़ाने में मदद करते जिससे शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ती हैं औऱ बिलीरुबिन नामक पदार्थ की संख्या घटती हैं.

हमने आपको यहां पर पीलिया के जितने भी आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे बताये हैं उनमे से यह उपाय सबसे ज्यादा आसान हैं क्योंकि चने का सेवन आप दिन हो या रात कभी भी किसी भी समय कर सकते हैं इसमें किसी तरह के परहेज नहीं होते. इसलिए आप यहां दिए गए अन्य नुस्खे से उपचार के दौरान भी चने का सेवन करते रहे.

चने की दाल का प्रयोग

इसके अलावा आप चने की दाल का भी प्रयोग कर सकते हैं – रोजाना रात को चने की दाल को किसी कटोरे या बर्तन में डालकर उसे पानी से भर दें औऱ रात भर इस दाल को भीगने के लिए ऐसे ही छोड़ दें. फिर अगली सुबह चने की दाल को अलग निकाल लें औऱ पानी को बहा दें.

इसके बाद चने की दाल में स्वच्छ गुड़ मिलाकर सेवन करे. इस तरह चने की दाल से रोजाना प्रयोग करने से जड़ से इलाज हो जाता हैं. चने औऱ चने की दाल के यह दोनों आयुर्वेदिक उपाय पीलिया में अनोखा व रामबाण हैं.

निम्बू का प्रयोग करे, बहुत फायदा करेगा

नींबू लिवर की प्रकिया को सुधारता हैं व लिवर को शरीर में मौजूद बेकार के पदार्थों को फ़िल्टर करने में मदद करता हैं. यह बिलीरुबिन नामक पदार्थ को भी शरीर से बाहर निकालने में मदद करता हैं. साथ ही जिन्हें पेट सम्बन्धी या पाचन से समबन्धित कोई रोग हो तो यह उनको भी ठीक कर देता हैं. एसिडिटी, कब्ज, पेट दर्द व पेट की सफाई इन सभी में यह बहुत अनोखा इलाज करता हैं.

रोजाना दिन में 4 बार नींबू का रस पिए, एक ग्लास साफ पानी लें, औऱ उसमे नींबू निचोड़कर काला-नमक मिला दें, स्वाद के लिए आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं. इसके बाद दिन में 4 बार इसे बनाकर पिए. यह प्रयोग सुबह खाली पेट करने से औऱ भी ज्यादा लाभ होता हैं.

पीलिया में गन्ने का रस हैं अनोखा अचूक इलाज

पीलिया में रोगी को ग्लूकोस की ज्यादा जरूरत होती हैं, ऐसे में गन्ने का रस एक सर्वोत्तम उपाय हैं. रोजाना गन्ने का रस पिए या फिर गन्ने चूसे. इस प्रयोग को करने से आपको शारीरिक थकान नहीं होगी औऱ न ही आपका पीलिया ज्यादा गंभीर होगा.

और आप गन्ने के रस में गेहूं के बराबर चुना मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं इससे और दुगना तिगना लाभ होता हैं.

सत्तू औऱ गन्ने का रस 7 में इलाज

अगर आप जौ के सत्तू को खाकर गन्ने का रस पीते हैं तो इससे पीलिया में अत्यंत लाभ होता हैं. रोजाना नियमित रूप से इसका प्रयोग करते रहने से सिर्फ 7 दिन में पीलिया का अनोखा इलाज (आयुर्वेदिक) हो जाता हैं.

लहसुन का आयुर्वेदिक उपाय 7 दिन में असर

पीलिया में लहसुन भी चमत्कारी व अचूक उपाय हैं. इसका साधारण से दिखने वाला यह प्रयोग बहुत लाभदायक होता हैं. रोजाना लहसुन की 3 कलियां ताज़ा दूध के साथ खाये. इस प्रयोग को रोजाना करते रहने से सिर्फ सप्ताह भर में ही पीलिया का अचूक व जड़ से इलाज हो जाता हैं.

