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Fever Treatment in Hindi – 10 Ayurvedic Home Remedies

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Read all about all type viral fever treatment (best) in hindi language. फीवर मानव की सबसे आम रोगों में से एक हैं, इससे कोई नहीं बच पाता. फीवर मानव की सबसे आम रोगों में से एक हैं, इससे कोई नहीं बच पाता. कई लोगों को तो एक साल में कई बार बुखार आ जाता हैं, जो की शरीर के लिए बिलकुल घातक होता हैं. home ayurvedic treatment with home remedies hindi me.

इसी तरह ऐसे व्यक्ति भी हैं जिन्हें फीवर न के बराबर होता हैं, सालों में कभी-कभी हल्का बुखार आता हैं.  चलिए आज हम आपको इसी विषय में फीवर के ट्रीटमेंट के बारे में कुछ आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे और यह बुखार क्यों होता हैं, इससे कैसे बचे, क्या बचाव करे आदि. इन सब विषयों में पूरी तरह जानने का प्रयास करते हैं.

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वायरल फीवर जो संक्रमण के वजह से होता हैं. हम ज्यादातर चीजों को बिना साफ़ किये ही खा लेते हैं, जो की हमारी सेहत के लिए बिलकुल ठीक नहीं होता. इससे वायरल फीवर आने के chances तो बढ़ते ही हैं साथ ही और भी कई संक्रमित रोग होने की संभावना भी बढ़ जाती हैं.

इससे पहले की आप वायरल और नार्मल फीवर ट्रीटमेंट के बारे “इन हिंदी में” जानने की कोशिश की जाए, जरुरी हैं की यह भी समझ लिया जाए की फीवर सिम्पटम्स (what are the fever symptoms) के बारे में भी समझ लिया जाए. अगर हम किसी भी विषय में यह अच्छे से जान लें की वह क्यों होता हैं तो उसका आधा बचाव तो उसी समय हो जाता हैं. Learn how to cure fever at home easily.

Ayurvedic Normal & Viral Fever Treatment in Hindi Language Remedies

बुखार फीवर आने के कारण.

फीवर आने के कई शारीरिक व मानसिक लक्षण होते है. फीवर आने पर हमारे शरीर में अनेक प्रकार की गतिविधिया होने लगती है और शरीर सामान्य रूप से कार्य करना बंद कर देता है. वायरल फीवर और सामान्य बुखार आने पर हमारे मस्तिष्क के क्षेत्र में हाइपोथैलेमस का असर होने लगता है.

हमारे शरीर के तापमान में भी परिवर्तन होने लगता है. इस परिवर्तन के फलस्वरूप शरीर का तापमान अधिक होने लगता है और शरीर जलने लगता है. इस प्रकार के लक्षण होने पर शरीर का तापमान बढ़ने और शरीर जलने पर आप ठन्डे पानी की पट्टी का अपने सिर और आंखों पर सेकाव कर सकते है.

कपडे को गिला करके उसे निचोड़ कर अपने शरीर पर कुछ समय रख सकते है. लेकिन इसका हमेशा ध्यान रखे की पानी अधिक ठंडा न हो और बर्फ का प्रयोग करने से भी बचे.

Best Ayurvedic Home Remedies For Fever At Home in Hindi

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मानव शरीर का सामान्य तापमान 37 ’ होता है. हमारे शरीर का तापमान दिनभर बदलता रहता है. सुबह के समय में हमारे शरीर का तापमान कम होता है और यह दोपहर के समय तक अधिक हो जाता है और शाम तक ऐसा ही रहता है. महिलाओ के मासिक धर्म और व्यायाम के समय भी निश्चित रूप से हमारे शरीर का तापमान परिवर्तित होता रहता है.

  • फीवर और हमारे शरीर के तापमान में वृद्धि के कुछ कारण निम्न हो सकते है.
  • विषाणु टपतने
  • जीवाणु संक्रमण
  • गर्मी में पानी पिने से, ठन्डे गर्म के फर्क से
  • कुछ दवाईया जो की लगातार उपयोग की जा रही हो जैसे कि. रक्तचाप की दवाइयाँए कुछ एंटीबायोटिक्स और भी कुछ दवाइयां
  • शरीर में लगने वाले टीकाकरण
  • कभी-कभी हमारे शरीर में फीवर आने पर हमे फीवर के कारण का पता नहीं चल पता है. यदि आपके शरीर में फीवर रहते-रहते तीन
  • सप्ताह से भी अधिक समय हो गया हो लेकिन यह पता नहीं चल पाया हो की फीवर किस कारण से आया है तो तुरंत ही किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए.

