सिरदर्द के प्रकार, sir dard ke prakar, सिर दर्द क्यों होता है, sar dard kyon hota hai

सिर में दर्द 10 प्रकार के होते है ? और इसके कारण यह है

सिरदर्द के प्रकार और कारण इन हिंदी –  WHO के मुताबिक प्रत्येक व्यक्ति को सर दर्द होता है और आज के दौर में यह बहुत आम हो गया है, लेकिन आज भी कई लोगों को दर्द क्यों होता है कारण और इसके उपचार के बारे में सही जानकारी नहीं है.

इसीलिए ज्यादातर रोगियों को इलाज से संतुष्ट न होकर डॉक्टर बदलने पड़ते है. क्योंकि जब तक आपको यह पता नहीं होगा की आपको किस प्रकार का दर्द है तब तक आप उसका जड़ से इलाज नहीं कर पाएंगे. आइये जाने सिरदर्द कितने तरह का होता है ? types of migraine headaches and symptoms in Hindi.

पिछले लेख में हमने सर दर्द के ऐसे उपाय बताये थे जो आपको तुरंत ही आराम दिलाते है, इस लेख को पूरा पढ़ लेने के बाद आप उसे भी एक बार जरूर पड़ें > सिर दर्द का इलाज

अगर आपको सिरदर्द के साथ यह लक्षण दिखाई दे तो आपको तुरंत ही अपने नजदीकी डॉक्टर को दिखाना चाहिए. गर्दन में अकड़न आना, लाल चकत्ते होना, असहनीय तेज़ सिरदर्द, उल्टियां होना, उलझन मतिभ्र्रम होना, उल्टा सीधा बोलना, 100.4 डिग्री फ़ारेनहाइट (38 डिग्री सेल्सियस) या उससे अधिक का कोई बुखार होना आदि अगर सिरदर्द के लक्षण के साथ इनमे से कोई शिकायत आपको होने लगे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए.

सिर दर्द क्यों बनता है : शरीर में ऑक्सीजन की कमी से, मस्तिष्क में खून के प्रवाह के बढ़ने से, निर्जलीकरण के कारण, ज्यादा तनाव में रहने से, हार्मोन के बदलने से, सर में चोंट से, यात्रा के दौरान, कम या ज्यादा नींद लेने से, कैफीन बढ़ने से, एलर्जी होने से आदि कई कारणों से मस्तिष्क में जब दबाव बनता है उसके खून की गति बढ़ जाती है तो वह दर्द देने लगता है.


सिरदर्द के प्रकार, sir dard ke prakar, सिर दर्द क्यों होता है, sar dard kyon hota hai

सिरदर्द के प्रकार और कारण

Sir Dard Kyon Hota Hai in Hindi

(Tension) तनाव से सिर दर्द होना

  • अगर आप किसी टेंशन तनाव में है तो यह भी एक तरह के सिरदर्द का कारण बनता है. हम जब रोजमर्रा से जुडी परेशानियों या ज्यादा सोच विचार से जूझते है तो सर में दर्द उत्पन्न हो जाता है. यह आपके तनाव पर निर्भर करता है वैसे तो यह आधे एक घंटे तो बना रहता है लेकिन अगर आप तनाव लेना नहीं छोड़ते तो यह आपको रोजाना तनाव बढ़ने पर होने लगता है.
  • तनाव के सर दर्द में के इलाज में आप aspirin, ibuprofen (Advil), naproxen (Aleve), दिव्यधारा (पतंजलि) दवाइयां ले सकते है. इसके अलावा तनाव को कम करने की कोशिश करे, मधुर संगीत सुने, नाह लें, मूवी देखें या कुछ दिनों के लिए घूमने चले जाए या फिर तनाव के समय दोस्तों के साथ घूमने चले जाये. इसमें आप अपने मन की मत अपने विश्वाशपात्र दोस्त के साथ कर के भी तनाव से मुक्ति पा सकते है.

