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बच्चों के पेट दर्द के लिए घरेलु उपचार – आयुर्वेदिक इलाज

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बच्चों में पेट दर्द का होना बहुत आम हैं, क्यूंकि इस उम्र में शिशुओं का पाचन तंत्र बहुत ही नाजुक होता हैं. ऐसी नाजुक अवस्था में शिशु/बच्चे के कुछ गलत खाने पिने से शिशु के पेट में दर्द होने लगता हैं. अगर आपका शिशु अभी बोलने नहीं लगा हैं तो ऐसे में पेट दर्द आपके सिर का दर्द बन सकता हैं.

क्योंकि ऐसे में बच्चा सिर्फ दिन भर रोता रहता हैं, अब वह बोल तो सकता नहीं की उसे पेट के नजदीक दर्द हो रहा हैं. इसीलिए जो शिशु बच्चे बोलने लग जाते हैं उनके लिए पेट दर्द का इलाज बड़ी आसानी से किया जा सकता हैं.

इसलिए हमारी आपको सलाह हैं की अगर आपका शिशु काफी कम उम्र का हैं और अगर आपको भी यह पूरी तरह से confirm न हो की बच्चे के पेट में दर्द हो रहा हैं और वह इसी वजह से रो रहा हैं तब तक बच्चे के पेट दर्द का इलाज घरेलु उपाय जो की हम यहां बताने वाले हैं उसे न करे.

क्योंकि जब तक हमे यह पता न हो की आखिर बच्चा रो क्यों रहा हैं तब तक उसके उपचार के लिए कदम नहीं उठाना चाहिए, इसके बदले किसी नजदीकी डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए.

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घर पर ही आसानी से छोटे बच्चों के पेट मे दर्द का घरेलु उपचार व इलाज करे

बच्चों के पेट दर्द का कारण अक्सर गन्दा पानी पीना, कुछ भी चीज को मुंह में ले लेना, साफ़ सफाई आदि होते हैं. अगर बच्चा व शिशु ज्यादा दूध पि लें तो ऐसी अवस्था में भी पेट दर्द होने लगता हैं. ऐसे में शिशुओं को अक्सर पेट दर्द के साथ दस्त और उलटी भी हो जाया करती हैं.

  • मलावरोध – पेट साफ़ नहीं होने पर
  • कब्ज – पेट साफ़ नहीं हो पाने से कब्ज होती है और कब्ज से पेट दर्द
  • अपचन – भोजन या कुछ खाने के बाद दर्द होना
  • भूख खुलकर नहीं लगना आदि.

जैसा की हमने पेट के रोगों से सम्बंधित पिछले लेखों में भी बताया हैं की पेट दर्द का सिर्फ एक ही रामबाण उपाय हैं जो की आपको पेट के सभी रोगों से हमेशा के लिए बचा के रखता हैं और वह हैं “पानी”. पानी शरीर में तरलता बनाये रखता हैं, जिससे शरीर के ऊर्जे पुर्जे आदि सभी सही ढंग से चलते रहते हैं.

साथ ही पानी ख़राब पदार्थों को शरीर से बहार निकालने में भी बहुत मदद करता हैं. इसीलिए बात चाहे शिशु, बच्चों या बड़ों की हो पानी सभी को पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए. जिस तरह एक बड़ी उम्र के व्यक्ति को दिन में 14 लीटर पानी पीना चाहिए ठीक वैसे ही छोटे बच्चों को दिन में करीबन 8 लीटर तक पानी पीना चहिये.

छोटे शिशु जो ठीक से बोल भी नहीं पाते वह तो पानी ठीक से पि नहीं पाते इसलिए आप उनके साथ कोई जबरदस्ती न करे. बल्कि उन्हें मां का दूध ही पिलाते रहे. लेकिन जो बच्चे बोलने लगे हैं उनके लिए तो बहुत जरुरी हैं की आप उन्हें 8 लीटर पानी पिलाये.

छोटे बच्चे शिशु के लिए घरेलु उपाय से करे आयुर्वेदिक इलाज

इसके साथ ही अब हम आपको यहां बच्चों में पेट दर्द के लिए घरेलु उपचार के बारे में बताएंगे. हम ऐसे असरकारी व सरल आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे बताएंगे जिनके जरिये आप आसानी से अपने शिशु/बच्चे के दर्द का रामबाण इलाज कर सकेंगे. इनसे किसी तरह के कोई नुकसान नहीं होते. लेकिन इन नुस्खों का उपयोग आप अपनी जिम्मेदारी पर ही करे.

बच्चे की पेट में गैस की वजह से दर्द हो रहा हो तो बच्चे को पेट के बल लेटा कर उसकी पीठ थप थपाये. फिर कमर के बल सीधा लेटाकर उसके पेट पर तेल से मालिश करे. ऐसा करने से शिशु की आंतों को राहत मिलती हैं दर्द कम होता हैं.

बच्चे को हलके गरम पानी के टब में बैठाने से भी दर्द में आराम मिलता हैं, इसके बदले आम पानी की हलकी गर्म बोटल को भी उसके पेट पर रख सकते हैं. साथ ही बच्चे शिशु को हल्का गर्म पानी पिलाने से भी दर्द में बहुत आराम मिलता हैं.

अगर आपका बच्चा दही खा सकता हैं तो उसे दही का सेवन ज्यादा से ज्यादा करवाए. खासकर गर्मी के दिनों में तो जरूर करवाए. दही पेट के रोगों से बचाने में बहुत मदद करता हैं.