जब आपके शरीर का तापमान सामान्य अवस्था से अधिक होने लगता है तो ऐसी अवस्था फीवर कहलाती है. हमारे शरीर का सामान्य तापमान 37 ’ होता है जब यह अपने इस स्तर से अधिक हो जाता है तो हो सकता है आपके शरीर में फीवर प्रवेश करने वाला हो या कर चूका हो.

हमारे शरीर में फीवर आने के इन कारणों के आलावा और भी कुछ प्रमुख कारण हो सकते है जो निम्न है.

  • शरीर में पसीना आना
  • शरीर कापना
  • सिरदर्द होना
  • मांसपेशियों में दर्द
  • भूख में कमी आना
  • शरीर में पानी की कमी लगना कमीलकतंजपवद
  • शरीर में कमजोरी लगना

वायरल फीवर के लिए शरीर का तापमान जांचना

अपने शरीर का तापमान जांचने के लिए आप थर्मामीटर का उपयोग कर सकते है.

शिशु वयस्कों की तुलना में शिशुओं में फीवर अधिक चिंता का विषय होता है. शिशुओं के शरीर का जब सामान्य से अधिक यानि कि 38 ’ से अधिक हो जाता है तो यह एक चिंतनीय विषय हो जाता है. जब शिशु में फीवर एक दिन से अधिक समय बना रहता है तो उसे तुरंत ही चिकित्सक को दिखाना चाहिए. शिशुओं में इनके आलावा खांसी दस्त भी हो सकते है.

फीवर की रोकथाम Fever treatment & Prevention

यदि आप फीवर से संक्रमित है और इसे कम या बिलकुल ही ख़त्म करना चाहते है तो आप निम्न उपाय करके फीवर से निजात पा सकते है. यहाँ आपको बुखार की रोकथाम “फीवर ट्रीटमेंट इन हिंदी में” के लिए कुछ उपाय या सुझाव दिए जा रहे है जो कि आपके लिए बहुत ही सहायक सिद्ध होंगे.

सभी लोगो को अपने हाथो की स्वच्छता का हमेशा ही खयाल रखना चाहिए. हम अपने शरीर की आधी से ज्यादा बीमारियों को सिर्फ स्वच्छता से रहने पर ही दूर कर सकते है.

व्यक्ति के शरीर में और आसपास के वातावरण में और हमारे पर्यावरण में स्वच्छता का अहम् योगदान होता है. जिस व्यक्ति का शरीर हमेशा ही स्वच्छ बना रहता है उसके शरीर में किसी भी प्रकार की बीमारी होने की संभावनाएं बहुत ही कम रह जाती है.

हमे अपने हाथो को हमेशा साफ़ और स्वच्छ रखना चाहिए विशेषकर भोजन करने से पूर्व तो स्वच्छ रखना ही चाहिए. किसी भी भीड़ वाली जगह, शौचालय का उपयोग करने के बाद, किसी सार्वजानिक स्थान की यात्रा करने के बाद हमेशा हाथो को स्वच्छ करना चाहिए.

अपने बच्चों को भी हमेशा सफाई और स्वछता का पालन करने के लिए कहा जाये
अपनी नाक और मुँह को छूने से पहले अपने हाथो को साबुन से साफ करे. हमारे शरीर में अनेक प्रकार के हानिकारक वायरस पहुंचने का मुख्य मार्ग हमारे नाक, मुंह, आँखे ही होते है. अतः इनको हमेशा साफ़ व स्वच्छ रखे.

Temperature

जब हमारे शरीर का तापमान सामान्य से अधिक होता है तो हम उसे फीवर मानते है. हमारे शरीर का सामान्य तापमान 37 ’ ब् होता है लेकिन यह तापमान अलग.अलग व्यक्तियों में भिन्न.भिन्न होता है. बच्चो में भी सामान्य तापमान में भिन्नता पायी जाती है. फीवर के और भी कई कारण हो सकते है. जैसे कि कण में संक्रमणए अस्वस्थ जीवनशैलीए खून में कीटाणुओं का प्रवेश होना. कई प्रकार के इन्फेक्शन्स आदि. Most essential home remedies for fever home in hindi.