2. (Cluster) क्लस्टर सिरदर्द

  • क्लस्टर सिरदर्द में burning sensation होता है. यह आंख के एक तरह होता है और यह चहरे के एक हिस्से में भी हो सकता है. सूजन, लाल निशान, पसीना आना, नाक बहना, आँखों से पानी बहना आदि यह सभी अगर आपको सिरदर्द के दौरान हो तो इसे क्लस्टर सर दर्द समझे.
  • यह सर दर्द अंतराल में आधे घंटे से तीन घंटे तक बना रह सकता है. कई लोगों को यह दर्द दिन में 3-4 बार भी पैदा होता है. वसंत के मौसम (spring season) में यह सिरदर्द आम होता है. अभी तक डॉक्टर में क्लस्टर इसके कारण को समझ नहीं पाए है, वह इसके लक्षणों के अनुसार दवा देकर मरीज के दर्द को ख़त्म करते है. इसमें डॉक्टर oxygen therapy, sumatriptan (Imitrex) or local anesthetic (lidocaine) आदि का प्रयोग करता है.

3. माइग्रेन आधे सर का दर्द

  • माइग्रेन सिरदर्द का सामान्य प्रकार है, यह ज्यादातर महिलाओ में होता है. सर के एक तरफ आधे सर में दर्द होना इसका लक्षण होता है. यह कई लम्बे समय तक हो सकता है. शरीर में हार्मोन के असंतुलन, नींद की समस्या, निर्जलीकरण, खाने पिने से आदि कारणों से यह जन्म लेता है. माइग्रेन दर्द होने पर रोगियों को अक्सर आवाज़ और धुप की रोशनी, उजाले से नफरत होने लगती है.
  • माइग्रेन बहुत आम है और इसके इलाज के लिए आप यह लेख पड़ें माइग्रेन का इलाज इसमें होने आयुर्वेदिक उपाय बताये है. बाकि एलॉपथी में यह दवा दी जाती है माइग्रेन के लिए – propranolol (Inderal), metoprolol (Toprol), topiramate (Topamax), amitriptyline, sumatriptan (Imitrex), rizatriptan (Maxalt), rizatriptan (Axert) आदि दवाइयां उपलब्ध है.

4. Allergy or sinus headaches

  • कई बार एलर्जी के कारण भी सर दर्द पैदा हो जाता है. यह दर्द अक्सर चहरे के सामने वाले हिस्से में साइनस के पास होता है (नाक के नजदीक). यह दर्द कई बार माइग्रेन के वजह से भी हो सकता है. क्योंकि माइग्रेन से एलर्जी की समस्या प्रभवित होती है. साइनस सिरदर्द में डॉक्टर म्यूकस श्लेष्म को पतला करते है इसके लिए आयुर्वेद में जलनेति की क्रिया भी कराइ जाती है जिससे साइनस और एलर्जिक सिरदर्द से हमेशा के लिए छुटकारा मिलता है.
  • इसके अलावा आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए वह आपको रिएक्शन से रहत दिलाने के लिए दवा देंगे जिससे रहत मिलेगी. इसके अलावा साइनस पर हमने आयुर्वेदिक घरेलु उपाय बताये है आप उन्हें भी एक बार जरूर पड़ें >> साइनस का इलाज वैसे तो सिर दर्द कितने प्रकार के होते है लेकिन यहां हम सबसे आम प्रकार के बारे में बता रहे है.

5. हार्मोन के बदलाव से

  • हार्मोन्स में बदलाव आने के कारण अक्सर महिलाओ में सिरदर्द उतपन्न होता है. अक्सर यह गर्भावस्था के दौरान, ओवलूशन, मासिक धर्म आदि होने पर पैदा होता है. इसके लिए naproxen (Aleve) और Frovatripan (Frova) दवा दी जाती है यह सिरदर्द को कण्ट्रोल में कर लेती है. इसके अलावा आपको अपने भोजन, योग, व्यायाम पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए.

