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साइनस का इलाज आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक दवा और नुस्खे

साइनोसाइटिस साइनस का इलाज के लिए आयुर्वेदिक उपचार – आज के समय में यह बीमारी/रोग बहुत आम हो गया है, अधिकतर लोग इस ग्रस्त दिखाई पड़ते है. ऐसे में जरुरी है की हर एक रोगी को साइनस के बारे में पूरी जानकारी हो जैसे की इस के लक्षण और कारण क्या होते है, इसमें परहेज और क्या खाना चाहिए आदि ताकि रोगी सही सूझबूझ के साथ इसे जड़ से ख़त्म कर सके sinus treatment in Ayurveda in Hindi at Home.

इसके लिए अधिकतर रोगी साइनस की दवा का इस्तेमाल भी करते है, लेकिन यह दवाइयां रामबाण इलाज नहीं करती यानी कुछ समय या दिन के लिए राहत देती है बाकी इसे जड़ से खत्म नहीं करती. इसे जड़ने से ख़त्म करने के लिए हम रामबाण आयुर्वेदिक इलाज व देसी घरेलु नुस्खे आदि बताने जा रहे है. अगर आप नियमित रूप से इनका प्रयोग करते है तो बिना किसी खर्च के यह रोग ख़त्म हो जायेगा. इसके लिए विशेषकर आपको साइनस के योग का सहारा लेना होगा. चलिए आगे जानते है साइनसाइटिस का उपचार करने के बारे में.

साइनस क्या है – हमारी मस्तिष्क की खोपड़ी में कई छोटे-छोटे खाली छेद होते है, यह हमारी खोपड़ी को हल्का और स्वस्थ बनाये रखने की भूमिका निभाते है. लेकिन जब इन खाली खोखले छेदों में बलगम भर जाए या किसी तरह का संक्रमण लग जाये, या इन छेदों में कुछ फंस जाए तो इससे मस्तिष्क भारी होने लगता है, सर्दी जुकाम बढ़ जाता है, सर में दर्द होने लगता है आदि फिर इस अवस्था को ही हम साइनसाइटिस रोग कहते है. छोटे रूप में कहाँ जाए तो “हमारे खोपड़ी के छेदों में बलगम भर जाने पर यह रोग जन्म लेता है”.

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साइनस के कारण – क्यों होता है ?

साइनस के लक्षण व पहचान

  • सर दर्द
  • सर का भारी होना
  • बुखार
  • बेचैनी होना
  • आंखों के पीछे दर्द
  • स्वाद कम आना
  • बालों का सफ़ेद होना
  • नाक बहना
  • चहरे पर सूजन

लक्षण और कारण के बारे में जान लेने के बाद हम अब आपको साइनस का घरेलू उपचार के साथ-साथ होम्योपैथिक दवा, आयुर्वेदिक नुस्खे, एलोपैथिक दवा और आयुर्वेदिक दवा के बारे में बताएंगे. इसके लिए आप लेख को पूरा पड़ें, जल्दबाजी न करे.

1. बाबा रामदेव कहते है जिन्हे साइनस का रोग हो उन्हें रोजाना कपालभाति प्राणायामं, भस्त्रिका प्राणायाम और अनुम विलोमा प्राणायाम करना चाहिए. प्राणायाम मस्तिष्क के उन छेदों को वापस से खाली कर देते है व इससे बहुत जल्दी साइनस का इलाज होता है. शुरुआत में साइनस में बंद नाक होने से प्राणायाम करने में थोड़ी समस्या आएगी लेकिन धीरे-धीरे सब सरल हो जायेगा.

2. 100 ग्राम बादाम. 20 ग्राम कालीमिर्च, 50 ग्राम खांड इन सभी का पाउडर बनाकर रोजाना रात को 1-1 चम्मच दूध के साथ दे.
त्रिकुटा (सोंठ-पीपल-कालीमिर्च) इन सभी को बराबर की मात्रा में लेकर, पाउडर कर आधा से एक ग्राम को शहद के साथ रोजाना चाटें .
3. अपने कान के निचले हिस्से को (कान में वह जगह जहां महिलाये कान छिदवाती है) उसको पकड़कर निचे की और खींचकर आगे पीछे ले जाए.