ठंडा पानी Cold Water Remedies

हमारे शरीर में फीवर आ जाने पर उसके लिए घरेलु उपचार home treatment for fever में सबसे अच्छा उपाय ठंडा पानी है. जब आप फीवर से ग्रसित रहते है तो आपके शरीर का तापमान अधिक होने लगता है. और शरीर भी जलने लगता है. ऐसी स्थिति में ठंडा पानी आपके शरीर के तापमान को कम क

रने और शरीर कि जलन को दूर करने बहुत अधिक कारगर साबित हो सकता है.

Sponge on Head

आप थोड़ा सा ठंडा पानी ले और उसमे एक कपडे का टुकड़ा गिला कर ले, भिगो ले. इसके बाद इसे अच्छे से निचोड़ लें इस कपडे को आप अपने सिर, पर पैरो पर, हाथो पर बगल में रखे इससे आपको फीवर से रहत मिलेगी और आपके शरीर का तापमान भी कम होगा और जलन दूर होगी.

यह कपडे का टुकड़ा नियमित रूप से बदलते रहे और यह प्रक्रिया कुछ समय के अंतराल पर बार-बार करते रहे. यह फीवर ट्रीटमेंट में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला होम ट्रीटमेंट हैं इन हिंदी में.

नोट. इस प्रयोग के लिए बहुत अधिक ठन्डे पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए और बर्फ का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए. इससे आपके शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ सकता है.

तुलसी के पत्ते Ayurvedic Treatment Remedy

Basil leaves – तुलसी हमारे प्राचीन काल से ही एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते आयी है. तुलसी में कई प्रकार के औषधीय गुण समाहित होते है, जो कि हर प्रकार कि बीमारी को ठीक कर सकती है. तुलसी भारतीय संस्कृति में भारतीय समाज में प्रत्येक घर में उपलब्ध रहती है.

तुलसी में फीवर को ख़त्म करने के गुण समाहित होते है. यह बाजार में एंटीबायोटिक के रूप में भी उपलब्ध रहती है.

एक कप पानी में 20 तुलसी के पत्तों और अदरक को पीसकर इसे उबालें जब तक कि यह अपनी मात्रा का आधा न रह जाये इसके बाद इसमें थोड़ा सा शहद का मिश्रण करे इस प्रकार तैयार इस मिश्रण का तीन दिनों तक प्रतिदिन 2-3 बार सेवन करें.

इसके आलावा तुलसी का दूसरा प्रयोग भी कर सकते है. उबलते हुए पानी के एक कप में एक चौथाई चम्मच काली मिर्च के साथ तुलसी के पत्तों का पिसा हुआ पाउडर एक चम्मच मिलाकर चाय तैयार कर लें इस प्रकार इस चाय को प्रतिदिन 2-3 बार 3 दिनों तक इसका सेवन करते रहे यह आपके शरीर के फीवर को ख़त्म करने में बहुत ही सहायक सिद्ध होगा.

सेब का सिरका – Cure For Viral Fever

Apple cider vinegar – सेब का सिरका फीवर को ख़त्म करने के लिए बहुत ही सस्ता और असरकारक उपाय है best and easy home remedies for fever ayur in hindi. यह फीवर को जल्दी से कम करने के लिए बहुत ही प्रभावकारी है. सेब के सिरके में पर्याप्त मात्रा में खनिज तत्व उपलब्ध रहते है जो रोगी के शरीर में हुई खनिजों कि कमी को दूर करता है और रोगी को ऊर्जा प्रदान करता है.

सेब का सिरके में एसिड पाया जाता है जो कि रोगी के शरीर से गर्मी को त्वचा के मार्ग से बहार निकालकर शरीर के तापमान को कम करता है.

गुनगुने पानी में एक आधा कप सिरका लेंए कुछ समय बाद आप पाएंगे कि आपके शरीर में सुधार होने लगा है. जब आपके शरीर का तापमान अधिक होने लगे तब इसे फिर से दोहराया जा सकता है.

लहसुन – High Temperature Remedies

लहसुन में गर्म प्रकृति के लक्षण पाए जाते है. जब आपको तेज high temperature fever हो तो लहसुन का प्रयोग आपको तेज फीवर से राहत देने में समर्थ होता है home remedies for high temperature fever.