अगर आपका बच्चा भोजन करते वक्त बार-बार पानी पिता हैं तो उसे ऐसा करने से मना करे. क्योंकि यह सेहत के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं होता. इससे अपचन होता हैं खाना ठीक तरह से पच नहीं पाता. इसके बदले बच्चे से कहे की वह खाना खाने के बाद 2-4 घूंट पानी पिए व फिर खाना खाने के 45 मिनट बाद पेट भरकर पानी पिए.

बच्चे के पेट दर्द का इलाज, शिशु का पेट दर्द

बाबा रामदेव का आयुर्वेदिक नुस्खे

  • मुक्त सूक्ति भस्म 10 ग्राम
  • शंक भस्म 10 ग्राम
  • मोती पिष्टी 5 ग्राम

बाबा रामदेव का इलाज – इनका पाउडर बनाकर घर में रखो. छोटे-छोटे बच्चे हैं जैसे एक महीने भर का हैं तो उसे 1-2 चावल की मात्रा में यह दें और अगर थोड़ा बड़ा है तो मूंग के बराबर दें, इससे भी ज्यादा बड़ा बच्चा है तो चने के बराबर दें. और बड़े आदमी को भी यह आधे ग्राम की मात्रा में दिया जा सकता हैं.

एक दौ चावल से लेकर आधा ग्राम तक उम्र के हिसाब से इसका डोज दे सकते हैं. यह आयुर्वेदिक नुस्खा बच्चों/शिशुओं के उलटी, दस्त आदि सभी पेट के रोगों में बहुत काम आएगा 100% लाभ देगा. यह 1% भी हानिकारक नहीं होता यानी आप बिना किसी रिस्क के इसका उपयोग कर सकते हैं.

  • अगर आप बड़ी उम्र के लोगों के लिए पेट दर्द के उपाय खोज रहे हैं तो उन्हें आप यहाँ पर पढ़ सकते हैं. हमने यहाँ पेट से सम्बंधित पेट दर्द 81 इलाज व उपचार”   बताये हैं. <<< अभी पढ़िए.

सामान्य रसोई घर के नुस्खे

  • शहद का नुस्खा

आधा कप पानी लें और इसे हल्का गर्म कर लें. अब इस गुन-गुने पानी में थोड़ी शहद मिलाये व अच्छे से हिलाये. फिर बच्चे को यह पीला दें यह घरेलु उपाय बच्चे के पेट दर्द को दूर करने में मदद करता हैं.

  • अजमा और गूढ़

अगर छोटे बच्चे को कब्ज के वजह से पेट में दर्द हो रहा हो तो अजमा और गूढ़ दोनों को आपस में मिलाकर बच्चे को खिलाने से शिशु के दर्द का तुरंत उपचार हो जाता हैं. इसके साथ ही बच्चे व शिशु को अरंडी का तेल पिलाने से भी बहुत आराम मिलता हैं यह रामबाण इलाज हैं जो की दादी नानी के द्वारा बताये गए हैं.

बड़ों व छोटे बच्चों को चावल का पानी पिलाने से भी दर्द में बहुत राहत मिलती हैं. इस उपाय को कोई भी आजमा सकता हैं, छोटी उम्र से लेकर बड़ी उम्र तक.

  • सायना होम्योपैथिक दवा

मल सुखना, शौच नहीं होना, सूखा शौच होना, शौच करने पर सिर्फ हवा ही निकलना आदि लक्षणों पर सायना औषदि को 3x की मात्रा में रोगी को दें. इस दवा को पेट में कीड़े होने पर भी दे सकते हैं.

  • नक्स वोमिका

अगर शिशु बच्चे को दस्त सही से न हो रहे हो, पेट में ऐठन हो रही हो तो नक्स वोमिका की 30 शक्ति का सेवन करवाए. यह बच्चे के लिए बेहतरीन दवा मेडिसिन हैं.

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए

  • अचानक तेज पेट दर्द होने पर
  • घरेलु उपचार आदि के बावजूद लम्बे समय तक पेट दर्द होने पर
  • पेट में किसी एक ही जगह पर दर्द होने पर
  • पेट के दर्द के वजह या इसके साथ बुखार आदि के आने पर
  • बच्चे को शौच करते समय खून आने पर
  • शौच काले रंग का आने पर
  • आदि लक्षण दिखाई देने पर बिना समय गवाए अपने शिशु बच्चे को डॉक्टर को जरूर दिखाए, ताकि उसका सही इलाज हो सके. हम
  • यहां आपको सिर्फ सुझाव ही दे सकते हैं.

उम्मीद हैं आपको यहां बताये गए बच्चों के पेट दर्द का उपचार जो की घरेलु हैं, आयुर्वेदिक हैं, सरल नुस्खे हैं इनको पढ़कर आपको अच्छा लगा हो. आशा करते हैं आपके बच्चे शिशु के पेट दर्द को यह दूर करने में बहुत असरकारी साबित हो.

अगर आप बड़ी उम्र के हैं और पेट के दर्द के बारे में पढ़ना चाहते हैं तो हमर पिछले लेख जरूर पड़ें (पेट दर्द ) जो की बड़ी उम्र के लोगों के लिए ही लिखा गया हैं. साथ ही इस जानकारी को अपने Social Networks पर SHARE जरूर करे.

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