6. कैफीन से होने वाला सिरदर्द

  • कैफीन मस्तिष्क में होने वाले खून के प्रवाह को प्रभावित करता है. अगर आपके शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ती है तो यह सिरदर्द पैदा कर देगी. उन सभी आहार को लेना कम कर दे जिनमे कैफीन अधिक मात्रा में पाया जाता हो. इसलिए जरुरी है की आप एक सामान्य मात्रा में कैफीन का सेवन करे इसके कम और अधिक मात्रा दोनों ही दर्द पैदा कर सकती है.

7. एक्सेरशन सर दर्द

  • ज्यादा भारी, मेहनती काम करने से जैसे ज्यादा शारीरिक काम, ज्यादा वेट लिफ्टिंग, ज्यादा दौड़ना, अधिक सम्भोग से आदि यह सभी कार्य शरीर के अंदर तेजी से खून की गति बढ़ाते है जिससे मस्तिष्क के अंदर भी खून की गति तेजी से होने लगती है, इस वजह से सर में दर्द होने लगता है. इस तरह का दर्द अपने आप ठीक हो जाता है. बाकी अगर ज्यादा दर्द होता हो तो आप aspirin और ibuprofen दवा ले सकते है.

8. उच्च रक्तचाप सिरदर्द

  • जब ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ जाता है तो इसके वजह से भी सिरदर्द पैदा होता है. यह दर्द सर के दोनों तरफ होता है. सिर में स्पंदन जैसा महसूस होता है इसके अलावा धुंधला दिखना, नाक बंद होना, साइन में जकड़न, सांस लेने की तकलीफ या उससे बदलाव जैसे लक्षण भी दिखने लगते है. अगर आपको यह लक्षण दिखे तो तुरंत ही डॉक्टर को दिखाए और अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में लाये. जैसे ही ब्लड प्रेशर सामान्य होगा दर्द अपने आप चला जायेगा.

9. Rebound headaches

  • ज्यादा दवाइयों का सेवन करने से यह सर दर्द पैदा होता है. यह एक सुस्त दर्द होता है. कई बार यह धीमा होता है तो कई बार तेज होता होता है. अगर आप रोजाना OTC pain relievers का सेवन करते है तो इसका रोजाना का प्रयोग आपको तकलीफ में डाल सकता है.
  • रिबाउंड सिरदर्द किसी भी समय होने वाला दर्द होता है, इसके इलाज के लिए आपको दवाइयों का सेवन बिलकुल ही छोड़ देना चाहिए और कुछ घरेलु उपाय का उपयोग कर दर्द से छुटकारा पाने की कोशिश करना चाहिए जैसे जैसे दवाइयों का असर शरीर से कम होता जायेगा वैसे-वैसे दर्द भी ख़त्म हो जायेगा. इसके अलावा आप जो दवा अब तक ले रहे तो उसे बंद कर के दूसरी अलग तरह की दवा ले सकते है.

10. Post-traumatic सिर दर्द

  • Post-traumatic सर दर्द मस्तिष्क यानी सर में आई किसी भी तरह की चोंट के कारण से पैदा होता है, चोंट चाहे आज की हो या पुरानी एक बार सर में चोंट आजाये तो वह कभी भी कारण बन सकती है. यह सिरदर्द माइग्रेन और टेंशन के प्रकार का दर्द होता है जो की कुछ घंटों में चला जाता है. अगर आपको ताज़ा चोंट लगी है तो इसके लिए डॉक्टर को दिखाना चाहिए.
  • सिर दर्द के उपचार के लिए हमने जो लेख आपको ऊपर शुरुआत में बताया है आप उसे जरूर पड़ें, वहां पर हमने तेज़ और तुरंत राहत देने वाले नुस्खे बताये है उनके प्रयोग से आपको पूरा-पूरा आराम मिलेगा. आप एक बार उस लेख को जरूर पड़ें.

तो दोस्तों इस तरह आपने सर दर्द क्यों होता है sir dard ke karan or prakar in Hindi के बारे में साथ ही हमने दवा और इलाज भी बताया है. इसके अलावा अगर आपको हमसे कोई प्रश्न पूछना है तो निचे कमेंट करे सिर दर्द क्यों होता है और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे.

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