यह शरीर से हानिकारक और विषाक्त पदार्थो को ख़त्म करने और शरीर में हुई ऊर्जा कि कमी को भी जल्दी से दूर कर सकता है. लहसुन में एंटीफंगल और एन्टीबैक्टेरिअल तत्वों कि मात्रा पायी जाती जो कि शरीर से बैक्टीरियल और अनेक प्रकार के संक्रमण को दूर करता है.

Garlic

सर्वप्रथम लहसुन और लौंग को काट लें इसे एक कप गर्म पानी में मिला लें. 10 मिनट तक इस मिश्रण को रखे उसके बाद धीरे.धीरे इस कुछ-कुछ घूंट में पी लें. यह आपके शरीर के तापमान को कम करने के साथ ही आपको बहुत अधिक आराम प्रदान करेगा. इस मिश्रण को प्रतिदिन 2 बार सेवन करे
नोट. गर्भवती महिलाओ और बच्चो के लिए यह उपचार प्रयोग में नहीं लाना चाहिए.

किशमिश – Easy Treatment At Home

किशमिश एक बहुत ही अच्छी और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाली मानी जाती है. किशमिश हमारे शरीर के अनेक प्रकार के संक्रमणों को दूर करने और फीवर को ख़त्म करने में बहुत अधिक सहायक होती है. किशमिश में एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते है.

और इसके साथ ही किशमिश में कई प्रकार के ऊर्जा प्रदान करने वाले तत्व समाहित रहते है जो कि हमारे शरीर को निरंतर ऊर्जा प्रदान करते रहते है. यही गुण इसे फीवर होम रेमेडीज में जोड़े रखता हैं इन हिंदी में.

एक आधा कप पानी में 25 किशमिश लें और इसे एक घंटे तक या जब तक यह नरम न हो जाये तब तक इसे पानी में रखे. इसके बाद किशमिश को पानी में पीसे ताकि यह तरल रूप धारण कर लें. फिर इसके बाद जब तक आपका फीवर ख़त्म नहीं हो जाता तब तक प्रतिदिन इसका सेवन करते रहे.

अदरक Anti-viral & Anti-Bacterial

अदरक शरीर से गर्मी कम करने में बहुत अधिक सहायक होता है. अदरक में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल जीवाणुरोधी तत्व पाए जाते है जो शरीर कि प्रतिरक्षा प्रणाली को तेज करते है और संक्रमण से लड़ने में मदद करते है.

बॉथ टब में गर्म पानी लें और इसमें दो चम्मच अदरक पाउडर डालें और अच्छी तरह से मिश्रण करे. 10 मिनट तक इसमें एक कपडे का टुकड़ा भिगोये रखे उसके बाद इस कपडे को निचोड़ कर अपने शरीर पर घुमाये, आँखों पर, चेहरे पर और हाथ, पैरो पर इसे कुछ देर घुमाते रहे. इसके बाद बिस्तर पर जाकर अपने को कम्बल से पूरी तरह कवर कर लें. जल्द ही आपका पसीना निकलना शुरू हो जायेगा और आपका फीवर ख़त्म होने लग जायेगा.

पुदीना से करे फीवर ट्रीटमेंट

पुदीना जो कि अपनी ठंडाई के गुणों के लिए बहुत प्रसिद्ध है. पुदीना गर्मियों में बहुत सेवन में लाया जाता है क्योंकि इसमें गर्मी को दूर करने और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने की बहुत क्षमता होती है. यह शरीर से अधिक गर्मी को बाहर निकालने में भी सहायक होता है. यह fever treatment a home with ayurvedic remedies के लिए हैं.

एक चम्मच पीसा हुआ पुदीना लें इसे एक कप गर्म पानी में मिला लें. इसे 10 मिनट तक रखे और फिर इसमें कुछ शहद मिलाये, इस मिश्रण को तैयार करके प्रतिदिन 3-4 बार सेवन करें.

दो कप पानी में एक आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर और एक चम्मच अदरक पाउडर मिलाकर इसे जब तक पानी आधा न रह जाये तब तक उबालते रहे. फिर इस खुराक को तीन बराबर हिस्सों में विभाजित कर लें और जब तक आप पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते तब तक इसे दिन में 3 बार सेवन करते रहे.

सफ़ेद अंडा – Viral Cure

आप सफ़ेद अंडे का भी फीवर को कम करने के लिए घरेलु औषधि के रूप में प्रयोग कर सकते है. uses of white egg for normal and viral fever treatment in hindi me सफ़ेद अंडा गर्मी को दूर करने और फीवर को कम करने में सहायक होता है.