राजीव दीक्षित जी - रोजाना रात को सोने से पहले एक चम्मच गाय के दूध को हल्का गुनगुना गर्म कर पिघला ले फिर इसकी 2-2 दोनों नाक में डाले. यह साधारण सा उपाय असधारण असर करता है. इसके लिए जरुरी है की आप शुद्ध गाय का घी का ही प्रयोग करे.

4. Sinus treatment in ayurveda -सबसे पहले एक बर्तन में 2-4 गिलास पानी डालकर उसे अच्छे से उबाल लें अब इस गर्म पानी के बर्तन को निचे रखकर आप एक कम्बल ओढ़कर बेथ जाए फिर इसमें पुदीना के रस की 6-7 बूंदे डाले. अब आप इस भांप को ले अपने को कम्बल से ढंका हुआ रखे. यह साइनस का घरेलु उपाय नाक में जमी कफ को तुरंत ख़त्म करता है और अत्यधिक राहत देता है.

5. ऊपर बताये गए प्रयोग में आप पुदीना के रस की जगह पतंजलि की दवा “दिव्यधारा” का इस्तेमाल भी कर सकते है, सिर्फ पुदीना के रस की जगह यह दिव्यधारा की 2 बून्द आपको उस गर्म पानी में डालना है और अगले 10 मिनट तक वैसे ही बैठे रहना है साथ ही गहरी सांस लेने का प्रयास जारी रखे. यह आयुर्वेदिक इलाज तुरंत राहत देता है साड़ी कफ को बाहर निकाल देता है, जिससे साइनसाइटिस से छुटकारा मिलता है.

6. जलनेति – नाक की पूरी सफाई करने के लिए, मस्तिष्क के उन छिद्रो (cavity) को खाली और साफ़ करने के लिए जलनेति रामबाण होती है. यह एक योग क्रिया है, इसके लिए आपको एक जग पानी में 1-2 चम्मच नमक डालकर गर्म करना है फिर इस पानी को जलनेति पॉट से एक नाक में डालना है वह पानी अपने आप दूसरी नाक से निकल आता है. जलनेति का पॉट आपको मेडिकल स्टोर पर मिल जायेगा, इसको कैसे करते है यह जानने के लिए आप यह वीडियो देखें >Jalneti Technique जलनेति साइनस को जड़ से खत्म करती है, यह शुरुआत में थोड़ी कठिन मालूम होती है लेकिन 2-3 दिन के अभ्यास से यह बिलकुल सरल हो जाती है. इसे आप जरूर करे.

7. 15 तुलसी के पत्ते, 1 टुकड़ा अदरक, 15 पत्ते पुदीना इन सभी को पीसकर एक गिलास पानी में अच्छे से उबाले, पानी उबलकर आधा होने लगे तो छानकर एक चम्मच शहद मिलाकर पि जाए ऐसा दिन में दो बार सुबह भोजन करने के बाद और रात में सोने से पहले करे.

8. प्याज भी रामबाण है, इसके लिए आप भोजन में प्याज ज्यादा खाये और रोजाना एक बर्तन में पानी डालकर उसमे प्याज को काटकर डालें फिर 10-12 मिनट तक पानी को उबालकर उस पानी के आगे बैठ कर आप भांप लें. प्याज में बैक्टीरिया संक्रमण को ख़त्म करने की अनूठी क्षमता होती है इसलिए यह साइनस के रामबाण इलाज गिना जाता है, इसकी गंध पूरी नाक को साफ़ कर देती है.अजवाइन साइनस कीसाइनस की दवा, साइनस का आयुर्वेदिक इलाज, साइनस का इलाज, साइनस का होम्योपैथिक इलाज,