प्याज का प्रयोग भी करे

प्याज में ऐसे कई तत्व होते हैं जो की शरीर में आये बाहरी परजीवी को नष्ट करने में मदद करते हैं, यह पीलिया में भी कारगर होता हैं. सबसे पहले आप एक प्याज लीजिये अब इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बारीक काट लें इसके बाद काला या सेंधा नमक जो भी उपलब्ध हो औऱ थोड़ा नींबू का रस इसमें मिला दें. प्याज के टुकड़ों को औऱ नमक, नींबू के रस में अच्छे से घोटकर इसका रोजाना नियमित रूप से सुबह को औऱ शाम को सेवन करे.

इमली का पानी पिए

इमली का यह आयुर्वेदिक प्रयोग बहुत ही प्रसिद्द हैं, इसके कुछ ही दिनों के सेवन से आपको लाभ दिखाई देने लग जायेगा. इसके लिए रोजाना रात को सोने से पहले एक ग्लास या बर्तन में इमली डालकर उसमे पानी भर दें. रात भर इमली को इस बर्तन में भीगा रहने दें, फिर अगली सुबह इमली को इस पानी में निचोड़ दें बाकी इमली को फेंक दें. अब यह आपके पिने योग्य हैं, इसके रोजाना के सेवन से पीलिया में बहुत लाभ होता हैं.

शहद औऱ आंवले का प्रयोग

  • रोजाना 50 ग्राम आंवले के रस को 1 चम्मच शहद में मिलाकर अच्छे से घोंटकर लेने से यह आयुर्वेदिक उपाय पीलिया को सिर्फ 15 से 20 दिन में ठीक कर देता हैं.

आप बताये गए आयुर्वेदिक नुस्खों को बताई गई विधि के अनुसार करके देखें कुछ ही दिनों में यह आपको आराम पहुंचा देंगे. इसके साथ ही पानी ज्यादा पीते रहे, ज्यादा घूमे फिरे नहीं, घर पर आराम करे. ऐसा करने से यह पीलिया का आयुर्वेदिक उपचार औऱ भी ज्यादा आसान हो जायेगा, इसलिए शरीर को पूर्ण आराम देना जरुरी हैं.

पीलिया में भोजन कैसा करना चाहिए

  • पीलिया में हलका आहार लें, ऐसा भोजन करे जो पचने में ज्यादा तकलीफ न देता हो. इसके साथ ही दलिया, मूंग दाल, ताज़ा व साफ़ शुद्ध तरीके से बना हुआ गन्ने का रस, संतरे का रस, खरबूजा, आलूबुखारा, अनार का रस, चीकू, सेवफल, छाछ (मट्ठा), नारियल पानी का सेवन, हरे रेत पर सीके हुए चने औऱ फलों का रस पिए.  इस बारे में हमने एक लेख में पूरी जानकारी दी है उसे भी आप जरूर पड़ें – पीलिया में क्या खाये और परहेज

किन चीजों से बचे?

ज्यादा शारीरिक श्रम न करे, ज्यादा तली गली चीजों से बचे हो सके तो इस बिच तली चीजें खाना ही बंद कर दें, शराब भी न पिए, कॉफ़ी चाय पीना कम कर दें, तेज गर्मी में न जाये, चिकनाई से बनी चीजों का सेवन न करे, जैसे घी, तेल, घी लगी रोटियां आदि. उड़द की दाल का सेवन न करे, गरम मसाला, तेज मिर्च वाला भोजन, बाजार की बनी चीजें, समोसे, पोये, बासी भोजन आदि से बचे.

हमने आपको पीलिया का इलाज के घरेलु उपाय और नुस्खे इसके साथ ही आयुर्वेदिक उपचार करने के लिए सभी तरह के घरेलु नुस्खे व उपाय बताये हैं. आप इन सभी को बताई गई विधि के अनुसार प्रयोग कर के अपने घर पर ही बिना किसी नुकसान के इलाज कर सकते हैं. यह देसी नुस्खे सभी तरह के पीलिये में उपयोगी हैं. काला पीलिया का अनोखा रामबाण इलाज भी इनसे किया जा सकता हैं. Piliya in Hindi इस रोग में परहेज की बहुत अहमियत हैं, घर का आहार ही ग्रहण करे और ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहे.

9 Comments

  1. Vishal
  2. rakesh kushwah
    • Ask Your Question
    • amit
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  3. Dilip
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  4. ganpat Lal Bairwa
  5. ganpat Lal Bairwa

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