2-3 अंडो को तोड़ें और जर्दी ल्वसा को अलग करें और इसमें कपडे का टुकड़ा या तौलिया लें और उसे इस मिश्रण में लगाकर अपने पैरो के तलवो पर रखे. जब यह कपडा सुख जाये तो इसे बदल लें और फिर से यही प्रक्रिया दोहराये. ऐसा करने पर आपके शरीर की गर्मी ख़त्म हो जाएगी और फीवर कम हो जायेगा.

आयुर्वेदिक हल्दी का उपयोग

हल्दी आयुर्वेदिक औषधियो में अपना एक अलग ही स्थान रखती है. हल्दी को फीवर के लिए भी एक महत्वपूर्ण घरेलु उपचार ayurvedic home remedies माना जाता है. हल्दी में कर्मयुमिन रासायनिक यौगिक एंटीवायरलए, एंटीफंगल तथा कई जीवाणुरोधी तत्वों का समावेश होता है, इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में मजबूती आती है और यह शरीर के संक्रमण को दूर करती है. साथ ही यह फीवर में होने वाली वृद्धि को भी रोकती है.

एक कप गर्म दूध में हल्दी और एक चौथाई चम्मच काली मिर्च पाउडर मिला लें. इस मिश्रण को दिन में दो बार सेवन करने पर फीवर को दूर किया जा सकता है.

चन्दन

चन्दन में कई सारे चिकित्सालय और आयुर्वेदिक औषधीय गुण पाए जाते है. चन्दन में शीतला पायी जाती है. चन्दन के प्रयोग से पुरे शरीर में शीतला फ़ैल जाती है. यह सिरदर्द से भी छुटकारा दिलाने में मदद करता है और फीवर को भी ख़त्म करता है.

थोड़ा सा पानी लें उसमे एक आधा चम्मच चन्दन पाउडर मिलाये और इसका पेस्ट बना लें. इस पेस्ट का लैप अपने सिर पर करें. यह प्रक्रिया कई बार दोहराते रहे. इससे आपके मस्तिष्क और शरीर को शीतला प्राप्त होगी और शरीर को राहत प्राप्त होगी.

यह रहे फीवर होम रेमेडीज जो की आयुर्वेदिक हैं, इनका आप बुखार के समय उपयोग कर सकते हैं. अगर आपको तेज बुखार आ रहा हो तो इन आयुर्वेदिक होम रेमेडीज का उपयोग करने के बदले डॉक्टर से फीवर ट्रीटमेंट करवा लें. और अगर आपको आयुर्वेदा का अच्छा ज्ञान हो तो आप बिना डॉक्टर को दिखाए भी इन घरेलु नुस्खे का उपयोग कर सकते हैं.

Fever Tips in hindi

  • वायरल फीवर में संक्रमण न हो इसका ज्यादा ध्यान रखे, स्वछता सबसे पहले करे.
  • फीवर मेडिसिन और टेबलेट्स या इन आयुर्वेदिक रेमेडीज का उपयोग करने के बाद गर्मी देने वाले कंबल को ओढ़कर सो जाए.
  • फीवर के समय घर पर ही रहे, खुली हवा में न जाए.
  • जब तक फीवर पूरी तरह से ना चला जाए, दवाइयों का इस्तेमाल करते रहे.
  • बुखार में मुनक्का खाये, मुनक्का संक्रमित बुखार के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इसके लिए आप बड़े मुनक्का का सेवन करे.
  • पानी की कमी न आने दें, वायरल फीवर व सभी रोग में पानी की कमी हो जाती हैं, जिससे परेशानी और बढ़ जाती हैं. इसके लिए आप
  • फीवर में ज्यादा से ज्यादा पानी पिए
  • अगर आप भोजन नहीं करना चाहते तो फलों का रस पिए यहां आप पढ़ सकते हैं की फीवर में क्या खाये और क्या न खाये what to eat in fever.

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अगर आपको बताई गए fever home remedies घरेलु नुस्खे हिंदी के बारे में हमसे कुछ पूछना चाहते हैं तो निचे कमेंट में अपनी परेशानी जरूर बताये. अगर आपके पास भी कोई बुखार का आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट के लिए रेमेडीज हो तो हमे जरूर बताये.

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3 Comments

  1. Naman
  2. Jyoti sharma
  3. Jatin Singh

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