  • बंद नाक को खोलने के लिए नाक में 4 बून्द तिल का तैल डाले, तो इसे रोग में आराम में दर्द से राहत मिलती है.
  • आयुर्वेदिक दवा, इसके लिए आप भोजन में अजवाइन की पत्तियां मिलाये और रोजाना एक कप पानी में 4-5 बून्द अजवाइन के रस की मिलाकर पिए.
  • टमाटर के एक गिलास रस में 1-2 चम्मच निम्बू रस डालकर अच्छे से उबालकर ठंडा होने पर पि जाए, यह घरेलु उपाय नाक के छिद्रों को खाली करने में मदद करता है.
  • साइनस का दर्द दूर करने के लिए एक बर्तन या कटोरे में पानी डालकर उसे उबाले फिर उसमे नीलगिरि के तैल की 8 बून्द मिलाये और अब एक तौलिये को उसमे डालकर भिगो ले फिर इस तौलिये को अपने सर पर रखे, इस लम्बे समय तक रखा रहने दें यह साइनसाइटिस के दर्द का इलाज करता है, सूजन आदि में भी लाभ देता है.
  • साइनस के उपचार में हल्दी कीटाणुओं, संक्रमण को मरती है, इसके लिए आप रोजाना एक-डेढ़ चम्मच हल्दी को दूध या चाय में मिलाकर रोजाना पिए, रोजाना रात को हल्दी का दूध पिए.
  • मेथी के बीजों को पानी में 10 मिनट तक उबाले और फिर छानकर इसे पि जाए, ऐसा दिन में दो करे तो साइनस में दवा की तरह यह उपाय काम करता है.
  • तुलसी के 10-15 पत्तों को तोड़कर थोड़े पानी में डालकर खूब उबाले, काढ़ा बना लें और फिर इसे पिए. तुलसी कीटाणुओं का सर्वनाश करती है व साइनस इसीलिए साइनस में यह रामबाण आयुर्वेदिक दवा मानी जाती है. इसके अलावा तुलसी को दूध और चाय में डालकर भी पिए.

साइनस का होम्योपैथिक इलाज

अब हम आपको बताने जा रहे है साइनस की होम्योपैथिक दवा के बारे में, इन दवाओं को आप होमियोपैथी के स्टोर से खरीद सकते है.

  • Kali bichromicum 30 – 5-5 गोली दिन में 3 बार दे
  • Arsenicum Album 30 – 5-5 गोली दिन में 3 बार दे
  • Silicea 30 – 5-5 गोली दिन में 3 बार देवे
  • Sambucus Nigra 30 – 5-5 गोली दिन में तीन बार दे

यह दवाइयां डॉक्टर द्वारा मरीज की उम्र के हिसाब से दी जाती है, इसलिए इनके प्रयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें इसके लिए आप होम्योपैथिक स्टोर पर ही उनसे जानकारी ले सकते है.

साइनस का परहेज क्या खाना खाये

चावल, बासी भोजन, गन्ने का रस, धूम्रपान न करे, दही, केला, कोल्ड ड्रिंक, ज्यादा ठंडी चीजे, फ्रिज की ठंडी चीजे, आइसक्रीम, ज्यादा तीखा भीना खाये. ज्यादा ठन्डे माहौल में न जाये, ठंडा का मौसम हो तो गर्म कपडे पहने व हमेशा रुमाल साथ में रखे.

  • एक कच्चा आंवला दोनों टाइम खाये
  • प्राणायाम जरूर करे
  • जलनेति क्रिया भी करे
  • अदरक के पाउडर को गुड़ में मिलाकर दोनों टाइम खाये
  • 6-7 तुलसी के पत्ते रोजाना सुबह खाली पेट खाये
  • पड़ें : खांसी का इलाज

ऐसे आप साइनस का आयुर्वेदिक इलाज घर पर ही कर सकते है, यह सभी घरेलु उपाय व नुस्खे बहुत ही फायदेमंद है. आप इनमे योग प्राणायाम जरूर करे, जलनेति भी करे इसके अलावा जितने रामबाण इलाज बताये है वह अवश्य ही करे.

इस तरह आपको साइनस की दवा होम्योपैथिक या आयुर्वेदिक से भी ज्यादा लाभ होगा. पुदीना, दिव्यधारा आदि की भांप भी लेवे.

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